Class 7 Hindi Malhar Chapter 9 Notes | चिड़िया

Class 7 Hindi Malhar Chapter 9 “चिड़िया” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

कक्षा 7 हिन्दी मल्हार पाठ 9 चिड़िया | Notes and Solutions

कक्षा 7 हिन्दी मल्हार

पाठ 9 — चिड़िया

सरल नोट्स, कविता, प्रश्न-उत्तर और अभ्यास

पाठ का सारांश

‘चिड़िया’ कविता में कवि आरसी प्रसाद सिंह ने पक्षियों के स्वतंत्र और सरल जीवन का सुंदर चित्रण किया है। चिड़िया प्रेम, स्वतंत्रता, सहयोग और संतोष का संदेश देती है। पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं, मिलकर खाते हैं और अपने श्रम से जितना मिलता है उतने में संतुष्ट रहते हैं। उनके मन में लालच, पाप और संग्रह की भावना नहीं होती। वे खुले आकाश में निर्भय होकर उड़ते हैं।

कवि पक्षियों के माध्यम से मनुष्य को भी प्रेम, सहयोग, संतोष और स्वतंत्रता से जीवन जीने की सीख देते हैं। कविता हमें बताती है कि मनुष्य को अनावश्यक लालच और बंधनों से दूर रहकर मानवता का सम्मान करना चाहिए।

पूरी कविता

चिड़िया
पीपल की ऊँची डाली पर
बैठी चिड़िया गाती है!
तुम्हें ज्ञात क्या अपनी
बोली में संदेश सुनाती है?

चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की
रीति हमें सिखलाती है!
वह जग के बंदी मानव को
मुक्ति-मंत्र बतलाती है!

वन में जितने पंछी हैं, खंजन,
कपोत, चातक, कोकिल;
काक, हंस, शुक आदि वास
करते सब आपस में हिलमिल!

सब मिल-जुलकर रहते हैं वे,
सब मिल-जुलकर खाते हैं;
आसमान ही उनका घर है;
जहाँ चाहते, जाते हैं!

रहते जहाँ, वहाँ वे अपनी
दुनिया एक बसाते हैं;
दिन भर करते काम, रात में
पेड़ों पर सो जाते हैं!

उनके मन में लोभ नहीं है,
पाप नहीं, परवाह नहीं;
जग का सारा माल हड़पकर
जाने की भी चाह नहीं।

जो मिलता है अपने श्रम से,
उतना भर ले लेते हैं;
बच जाता जो, औरों के हित,
उसे छोड़ वे देते हैं!

सीमा-हीन गगन में उड़ते,
निर्भय विचरण करते हैं;
नहीं कमाई से औरों की
अपना घर वे भरते हैं!

वे कहते हैं, मानव! सीखो
तुम हमसे जीना जग में;
हम स्वच्छंद और क्यों तुमने
डाली है बेड़ी पग में?

तुम देखो हमको, फिर अपनी
सोने की कड़ियाँ तोड़ो;
ओ मानव! तुम मानवता से
द्रोह-भावना को छोड़ो!

पीपल की डाली पर चिड़िया
यही सुनाने आती है
बैठ घड़ी भर, हमें चकित कर,
गा-कर फिर उड़ जाती है।

— आरसी प्रसाद सिंह

कविता की मुख्य बातें

चिड़िया का संदेश

चिड़िया प्रेम, स्वतंत्रता और मानवता का संदेश देती है।

पक्षियों का जीवन

पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं और मिलकर भोजन करते हैं।

संतोष

पक्षी अपने श्रम से जितना मिलता है उतने में संतुष्ट रहते हैं।

स्वतंत्रता

पक्षी खुले आकाश में बिना डर के उड़ते हैं।

मानव के लिए सीख

मनुष्य को लालच छोड़कर प्रेम और सहयोग से रहना चाहिए।

कवि

कविता के कवि आरसी प्रसाद सिंह हैं।

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

1. कविता के आधार पर बताइए कि इनमें से कौन-सा गुण पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता है?
प्रेम-प्रीति
मिल-जुलकर रहना
लोभ और पाप
निर्भय विचरण
उत्तर: लोभ और पाप
2. “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” कविता की यह पंक्ति किन भावों की ओर संकेत करती है?
असमानता और विभाजन
प्रतिस्पर्धा और संघर्ष
समानता और एकता
स्वार्थ और ईर्ष्या
उत्तर: समानता और एकता
3. “वे कहते हैं, मानव! सीखो, तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?
आकाश में उड़ते रहना
बंधन में रहना
स्वच्छंद रहना
संचय करना
उत्तर: स्वच्छंद रहना

(ख) अब अपने मित्रों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

मिलकर करें मिलान

कविता में से चुनकर कुछ संदर्भ नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर बातचीत कीजिए और इन्हें इनके सही भावों से मिलाइए।

संदर्भभावसही जोड़ी
1. चिड़िया की बोली1. बंधन और लालच________________
2. सोने की कड़ियाँ2. श्रम और संतोष________________
3. निर्भय विचरण3. बंधन से मुक्ति________________
4. मुक्ति-मंत्र4. स्वतंत्रता और निर्बाध जीवन________________
5. दिनभर काम5. प्रेम और स्वतंत्रता का संदेश________________
उत्तर: 1 – 5, 2 – 1, 3 – 4, 4 – 3, 5 – 2

पंक्तियों पर चर्चा

(क) “चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की रीति हमें सिखलाती है!”
उत्तर: चिड़िया हमें प्रेम और आपस में मिल-जुलकर रहने की सीख देती है।
(ख) “उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं।”
उत्तर: पक्षियों के मन में लालच और बुरे विचार नहीं होते। वे सरल जीवन जीते हैं।
(ग) “सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं।”
उत्तर: पक्षी खुले आकाश में बिना डर के स्वतंत्र होकर घूमते और उड़ते हैं।

सोच-विचार के लिए

(क) “सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” पक्षियों के आपसी सहयोग की यह भावना हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इससे हमें मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने और एकता बनाए रखने की सीख मिलती है।
(ख) “जो मिलता है, अपने श्रम से उतना भर ले लेते हैं” पक्षी अपनी आवश्यकता भर ही संचय करते हैं। मनुष्य का स्वभाव इससे भिन्न कैसे है?
उत्तर: पक्षी आवश्यकता भर लेते हैं, जबकि मनुष्य कई बार जरूरत से अधिक वस्तुएँ जमा करता है।
(ग) “हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?” पक्षी को स्वच्छंद और मनुष्य को बेड़ियों में क्यों बताया गया है?
उत्तर: पक्षी स्वतंत्र होकर रहते हैं, जबकि मनुष्य लालच, चिंता और अनावश्यक इच्छाओं के कारण स्वयं को बंधनों में बाँध लेता है।

अनुमान और कल्पना से

1. चिड़िया मनुष्य को स्वतंत्रता का संदेश देती है, आपके अनुसार मनुष्य के पास किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता है और किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता नहीं है?
उत्तर: मनुष्य को अच्छे काम करने, सीखने और अपनी रुचि चुनने की स्वतंत्रता है। उसे किसी को नुकसान पहुँचाने, हिंसा करने या दूसरों के अधिकार छीनने की स्वतंत्रता नहीं है।
2. चिड़िया और मनुष्य का जीवन एक-दूसरे से कैसे भिन्न है?
उत्तर: चिड़िया सरल, स्वतंत्र और संतोषी जीवन जीती है। मनुष्य अनेक इच्छाओं, जिम्मेदारियों और चिंताओं के बीच जीवन जीता है।
3. चिड़िया कहीं भी अपना घर बना सकती है, यदि आपके पास चिड़िया जैसी सुविधा हो तो आप अपना घर कहाँ बनाना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर: मैं पेड़ों और हरियाली से घिरे शांत स्थान पर घर बनाना चाहूँगा क्योंकि वहाँ स्वच्छ हवा और सुंदर प्रकृति मिलेगी।
4. यदि आप चिड़िया की भाषा समझ सकते तो आप चिड़िया से क्या बातें करते?
उत्तर: मैं उससे उसके घर, भोजन, उड़ान और उसके जीवन के बारे में बातें करता।

कविता की रचना

“सब मिल-जुलकर रहते हैं वे,
सब मिल-जुलकर खाते हैं”

संकेत — सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे, सब मिल-जुलकर गाते हैं……
उदाहरण:

सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे,
सब मिल-जुलकर गाते हैं।
सब मिल-जुलकर उड़ते हैं वे,
सब मिल-जुलकर आते हैं।
सब मिल-जुलकर खेलते हैं,
सब मिल-जुलकर खाते हैं।

भाषा की बात

“पीपल की ऊँची डाली पर
बैठी चिड़िया गाती है!
तुम्हें ज्ञात क्या अपनी
बोली में संदेश सुनाती है?”

कविता में ऐसे क्रिया शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए।

क्रिया शब्दनया वाक्य
गाती
सुनाती
बैठती
रहते
खाते
जाते
करते
सो जाते
उड़ते
छोड़ते
उत्तर: क्रिया शब्द वे शब्द होते हैं जिनसे किसी कार्य के करने या होने का पता चलता है।

भावों की बात

जब आप नीचे दिए गए दृश्य देखते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है? अपने उत्तर के कारण भी सोचिए और बताइए।

दृश्यआपका भावकारण
1. आपको कहीं से किसी पक्षी के चहचहाने की आवाज सुनाई देती है।
2. शाम के समय किसी पेड़ पर अनगिनत पक्षी एक साथ चहचहा रहे हैं।
3. कोई गाय अपने बच्चे को दूध पिला रही है।
4. कोई व्यक्ति अपने वाहन की खिड़की से कूड़ा बाहर फेंक देता है।
5. कोई बच्चा किसी व्यर्थ कागज को कूड़ेदान में डाल देता है।
6. कोई व्यक्ति बिना हेलमेट पहने बहुत तेज बाइक चला रहा है।
7. दो प्राणी किसी कारण लड़ रहे हैं।
8. एक व्यक्ति जिसके पैर नहीं हैं, वह विशेष रूप से बनाई गई तिपहिया गाड़ी पर यात्रा कर रहा है।
9. किसी स्थान पर नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए भारती (ब्रेल) लिपि में सूचनाओं के बोर्ड लगे हैं।
10. कोई व्यक्ति किसी को अपशब्द कह रहा है।
11. कोई व्यक्ति किसी जरूरतमंद भूखे को भोजन दे रहा है।
12. कोई लड़का स्वादिष्ट भोजन बनाकर अपनी बहन को खिला रहा है।

भावों की सूची

प्रेम, वीरता, दया, करुणा, क्रोध, हँसी, आनंद, डर, घृणा, आश्चर्य, ममता, शांति, सुख, दुख, ईर्ष्या, गर्व, निराशा, आभार, उत्साह, चिंता, आत्मविश्वास, सहानुभूति, उदासीनता, शंका

(ख) उपर्युक्त भावों में से आप कौन-कौन से भाव कब-कब अनुभव करते हैं? भावों के नाम लिखकर उन स्थितियों के लिए एक-एक वाक्य लिखिए।
भावस्थिति का वाक्य

आज की पहेली

कविता में आपने कई पक्षियों के नाम पढ़े। अब आपके सामने पक्षियों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ दी गई हैं। पक्षियों को पहचानकर सही चित्रों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए।

पहेली 1
दिखने में हूँ हरा-हरा
कहता हूँ सब खरा-खरा
खाता हूँ मैं मिर्ची लाल
कहते सब मुझे मिट्ठू

उत्तर: ____________________


पहेली 2
कूहू कूहू मधुर आवाज सुनाती
घर अपना मैं कहाँ बनाती
काली हूँ पर काक नहीं
बतलाओ मैं क्या कहलाती

उत्तर: ____________________


पहेली 3
सुंदर काले मेरे नैन
श्वेत श्याम है मेरे डैन
उड़ता रहता हूँ दिन-रैन
खेलूँ पानी में तो आए चैन

उत्तर: ____________________


पहेली 4
तन मेरा सफेद
गर्दन मेरी लंबी
नाम बताओ सच्ची-सच्ची
कहलाता हूँ मैं जलपक्षी

उत्तर: ____________________


पहेली 5
संदेश पहुँचाना मेरा काम
देता हूँ शांति का पैगाम
करता हूँ मैं गुटर-गूँ
आओगे पास तो हो जाऊँगा छू

उत्तर: ____________________


पहेली 6
पीता हूँ बारिश की बूँदें
रखता हूँ फिर आँखें मूँदे
देखो चकोर है मेरी साथी
बिन उसके घूमूँ ऊँ घें ऊँ घें

उत्तर: ____________________


पहेली 7
रहता है घर के आस-पास
रंग है उसका काला खास
जो भी दोगे खाता है वो
झुंड में आ जाता है वो

उत्तर: ____________________

उत्तर: तोता, कोयल, कौआ/अन्य संदर्भित पक्षी, हंस, कबूतर, चकोर, कौआ।

चित्र की बात

इन तीनों चित्रों को ध्यान से देखिए और बताइए— आप पक्षियों को इनमें से कहाँ देखना पसंद करेंगे और क्यों?
खुला आकाश और पेड़
हरा-भरा प्राकृतिक स्थान
बंद स्थान
उत्तर: मैं पक्षियों को खुले और हरे-भरे प्राकृतिक स्थान में देखना पसंद करूँगा क्योंकि वहाँ वे स्वतंत्र रूप से उड़ सकते हैं।
“सीमा-हीन गगन में उड़ते,
निर्भय विचरण करते हैं”

कविता की इन पंक्तियों को पढ़िए और इन चित्रों को देखिए। इन चित्रों को देखकर आपके मन में क्या विचार आ रहे हैं?

उत्तर: मुझे पक्षियों की स्वतंत्रता और खुले आकाश में उनकी सुंदर उड़ान देखकर खुशी और शांति का अनुभव होता है।

साथ-साथ

1. वन में सारे पक्षी एक साथ रह रहे हैं, हमारे परिवेश में भी पशु-पक्षी साथ रहते हैं। आप विचार कीजिए कि हमारे परिवेश में उनका रहना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: पशु-पक्षी प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं। वे पर्यावरण को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
2. हम अपने आस-पास रहने वाले पशु-पक्षियों की सहायता कैसे कर सकते हैं?
उत्तर: हम उनके लिए पानी और दाना रख सकते हैं, पेड़ लगा सकते हैं और उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए।

शब्द एक, अर्थ अनेक

“उनके मन में लोभ नहीं है”, इस पंक्ति में ‘मन’ का अर्थ ‘चित्त’ है। लेकिन ‘मन’ शब्द के अन्य अर्थ भी हो सकते हैं।

(क) आज मेरा मन पहाड़ों पर जाने का कर रहा है।
‘मन’ का अर्थ: इच्छा
(ख) व्यापारी ने किसान से 10 मन अनाज खरीदा।
‘मन’ का अर्थ: वजन की एक पुरानी इकाई
“मंगल ने मंगल से कहा कि मंगल को मंगल पर मंगल होगा।”

इस वाक्य में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से दिन, ग्रह और शुभ कार्य की चर्चा कर रहा है।

आगे कुछ और ऐसे ही शब्द दिए गए हैं। दिए गए शब्दों का अलग-अलग अर्थ या संदर्भ में प्रयोग कीजिए।

शब्दअर्थ / संदर्भ 1वाक्यअर्थ / संदर्भ 2वाक्य
कर
जल
अर्थ
फल
आम

रचनात्मकता

(क) खुले आसमान में, पेड़ों की टहनियों, छतों और भवनों आदि पर बैठे या उड़ते पक्षी बहुत मनमोहक लगते हैं। अपनी पसंद के ऐसे कुछ दृश्यों का कोलाज बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
यहाँ अपने पक्षियों के कोलाज की योजना या चित्र बनाइए।
(ख) “स्वतंत्रता और प्रेम” का संदेश देने वाला एक पोस्टर बनाइए। इसमें इस कविता की कोई पंक्ति या संदेश भी सम्मिलित कीजिए।

स्वतंत्रता और प्रेम

यहाँ अपना पोस्टर तैयार कीजिए।

कविता की कोई पंक्ति भी लिखिए।

हमारा पर्यावरण

मनुष्य बिना सोचे-समझे जंगलों की लगातार कटाई कर रहा है, जिससे पशु-पक्षियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। मनुष्य द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्यों की एक सूची बनाइए, जिनसे पर्यावरण व हमारे परिवेश के पशु-पक्षियों के लिए संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संकट की स्थिति से बचने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं? लिखिए।
पशु-पक्षियों के लिए संकट पैदा करने वाले कार्यबचाव के उपाय
उदाहरण: पेड़ों की कटाई, प्रदूषण, प्लास्टिक का अधिक प्रयोग, तेज रोशनी और ऊँची इमारतें पक्षियों के लिए समस्या पैदा कर सकती हैं। पेड़ लगाना, पानी रखना, प्लास्टिक कम करना और प्राकृतिक आवास बचाना उपयोगी उपाय हैं।

परियोजना कार्य

(क) पर्यावरण संरक्षण के लिए हम अपने स्तर पर कुछ प्रयास कर सकते हैं। आप अपने विद्यालय, आस-पास और घरों में देखिए कि किन-किन कार्यों में प्लास्टिक के थैले का प्रयोग किया जाता है? उन कार्यों की सूची बनाइए। अब इनमें प्रयोग किए जा रहे प्लास्टिक के थैलों के विकल्पों पर विचार कीजिए और लिखिए।
प्लास्टिक का प्रयोग कहाँ होता है?प्लास्टिक का विकल्प
उदाहरण: प्लास्टिक के थैले की जगह कागज या कपड़े के थैले का प्रयोग किया जा सकता है।
(ख) सभी विद्यार्थी ‘पर्यावरण बचाओ’ विषय पर एक नुक्कड़ नाटक तैयार करें और उसकी प्रस्तुति विद्यालय प्रांगण में करें।
नुक्कड़ नाटक की योजना

विषय: ______________________________

पात्र: ______________________________

मुख्य संदेश: _________________________

झरोखे से

कविता में पक्षियों के ‘सीमा-हीन गगन में उड़ने’ की बात कही गई है। पक्षियों का आकाश में उड़ना उद्देश्यपूर्ण है। पक्षियों की उड़ान से जुड़ी एक रोचक जानकारी आगे दी गई है। इसे पढ़कर आप पक्षियों की उड़ान से जुड़े कुछ नए तथ्यों को जान पाएँगे।

पक्षियों की प्रवास यात्राएँ

पक्षियों की प्रवास यात्राएँ सबसे विचित्र और रहस्यपूर्ण होती हैं। हर साल शरद ऋतु और शुरू जाड़ों में अनेक पक्षी एशिया, यूरोप तथा अमरीका के उत्तरी भागों में स्थित अपने स्थानों से चलकर गरम देशों में आ जाते हैं। वसंत तथा गर्मियों में वे फिर वापस उत्तर में पहुँच जाते हैं।

वे समय के इतने पक्के होते हैं कि इनके आने-जाने के एक-एक दिन की ठीक गणना की जा सकती है। हाँ, प्रतिकूल मौसम के कारण कभी देर हो जाए तो बात दूसरी है।

कुछ प्रजातियों के पक्षी थोड़ी ही दूरी पर जाते हैं। हर पक्षी थोड़ा बहुत तो इधर-उधर जाता-आता ही है। कभी रहन-सहन के कष्टों के कारण तो कभी खाना कम हो जाने के कारण इस प्रकार का आवागमन मुख्यतः उत्तर भारत में देखने को मिलता है जहाँ पर मौसम भिन्न-भिन्न और तीव्रता लिए हुए होते हैं।

जो पक्षी ऊँचे पहाड़ों पर गर्मियाँ बिताते हैं वे जाड़ों में निचली पहाड़ियों, तराई अथवा मैदानों में चले आते हैं। इस प्रकार का आवागमन भारत में बहुत अधिक पाया जाता है, जहाँ गंगा के क्षेत्र के बराबर में ही विशाल हिमालय है।

इन छोटे-छोटे वीर यात्रियों को अपनी समस्त लंबी-लंबी यात्राओं के बीच भारी कष्ट झेलने पड़ते हैं और बड़े-बड़े संकटों का सामना करना पड़ता है। कभी जंगलों, कभी मैदानों और कभी समुद्र के ऊपर से गुजरना होता है। कभी भयंकर तूफान आ जाते हैं और वे अपने मार्ग से भटक जाते हैं। रात को नगर का तीव्र प्रकाश इन्हें भटका देता है।

कुछ पक्षी बीच में रुक-रुक कर यात्रा करते हैं ताकि थकान न हो। कुछ ऐसे पक्षी भी हैं जो खाने और आराम करने के लिए बिना रुके लगातार बहुत लंबी-लंबी यात्राएँ पूरी कर लेते हैं। कुछ पक्षी केवल दिन में उड़ते हैं तो कुछ दिन और रात दोनों समय। किंतु अधिकतर पक्षी सूर्यास्त के बाद अपनी यात्रा पर बढ़ते जाते हैं।

पक्षी प्रायः दल बनाकर उड़ते हैं। सारस और हंस जब आकाश में ‘वी’ (V) की आकृति में उड़ते जाते हैं तब तुरंत हमारा ध्यान उधर खिंचा चला जाता है। अबाबील, चकदिल, फुदकी, समुद्रतटीय पक्षी तथा जलपक्षी दलों में इकट्ठे हो जाते हैं। प्रत्येक दल में एक ही प्रकार के पक्षी होते हैं। हर दल में परों की तेज फड़फड़ाहट और चहचहाहट होती है। उसके बाद वे धरती से हवा में उठ जाते हैं और आकाश को चीरते हुए आगे ही आगे बढ़ते जाते हैं।

— पक्षी-जगत, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, दिल्ली

साझी समझ

आप इंटरनेट या किसी अन्य माध्यम की सहायता से अन्य प्रवासी पक्षियों के बारे में रोचक जानकारी एकत्रित कीजिए और प्रवासी पक्षियों पर लेख लिखिए।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

कविता का मुख्य संदेश

प्रेम, स्वतंत्रता, सहयोग, संतोष और मानवता।

पक्षियों से सीख

मिल-जुलकर रहना और जरूरत भर ही लेना।

मनुष्य की समस्या

लालच, अधिक संग्रह और अनावश्यक बंधन।

पर्यावरण संदेश

पक्षियों और पशुओं के लिए प्राकृतिक वातावरण बचाना चाहिए।

प्रवासी पक्षी

मौसम और भोजन की आवश्यकता के अनुसार लंबी दूरी की यात्रा करने वाले पक्षी।

कवि

आरसी प्रसाद सिंह।

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CLASS 7 • HINDI • MALHAR

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