Class 7 Hindi Malhar Chapter 4 Notes | पानी रे पानी

Class 7 Hindi Malhar Chapter 4 “पानी रे पानी” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

Class 7 Hindi Malhar Chapter 4 पानी रे पानी – Notes and Solutions

पानी रे पानी

कक्षा 7 हिंदी मल्हार | अध्याय 4 | सरल नोट्स एवं इन-टेक्स्ट समाधान

📚 अध्याय का सारांश

इस पाठ में पानी के महत्व, जल-चक्र, जल-संकट, अकाल, बाढ़ और भूजल संरक्षण के बारे में बताया गया है। पानी समुद्र से भाप बनकर बादलों में जाता है, बादलों से वर्षा होती है और वर्षा का पानी नदियों के माध्यम से फिर समुद्र तक पहुँचता है। इसे जल-चक्र कहते हैं।

आज कई स्थानों पर पानी की कमी हो रही है। नलों में समय पर पानी नहीं आता और गर्मी में जल-संकट बढ़ जाता है। दूसरी ओर वर्षा के समय अत्यधिक पानी के कारण बाढ़ भी आती है। इसलिए अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

लेखक ने धरती की तुलना एक बड़ी गुल्लक से की है। जैसे हम गुल्लक में पैसे जमा करते हैं, वैसे ही वर्षा का पानी तालाबों, झीलों और अन्य जलस्रोतों के माध्यम से धरती के अंदर जमा होता है। इससे भूजल भंडार समृद्ध होता है।

जब हमने तालाबों को कचरे से भरकर उन पर मकान, बाजार और अन्य निर्माण कर दिए, तो पानी जमा होने के प्राकृतिक स्थान कम हो गए। इसका परिणाम गर्मी में पानी की कमी और बरसात में बाढ़ के रूप में दिखाई देता है।

इस पाठ का मुख्य संदेश है कि हमें तालाबों, नदियों और जलस्रोतों की रक्षा करनी चाहिए, वर्षा-जल को बचाना चाहिए और भूजल भंडार को सुरक्षित रखना चाहिए।

🌊 महत्वपूर्ण शब्द

जल-चक्र वर्षा-जल संग्रहण भूजल जल-संकट अकाल बाढ़ जलस्रोत गुल्लक जल भंडार संरक्षण

✍️ लेखक से परिचय

अनुपम मिश्र (1948–2016) एक प्रखर लेखक, संपादक और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् थे। वे छायाकार भी थे। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए।

उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘आज भी खरे हैं तालाब’ है। उनकी एक अन्य महत्वपूर्ण पुस्तक ‘साफ माथे का समाज’ है। वे गांधी शांति प्रतिष्ठान से प्रकाशित पत्रिका ‘गांधी मार्ग’ के संस्थापक और संपादक भी थे।

🧠 मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?

• नल सूख जाने से।
• पानी बरसने से।
• तालाब और झीलों से।
• बाढ़ आने से।
★ सही उत्तर: पानी बरसने से और तालाब और झीलों से।

(2) निम्नलिखित में से कौन-सी बात जल-चक्र से संबंधित है?

• वर्षा जल का संग्रह करना।
• समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना।
• नदियों का समुद्र में जाकर मिलना।
• बरसात में चारों ओर पानी ही पानी दिखाई देना।
★ सही उत्तर: समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना और नदियों का समुद्र में जाकर मिलना।

(3) “इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है।” यहाँ किस गलती की ओर संकेत किया गया है?

• जल-चक्र की अवधारणा को न समझना।
• आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना।
• तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना।
• भूजल भंडारण के विषय में विचार न करना।
★ सही उत्तर: तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना।
(ख) अब अपने मित्रों के साथ संवाद कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: हमने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि पाठ में बताया गया है कि तालाब और झीलों का पानी धीरे-धीरे जमीन में जाकर भूजल भंडार को भरता है। तालाबों को समाप्त करने से पानी की समस्या बढ़ती है।

🔗 मिलकर करें मिलान

पाठ में से कुछ शब्द समूह या संदर्भ चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं और उनके अर्थ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए।

स्तंभ 1सही अर्थ
1. वर्षा जल संग्रहणवर्षा के जल को प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रूप से धरती में संग्रह करना।
2. जल संकटजल की अत्यधिक कमी होना।
3. जल-चक्रसमुद्र से उठी भाप का बादल बनकर पानी में बदलना और वर्षा के द्वारा पुनः समुद्र में मिल जाना।
4. भूजलजमीन के नीचे छिपा जल भंडार।

💬 पंक्तियों पर चर्चा

इस पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और अपने सहपाठियों से चर्चा कीजिए।

“पानी आता भी है तो बेवक्त।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि पानी निश्चित समय पर नहीं आता। कभी देर रात और कभी बहुत सुबह पानी आता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
“देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि कई जगह पानी की बहुत अधिक कमी हो जाती है और सूखे जैसी स्थिति बन जाती है।
“कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।”
उत्तर: बाढ़ आने पर घर, सड़कें, स्कूल और यातायात प्रभावित हो जाते हैं और सामान्य जीवन रुक जाता है।
“अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि पानी बहुत कम होना अकाल और बहुत अधिक होना बाढ़ का कारण बन सकता है।

🤔 सोच-विचार के लिए

(क) पाठ में धरती को एक बहुत बड़ी गुल्लक क्यों कहा गया है?
उत्तर: जैसे गुल्लक में पैसे जमा होते हैं, वैसे ही धरती के अंदर वर्षा का पानी जमा होता है। इसलिए धरती को बड़ी गुल्लक कहा गया है।
(ख) जल-चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?
उत्तर: सूर्य की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनता है। भाप बादल बनाती है। बादलों से वर्षा होती है। वर्षा का पानी नदियों के माध्यम से फिर समुद्र में पहुँचता है। इस प्रकार जल-चक्र पूरा होता है।
(ग) यदि सारी नदियाँ, झीलें और तालाब सूख जाएँ तो क्या होगा?
उत्तर: पानी की बहुत कमी हो जाएगी, भूजल घट जाएगा, खेती प्रभावित होगी और लोगों तथा पशुओं को कठिनाई होगी।
(घ) पाठ में पानी को रुपयों से भी कई गुना मूल्यवान क्यों बताया गया है?
उत्तर: पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए पानी धन से भी अधिक मूल्यवान है।

📖 शीर्षक

(क) इस पाठ का शीर्षक ‘पानी रे पानी’ दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
उत्तर: यह शीर्षक पानी की आवश्यकता, कमी और अधिकता—तीनों समस्याओं को दर्शाता है। पाठ में पानी के महत्व और जल-संकट पर चर्चा की गई है।
(ख) आप इस पाठ को क्या नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।
उत्तर: मैं इसका नाम ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ रखना चाहूँगा/चाहूँगी क्योंकि पाठ हमें पानी बचाने और जलस्रोतों की रक्षा करने का संदेश देता है।

📝 शब्दों की बात

बात पर बल देना

“हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।”

“हमारी यह धरती इसी तरह की एक गुल्लक है।”

(क) इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए। दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटा दिया गया है? उस शब्द को हटा देने से वाक्य के अर्थ में क्या अंतर आया है, पहचान कर लिखिए।
उत्तर: दूसरे वाक्य से ‘भी’ शब्द हटा दिया गया है। ‘भी’ शब्द यह विशेष बल देता है कि धरती भी गुल्लक की तरह पानी जमा करती है। इसके हटने पर यह विशेष तुलना कमजोर हो जाती है।
(ख) पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भी आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं। पाठ को फिर से पढ़िए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।
उत्तर: ऐसे शब्द हैं— भी, ही, तो, अब, बहुत, एक ही। ये शब्द वाक्य में किसी बात पर विशेष जोर देते हैं।

🌈 समानार्थी शब्द

नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के स्थान पर समान अर्थ देने वाले उपयुक्त शब्द लिखिए। इस कार्य के लिए आप बादल में से शब्द चुन सकते हैं।

वाक्यसमानार्थी शब्द
(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।सूरज — सूर्य / भास्कर / दिवाकर / दिनकर
(ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर जाता है।भाप — वाष्प
(ग) अचानक बादल गरजने लगे।बादल — मेघ / वारिद / जलद / नीरद
(घ) जल-चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है।हवा — पवन / वायु / समीर
शब्द-बादल: सूर्य, मेघ, भास्कर, पवन, वारिद, वायु, दिवाकर, जलद, वाष्प, समीर, दिनकर, नीरद

🔤 उपसर्ग

“देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”

उपर्युक्त वाक्य में ‘अ’ ने ‘काल’ शब्द में जुड़कर एक नया अर्थ दिया है। काल का अर्थ है—समय, मृत्यु। जबकि अकाल का अर्थ है—कुसमय, सूखा।

कुछ शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या कोई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं। ऐसे शब्दांश उपसर्ग कहलाते हैं।

उदाहरण

उपसर्गमूल शब्दनया शब्द
अकालअकाल
विदेशविदेश
परदेशपरदेश
प्रदेशप्रदेश
स्वदेशस्वदेश
अब आप भी उपसर्ग के प्रयोग से नए शब्द बनाकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर:
  • अ + सत्य = असत्य — हमें असत्य नहीं बोलना चाहिए।
  • सु + गंध = सुगंध — फूलों से सुगंध आती है।
  • वि + ज्ञान = विज्ञान — विज्ञान हमारे जीवन को सरल बनाता है।
  • प्र + ज्ञान = प्रज्ञान — प्रज्ञान का अर्थ विशेष ज्ञान से जुड़ा है।
  • सु + पात्र = सुपात्र — दान हमेशा सुपात्र व्यक्ति को देना चाहिए।

💧 आपकी बात

(क) धरती की गुल्लक में जलराशि की कमी न हो इसके लिए आप क्या-क्या प्रयास कर सकते हैं, अपने सहपाठियों के साथ चर्चा करके लिखिए।
उत्तर:
  • पानी व्यर्थ नहीं बहाएँगे।
  • वर्षा-जल का संग्रह करेंगे।
  • तालाब और झीलों को साफ रखेंगे।
  • पेड़ लगाएंगे।
  • नदियों और जलस्रोतों में कचरा नहीं डालेंगे।
(ख) इस पाठ में एक छोटे से खंड में जल-चक्र की प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया है। उस खंड की पहचान करें और जल-चक्र को चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करें।
उत्तर: पाठ के आरंभ में समुद्र से भाप बनने, बादल बनने, वर्षा होने, नदी के बहने और नदी के समुद्र में मिलने की प्रक्रिया बताई गई है। यही जल-चक्र है।
(ग) अपने द्वारा बनाए गए जल-चक्र के चित्र का विवरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: सूर्य की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनता है। भाप ऊपर जाकर बादल बनाती है। बादलों से वर्षा होती है। वर्षा का पानी नदियों में जाता है और नदियाँ पानी को फिर समुद्र तक पहुँचाती हैं।

🎨 सृजन

(क) कल्पना कीजिए कि किसी दिन आपके घर में पानी नहीं आया। आपको विद्यालय जाना है। आपके घर के समीप ही एक सार्वजनिक नल है। आप बालटी आदि लेकर वहाँ पहुँचते हैं और ठीक उसी समय आपके पड़ोसी भी पानी लेने पहुँच जाते हैं। आप दोनों ही अपनी-अपनी बालटी पहले भरना चाहते हैं। ऐसी परिस्थिति में आपस में किसी प्रकार का विवाद (तू-तू मैं-मैं) न हो, यह ध्यान में रखते हुए पाँच संदेश वाक्य (स्लोगन) तैयार कीजिए।
उत्तर:
  1. पानी सबका है, मिल-बाँटकर इस्तेमाल करें।
  2. पहले आएँ, पहले भरें और दूसरों का सम्मान करें।
  3. पानी के लिए झगड़ा नहीं, सहयोग करें।
  4. जल बचाएँ, आपसी प्रेम बढ़ाएँ।
  5. सबकी जरूरत समझें, पानी बराबर बाँटें।
(ख) “सूरज, समुद्र, बादल, हवा, धरती, फिर बरसात की बूँदें और फिर बहती हुई एक नदी और उसके किनारे बसा तुम्हारा, हमारा घर, गाँव या शहर।” इस वाक्य को पढ़कर आपके सामने कोई एक चित्र उभर आया होगा, उस चित्र को बनाकर उसमें रंग भरिए।
उत्तर: इस गतिविधि में विद्यार्थी अपनी कल्पना से जल-चक्र का रंगीन चित्र बनाएँ। चित्र में सूर्य, समुद्र, बादल, वर्षा, नदी और गाँव या शहर दिखाया जा सकता है।

🤝 सबका पानी

‘सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले’ इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन करें। परिचर्चा के मुख्य बिंदुओं को आधार बनाते हुए रिपोर्ट तैयार करें।
उत्तर:

परिचर्चा के मुख्य बिंदु

  • पानी सभी के लिए आवश्यक है।
  • पानी का समान और उचित उपयोग होना चाहिए।
  • पानी की बर्बादी रोकनी चाहिए।
  • वर्षा-जल का संग्रह करना चाहिए।
  • तालाबों और नदियों को सुरक्षित रखना चाहिए।
  • भूजल का अत्यधिक दोहन नहीं करना चाहिए।

रिपोर्ट

कक्षा में ‘सभी को अपनी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पानी कैसे मिले’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने पानी बचाने, वर्षा-जल संग्रह करने और जलस्रोतों की रक्षा करने के सुझाव दिए। सभी ने माना कि पानी का उपयोग समझदारी से करना चाहिए।

🏠 दैनिक कार्यों में पानी

(क) क्या आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है कि आपके घर में एक दिन में औसतन कितना पानी खर्च होता है? अपने घर में पानी के उपयोग से जुड़ी एक तालिका बनाइए। इस तालिका के आधार पर पता लगाइए —
  • घर के कार्यों में एक दिन में लगभग कितना पानी खर्च होता है? (बालटी, घड़े या किसी अन्य बर्तन को मापक बना सकते हैं)
  • आपके माँ और पिता या घर के अन्य सदस्य पानी बचाने के लिए क्या-क्या उपाय करते हैं?
उत्तर: उदाहरण के लिए—
कार्यलगभग पानी
पीने के लिए10 लीटर
खाना बनाने में15 लीटर
नहाने में40 लीटर
कपड़े धोने में40 लीटर
बर्तन धोने में20 लीटर
सफाई में20 लीटर
पानी बचाने के उपाय: नल बंद रखना, बालटी से नहाना, पानी का पुनः उपयोग करना और बेकार बहते पानी को रोकना।
(ख) क्या आपको अपनी आवश्यकता अनुसार पानी उपलब्ध हो जाता है? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं, तो क्यों?
उत्तर: हाँ, हमारे घर में सामान्यतः आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध हो जाता है क्योंकि हम पानी का उपयोग सावधानी से करते हैं और उसे व्यर्थ नहीं बहाते।
(ग) आपके घर में दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पानी का संचयन कैसे और किन पात्रों में किया जाता है?
उत्तर: पानी को टंकी, बालटी, घड़े और अन्य साफ बर्तनों में जमा किया जाता है।

🚰 जन-सुविधा के रूप में जल

नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए— इन चित्रों के आधार पर जल आपूर्ति की स्थिति के बारे में अपने साथियों से चर्चा कीजिए और उसका विवरण लिखिए।
उत्तर: जल की आपूर्ति हर स्थान पर समान नहीं होती। कुछ स्थानों पर नियमित पानी मिलता है, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है। इसलिए जल की उचित और समान आपूर्ति आवश्यक है।

🚱 बिन पानी सब सून

(क) पाठ में भूजल स्तर के कम होने के कुछ कारण बताए गए हैं, जैसे— तालाबों में कचरा फेंककर भरना आदि। भूजल स्तर कम होने के और क्या-क्या कारण हो सकते हैं? पता लगाइए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए। (इसके लिए आप अपने सहपाठियों, शिक्षकों और घर के सदस्यों की सहायता भी ले सकते हैं।)
उत्तर:
  • भूजल का अत्यधिक उपयोग।
  • तालाबों और झीलों का समाप्त होना।
  • वर्षा-जल का संग्रह न करना।
  • पेड़ों की कटाई।
  • कंक्रीट की अधिक सतह बनना।
  • जल का अत्यधिक दोहन।
(ख) भूजल स्तर की कमी से हमें आजकल किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर: कुएँ और हैंडपंप सूख सकते हैं, पानी की कमी हो सकती है, खेती प्रभावित होती है और पीने के पानी की समस्या बढ़ती है।
(ग) आपके विद्यालय, गाँव या शहर के स्थानीय प्रशासन द्वारा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं, पता लगाकर लिखिए।
उत्तर: वर्षा-जल संग्रहण, तालाबों की सफाई, जल संरक्षण अभियान, पेड़ लगाना और पानी की बर्बादी रोकने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।

🌧️ यह भी जानें — वर्षा-जल संग्रहण

वर्षा के जल को एकत्र करना और उसका भंडारण करके बाद में प्रयोग करना जल की उपलब्धता में वृद्धि करने का एक उपाय है। वर्षा के जल को एकत्र करने को ‘वर्षा जल संग्रहण’ कहते हैं।

वर्षा जल संग्रहण का मूल उद्देश्य है—

“जल जहाँ गिरे वहीं एकत्र कीजिए।”

छत के ऊपर वर्षा-जल संग्रहण

इस प्रणाली में भवनों की छत पर एकत्रित वर्षा जल को पाइप द्वारा भंडारण टैंक में पहुँचाया जाता है। छत पर मिट्टी के कण मिले हो सकते हैं, इसलिए उपयोग से पहले पानी को साफ करना आवश्यक होता है।

अपने घर या विद्यालय के आस-पास, मोहल्ले या गाँव में पता लगाइए कि वर्षा जल संग्रहण की कोई विधि अपनाई जा रही है या नहीं? यदि हाँ, तो कौन-सी विधि है? उसके विषय में लिखिए। यदि नहीं, तो अपने शिक्षक या परिजनों की सहायता से इस विषय में समाचार पत्र के संपादक को एक पत्र लिखिए।
उत्तर: हमारे विद्यालय में छत पर गिरने वाले वर्षा-जल को पाइप के माध्यम से टैंक तक पहुँचाने की व्यवस्था की जा सकती है। इस पानी का उपयोग पौधों और सफाई के लिए किया जा सकता है। अतिरिक्त पानी को जमीन में पहुँचाकर भूजल बढ़ाया जा सकता है।

🧩 आज की पहेली

जल के प्राकृतिक स्रोत हैं— वर्षा, नदी, झील और तालाब। दिए गए वर्ग में जल और इन प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द ढूँढ़िए और लिखिए।
संभावित समानार्थी शब्द:
  • जल — नीर, पानी, वारि
  • वर्षा — बारिश, बरसात
  • नदी — सरिता, तटिनी
  • झील — सरोवर
  • तालाब — ताल, पोखर

🔎 खोजबीन के लिए

पानी से संबंधित गीत या कविताओं का संकलन कीजिए और इनमें से कुछ को अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए। इसके लिए आप अपने परिजनों एवं शिक्षक अथवा पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।
उत्तर: विद्यार्थी पानी से संबंधित किसी कविता या गीत का चयन करके उसे कक्षा में प्रस्तुत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए जल संरक्षण पर आधारित कविता चुनी जा सकती है।

🪟 झरोखे से

आपने तालाबों और नदियों से रिसकर धरती रूपी गुल्लक में जमा होने वाले पानी के संबंध में यह रोचक लेख पढ़ा। अब आप तालाबों के बनने के इतिहास के विषय में अनुपम मिश्र के एक लेख ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ का अंश पढ़िए।

पाल के किनारे रखा इतिहास — समझने योग्य बातें

इस अंश में कूड़न, बढ़ान, सरमन और कौंराई नाम के चार भाइयों की कहानी बताई गई है। एक लड़की को एक पत्थर मिलता है जिसे पारस माना जाता है। राजा उस पारस और सोने को अपने पास रखने के बजाय भाइयों से अच्छे काम करने और तालाब बनाने के लिए कहता है।

कहानी में चार भाइयों के नाम पर बड़े तालाबों का उल्लेख मिलता है। इससे यह संदेश मिलता है कि समाज के लिए तालाब बनाना बहुत बड़ा और उपयोगी कार्य है।

लेख यह भी बताता है कि अलग-अलग समय में राजा, रानी, साधारण गृहस्थ और साधु-संत जैसे अनेक लोगों ने तालाब बनवाए। समाज ने ऐसे लोगों के कार्यों को सम्मान दिया।

🤝 साझी समझ

‘पानी रे पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में आपको कौन-कौन सी बातें समान लगीं? उनके विषय में अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर: दोनों लेखों में तालाबों के महत्व पर जोर दिया गया है। दोनों बताते हैं कि तालाब पानी बचाने और समाज के लिए बहुत उपयोगी हैं। हमें जलस्रोतों की रक्षा करनी चाहिए और उन्हें बनाने तथा सुरक्षित रखने वाले लोगों के कार्यों का सम्मान करना चाहिए।

⭐ परीक्षा के लिए त्वरित पुनरावृत्ति

प्रश्नमुख्य उत्तर
जल-चक्र क्या है?समुद्र से भाप, बादल, वर्षा, नदी और फिर समुद्र तक पानी की यात्रा।
धरती को गुल्लक क्यों कहा गया?क्योंकि धरती वर्षा का पानी अपने अंदर जमा करती है।
भूजल क्या है?जमीन के नीचे जमा पानी।
अकाल क्या है?पानी की अत्यधिक कमी की स्थिति।
बाढ़ क्या है?बहुत अधिक पानी के कारण जल का चारों ओर फैल जाना।
वर्षा जल संग्रहण क्या है?वर्षा के पानी को एकत्र करके उपयोग या भूजल बढ़ाने के लिए सुरक्षित रखना।
पानी क्यों महत्वपूर्ण है?पानी के बिना जीवन संभव नहीं है।
जलस्रोतों की रक्षा क्यों करनी चाहिए?ताकि भविष्य में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे।

🌱 अध्याय का मुख्य संदेश

जल है तो जीवन है। हमें पानी को केवल उपयोग करने की वस्तु नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसे बचाने और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए। तालाब, झील, नदी और वर्षा-जल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

यदि हम वर्षा-जल को रोकें, जलस्रोतों की रक्षा करें, भूजल को सुरक्षित रखें और पानी की बर्बादी रोकें, तो जल-संकट को कम करने में सहायता मिल सकती है।

याद रखें: “जल जहाँ गिरे, वहीं उसे बचाएँ।”

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CLASS 7 • HINDI • MALHAR

Class 7 Hindi Chapter 4 Worksheet

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