Class 7 Hindi Malhar Chapter 5 Notes | नहीं होना बीमार

Class 7 Hindi Malhar Chapter 5 “नहीं होना बीमार” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

Class 7 Hindi Malhar Chapter 5 नहीं होना बीमार Notes

पाठ 5 — नहीं होना बीमार

कक्षा 7 हिन्दी मल्हार | सरल एवं आसान नोट्स | पाठ के प्रश्नों के साथ समाधान

📚 पाठ का सारांश

यह कहानी एक ऐसे बच्चे की है जो स्कूल नहीं जाना चाहता था क्योंकि उसने गृहकार्य नहीं किया था। वह बीमारी का बहाना बनाकर घर पर रहना चाहता था। उसे लगता था कि बीमार होने पर आराम मिलेगा, अच्छा खाना मिलेगा और स्कूल नहीं जाना पड़ेगा।

लेकिन जब वह सचमुच बीमार होने का नाटक करके पूरे दिन बिस्तर पर पड़ा रहा, तो उसे बहुत ऊब हुई। उसे कड़वी दवा दी गई और खाना भी नहीं दिया गया। दूसरी ओर, घर के दूसरे लोग स्वादिष्ट खाना खा रहे थे। उसे बहुत भूख लगी और वह परेशान हो गया।

अंत में बच्चे को समझ आया कि स्कूल से छुट्टी लेने के लिए बीमारी का झूठा बहाना बनाना अच्छा नहीं है। उसने निर्णय लिया कि वह आगे कभी ऐसा बहाना नहीं बनाएगा। कहानी हास्यपूर्ण ढंग से हमें सिखाती है कि झूठ और बहाने से परेशानी बढ़ सकती है और हमें अपने काम ईमानदारी से करने चाहिए।

✍️ लेखक परिचय — स्वयं प्रकाश

स्वयं प्रकाश हिन्दी के जाने-माने लेखक थे। उनकी कहानियाँ बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आती हैं। उनकी रचनाओं में जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उनकी कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ सोचने और समझने की नई दिशा भी देती हैं। उनका जन्म 1947 में हुआ और निधन 2019 में हुआ।

पाठ से — मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था?
• उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।
• उसका साबूदाने की खीर खाने का मन था।
• उसने गृहकार्य नहीं किया था।
• उसे बुखार हो गया था।
उत्तर: उसने गृहकार्य नहीं किया था और उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।
(2) कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।” बच्चे ने यह निर्णय लिया क्योंकि—
• घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है।
• बीमारी का बहाना बनाने से साबूदाने की खीर नहीं मिलती।
• झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है।
• इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।
उत्तर: इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा। इसलिए उसने ऐसा बहाना फिर न बनाने का निर्णय लिया।
(3) “लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी” इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है?
• उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।
• उसे अपनी बीमारी की कोई चिंता नहीं रह गई थी।
• वह बिस्तर पर आराम करने का आनंद ले रहा था।
• बीमारी के कारण उसकी पीठ में दर्द हो रहा था।
उत्तर: उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।
(4) “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—
• बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।
• बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।
• बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।
• बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।
उत्तर: बीमार व्यक्ति को आराम मिलता है, विद्यालय नहीं जाना पड़ता और अस्पताल में शांति से लेटना पड़ता है।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर: मैंने कहानी में दी गई घटनाओं और बच्चे के व्यवहार को ध्यान में रखकर उत्तर चुने। अलग-अलग विचारों पर मित्रों से चर्चा की जा सकती है।
मिलकर करें मिलान
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थ से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने परिजनों और शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
शब्दसही अर्थ
1. साबूदाना8. साग के तने का गूदा, जिससे साबूदाना बनाया जाता है।
2. वार्ड1. किसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान।
3. नर्स9. वह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों की देखभाल करे।
4. रजाई2. एक प्रकार का जाड़े का ओढ़ना जिसमें रूई भरी होती है।
5. थर्मामीटर3. शरीर का तापमान नापने का छोटा यंत्र।
6. काढ़ा4. जड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर बनाया गया पेय।
7. ड्राइक्लीनर5. नाजुक कपड़ों को विशेष विधि से साफ करने वाला व्यक्ति।
8. ताजमहल6. आगरा में स्थित प्रसिद्ध संगमरमर का स्मारक।
9. अरहर7. एक प्रकार की दाल, जिसे तुअर भी कहते हैं।
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—
(क) “मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिल्कुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”
उत्तर: बच्चे ने गृहकार्य नहीं किया था, इसलिए वह स्कूल से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाना चाहता था।
(ख) “देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा? पूछते तो मैं साबूदाने की खीर ही तो माँगता। कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता। लेकिन नहीं! भूखे रहो!! इससे सारे विकार निकल जाएँगे। विकार निकल जाएँ बस। चाहे इस चक्कर में तुम खुद शिकार हो जाओ।”
उत्तर: बच्चा भूखा होने के कारण गुस्से और मजाकिया अंदाज में अपने परिवार से शिकायत कर रहा था।
शब्द
शब्दसरल अर्थ
साबूदानाएक खाद्य पदार्थ जिससे खीर आदि बनाई जाती है।
वार्डअस्पताल का वह स्थान जहाँ कई रोगी रहते हैं।
नर्सरोगियों की देखभाल करने वाली महिला/व्यक्ति।
रजाईरूई से भरा गर्म ओढ़ना।
थर्मामीटरतापमान नापने का यंत्र।
काढ़ाऔषधीय चीजों को उबालकर बनाया गया पेय।
ड्राइक्लीनरकपड़ों की विशेष सफाई करने वाला व्यक्ति।
ताजमहलआगरा का प्रसिद्ध स्मारक।
अरहरएक प्रकार की दाल।
सोच-विचार के लिए
(क) अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीजें अच्छी लगीं और क्यों?
उत्तर: अस्पताल की सफाई, शांति, बड़े-बड़े पेड़, हरी खिड़कियों के परदे और साफ बिस्तर बच्चे को अच्छे लगे।
(ख) कहानी के अंत में बच्चे को महसूस हुआ कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। क्या आपको लगता है कि उसका निर्णय सही था? क्यों?
उत्तर: हाँ, उसका निर्णय सही था। झूठ बोलकर छुट्टी लेने के बजाय स्कूल जाना और अपना काम पूरा करना बेहतर है।
(ग) जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?
उत्तर: उसके मन में खुशी, ऊब, भूख, गुस्सा, पछतावा और बेचैनी जैसे भाव आए।
(घ) कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन सी समानताएँ और अंतर होंगे?
उत्तर: बच्चे को लगा था कि बीमारी में आराम और स्वादिष्ट खाना मिलता है। वास्तव में बीमारी में कमजोरी, दवा, परेशानी और आराम की जरूरत हो सकती है।
(ङ) नानीजी और नानाजी ने बच्चे को बीमारी की दवा दी और उसे आराम करने को कहा। बच्चे को खाना नहीं दिया गया। क्या आपको लगता है कि उन्होंने सही किया? आपको ऐसा क्यों लगता है?
उत्तर: उन्होंने बच्चे की देखभाल के लिए ऐसा किया। लेकिन बीमारी में भोजन और दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार देना चाहिए।
अनुमान और कल्पना से
(क) कहानी के अंत में बच्चा नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बताने का निर्णय कर लेता तो कहानी में आगे क्या होता?
उत्तर: वह अपनी गलती बता देता। नानीजी-नानाजी उसे समझाते और आगे झूठा बहाना न बनाने की सलाह देते।
(ख) कहानी में बच्चे की नानीजी के स्थान पर आप हैं। आप सारे नाटक को समझ गए हैं लेकिन चाहते हैं कि बच्चा सारी बात आपको स्वयं बता दे। अब आप क्या करेंगे?
उत्तर: मैं प्यार से उससे बात करूँगा और ऐसा वातावरण बनाऊँगा कि वह बिना डरे अपनी गलती स्वयं बता दे।
(ग) कहानी में बच्चे के स्थान पर आप हैं और घर में अकेले हैं। अब आप ऊबने से बचने के लिए क्या-क्या करेंगे?
उत्तर: मैं किताब पढ़ूँगा, चित्र बनाऊँगा, कहानी लिखूँगा, पहेली हल करूँगा या कोई शांत खेल खेलूँगा।
(घ) कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। कल्पना कीजिए, अगर वह स्कूल जाता तो उसका दिन कैसा होता? अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा तो उसने क्या-क्या किया होगा?
उत्तर: वह स्कूल में मित्रों से मिलता, पढ़ाई करता और गृहकार्य न करने पर शिक्षक से अपनी गलती स्वीकार करता। अगले दिन वह समय पर स्कूल जाता और काम पूरा करता।
(ङ) कहानी में नानाजी और नानीजी ने बच्चे की बीमारी ठीक करने के लिए उसे दवाई दी और खाने के लिए कुछ नहीं दिया। अगर आप नानीजी या नानाजी की जगह होते तो क्या-क्या करते?
उत्तर: मैं बच्चे की तबीयत ध्यान से देखता, डॉक्टर की सलाह लेता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा तथा हल्का पौष्टिक भोजन देता।
कहानी की रचना
“अस्पताल का माहौल मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। बड़ी-बड़ी खिड़कियों के पास हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे। न ट्रैफिक का शोरगुल, न धूल, न मच्छर-मक्खी…। सिर्फ लोगों के धीरे-धीरे बातचीत करने की धीमी-धीमी गुनगुन। बाकी एकदम शांति।”
समझिए: इन पंक्तियों में अस्पताल का ऐसा वर्णन किया गया है कि पाठक के सामने उसका चित्र जैसा बन जाता है। इसे चित्रात्मक भाषा कहते हैं।
(क) इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस पाठ की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर: कहानी की प्रमुख विशेषताएँ हैं — हास्य, कल्पना, रोचक संवाद, चित्रात्मक भाषा, बच्चे के मन के विचार, समस्या और समाधान तथा सरल भाषा।
(ख) कहानी में से निम्नलिखित के लिए उदाहरण खोजकर लिखिए—
विशेषताकहानी से उदाहरण
बच्चे द्वारा पिछली बातों को याद किया जानाबच्चा अस्पताल में देखी गई साबूदाने की खीर को याद करता है।
हास्य यानी हँसी-मजाक का उपयोग किया जाना“कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता।”
बच्चे द्वारा सोचने के तरीके में बदलाव आनाअंत में वह बीमारी का बहाना न बनाने का निर्णय लेता है।
कहानी में किसी का किसी बात से अनजान होनानानीजी-नानाजी बच्चे के झूठे बीमार होने की बात से अनजान थे।
बच्चे द्वारा स्वयं से बातें किया जानाबच्चा मन ही मन स्कूल, खाना और घर की बातें सोचता रहता है।
समस्या और समाधान
(क) बच्चे के सामने क्या समस्या थी? उसने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?
उत्तर: बच्चे ने गृहकार्य नहीं किया था और स्कूल नहीं जाना चाहता था। उसने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर घर में रहने का उपाय किया।
(ख) नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?
उत्तर: उन्हें लगा कि बच्चा बीमार है। उन्होंने उसका तापमान देखा, दवा दी और उसे आराम करने दिया।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए स्थानों में ‘बीमार’ से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए—
शब्दउत्तर
काढ़ाबीमारी में पी जाने वाली औषधीय चीज।
बीमारजिसकी तबीयत ठीक न हो।
खोजबीन
(क) कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि कहानी में सर्दी के मौसम की घटनाएँ बताई गई हैं।
उत्तर: “रजाई”, “ठंड”, “काढ़ा” जैसी बातों से सर्दी के मौसम का संकेत मिलता है।
(ख) बच्चे को बहाना बनाने के परिणाम का आभास हो गया।
उत्तर: “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।”
(ग) बच्चे को खाना-पीना बहुत प्रिय है।
उत्तर: वह बार-बार साबूदाने की खीर, कचौड़ी, बर्फी, चक्की, गोलगप्पे, दाल-चावल, आम और अमरूद के बारे में सोचता है।
(घ) बच्चे को स्कूल जाना अच्छा लगता है।
उत्तर: “इससे तो स्कूल चला जाता तो ही ठीक रहता।”
शीर्षक
(क) आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम ‘नहीं होना बीमार’ है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि इस कहानी का यह नाम उपयुक्त है या नहीं। अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
उत्तर: हाँ, यह नाम उपयुक्त है क्योंकि बच्चा बीमारी का बहाना बनाकर परेशान हो जाता है और अंत में समझता है कि झूठी बीमारी का नाटक करना अच्छा नहीं है।
(ख) यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए।
उत्तर: मैं इसका नाम “बीमारी का बहाना” रखूँगा क्योंकि पूरी कहानी बच्चे के झूठे बीमारी के बहाने पर आधारित है।
अभिनय
कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। आपको इन्हें अभिनय के साथ बोलकर दिखाना है। प्रत्येक समूह से बारी-बारी से छात्र/छात्राएँ कक्षा में सामने आएँगे और एक संवाद अभिनय के साथ बोलकर दिखाएँगे—

1. “बुखार आ गया।” मैंने कराहते हुए कहा।

2. “आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।” मैंने कहा।

3. “मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुख रहा है और मुझे बुखार भी है।”

4. नानाजी आए। बोले, “अब कैसा है सिरदर्द?”

5. फिर नानाजी बोले, “आज इसे कुछ खाने को मत देना। आराम करने दो। शाम को देखेंगे।”

अभिनय सुझाव: पहले संवाद में कराहने का भाव, दूसरे में विश्वास दिलाने का भाव, तीसरे में बीमारी का अभिनय और चौथे-पाँचवें संवाद में चिंता तथा देखभाल का भाव रखें।
चेहरों पर मुस्कान, मुँह में पानी
(क) इस कहानी में अनेक रोचक घटनाएँ हैं जिन्हें पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। इस कहानी में किन बातों को पढ़कर आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई थी? उन्हें रेखांकित कीजिए।
उत्तर: बच्चे का बीमारी का बहाना बनाना, ताजमहल माँगने वाली बात, मन्नु को आम खाते देखकर उसकी जलन और पूरे दिन भूखे रहना जैसी बातें मजेदार लगीं।
(ख) इस कहानी में किन वाक्यों को पढ़कर आपके मुँह में पानी आ गया था? उन्हें रेखांकित कीजिए। (इन्हें रेखांकित करने के लिए आप किसी अन्य रंग का उपयोग कर सकते हैं।)
उत्तर: साबूदाने की खीर, गरमागरम खस्ता कचौड़ी, मावे की बर्फी, बेसन की चक्की, गोलगप्पे, दाल-चावल, तली हुई हरी मिर्च और आम के वर्णन से मुँह में पानी आता है।
लेखन के अनोखे तरीके
“दबे पाँव दरवाजे तक गया और चुपके से झाँककर देखा।”
1. ऐसा लगा मानो हमें देखकर सुधाकर काका खुश हो गए।
उत्तर: कहानी में इसे भावपूर्ण ढंग से बताया गया है कि सुधाकर काका हमें देखकर खुश हो गए।
2. खिड़कियाँ बहुत बड़ी थीं और उनके बाहर हरे पेड़ हवा से हिल रहे थे।
उत्तर: लेखक ने चित्रात्मक ढंग से लिखा है कि “बड़ी-बड़ी खिड़कियों के पास हरे-हरे पेड़ झूम रहे थे।”
3. वहाँ केवल लोगों के फुसफुसाने की आवाजें आ रही थीं।
उत्तर: “सिर्फ लोगों के धीरे-धीरे बातचीत करने की धीमी-धीमी गुनगुन।”
4. फुसफुसाने की आवाजों के सिवा वहाँ कोई आवाज नहीं थी।
उत्तर: “बाकी एकदम शांति।”
5. बीमार लोगों के बहुत मजे होते हैं।
उत्तर: “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!”
6. मैं झूठमूठ बीमार पड़ जाता हूँ।
उत्तर: “चलो बीमार पड़ जाते हैं।”
विराम चिह्न
“देखें!” नानाजी ने रजाई हटाकर मेरा माथा छुआ। पेट देखा और नब्ज देखने लगे।
इस बीच नानीजी भी आ गईं। “क्या हुआ?”, नानीजी ने पूछा।
पाठ से आगे — पिछले पृष्ठ पर दिए गए वाक्यों को ध्यान से देखिए। इन वाक्यों में आपको कुछ शब्दों से पहले या बाद में कुछ चिह्न दिखाई दे रहे हैं। इन्हें विराम चिह्न कहते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए विराम चिह्न को कहानी में ढूँढ़िए। ध्यानपूर्वक देखकर समझिए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है। आपने जो पता किया, उसे नीचे लिखिए—
विराम चिह्नकहाँ प्रयोग किया जाता है
पूर्ण विराम ।वाक्य के अंत में।
अल्प विराम ,वाक्य में थोड़े ठहराव के लिए।
प्रश्नवाचक चिह्न ?प्रश्न पूछने वाले वाक्य के अंत में।
विस्मयादिबोधक चिह्न !आश्चर्य, खुशी, दुख आदि भाव प्रकट करने के लिए।
उद्धरण चिह्न “ ”किसी के कथन या संवाद को दिखाने के लिए।
कैसी होगी गली
“मुझे बड़ी तेज इच्छा हुई कि इसी समय बाहर निकलकर दिन की रोशनी में अपनी गली की चहल-पहल देखूँ”
आपने कहानी में बच्चे के घर के साथ वाली गली के बारे में बहुत-सी बातें पढ़ी हैं। उन बातों और अपनी कल्पना के आधार पर उस गली का एक चित्र बनाइए।
गतिविधि: विद्यार्थी अपनी कल्पना से गली का चित्र बनाएँ। चित्र में घर, दुकानें, सड़क, बच्चे, पेड़ और लोगों की चहल-पहल दिखाई जा सकती है।
आपकी बात
(क) बच्चे ने अस्पताल के वातावरण का विस्तार से सुंदर वर्णन किया है। इसी प्रकार आप अपनी कक्षा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: मेरी कक्षा साफ और सुंदर है। उसमें बड़ी खिड़कियाँ, रोशनी, मेज-कुर्सियाँ और एक बड़ा बोर्ड है। दीवारों पर रंगीन चार्ट लगे हैं। मेरी कक्षा में पढ़ाई के साथ हँसी-खुशी का वातावरण रहता है।
(ख) कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था?
उत्तर: हाँ, एक बार मैं थोड़ी देर अकेला रहा था। मुझे पहले थोड़ी ऊब हुई, फिर मैंने किताब पढ़ी और चित्र बनाए।
(ग) कहानी में आम खाने वाले मन्नु को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईर्ष्या हुई है? आपने तब क्या किया था ताकि यह भावना दूर हो जाए?
उत्तर: कभी-कभी ऐसी भावना हो सकती है। मैंने मित्र की खुशी में खुशी मनाने और अपनी अच्छी बातों पर ध्यान देने की कोशिश की।
(घ) कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे?
उत्तर: घर में माता-पिता और परिवार के सदस्य तथा विद्यालय में शिक्षक मेरा ध्यान रखते हैं। वे मेरी पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।
(ङ) आप अपने परिजनों और मित्रों का ध्यान कैसे रखते हैं? क्या-क्या करते हैं या क्या-क्या नहीं करते हैं ताकि उन्हें कम-से-कम परेशानी हो?
उत्तर: मैं उनकी मदद करता हूँ, उनकी बात सुनता हूँ और बिना कारण उन्हें परेशान नहीं करता।
बहाने
(क) कहानी में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाया ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। क्या आपने कभी किसी कारण से बहाना बनाया है? यदि हाँ, तो उसके बारे में बताइए। उस समय आपके मन में कौन-कौन से भाव आ-जा रहे थे? आप कैसा अनुभव कर रहे थे?
उत्तर: विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार लिखें। उदाहरण: मैंने एक बार काम पूरा न होने पर बहाना बनाया था। बाद में मुझे डर और पछतावा हुआ।
(ख) आमतौर पर बनाए जाने वाले बहानों की एक सूची बनाइए।
उत्तर: गृहकार्य नहीं हुआ, सामान नहीं मिला, समय नहीं मिला, तबीयत खराब है, रास्ते में देर हो गई आदि।
(ग) बहाने क्यों बनाने पड़ते हैं? बहाने न बनाने पड़ें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर: डर, आलस या काम पूरा न करने के कारण बहाने बनाए जाते हैं। समय पर काम करने और सच बोलने से बहाने बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अनुमान
“मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।”
कहानी में बच्चे ने अनेक प्रकार के अनुमान लगाए हैं। क्या आपने कभी किसी अनदेखे व्यक्ति/वस्तु/पशु-पक्षी/स्थान आदि के विषय में अनुमान लगाए हैं? किसके बारे में? क्या? कब? विस्तार से बताइए।
उत्तर: हाँ। कभी-कभी आवाज सुनकर हम अनुमान लगाते हैं कि बाहर कौन आया है या कौन-सा पक्षी बोल रहा है। विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार उदाहरण लिख सकते हैं।
घर का सामान
“बहुत ढूँढ़ा गया पर थर्मामीटर मिला ही नहीं। शायद कोई माँगकर ले गया था।”
कहानी में बच्चे के घर पर थर्मामीटर (तापमापी) खोजने पर वह मिल नहीं पाता। आमतौर पर हमारे घरों में कोई न कोई ऐसी वस्तु होती है जिसे खोजने पर भी वह नहीं मिलती, जिसे कोई माँगकर ले जाता है या हम जिसे किसी से माँगकर ले आते हैं। अपने घर को ध्यान में रखते हुए ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए —
जो खोजने पर भी नहीं मिलती हैंजो कोई माँगकर ले जाते हैंजो आप किसी से माँगकर लाते हैं
कैंची, चाबी, पेनकिताब, औजार, बर्तनपेन, पुस्तक, चार्जर
खान-पान और आप
(क) कहानी में सुधाकर काका को बीमार होने पर साबूदाने की खीर दी गई थी। आपके घर में किसी के बीमार होने पर उसे क्या-क्या खिलाया जाता है?
उत्तर: हल्का भोजन, खिचड़ी, दाल, फल, दूध या सूप दिया जाता है। भोजन बीमारी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।
(ख) कहानी में बच्चे को बहुत-सी चीजें खाने का मन है। आपका क्या-क्या खाने का बहुत मन करता है?
उत्तर: मुझे फल, खीर, कचौड़ी, गोलगप्पे और घर का स्वादिष्ट खाना खाना पसंद है।
(ग) कहानी में बच्चा सोचता है कि साबूदाने की खीर सिर्फ बीमारी या उपवास में क्यों मिलती है। आपके घर में ऐसा क्या-क्या है, जो केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही बनता है?
उत्तर: हमारे घर में त्योहारों पर मिठाई, पकौड़े, पूड़ी, हलवा और विशेष पकवान बनाए जाते हैं।
(घ) कहानी में बच्चा सोचता है कि अगर वह स्कूल जाता तो उसे ठेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाने को मिलते। आप अपने विद्यालय में क्या-क्या खाते-पीते हैं? विद्यालय में आपका रुचिकर भोजन क्या है?
उत्तर: मैं विद्यालय में घर से लाया हुआ टिफिन, फल और पानी लेता हूँ। मुझे अपना पसंदीदा टिफिन खाना अच्छा लगता है।
(ङ) इस कहानी में भोजन से जुड़ी बच्चे की कई रोचक बातें बताई गई हैं। आपके बचपन की भोजन से जुड़ी कोई विशेष याद क्या है, जिसे आप अब भी याद करते हैं?
उत्तर: विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार लिखें। उदाहरण: मुझे त्योहार पर परिवार के साथ मिलकर मिठाई खाना आज भी याद है।
(च) कहानी में बच्चा भोजन की सुगंध से रजाई फेंककर रसोई में झाँकने लगा। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि घर में किसी विशेष खाने की सुगंध से आप भी रसोई में जाकर तुरंत देखना चाहते हैं कि क्या पक रहा है? आपको किस-किस खाने की सुगंध सबसे अधिक पसंद है?
उत्तर: हाँ। गरम पूड़ी, पकौड़े, पराठे और हलवे की सुगंध मुझे रसोई में देखने के लिए आकर्षित करती है।
आज की पहेली
1. रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा
घी-तेल साथी हैं इसके, दही-चटनी से हरा-भरा
उत्तर: आलू का पराठा
2. दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ,
दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी-सा भर संग-संग खाओ,
गोल-तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ,
कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ।
उत्तर: इडली
3. नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास,
मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर,
चटपटी चटनी लगी किसे? बूझो नाम तो खाएँ इसे!
उत्तर: वड़ा पाव
4. बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल।
खाने में नरम, पानी भरे, धनिया मिर्च संग सजे।
उत्तर: ढोकला
5. गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ
उत्तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ।
खट्टी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे!
उत्तर: गोलगप्पे / पानी पूरी
6. हरे साग संग मुझको पाओ,
मक्खन के संग मुझको खाओ।
आटा मेरा हल्का पीला,
स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला।
उत्तर: मक्के की रोटी
7. आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद,
साथ में खाओ चूरमा, बन जाए फिर बात,
गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार।
उत्तर: बाटी
8. गोल-गोल और श्वेत रंग का
रस से भरा हुआ हूँ खूब।
मीठी दुनिया का महाराजा
चाशनी मीठी डूब-डूब।
उत्तर: रसगुल्ला
⭐ परीक्षा के लिए याद रखने योग्य बातें
  • कहानी के लेखक — स्वयं प्रकाश
  • कहानी का मुख्य विषय — झूठी बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी लेना
  • बच्चे ने बीमारी का बहाना इसलिए बनाया क्योंकि उसने गृहकार्य नहीं किया था।
  • अस्पताल में बच्चे को सफाई, शांति, पेड़ और साफ-सुथरे बिस्तर अच्छे लगे।
  • बच्चे को बीमारी के दौरान कड़वी दवा और काढ़े जैसी चाय मिली।
  • बच्चा पूरे दिन भूखा और परेशान रहा।
  • उसे घर का स्वादिष्ट खाना देखकर बहुत इच्छा हुई।
  • अंत में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी न लेने का निर्णय किया।
  • कहानी की प्रमुख विशेषताएँ — हास्य, चित्रात्मक भाषा, कल्पना, संवाद और आत्मसंवाद।
  • मुख्य सीख — हमें झूठ और बहाने से बचना चाहिए तथा अपने काम समय पर और ईमानदारी से करने चाहिए।
📝 अतिरिक्त त्वरित पुनरावृत्ति
1. कहानी का मुख्य पात्र कौन है?
उत्तर: कहानी का मुख्य पात्र एक छोटा बच्चा है।
2. बच्चा स्कूल क्यों नहीं जाना चाहता था?
उत्तर: उसने गृहकार्य नहीं किया था और उसका स्कूल जाने का मन नहीं था।
3. बच्चे ने बीमारी का कौन-सा बहाना बनाया?
उत्तर: उसने सिरदर्द, पेटदर्द और बुखार होने का बहाना बनाया।
4. बच्चे को सबसे अधिक परेशानी कब हुई?
उत्तर: जब उसे पूरे दिन बिस्तर पर पड़े रहना पड़ा और खाने को कुछ नहीं मिला।
5. कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: हमें झूठे बहाने नहीं बनाने चाहिए और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से पूरा करना चाहिए।

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Class 7 Hindi Chapter 5 Worksheet

Practice worksheet for Class 7 Hindi Malhar Chapter 5 with important questions, extra practice and answer key.

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Class 7 Hindi Chapter 5 Notesनहीं होना बीमार Class 7नहीं होना बीमार NPrepare for your exams with this easy and student-friendly worksheet based on Class 7 Hindi Malhar Chapter 1 – “माँ, कह एक कहानी”.