Class 8 Hindi Malhar Chapter 6 एक टोकरी भर मिट्टी notes with easy explanations, NCERT book solutions, important questions and revision material for CBSE students.
एक टोकरी भर मिट्टी
लेखक — माधवराव सप्रे

अध्याय सारांश
‘एक टोकरी भर मिट्टी’ माधवराव सप्रे की प्रसिद्ध कहानी है। इसमें एक गरीब वृद्धा, उसकी पोती और एक धनी ज़मींदार की कहानी बताई गई है।
वृद्धा की झोंपड़ी ज़मींदार के महल के पास थी। ज़मींदार अपने महल का अहाता बढ़ाना चाहता था, इसलिए वह वृद्धा की झोंपड़ी हटवाना चाहता था। वृद्धा उस झोंपड़ी से बहुत जुड़ी हुई थी, क्योंकि उसके पति और पुत्र की मृत्यु वहीं हुई थी।
ज़मींदार ने कानूनी दाँव-पेंच के द्वारा झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया और वृद्धा को वहाँ से निकाल दिया। वृद्धा की पोती अपने घर से बहुत जुड़ी हुई थी और उसने खाना-पीना छोड़ दिया।
वृद्धा एक दिन ज़मींदार के पास गई और झोंपड़ी से केवल एक टोकरी मिट्टी ले जाने की अनुमति माँगी। वह उस मिट्टी से चूल्हा बनाकर अपनी पोती के लिए रोटी बनाना चाहती थी।
ज़मींदार ने अनुमति दे दी। वृद्धा ने टोकरी मिट्टी से भर ली और ज़मींदार से उसे उठाने में सहायता माँगी। ज़मींदार ने पूरी शक्ति लगाई, फिर भी वह टोकरी नहीं उठा सका।
वृद्धा ने समझाया कि जब वह एक टोकरी मिट्टी का भार नहीं उठा सकता, तो पूरी झोंपड़ी की हजारों टोकरियों मिट्टी का भार जीवन भर कैसे उठा सकेगा। उसके शब्दों से ज़मींदार को अपने अन्याय का एहसास हुआ।
ज़मींदार ने अपने किए पर पश्चाताप किया, वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस कर दी।
मुख्य पात्र
- वृद्धा: गरीब, दुखी लेकिन समझदार और आत्मसम्मान वाली स्त्री।
- ज़मींदार: धनवान व्यक्ति जो अहंकार में वृद्धा की झोंपड़ी लेना चाहता था।
- पोती: अपनी झोंपड़ी और उससे जुड़ी यादों से बहुत प्रेम करने वाली बालिका।
लेखक परिचय
पाठ से — मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) ज़मींदार को झोंपड़ी हटाने की आवश्यकता क्यों लगी?
- झोंपड़ी जर्जर हो चुकी थी
- झोंपड़ी रास्ते में बाधा थी
- वह अहाते का विस्तार करना चाहता था
- वृद्धा से उसका कोई पुराना झगड़ा था
(2) वृद्धा ने मिट्टी ले जाने की अनुमति कैसे माँगी?
- क्रोध और झगड़ा करके
- अदालत से अनुमति लेकर
- विनती और नम्रता से
- चुपचाप उठाकर ले गई
(3) वृद्धा की पोती का व्यवहार किस भाव को दर्शाता है?
- दया
- लगाव
- गुस्सा
- डर
(4) कहानी का अंत कैसा है?
- दुखद
- सुखद
- प्रेरणादायक
- सकारात्मक
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
मिलकर करें मिलान
पाठ में दिए गए वाक्यों के सबसे उपयुक्त निष्कर्ष नीचे दिए गए हैं।
| क्रम | वाक्य | सही निष्कर्ष |
|---|---|---|
| 1 | अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। | वृद्धावस्था में वृद्धा का सहारा उसकी पोती ही थी। |
| 2 | बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से उस झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया। | ज़मींदार ने वकीलों को पैसे देकर कानूनी दाँव-पेंच से झोंपड़ी पर कब्जा किया। |
| 3 | आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। | वृद्धा ने टोकरी को प्रतीक बनाकर ज़मींदार को उसके अन्याय का अनुभव कराया। |
| 4 | ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे। | धन और अहंकार ने ज़मींदार को मानवीयता और करुणा से दूर कर दिया था। |
| 5 | कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी। | अपने द्वारा किए अन्याय पर पछताकर ज़मींदार ने क्षमा माँगी। |
| 6 | उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे? | वृद्धा ने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि अन्याय का नैतिक भार उठाना आसान नहीं है। |
| 7 | कृपा करके इस टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए जिससे कि मैं उसे अपने सिर पर धर लूँ। | वृद्धा ने टोकरी उठाने में सहायता के लिए ज़मींदार से विनम्र निवेदन किया। |
| 8 | उसे पुरानी बातों का स्मरण हुआ और उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी। | झोंपड़ी में प्रवेश करते ही वृद्धा पुराने दिनों के कारण भावुक हो गई। |
(ख) अपने मित्रों के उत्तर से अपने उत्तर मिलाइए और चर्चा कीजिए कि आपने कौन-से निष्कर्षों का चुनाव किया है और क्यों?
पंक्तियों पर चर्चा
(क) “आपसे एक टोकरी भर मिट्टी नहीं उठाई जाती और इस झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?”
(ख) “ज़मींदार साहब पहले तो बहुत नाराज़ हुए, पर जब वह बार-बार हाथ जोड़ने लगी और पैरों पर गिरने लगी तो उनके भी मन में कुछ दया आ गई। किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने को आगे बढ़े। ज्यों ही टोकरी को हाथ लगाकर ऊपर उठाने लगे त्यों ही देखा कि यह काम उनकी शक्ति के बाहर है।”
सोच-विचार के लिए
(क) आपके विचार से कहानी का सबसे प्रभावशाली पात्र कौन है और क्यों?
(ख) वृद्धा की पोती ने खाना क्यों छोड़ दिया था?
(ग) ज़मींदार ने झोंपड़ी पर कब्जा कैसे किया?
(घ) “महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। ज़मींदार साहब के सिर हिलाने पर उसने कहा…”। यहाँ ज़मींदार द्वारा सिर हिलाने की इस क्रिया का क्या अर्थ है?
(ङ) “किसी नौकर से न कहकर आप ही स्वयं टोकरी उठाने आगे बढ़े।” यहाँ ज़मींदार के व्यवहार में परिवर्तन का आरंभ दिखाई देता है। पहले ज़मींदार का व्यवहार कैसा था? इस घटना के बाद उसके व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?
(च) “उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।” ज़मींदार ने ऐसा क्यों किया?
अनुमान और कल्पना से
(क) यदि वृद्धा की पोती ज़मींदार से स्वयं बात करती तो वह क्या कहती?
(ख) यदि आप ज़मींदार की जगह होते तो क्या करते?
(ग) ज़मींदार को टोकरी उठाने में सफलता क्यों नहीं मिली होगी?
(घ) “झोंपड़ी में तो हजारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है…”। यहाँ केवल मिट्टी की बात की जा रही है या कुछ और बात भी छिपी है? (संकेत— मिट्टी किस बात का प्रतीक हो सकती है? मिट्टी के बहाने वृद्धा क्या कहना चाहती है?)
(ङ) यह कहानी आज से लगभग सवा सौ साल पहले लिखी गई थी। इस कहानी के आधार पर बताइए कि भारत में स्त्रियों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा?
बदली कहानी
कल्पना कीजिए कि कहानी कैसे आगे बढ़ती—
- यदि ज़मींदार टोकरी उठाने से मना कर देता
- यदि ज़मींदार टोकरी उठा लेता
- यदि ज़मींदार मिट्टी देने से मना कर देता
- यदि ज़मींदार एक स्त्री होती
- यदि पोती ज़मींदार से अपनी झोंपड़ी वापस माँगती
अपने समूह के साथ इनमें से किसी एक स्थिति को चुनकर चर्चा कीजिए। इस बदली हुई कहानी को मिलकर लिखिए।
‘कि’ और ‘की’ का उपयोग
उदाहरण: मुझे विश्वास है कि वह आएगा।
‘की’ संबंध बताने वाला शब्द है।
उदाहरण: वृद्धा की पोती।
1. वृद्धा ने कहा ________________ वह झोंपड़ी को लेने नहीं आई है।
2. वह अपनी पोती ________________ चिंता में दुखी हो गई थी।
3. वृद्धा ने प्रार्थना ________________ ________________ टोकरी को ज़रा हाथ लगाइए।
4. पोती हमेशा कहती थी ________________ वह अपने घर में ही खाना खाएगी।
5. झोंपड़ी________________ मिट्टी से वृद्धा चूल्हा बनाना चाहती थी।
6. उसे विश्वास था ________________ मिट्टी का चूल्हा देखकर पोती खाना खाने लगेगी।
7. वृद्धा ________________ आँखों से आँसुओं ________________ धारा बहने लगी।
8. उसने यह सोचा ________________ झोंपड़ी से मिट्टी ले जाकर चूल्हा बनाऊँगी।
9. वृद्धा के मन ________________ पीड़ा उसकी बातों में झलक रही थी।
10. ज़मींदार इतने लज्जित हुए ________________ टोकरी उठाने की बात मान ली।
11. उस झोंपड़ी_______________ हर दीवार वृद्धा ________________ यादों से भरी थी।
मुहावरे
(क) इस वाक्य में मुहावरों की पहचान करके उन्हें रेखांकित कीजिए।
(ख) ‘बाल’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
| मुहावरा | वाक्य |
|---|---|
| बाल बाँका न होना | सड़क दुर्घटना में भी उसका बाल बाँका न हुआ। |
| बाल बराबर | इस काम में भी बाल बराबर गलती नहीं होनी चाहिए। |
| बाल बराबर फर्क होना | दोनों चित्रों में बाल बराबर फर्क है। |
| बाल-बाल बचना | वह सड़क पर गिरते हुए बाल-बाल बच गया। |
काल
भूतकाल: कार्य पहले हो चुका है।
वर्तमान काल: कार्य अभी हो रहा है या सामान्य रूप से होता है।
भविष्य काल: कार्य आने वाले समय में होगा।
नीचे दिए गए वाक्यों को वर्तमान और भविष्य काल में बदलिए।
(क) वह गिड़गिड़ाकर बोली।
भविष्य: वह गिड़गिड़ाकर बोलेगी।
(ख) श्रीमान् ने आज्ञा दे दी।
भविष्य: श्रीमान् आज्ञा दे देंगे।
(ग) उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगी।
भविष्य: उसकी आँखों से आँसू की धारा बहने लगेगी।
(घ) ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई।
भविष्य: ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा होगी।
(ङ) उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।
भविष्य: वे वृद्धा से क्षमा माँगेंगे और उसकी झोंपड़ी वापस दे देंगे।
वचन की पहचान
“उनके मन में कुछ दया आ गई।”
“उनकी आँखें खुल गईं।”
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में उपयुक्त शब्द भरिए।
(क) वृद्धा झोंपड़ी के भीतर ________________ । (गई/गईं)
(ख) वृद्धा गिड़गिड़ाकर ________________ । (बोली/बोलीं)
(ग) पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया ________________ । (है/हैं)
(घ) उसकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी ________________ । (थी/थीं)
(ङ) उसने अपनी टोकरी मिट्टी से भर ली और बाहर ले ________________ । (आई/आईं)
(च) झोंपड़ी में बसी पुरानी यादें वृद्धा को रुला ________________ । (गई/गईं)
(छ) पाठक देख सकते हैं कि कैसे एक छोटी-सी टोकरी ने बड़े बदलाव ला दिए _______________। (है/हैं)
कहानी की रचना
(क) आपको इस कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ दिखाई देंगी। उन्हें अपने समूह के साथ मिलकर ढूँढ़िए और उनकी सूची बनाइए।
- प्रश्नोत्तरी शैली
- वर्णनात्मकता
- भावात्मकता
- संवादात्मकता
- नाटकीयता
- चरित्र-चित्रण
(ख) इस कहानी की कुछ विशेषताओं को नीचे दिया गया है। इनके उदाहरण कहानी से चुनकर लिखिए।
| कहानी की विशेषता | कहानी से उदाहरण |
|---|---|
| प्रश्नोत्तरी शैली | “उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?” |
| वर्णनात्मकता | वृद्धा का झोंपड़ी में जाकर पुरानी यादों के कारण रोना। |
| भावात्मकता | वृद्धा का अपनी झोंपड़ी से लगाव और ज़मींदार का पश्चाताप। |
| संवादात्मकता | वृद्धा और ज़मींदार के बीच हुई बातचीत। |
| नाटकीयता | ज़मींदार का टोकरी उठाने की कोशिश करना और असफल होना। |
| चरित्र-चित्रण | वृद्धा की समझदारी और ज़मींदार के व्यवहार में आया परिवर्तन। |
शब्दकोश का उपयोग
नीचे दिए गए शब्दों के कहानी के अनुसार उपयुक्त अर्थ दिए गए हैं।
| वाक्य | रेखांकित शब्द | कहानी के अनुसार अर्थ |
|---|---|---|
| श्रीमान् के सब प्रयत्न निष्फल हुए। | श्रीमान् | पुरुषों के नाम के पूर्व आदर सूचक शब्द |
| पतोहू भी एक पाँच बरस की कन्या को छोड़कर चल बसी थी। | कन्या | लड़की |
| ज़मींदार साहब को अपने महल का अहाता उस झोंपड़ी तक बढ़ाने की इच्छा हुई। | महल | राजा या रईस आदि का बड़ा भवन |
| वह तो कई ज़माने से वहीं बसी थी। | ज़माना | बहुत अधिक समय |
| यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। | आधार | सहारा |
भावों की पहचान
“कृतकर्म का पश्चाताप कर उन्होंने वृद्धा से क्षमा माँगी…”
| क्रम | पंक्तियाँ | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|
| 1 | वह लज्जित होकर कहने लगे— ‘नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।’ | लज्जा / पछतावा |
| 2 | वृद्धा के उपर्युक्त वचन सुनते ही उनकी आँखें खुल गईं। | बोध / आत्मज्ञान |
| 3 | उनके मन में कुछ दया आ गई। | करुणा / दया |
| 4 | इससे भरोसा है कि वह रोटी खाने लगेगी। | आस्था / विश्वास |
| 5 | महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। | विनम्रता / विनय |
| 6 | अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। | ममता / स्नेह |
| 7 | ज़मींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे। | अहंकार / घमंड |
| 8 | उस झोंपड़ी में उसका मन ऐसा कुछ लग गया था कि बिना मरे वहाँ से वह निकलना ही नहीं चाहती थी। | जुड़ाव / मोह |
| 9 | जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती तो मारे दुख के फूट-फूट कर रोने लगती थी। | दुख / पीड़ा |
| 10 | बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया। | क्रूरता / अन्याय |
वाक्य विस्तार
‘वृद्धा पहुँची।’ इस छोटे वाक्य को कहानी के अनुसार विस्तार देकर अधिक स्पष्ट बनाया जा सकता है।
| वाक्य | विस्तारित वाक्य |
|---|---|
| 1. एक झोंपड़ी थी। | महल के पास एक गरीब वृद्धा की छोटी-सी झोंपड़ी थी, जिसमें उसकी पुरानी यादें बसी थीं। |
| 2. श्रीमान् टहल रहे थे। | श्रीमान् अपनी झोंपड़ी के आसपास टहलते हुए नौकरों को अलग-अलग काम बता रहे थे। |
| 3. वह खाने लगेगी। | पुरानी झोंपड़ी की मिट्टी से बने चूल्हे पर रोटी देखकर पोती फिर से खाना खाने लगेगी। |
| 4. वृद्धा भीतर गई। | वृद्धा काँपते कदमों से अपनी पुरानी झोंपड़ी के भीतर गई और भावुक हो गई। |
| 5. आगे बढ़े। | ज़मींदार स्वयं टोकरी उठाने के लिए आगे बढ़े और पूरी शक्ति लगाने लगे। |
संवाद फोन पर
(क) कल्पना कीजिए कि यह कहानी आज के समय की है। ज़मींदार वृद्धा की पोती को समझाना चाहता है कि वह जिद छोड़ दे और भोजन कर ले। उसने पोती को फोन किया है। अपनी कल्पना से दोनों की बातचीत लिखिए।
ज़मींदार: नमस्ते बेटी, तुम खाना क्यों नहीं खा रही हो?
पोती: मुझे अपना घर बहुत याद आता है। मैं वहीं खाना चाहती हूँ।
ज़मींदार: मुझे अब तुम्हारी परेशानी समझ आ रही है।
पोती: हमारा घर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
ज़मींदार: मैं अपनी गलती सुधारने की कोशिश करूँगा। तुम पहले भोजन कर लो।
पोती: यदि आप सच में हमारा घर वापस करेंगे तो मुझे बहुत खुशी होगी।
(ख) कल्पना कीजिए कि ज़मींदार और उसका कोई मित्र वृद्धा की झोंपड़ी हथियाने के बारे में मोबाइल पर लिखित संदेशों द्वारा चर्चा कर रहे हैं। मित्र उसे समझा रहा है कि वह झोंपड़ी न हड़पे। उनकी इस लिखित चर्चा को अपनी कल्पना से भाव मुद्रा के साथ लिखिए।
मित्र: इस विचार को छोड़ दो। तुम्हें आखिर किस बात की कमी है?
ज़मींदार: मुझे अपना अहाता बड़ा करना है।
मित्र: लेकिन वह वृद्धा कहाँ जाएगी?
ज़मींदार: मैंने इस बारे में नहीं सोचा।
मित्र: उसकी झोंपड़ी से उसकी पुरानी यादें जुड़ी हैं। तुम्हें उसकी परेशानी समझनी चाहिए।
ज़मींदार: तुम सही कह रहे हो। मुझे इस निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए।
पोती की भावनाएँ
(क) कहानी में वृद्धा की पोती एक महत्वपूर्ण पात्र है, भले ही उसका उल्लेख केवल एक-दो पंक्तियों में ही हुआ है। कल्पना कीजिए कि आप ही वह पोती हैं। आपको अपने घर से बहुत प्यार है। अपने घर को बचाने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।
सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय/महोदया
जिला __________
विषय: हमारे घर की रक्षा के संबंध में।
महोदय/महोदया,
हमारा घर हमारे परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हमारे परिवार की पुरानी यादें जुड़ी हैं। हम आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपना घर खोने के बाद बहुत कठिनाई में पड़ जाएँगे। कृपया हमारी स्थिति को समझकर उचित सहायता और न्याय प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीया
__________
(ख) मान लीजिए कि वृद्धा की पोती दैनंदिनी लिखती थी। कहानी की घटनाओं के आधार पर कल्पना कीजिए कि उसने अपनी डायरी में क्या लिखा होगा?
2 मई
आज दादी बहुत परेशान थीं। हमें अपनी झोंपड़ी छोड़नी पड़ी है। मुझे अपना घर बहुत याद आ रहा है। मेरी सभी पुरानी यादें उसी घर से जुड़ी हैं। मैंने दादी से कहा कि मैं अपने घर के बिना खाना नहीं खाऊँगी। दादी मुझे समझा रही हैं। मुझे आशा है कि एक दिन हमारा घर हमें वापस मिल जाएगा।
आपकी बात
(क) कहानी में वृद्धा की पोती अपने घर से बहुत प्यार करती थी। आपके घर से अपने लगाव का अनुभव बताइए।
(ख) क्या कभी आपको किसी स्थान, वस्तु या व्यक्ति से इतना लगाव हुआ है कि उसे छोड़ना मुश्किल लगा हो? अपना अनुभव साझा कीजिए।
(ग) कहानी में ज़मींदार अपने किए पर पश्चाताप कर रहा है। क्या आपने कभी किसी को उनके किए पर पछताते हुए देखा है? उस घटना के बारे में बताइए। यह भी बताइए कि उस पश्चाताप का क्या परिणाम निकला?
(घ) क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने कोई काम गुस्से या अहंकार में किया हो और बाद में पछताए हों? फिर आपने क्या किया? उस अनुभव से आपने क्या सीखा?
न्याय और समता
(क) क्या आपने किसी के साथ ऐसा अन्याय देखा, पढ़ा या सुना है? उसके बारे में बताइए।
(ख) ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं? आपके आस-पास के लोग क्या-क्या कर सकते हैं?
(ग) “सच्ची शक्ति दया और न्याय में है।” इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
घर-घर की कहानी
अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से उनके बचपन के घरों के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए। आज आप जिस घर में रह रहे हैं, उसमें वे कब से रह रहे हैं और यहाँ आने के पीछे क्या कहानी है, यह पूछिए।
मेरी दैनंदिनी
2 मई — आज दादी घर पर आईं तो बहुत परेशान थीं। मैंने बहुत पूछा। उन्होंने बताया…
पाठ से आगे
न्याय और करुणा से जुड़ी सहायता
“बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर कब्जा कर लिया।”
कहानी के इस प्रसंग को ध्यान में रखते हुए नागरिक शिकायत प्रक्रिया के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
भारत सरकार का Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System नागरिकों को सरकारी विभागों से संबंधित शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है।
आज की पहेली
नीचे दिए गए अक्षरों से सार्थक शब्द बनाइए।
| क्रम | अक्षर | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | ट् क र् ई ओ | टोकरी |
| 2 | य् आ द | दया |
| 3 | ई ल व क् | वकील |
| 4 | झ् ओ ई प ड़् अं | झोंपड़ी |
| 5 | ज द् आ म् ई र अं | ज़मींदार |
| 6 | त् आ इ औ क ल् | ताकत |
खोजबीन के लिए
हमारे देश में हजारों सालों से कहानियाँ सुनी-सुनाई जाती रही हैं। सैकड़ों साल पहले लिखी गई कहानियों की पुस्तकें आज भी उपलब्ध हैं। ऐसी ही एक अद्भुत पुस्तक हितोपदेश है जो आज भी विश्व में मनोरंजन और ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से पढ़ी-पढ़ाई जाती है। अपने पुस्तकालय से हितोपदेश की कहानियों की पुस्तक खोजकर पढ़िए और इसकी कोई एक कहानी कक्षा में सुनाइए।
अध्याय के मुख्य शब्द
| शब्द | सरल अर्थ |
|---|---|
| अहाता | किसी घर या भवन के चारों ओर का स्थान |
| वृद्धा | बुजुर्ग स्त्री |
| निष्फल | जिसका कोई परिणाम न निकले |
| कब्जा | किसी स्थान पर अधिकार कर लेना |
| गिड़गिड़ाना | बहुत विनती करना |
| करुणा | दूसरे के दुख को समझकर दया करना |
| पश्चाताप | गलती करने के बाद होने वाला दुख |
| अहंकार | अपने धन या शक्ति पर घमंड |
| विनती | नम्र निवेदन |
| आधार | सहारा |
अध्याय से मिलने वाली सीख
- किसी कमजोर व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए।
- धन और शक्ति का अहंकार नहीं करना चाहिए।
- दूसरों की भावनाओं और यादों का सम्मान करना चाहिए।
- गलती का एहसास होने पर क्षमा माँगनी चाहिए।
- समस्या का समाधान बुद्धिमानी और शांति से भी किया जा सकता है।
- दया, करुणा और न्याय मानव जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं।
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