Class 8 Hindi Malhar Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी Notes | NCERT CBSE

Class 8 Hindi Malhar Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी notes with easy explanations, NCERT book solutions, important questions and revision material for CBSE students.

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एक टोकरी भर मिट्टी

Class 8 Hindi Malhar Chapter 6
लेखक — माधवराव सप्रे
माधवराव सप्रे
माधवराव सप्रे

अध्याय सारांश

‘एक टोकरी भर मिट्टी’ माधवराव सप्रे की प्रसिद्ध कहानी है। इसमें एक गरीब वृद्धा, उसकी पोती और एक धनी ज़मींदार की कहानी बताई गई है।

वृद्धा की झोंपड़ी ज़मींदार के महल के पास थी। ज़मींदार अपने महल का अहाता बढ़ाना चाहता था, इसलिए वह वृद्धा की झोंपड़ी हटवाना चाहता था। वृद्धा उस झोंपड़ी से बहुत जुड़ी हुई थी, क्योंकि उसके पति और पुत्र की मृत्यु वहीं हुई थी।

ज़मींदार ने कानूनी दाँव-पेंच के द्वारा झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया और वृद्धा को वहाँ से निकाल दिया। वृद्धा की पोती अपने घर से बहुत जुड़ी हुई थी और उसने खाना-पीना छोड़ दिया।

वृद्धा एक दिन ज़मींदार के पास गई और झोंपड़ी से केवल एक टोकरी मिट्टी ले जाने की अनुमति माँगी। वह उस मिट्टी से चूल्हा बनाकर अपनी पोती के लिए रोटी बनाना चाहती थी।

ज़मींदार ने अनुमति दे दी। वृद्धा ने टोकरी मिट्टी से भर ली और ज़मींदार से उसे उठाने में सहायता माँगी। ज़मींदार ने पूरी शक्ति लगाई, फिर भी वह टोकरी नहीं उठा सका।

वृद्धा ने समझाया कि जब वह एक टोकरी मिट्टी का भार नहीं उठा सकता, तो पूरी झोंपड़ी की हजारों टोकरियों मिट्टी का भार जीवन भर कैसे उठा सकेगा। उसके शब्दों से ज़मींदार को अपने अन्याय का एहसास हुआ।

ज़मींदार ने अपने किए पर पश्चाताप किया, वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस कर दी।

मुख्य संदेश: धन और अधिकार का अहंकार मनुष्य को अन्याय की ओर ले जा सकता है। सच्ची समझ, करुणा और आत्मबोध से मनुष्य अपनी गलती सुधार सकता है।

मुख्य पात्र

  • वृद्धा: गरीब, दुखी लेकिन समझदार और आत्मसम्मान वाली स्त्री।
  • ज़मींदार: धनवान व्यक्ति जो अहंकार में वृद्धा की झोंपड़ी लेना चाहता था।
  • पोती: अपनी झोंपड़ी और उससे जुड़ी यादों से बहुत प्रेम करने वाली बालिका।

लेखक परिचय

माधवराव सप्रे हिंदी के प्रारंभिक कहानीकारों में माने जाते हैं। उनका जन्म दमोह, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनकी मातृभाषा मराठी थी।

उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘गीता-रहस्य’ का मराठी से हिंदी में अनुवाद किया। वे साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े रहे।

‘एक टोकरी भर मिट्टी’ कहानी के माध्यम से उन्होंने अन्याय, अहंकार, करुणा, मानवीयता और आत्मबोध जैसे विषयों को सरल कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया।

पाठ से — मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) ज़मींदार को झोंपड़ी हटाने की आवश्यकता क्यों लगी?

  • झोंपड़ी जर्जर हो चुकी थी
  • झोंपड़ी रास्ते में बाधा थी
  • वह अहाते का विस्तार करना चाहता था
  • वृद्धा से उसका कोई पुराना झगड़ा था
उत्तर: वह अहाते का विस्तार करना चाहता था।

(2) वृद्धा ने मिट्टी ले जाने की अनुमति कैसे माँगी?

  • क्रोध और झगड़ा करके
  • अदालत से अनुमति लेकर
  • विनती और नम्रता से
  • चुपचाप उठाकर ले गई
उत्तर: विनती और नम्रता से।

(3) वृद्धा की पोती का व्यवहार किस भाव को दर्शाता है?

  • दया
  • लगाव
  • गुस्सा
  • डर
उत्तर: लगाव।

(4) कहानी का अंत कैसा है?

  • दुखद
  • सुखद
  • प्रेरणादायक
  • सकारात्मक
उत्तर: सुखद, प्रेरणादायक और सकारात्मक।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर: हमने उत्तर पाठ में दी गई घटनाओं और पात्रों के व्यवहार के आधार पर चुने। अलग-अलग उत्तरों पर चर्चा करके हम अपने विचारों का कारण बता सकते हैं।

मिलकर करें मिलान

पाठ में दिए गए वाक्यों के सबसे उपयुक्त निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं।

क्रमवाक्यसही निष्कर्ष
1अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी।वृद्धावस्था में वृद्धा का सहारा उसकी पोती ही थी।
2बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से उस झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।ज़मींदार ने वकीलों को पैसे देकर कानूनी दाँव-पेंच से झोंपड़ी पर कब्जा किया।
3आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है।वृद्धा ने टोकरी को प्रतीक बनाकर ज़मींदार को उसके अन्याय का अनुभव कराया।
4ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे।धन और अहंकार ने ज़मींदार को मानवीयता और करुणा से दूर कर दिया था।
5कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी।अपने द्वारा किए अन्याय पर पछताकर ज़मींदार ने क्षमा माँगी।
6उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?वृद्धा ने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि अन्याय का नैतिक भार उठाना आसान नहीं है।
7कृपा करके इस टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए जिससे कि मैं उसे अपने सिर पर धर लूँ।वृद्धा ने टोकरी उठाने में सहायता के लिए ज़मींदार से विनम्र निवेदन किया।
8उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।झोंपड़ी में प्रवेश करते ही वृद्धा पुराने दिनों के कारण भावुक हो गई।

(ख) अपने मित्रों के उत्तर से अपने उत्तर मिलाइए और चर्चा कीजिए कि आपने कौन-से निष्कर्षों का चुनाव किया है और क्यों?

उत्तर: हमने वे निष्कर्ष चुने जो कहानी की घटनाओं और पात्रों के व्यवहार से सीधे मेल खाते हैं। समूह में चर्चा करने से अलग-अलग विचारों को समझने में सहायता मिलती है।

पंक्तियों पर चर्चा

(क) “आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?”

उत्तर: वृद्धा का अर्थ था कि एक टोकरी मिट्टी उठाना कठिन है, तो पूरी झोंपड़ी पर कब्जा करने का अन्यायपूर्ण भार ज़मींदार जीवन भर कैसे सह पाएगा।

(ख) “ज़मींदार साहब पहले तो बहुत नाराज़ हुए, पर जब वह बार-बार हाथ जोड़ने लगी और पैरों पर गिरने लगी तो उनके भी मन में कुछ दया आ गई। किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने को आगे बढ़े। ज्यों ही टोकरी को हाथ लगाकर ऊपर उठाने लगे त्यों ही देखा कि यह काम उनकी शक्ति के बाहर है।”

उत्तर: इस प्रसंग में ज़मींदार के मन में पहली बार दया दिखाई देती है। टोकरी न उठा पाने से उन्हें अपनी सीमा और अपने अन्याय का एहसास हुआ।

सोच-विचार के लिए

(क) आपके विचार से कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र कौन है और क्यों?

उत्तर: वृद्धा सबसे प्रभावशाली पात्र है। उसने बिना झगड़े अपनी बुद्धिमानी से ज़मींदार को उसकी गलती का एहसास करा दिया।

(ख) वृद्धा की पोती ने खाना क्यों छोड़ दिया था?

उत्तर: वह अपनी झोंपड़ी और अपने घर से बहुत प्रेम करती थी। झोंपड़ी छिन जाने के दुःख में उसने खाना-पीना छोड़ दिया था।

(ग) ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्जा कैसे किया?

उत्तर: उसने वकीलों की मदद ली और कानूनी दाँव-पेंच से अदालत के माध्यम से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया।

(घ) “महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। ज़मींदार साहब के सिर हिलाने पर उसने कहा…”। यहाँ ज़मींदार द्वारा सिर हिलाने की इस क्रिया का क्या अर्थ है?

उत्तर: सिर हिलाने का अर्थ था कि ज़मींदार ने वृद्धा की बात सुनने और उसकी विनती मानने की अनुमति दे दी।

(ङ) “किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने आगे बढ़े।” यहाँ ज़मींदार के व्यवहार में परिवर्तन का आरंभ दिखाई देता है। पहले ज़मींदार का व्यवहार कैसा था? इस घटना के बाद उसके व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: पहले ज़मींदार घमंडी और कठोर था। बाद में उसके मन में दया आई और उसे अपने अन्याय का एहसास होने लगा। अंत में उसने क्षमा माँगी और झोंपड़ी वापस कर दी।

(च) “उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।” ज़मींदार ने ऐसा क्यों किया?

उत्तर: वृद्धा की बात सुनकर ज़मींदार को अपने अन्याय का एहसास हुआ। उसे अपने किए पर पश्चाताप हुआ, इसलिए उसने क्षमा माँगी और झोंपड़ी वापस कर दी।

अनुमान और कल्पना से

(क) यदि वृद्धा की पोती ज़मींदार से स्वयं बात करती तो वह क्या कहती?

उत्तर: वह कहती कि यह झोंपड़ी हमारा घर है। इससे हमारी पुरानी यादें जुड़ी हैं। कृपया इसे हमें वापस दे दीजिए।

(ख) यदि आप ज़मींदार की जगह होते तो क्या करते?

उत्तर: मैं वृद्धा की स्थिति समझता और उसकी झोंपड़ी नहीं छीनता। जरूरत होने पर उससे मिलकर उचित समाधान खोजता।

(ग) ज़मींदार को टोकरी उठाने में सफलता क्यों नहीं मिली होगी?

उत्तर: टोकरी बहुत भारी थी और मिट्टी उसमें पूरी तरह भरी थी। कहानी में यह भार उसके किए हुए अन्याय के नैतिक भार का भी प्रतीक है।

(घ) “झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है…”। यहाँ केवल मिट्टी की बात की जा रही है या कुछ और बात भी छिपी है? (संकेत— मिट्टी किस बात का प्रतीक हो सकती है? मिट्टी के बहाने वृद्धा क्या कहना चाहती है?)

उत्तर: यहाँ केवल मिट्टी की बात नहीं है। मिट्टी झोंपड़ी, पुरानी यादों और जीवनभर के संबंध का प्रतीक है। वृद्धा कहना चाहती है कि पूरे घर को छीनने का भार बहुत बड़ा है।

(ङ) यह कहानी आज से लगभग सवा सौ साल पहले लिखी गई थी। इस कहानी के आधार पर बताइए कि भारत में स्त्रियों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा?

उत्तर: उस समय स्त्रियों को आर्थिक निर्भरता, संपत्ति पर अधिकार की कमी, सामाजिक असुरक्षा और पुरुषों के अन्याय जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा।

बदली कहानी

कल्पना कीजिए कि कहानी कैसे आगे बढ़ती—

  • यदि ज़मींदार टोकरी उठाने से मना कर देता
  • यदि ज़मींदार टोकरी उठा लेता
  • यदि ज़मींदार मिट्टी देने से मना कर देता
  • यदि ज़मींदार एक स्त्री होती
  • यदि पोती ज़मींदार से अपनी झोंपड़ी वापस माँगती

अपने समूह के साथ इनमें से किसी एक स्थिति को चुनकर चर्चा कीजिए। इस बदली हुई कहानी को मिलकर लिखिए।

उदाहरण उत्तर: यदि ज़मींदार टोकरी उठाने से मना कर देता, तो वृद्धा शांत रहती। वह कहती कि उसे केवल एक टोकरी मिट्टी चाहिए। उसकी बातों से ज़मींदार को धीरे-धीरे अपनी गलती का एहसास होता और वह वृद्धा की झोंपड़ी वापस करने का निर्णय लेता।

‘कि’ और ‘की’ का उपयोग

‘कि’ का प्रयोग जोड़ने वाले संयोजक के रूप में होता है।
उदाहरण: मुझे विश्वास है कि वह आएगा।

‘की’ संबंध बताने वाला शब्द है।
उदाहरण: वृद्धा की पोती।

1. वृद्धा ने कहा ________________ वह झोंपड़ी को लेने नहीं आई है।

उत्तर: कि

2. वह अपनी पोती ________________ चिंता में दुखी हो गई थी।

उत्तर: की

3. वृद्धा ने प्रार्थना ________________ ________________ टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए।

उत्तर: की, कि

4. पोती हमेशा कहती थी ________________ वह अपने घर में ही खाना खाएगी।

उत्तर: कि

5. झोंपड़ी________________ मिट्टी से वृद्धा चूल्हा बनाना चाहती थी।

उत्तर: की

6. उसे विश्वास था ________________ मिट्टी का चूल्हा देखकर पोती खाना खाने लगेगी।

उत्तर: कि

7. वृद्धा ________________ आँखों से आँसुओं ________________ धारा बहने लगी।

उत्तर: की, की

8. उसने यह सोचा ________________ झोंपड़ी से मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाऊँगी।

उत्तर: कि

9. वृद्धा के मन ________________ पीड़ा उसकी बातों में झलक रही थी।

उत्तर: की

10. ज़मींदार इतने लज्जित हुए ________________ टोकरी उठाने की बात मान ली।

उत्तर: कि

11. उस झोंपड़ी_______________ हर दीवार वृद्धा ________________ यादों से भरी थी।

उत्तर: की, की

मुहावरे

(क) इस वाक्य में मुहावरों की पहचान करके उन्हें रेखांकित कीजिए।

“बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।”
उत्तर: “बाल की खाल निकालना” और “थैली गरम करना” मुहावरे हैं।

(ख) ‘बाल’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।

मुहावरावाक्य
बाल बाँका न होनासड़क दुर्घटना में भी उसका बाल बाँका न हुआ।
बाल बराबरइस काम में भी बाल बराबर गलती नहीं होनी चाहिए।
बाल बराबर फर्क होनादोनों चित्रों में बाल बराबर फर्क है।
बाल-बाल बचनावह सड़क पर गिरते हुए बाल-बाल बच गया।

काल

काल: क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय का पता चले, उसे काल कहते हैं।

भूतकाल: कार्य पहले हो चुका है।
वर्तमान काल: कार्य अभी हो रहा है या सामान्य रूप से होता है।
भविष्य काल: कार्य आने वाले समय में होगा।

नीचे दिए गए वाक्यों को वर्तमान और भविष्य काल में बदलिए।

(क) वह गिड़गिड़ाकर बोली।

वर्तमान: वह गिड़गिड़ाकर बोलती है।
भविष्य: वह गिड़गिड़ाकर बोलेगी।

(ख) श्रीमान् ने आज्ञा दे दी।

वर्तमान: श्रीमान् आज्ञा दे देते हैं।
भविष्य: श्रीमान् आज्ञा दे देंगे।

(ग) उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।

वर्तमान: उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगती है।
भविष्य: उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगेगी।

(घ) ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई।

वर्तमान: ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होती है।
भविष्य: ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होगी।

(ङ) उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।

वर्तमान: वे वृद्धा से क्षमा माँगते हैं और उसकी झोंपड़ी वापस दे देते हैं।
भविष्य: वे वृद्धा से क्षमा माँगेंगे और उसकी झोंपड़ी वापस दे देंगे।

वचन की पहचान

“उनके मन में कुछ दया आ गई।”

“उनकी आँखें खुल गईं।”

उत्तर: “आ गई” एकवचन के अनुसार है क्योंकि “दया” एकवचन है। “खुल गईं” बहुवचन के अनुसार है क्योंकि “आँखें” बहुवचन है।

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में उपयुक्त शब्द भरिए।

(क) वृद्धा झोंपड़ी के भीतर ________________ । (गई/गईं)

उत्तर: गई

(ख) वृद्धा गिड़गिड़ाकर ________________ । (बोली/बोलीं)

उत्तर: बोली

(ग) पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया ________________ । (है/हैं)

उत्तर: है

(घ) उसकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी ________________ । (थी/थीं)

उत्तर: थी

(ङ) उसने अपनी टोकरी मिट्टी से भर ली और बाहर ले ________________ । (आई/आईं)

उत्तर: आई

(च) झोंपड़ी में बसी पुरानी यादें वृद्धा को रुला ________________ । (गई/गईं)

उत्तर: गईं

(छ) पाठक देख सकते हैं कि कैसे एक छोटी-सी टोकरी ने बड़े बदलाव ला दिए _______________। (है/हैं)

उत्तर: हैं

कहानी की रचना

(क) आपको इस कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। उन्हें अपने समूह के साथ मिलकर ढूँढ़िए और उनकी सूची बनाइए।

उत्तर:
  • प्रश्नोत्तरी शैली
  • वर्णनात्मकता
  • भावात्मकता
  • संवादात्मकता
  • नाटकीयता
  • चरित्र-चित्रण

(ख) इस कहानी की कुछ विशेषताओं को नीचे दिया गया है। इनके उदाहरण कहानी से चुनकर लिखिए।

कहानी की विशेषताकहानी से उदाहरण
प्रश्नोत्तरी शैली“उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?”
वर्णनात्मकतावृद्धा का झोंपड़ी में जाकर पुरानी यादों के कारण रोना।
भावात्मकतावृद्धा का अपनी झोंपड़ी से लगाव और ज़मींदार का पश्चाताप।
संवादात्मकतावृद्धा और ज़मींदार के बीच हुई बातचीत।
नाटकीयताज़मींदार का टोकरी उठाने की कोशिश करना और असफल होना।
चरित्र-चित्रणवृद्धा की समझदारी और ज़मींदार के व्यवहार में आया परिवर्तन।

शब्दकोश का उपयोग

नीचे दिए गए शब्दों के कहानी के अनुसार उपयुक्त अर्थ दिए गए हैं।

वाक्यरेखांकित शब्दकहानी के अनुसार अर्थ
श्रीमान् के सब प्रयत्न निष्फल हुए।श्रीमान्पुरुषों के नाम के पूर्व आदर सूचक शब्द
पतोहू भी एक पाँच बरस की कन्या को छोड़कर चल बसी थी।कन्यालड़की
ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई।महलराजा या रईस आदि का बड़ा भवन
वह तो कई ज़माने से वहीं बसी थी।ज़मानाबहुत अधिक समय
यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी।आधारसहारा

भावों की पहचान

“कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी…”

उत्तर: इस पंक्ति से पश्चाताप और क्षमा के भाव प्रकट होते हैं।
क्रमपंक्तियाँभाववाचक संज्ञा
1वह लज्जित होकर कहने लगे— ‘नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।’लज्जा / पछतावा
2वृद्धा के उपर्युक्त वचन सुनते ही उनकी आँखें खुल गईं।बोध / आत्मज्ञान
3उनके मन में कुछ दया आ गई।करुणा / दया
4इससे भरोसा है कि वह रोटी खाने लगेगी।आस्था / विश्वास
5महाराज क्षमा करें तो एक विनती है।विनम्रता / विनय
6अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी।ममता / स्नेह
7ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे।अहंकार / घमंड
8उस झोंपड़ी में उसका मन ऐसा कुछ लग गया था कि बिना मरे वहाँ से वह निकलना ही नहीं चाहती थी।जुड़ाव / मोह
9जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती तो मारे दुख के फूट-फूट कर रोने लगती थी।दुख / पीड़ा
10बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया।क्रूरता / अन्याय

वाक्य विस्तार

‘वृद्धा पहुँची।’ इस छोटे वाक्य को कहानी के अनुसार विस्तार देकर अधिक स्पष्ट बनाया जा सकता है।

वाक्यविस्तारित वाक्य
1. एक झोंपड़ी थी।महल के पास एक गरीब वृद्धा की छोटी-सी झोंपड़ी थी, जिसमें उसकी पुरानी यादें बसी थीं।
2. श्रीमान् टहल रहे थे।श्रीमान् अपनी झोंपड़ी के आसपास टहलते हुए नौकरों को अलग-अलग काम बता रहे थे।
3. वह खाने लगेगी।पुरानी झोंपड़ी की मिट्टी से बने चूल्हे पर रोटी देखकर पोती फिर से खाना खाने लगेगी।
4. वृद्धा भीतर गई।वृद्धा काँपते कदमों से अपनी पुरानी झोंपड़ी के भीतर गई और भावुक हो गई।
5. आगे बढ़े।ज़मींदार स्वयं टोकरी उठाने के लिए आगे बढ़े और पूरी शक्ति लगाने लगे।

संवाद फोन पर

(क) कल्पना कीजिए कि यह कहानी आज के समय की है। ज़मींदार वृद्धा की पोती को समझाना चाहता है कि वह जिद छोड़ दे और भोजन कर ले। उसने पोती को फोन किया है। अपनी कल्पना से दोनों की बातचीत लिखिए।

ज़मींदार: नमस्ते बेटी, तुम खाना क्यों नहीं खा रही हो?

पोती: मुझे अपना घर बहुत याद आता है। मैं वहीं खाना चाहती हूँ।

ज़मींदार: मुझे अब तुम्हारी परेशानी समझ आ रही है।

पोती: हमारा घर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

ज़मींदार: मैं अपनी गलती सुधारने की कोशिश करूँगा। तुम पहले भोजन कर लो।

पोती: यदि आप सच में हमारा घर वापस करेंगे तो मुझे बहुत खुशी होगी।

(ख) कल्पना कीजिए कि ज़मींदार और उसका कोई मित्र वृद्धा की झोंपड़ी हथियाने के बारे में मोबाइल पर लिखित संदेशों द्वारा चर्चा कर रहे हैं। मित्र उसे समझा रहा है कि वह झोंपड़ी न हड़पे। उनकी इस लिखित चर्चा को अपनी कल्पना से भाव मुद्रा के साथ लिखिए।

मित्र: इस विचार को छोड़ दो। तुम्हें आखिर किस बात की कमी है?

ज़मींदार: मुझे अपना अहाता बड़ा करना है।

मित्र: लेकिन वह वृद्धा कहाँ जाएगी?

ज़मींदार: मैंने इस बारे में नहीं सोचा।

मित्र: उसकी झोंपड़ी से उसकी पुरानी यादें जुड़ी हैं। तुम्हें उसकी परेशानी समझनी चाहिए।

ज़मींदार: तुम सही कह रहे हो। मुझे इस निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए।

पोती की भावनाएँ

(क) कहानी में वृद्धा की पोती एक महत्वपूर्ण पात्र है, भले ही उसका उल्लेख केवल एक-दो पंक्तियों में ही हुआ है। कल्पना कीजिए कि आप ही वह पोती हैं। आपको अपने घर से बहुत प्यार है। अपने घर को बचाने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।

सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय/महोदया
जिला __________

विषय: हमारे घर की रक्षा के संबंध में।

महोदय/महोदया,

हमारा घर हमारे परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हमारे परिवार की पुरानी यादें जुड़ी हैं। हम आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपना घर खोने के बाद बहुत कठिनाई में पड़ जाएँगे। कृपया हमारी स्थिति को समझकर उचित सहायता और न्याय प्रदान करने की कृपा करें।

धन्यवाद।

भवदीया
__________

(ख) मान लीजिए कि वृद्धा की पोती दैनंदिनी लिखती थी। कहानी की घटनाओं के आधार पर कल्पना कीजिए कि उसने अपनी डायरी में क्या लिखा होगा?

2 मई

आज दादी बहुत परेशान थीं। हमें अपनी झोंपड़ी छोड़नी पड़ी है। मुझे अपना घर बहुत याद आ रहा है। मेरी सभी पुरानी यादें उसी घर से जुड़ी हैं। मैंने दादी से कहा कि मैं अपने घर के बिना खाना नहीं खाऊँगी। दादी मुझे समझा रही हैं। मुझे आशा है कि एक दिन हमारा घर हमें वापस मिल जाएगा।

आपकी बात

(क) कहानी में वृद्धा की पोती अपने घर से बहुत प्यार करती थी। आपके घर से अपने लगाव का अनुभव बताइए।

उत्तर: मेरा घर मेरे लिए बहुत विशेष है। यहाँ मेरे परिवार के साथ बिताई हुई बहुत-सी अच्छी यादें जुड़ी हैं। इसलिए मुझे अपने घर से बहुत लगाव है।

(ख) क्या कभी आपको किसी स्थान, वस्तु या व्यक्ति से इतना लगाव हुआ है कि उसे छोड़ना मुश्किल लगा हो? अपना अनुभव साझा कीजिए।

उत्तर: हाँ, मुझे अपने पुराने विद्यालय से बहुत लगाव था। वहाँ बिताए समय और मित्रों की यादों के कारण उसे छोड़ना कठिन लगा था।

(ग) कहानी में ज़मींदार अपने किए पर पश्चाताप कर रहा है। क्या आपने कभी किसी को उनके किए पर पछताते हुए देखा है? उस घटना के बारे में बताइए। यह भी बताइए कि उस पश्चाताप का क्या परिणाम निकला?

उत्तर: मैंने एक व्यक्ति को अपनी गलती पर पछताते हुए देखा है। उसने अपनी गलती स्वीकार करके माफी माँगी। इससे संबंध फिर अच्छे हो गए।

(घ) क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने कोई काम गुस्से या अहंकार में किया हो और बाद में पछताए हों? फिर आपने क्या किया? उस अनुभव से आपने क्या सीखा?

उत्तर: कभी-कभी गुस्से में कही गई बात का बाद में पछतावा होता है। ऐसी स्थिति में माफी माँगना और अपनी गलती सुधारना सही तरीका है। मैंने सीखा कि निर्णय शांत मन से लेना चाहिए।

न्याय और समता

(क) क्या आपने किसी के साथ ऐसा अन्याय देखा, पढ़ा या सुना है? उसके बारे में बताइए।

उत्तर: मैंने ऐसे मामलों के बारे में पढ़ा है जहाँ कमजोर लोगों के अधिकारों को नज़रअंदाज़ किया जाता है। ऐसे मामलों में उचित सहायता और न्याय मिलना जरूरी है।

(ख) ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? आपके आस-पास के लोग क्या-क्या कर सकते हैं?

उत्तर: हम बड़े लोगों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे सकते हैं। लोग मिलकर पीड़ित व्यक्ति को सही सहायता और जानकारी दे सकते हैं।

(ग) “सच्ची शक्ति दया और न्याय में है।” इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर: केवल धन या ताकत ही सच्ची शक्ति नहीं है। दूसरों के साथ दया, समानता और न्याय से व्यवहार करना ही वास्तविक मानवीय शक्ति है।

घर-घर की कहानी

अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से उनके बचपन के घरों के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए। आज आप जिस घर में रह रहे हैं, उसमें वे कब से रह रहे हैं और यहाँ आने के पीछे क्या कहानी है, यह पूछिए।

मेरी दैनंदिनी

2 मई — आज दादी घर पर आईं तो बहुत परेशान थीं। मैंने बहुत पूछा। उन्होंने बताया…

उदाहरण: दादी ने बताया कि उनका बचपन एक छोटे से गाँव के घर में बीता था। उस घर में पूरा परिवार साथ रहता था। घर छोटा था, लेकिन सभी लोग बहुत खुश रहते थे।

पाठ से आगे

न्याय और करुणा से जुड़ी सहायता

“बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया।”

कहानी के इस प्रसंग को ध्यान में रखते हुए नागरिक शिकायत प्रक्रिया के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।

उत्तर: नागरिक अपनी समस्या के अनुसार संबंधित सरकारी विभाग में शिकायत कर सकते हैं। भारत सरकार का सार्वजनिक शिकायत पोर्टल भी नागरिक शिकायतों के लिए उपलब्ध है।
सार्वजनिक शिकायत सुविधा:
भारत सरकार का Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System नागरिकों को सरकारी विभागों से संबंधित शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है।

आज की पहेली

नीचे दिए गए अक्षरों से सार्थक शब्द बनाइए।

क्रमअक्षरउत्तर
1ट् क र् ई ओटोकरी
2य् आ ददया
3ई ल व क्वकील
4झ् ओ ई प ड़् अंझोंपड़ी
5ज द् आ म् ई र अंज़मींदार
6त् आ इ औ क ल्ताकत

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हमारे देश में हजारों सालों से कहानियाँ सुनी-सुनाई जाती रही हैं। सैकड़ों साल पहले लिखी गई कहानियों की पुस्तकें आज भी उपलब्ध हैं। ऐसी ही एक अद्भुत पुस्तक हितोपदेश है जो आज भी विश्व में मनोरंजन और ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से पढ़ी-पढ़ाई जाती है। अपने पुस्तकालय से हितोपदेश की कहानियों की पुस्तक खोजकर पढ़िए और इसकी कोई एक कहानी कक्षा में सुनाइए।

उत्तर: विद्यार्थी पुस्तकालय से हितोपदेश की कोई कहानी चुनकर पढ़ें और कक्षा में अपने शब्दों में सुनाएँ। उदाहरण के लिए “मित्रलाभ” से किसी कहानी को चुना जा सकता है। कहानी सुनाते समय उसके पात्र, घटनाएँ और सीख स्पष्ट रूप से बताएँ।

अध्याय के मुख्य शब्द

शब्दसरल अर्थ
अहाताकिसी घर या भवन के चारों ओर का स्थान
वृद्धाबुजुर्ग स्त्री
निष्फलजिसका कोई परिणाम न निकले
कब्जाकिसी स्थान पर अधिकार कर लेना
गिड़गिड़ानाबहुत विनती करना
करुणादूसरे के दुख को समझकर दया करना
पश्चातापगलती करने के बाद होने वाला दुख
अहंकारअपने धन या शक्ति पर घमंड
विनतीनम्र निवेदन
आधारसहारा

अध्याय से मिलने वाली सीख

  1. किसी कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए।
  2. धन और शक्ति का अहंकार नहीं करना चाहिए।
  3. दूसरों की भावनाओं और यादों का सम्मान करना चाहिए।
  4. गलती का एहसास होने पर क्षमा माँगनी चाहिए।
  5. समस्या का समाधान बुद्धिमानी और शांति से भी किया जा सकता है।
  6. दया, करुणा और न्याय मानव जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं।

CLASS 8 • HINDI

Chapter 6 Worksheet

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