class 9 hindi chapter 1 notes and book solutions

दो बैलों की कथा

कक्षा 9 हिंदी — गद्य खंड

लेखक — प्रेमचंद

सरल नोट्स एवं संपूर्ण पुस्तक-समाधान

अध्याय-सारांश

कहानी का सार:
‘दो बैलों की कथा’ प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी है। इसमें हीरा और मोती नामक दो बैलों की गहरी मित्रता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता-प्रेम और एक-दूसरे के प्रति त्याग को दिखाया गया है।

हीरा और मोती झूरी के बैल थे। दोनों बहुत मेहनती, सुंदर और समझदार थे तथा उनमें गहरा भाईचारा था। जब झूरी ने उन्हें अपने साले गया के घर भेजा, तो दोनों को लगा कि उन्हें बेच दिया गया है। नए स्थान पर उन्हें अच्छा भोजन और अपनापन नहीं मिला। वे रस्सियाँ तोड़कर झूरी के घर वापस आ गए।

गया के घर उन्हें बहुत मारा गया और सूखा भूसा दिया गया। एक छोटी लड़की चोरी से उन्हें रोटियाँ खिलाती थी। बाद में उसी लड़की ने उनकी रस्सियाँ खोल दीं। हीरा और मोती वहाँ से भाग निकले।

रास्ते में दोनों का सामना एक शक्तिशाली साँड़ से हुआ। दोनों ने मिलकर उसका सामना किया और उसे हरा दिया। इसके बाद वे मटर के खेत में चले गए, जहाँ लोगों ने उन्हें पकड़कर काँजीहाउस में बंद कर दिया।

काँजीहाउस में उन्हें भोजन नहीं मिला। हीरा और मोती ने दीवार तोड़कर दूसरे पशुओं को भी मुक्त कर दिया। मोती ने अपने मित्र हीरा को छोड़ने से भी इनकार कर दिया और उसके साथ ही बंधा रहा।

अंत में दोनों बैलों की नीलामी हुई। उन्हें एक दढ़ियल आदमी खरीदकर ले गया, लेकिन रास्ते में उन्हें अपना परिचित घर दिखाई दिया। दोनों तेजी से झूरी के घर पहुँच गए। झूरी ने उन्हें प्रेम से गले लगा लिया। दढ़ियल उन्हें ले जाने लगा तो मोती ने उसका विरोध किया। अंततः हीरा और मोती फिर अपने घर पहुँच गए और उन्हें भरपूर चारा मिला।

मुख्य संदेश: सच्ची मित्रता, स्वतंत्रता, स्वाभिमान, करुणा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं।

लेखक — प्रेमचंद

  • मूल नाम — धनपत राय
  • जन्म — 1880, लमही (वाराणसी)
  • प्रमुख रचनाकार और कथाकार
  • प्रमुख उपन्यास — सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कायाकल्प, निर्मला, गबन, कर्मभूमि, गोदान
  • कहानियाँ — ‘मानसरोवर’ के आठ भागों में संकलित
  • निधन — 1936

मुख्य पात्र

हीरा मोती झूरी गया छोटी लड़की झूरी की पत्नी दढ़ियल आदमी

हीरा और मोती की विशेषताएँ

हीरामोती
धैर्यवानगुस्सैल
सहनशीलस्वाभिमानी
शांतसाहसी
समझदारमित्र के प्रति समर्पित

मुख्य विषय

  • सच्ची मित्रता
  • स्वतंत्रता की इच्छा
  • स्वाभिमान
  • अन्याय का विरोध
  • पशुओं के प्रति प्रेम और करुणा
  • त्याग और सहयोग
  • स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीकात्मक संबंध

महत्त्वपूर्ण प्रतीक

हीरा और मोती — भारतीय जनता के संघर्ष, एकता और स्वतंत्रता-प्रेम के प्रतीक माने जा सकते हैं।
नोट्स

पृष्ठ 16–17 — अभ्यास

मेरे उत्तर मेरे तर्क

1. कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है?
(क) प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता
(ख) एकता और सहयोग
(ग) गर्व और दंभ
(घ) विद्रोह और क्रोध
उत्तर — (ख) एकता और सहयोग।
दोनों बैल हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देते हैं और मिलकर समस्याओं का सामना करते हैं।
2. हीरा-मोती ने नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया?
(क) उन्हें भरपेट भोजन दिया गया।
(ख) उन्हें बहुत मोटी रस्सी से बाँधा गया।
(ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
(घ) उन्हें अलग-अलग बाँधा गया।
उत्तर — (ग) मालिक ने बेचा, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
वे झूरी के घर को अपना घर मानते थे और नए स्थान पर अपनापन नहीं मिला।
3. बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया?
(क) कष्टों से बचने के लिए
(ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए
(ग) अभिमान की रक्षा के लिए
(घ) अपनापन पाने के लिए
उत्तर — (ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए।
वे बंधन और पराएपन से परेशान थे, इसलिए स्वतंत्र होकर अपने घर लौटना चाहते थे।
4. गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक है?
(क) स्वाभिमान
(ख) अहिंसा
(ग) पराधीनता
(घ) अन्याय की रक्षा
उत्तर — (क) स्वाभिमान।
मोती अन्यायपूर्ण मार को सहन नहीं करना चाहता था।
5. कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया?
(क) कहानी को रोचक बनाने के लिए
(ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए
(ग) संवादों को छोटा रखने के लिए
(घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
उत्तर — (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए।
इससे बैलों के विचारों और भावनाओं को मानवीय रूप मिलता है।
6. ‘दो बैलों की कथा’ को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं?
(क) भारत पर अंग्रेजों के क्रूर और अन्यायपूर्ण शासन के
(ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के
(ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलन के
(घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
उत्तर — (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के।
दोनों बंधन से मुक्ति के लिए संघर्ष करते हैं, इसलिए वे स्वतंत्रता-प्रेमी जनता के प्रतीक हैं।

मेरी समझ मेरे विचार

1. “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
उत्तर: नए मालिक के यहाँ उन्हें प्रेम और अपनापन नहीं मिला। उन्हें मारा जाता था और सूखा भूसा दिया जाता था। इसलिए उन्होंने काम करने से इनकार करके अपना विरोध प्रकट किया।
2. “गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्त्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है। कैसे?
उत्तर: दोनों बैल रस्सियाँ तोड़कर बहुत दूर से अपने पुराने घर लौट आए। इससे उनका झूरी के प्रति प्रेम और घर के प्रति अपनापन दिखाई देता है। झूरी भी उन्हें देखकर बहुत खुश हुआ।
3. “मोती ने मूक-भाषा में कहा— अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!” ‘कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है’ इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
उत्तर: अन्याय और बंधन से मुक्ति के लिए हीरा और मोती ने रस्सियाँ तोड़ीं, साँड़ का मिलकर सामना किया और काँजीहाउस की दीवार तोड़कर पशुओं को मुक्त किया। इससे स्पष्ट है कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष आवश्यक है।
4. “जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया…” हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।
उत्तर: वे दोनों भावनाओं से प्रेरित थे, लेकिन अपनापन उनके लिए अधिक महत्त्वपूर्ण था। स्वतंत्र होने के बाद भी वे बार-बार झूरी के घर लौटना चाहते थे। अंत में अपने घर पहुँचकर उन्हें सबसे अधिक खुशी मिली।
5. “बैलो ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” ‘अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है’— क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
उत्तर: हाँ, मैं सहमत हूँ। यदि अन्याय को हमेशा चुपचाप सहा जाए तो अत्याचारी का साहस बढ़ता है। अन्याय का शांतिपूर्ण और उचित विरोध करना आवश्यक है।
6. “बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अभिन्नमित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? कम से कम तीन बिंदु लिखिए।
उत्तर:
  1. दोनों हमेशा साथ रहते और एक-दूसरे को समझते थे।
  2. वे कष्ट में एक-दूसरे का साथ देते थे।
  3. मोती ने काँजीहाउस में हीरा को अकेला छोड़ने से मना कर दिया।
  4. दोनों ने मिलकर साँड़ का सामना किया।
7. “उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए।” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
उत्तर: छोटी लड़की दयालु और संवेदनशील थी। वह चोरी से बैलों को रोटियाँ खिलाती और उनकी मदद करती थी। मालकिन पहले कठोर थी और बैलों को सूखा भूसा देती थी, लेकिन अंत में उसने भी प्रेम से उनके माथे चूमे।
पृष्ठ 16–17

पृष्ठ 18 — मेरी कल्पना मेरे अनुमान

1. “उसने उनके माथे सहलाए और बोली– खोल देती हूँ। चुपके से भाग जाओ…” यदि आप वह छोटी लड़की होते, तो बैलों की मदद किस प्रकार करते?
उत्तर: मैं उन्हें चुपचाप खोल देता/देती, उन्हें थोड़ा भोजन-पानी देता/देती और सुरक्षित रास्ते से उनके घर जाने में मदद करता/करती। साथ ही किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को भी उनके साथ हुए अत्याचार की जानकारी देता/देती।
2. “दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए अपने विचार लिखिए।
उत्तर: हाँ, मैं सहमत हूँ। कई बार डर के कारण व्यक्ति उपलब्ध अवसर का लाभ नहीं उठा पाता। कहानी में गधों के सामने भागने का अवसर था, फिर भी वे डर के कारण वहीं खड़े रहे। साहस हमें सही अवसर का उपयोग करना सिखाता है।

मेरे अनुभव मेरे विचार

1. “दोस्तों में घनिष्ठता होते ही धौल-धप्पा होने लगता है। इसके बिना दोस्ती कुछ फुसफुसी, कुछ हल्की-सी रहती है, जिस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है? अपने अनुभवों के आधार पर बताइए।
उत्तर: मैं पूरी तरह सहमत नहीं हूँ। सच्ची दोस्ती केवल मजाक या धौल-धप्पे पर निर्भर नहीं करती। विश्वास, सम्मान, सहयोग और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना सच्ची दोस्ती की पहचान है।
2. “हीरा ने तिरस्कार किया– गिरे हुए बैरी पर सींग नहीं चलाना चाहिए।” “यह सब ढोंग है। बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे।” आपका इस संबंध में क्या विचार है? आप किसके साथ हैं— हीरा के या मोती के या दोनों के? क्यों?
उत्तर: मैं हीरा के विचार से अधिक सहमत हूँ। पराजित शत्रु पर अत्याचार करना उचित नहीं है। साहस के साथ अन्याय का सामना करना चाहिए, लेकिन बदले की भावना से हिंसा नहीं करनी चाहिए।
3. “हम और तुम इतने दिनो एक साथ रहे। आज तुम विपत्ति में पड़ गए तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ?” क्या कभी आपने किसी विपत्ति या चुनौती का सामना अपने किसी मित्र या परिजन के साथ मिलकर किया है? उस घटना के विषय में बताइए।
उत्तर: हाँ। एक बार पढ़ाई की कठिन समस्या को हल करने में मुझे कठिनाई हुई। मेरे मित्र ने मेरे साथ बैठकर प्रश्न समझाया और हमने मिलकर उसे हल किया। इससे मुझे सहयोग और सच्ची मित्रता का महत्त्व समझ आया।
पृष्ठ 18

पृष्ठ 18–20 — कहानी की पड़ताल

कहानी की विशेषता: कहानी किसी एक मुख्य भाव या विचार को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। ‘दो बैलों की कथा’ में स्वतंत्रता, मित्रता, स्वाभिमान और अन्याय के विरोध का भाव प्रमुख है।
आप कहानी लेखन की इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक कहानी का शीर्षक चुनिए और दिए गए मुख्य बिंदुओं को पूरा कीजिए—
बिंदुउत्तर का उदाहरण
शीर्षक और लेखकसच्ची मित्रता — विद्यार्थी द्वारा रचित
विषयकठिन समय में मित्र का साथ
क्रिया/कार्यदो मित्र मिलकर समस्या का समाधान करते हैं।
परिवेश/देश-काल और मुख्य विचारआधुनिक विद्यालय; सहयोग और मित्रता
चरित्र/पात्रदो मित्र, शिक्षक और परिवार
परिणाममित्रों की समस्या हल हो जाती है।

कहानी का सौंदर्य

विशेषताविशेषता का अर्थउदाहरण 1उदाहरण 2
चित्रात्मक भाषाशब्दों से पाठक के मन में स्पष्ट चित्र बनाना।घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं।सहसा घर का द्वार खुला और वही लड़की निकली।
संवादात्मकतापात्रों के विचार और भाव बातचीत से व्यक्त करना।मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!
विरोधाभासएक ही प्रसंग में विपरीत बातें दिखाई देना।झूरी बैलों को देखकर स्नेह से गदगद हो गया।झूरी की स्त्री बैलों को देखकर जल उठी।
व्यंग्यकटाक्ष द्वारा दोष या अन्याय को दिखाना।भारतवासियों की अफ्रीका में क्या दुर्दशा हो रही है?इंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते तो शायद सभ्य कहलाते।
संघर्षविरोधी शक्तियों या विचारों का टकराव।बैल बनाम साँड़बैल बनाम अत्याचार
अतिशयोक्तिकिसी बात को बहुत बढ़ाकर कहना।उसकी टिटकार पर दोनों उड़ने लगते थे।फूल की छड़ी से भी न छूता था।
संदेह/उलझनजब पात्र निर्णय नहीं कर पाता।यह कैसा स्वामी है?भागें या न भागें?

कहानी की रचना

  • मुख्य चरित्र — हीरा और मोती
  • मुख्य भाव — मित्रता और स्वतंत्रता
  • मुख्य संघर्ष — अन्याय और बंधन के विरुद्ध संघर्ष
  • परिवेश — ग्रामीण जीवन
  • परिणाम — दोनों बैल अपने घर लौट आते हैं।
पृष्ठ 18–20

पृष्ठ 20–21 — कहानी का समय और समाज

स्वतंत्रता आंदोलन से संबंध: कहानी में बैलों का बंधन, अत्याचार के विरुद्ध उनका विद्रोह और स्वतंत्रता पाने का संघर्ष भारतीय जनता के स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ा जा सकता है।

मिलान

कहानी में से वाक्यस्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ाव
1. जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ।6. स्वतंत्रता सेनानी बार-बार जेल गए, फाँसी पर चढ़े, पर संघर्ष छोड़ने को तैयार नहीं हुए।
2. मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।5. स्वतंत्रता के लिए प्राण देना स्वीकार्य था, पर अंग्रेजों की सेवा में लगना अस्वीकार्य।
3. हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता।4. दासता के काल में भारतीयों के प्राण, सम्मान और अधिकारों की कोई महत्ता नहीं थी।
4. दोनों मित्रों की आँखों में, रोम-रोम में विद्रोह भरा हुआ था।2. भारतीय जनता के मन में ब्रिटिश शासन के प्रति विद्रोह धीरे-धीरे गहराता गया।
5. इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगे।1. भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया, जिससे लाखों भारतीयों में आजादी की प्रेरणा जगी।
6. साँड़ पूरा हाथी है… पर दोनों मित्र जान हथेलियों पर लेकर लपके।3. ब्रिटिश साम्राज्य बहुत शक्तिशाली था, फिर भी स्वतंत्रता सेनानियों ने साहसपूर्वक उसका सामना किया।

पशुओं के लिए कानून

1. बैलों का काँजीहाउस में बंद होना न्याय और अन्याय दोनों को दर्शाता है। कैसे?
उत्तर: बैलों का दूसरे के खेत में जाना नियम के विरुद्ध था, इसलिए उन्हें पकड़ना नियम के अनुसार था। लेकिन उन्हें भोजन न देना और बहुत कमजोर होने तक रखना अन्याय था। पशुओं के साथ भी दया और उचित व्यवहार होना चाहिए।
2. यदि आपको अवसर मिले तो आप बैलों की ओर से कौन-कौन से कानूनी अधिकार माँगेंगे?
उत्तर:
  • पर्याप्त भोजन और पानी का अधिकार।
  • मारपीट और क्रूरता से सुरक्षा।
  • उचित विश्राम का अधिकार।
  • बीमारी या चोट में उपचार का अधिकार।
  • सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार।
3. मान लीजिए कि हीरा-मोती अपने साथ हुए अन्याय की शिकायत करना चाहते हैं। उनकी ओर से थानाध्यक्ष को करते हुए एक पत्र लिखिए।
उत्तर:

सेवा में,
थानाध्यक्ष महोदय,
थाना — __________

विषय: हमारे साथ हुए अत्याचार की शिकायत।

महोदय,
हमारा नाम हीरा और मोती है। हमें हमारे मालिक से दूर ले जाकर बहुत मारा गया और पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। हमें रस्सियों से बाँधकर रखा गया। बाद में काँजीहाउस में भी हमें भोजन नहीं मिला। हमारे साथ बहुत अन्याय हुआ है। कृपया हमारी सुरक्षा और उचित देखभाल की व्यवस्था करें।

धन्यवाद।
भवदीय
हीरा और मोती
पृष्ठ 20–21

पृष्ठ 21–22 — हमारी धरोहर और संस्कृति

1. “वह अपना धर्म छोड़ दे लेकिन हम अपना धर्म क्यों छोड़ें!” कहानी के अनुसार हीरा और मोती सदैव ध्यान रखते थे कि कौन-से कार्य करने योग्य हैं और कौन-से नहीं। वे कौन-कौन से कार्य कभी नहीं करते थे?
उत्तर: वे निर्दोष पर हमला नहीं करते थे, गिरे हुए शत्रु पर वार नहीं करते थे और औरत पर सींग नहीं चलाते थे। वे अपने साथी को संकट में छोड़कर नहीं भागते थे।
2. “गिरे हुए बैरी पर सींग नहीं चलाना चाहिए।” “लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।” हीरा के ये कथन किन भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं?
उत्तर: ये कथन दया, क्षमा, संयम, मर्यादा, नारी-सम्मान और नैतिकता जैसे भारतीय मूल्यों की ओर संकेत करते हैं।
3. “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता”
(क) खेतों में जुताई के लिए बैल और हल कृषि के पारंपरिक उपकरण हैं। कृषि के अन्य पारंपरिक और आधुनिक उपकरणों तथा उनके उपयोग के विषय में पता लगाइए और लिखिए।

पारंपरिक उपकरणों में हल, बैलगाड़ी, हँसिया, कुदाल और फावड़ा आते हैं। आधुनिक उपकरणों में ट्रैक्टर, सीड ड्रिल, हार्वेस्टर, थ्रेशर और सिंचाई पंप प्रमुख हैं।

(ख) भारत में बैल केवल पशु नहीं बल्कि कृषि संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। लिखिए कि भारतीय गाँवों एवं शहरों में भी बैल किस-किस काम में सहायक होते हैं?

बैल खेत जोतने, बैलगाड़ी खींचने, सामान ढोने, फसल पहुँचाने और ग्रामीण परिवहन में सहायक रहे हैं। कई ग्रामीण परंपराओं और त्योहारों में भी उनका महत्त्व है।

अलग-अलग और साथ-साथ

1. “दो-चार बार मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा; पर हीरा ने संभाल लिया। वह ज्यादा सहनशील था।” कहानी के आधार पर हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए।
हीरामोती
धैर्यवानगुस्सैल
सहनशीलस्वाभिमानी
शांतसाहसी
समझदारतुरंत प्रतिक्रिया देने वाला
2. हीरा और मोती की विशेषताएँ कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ अलग हैं, किंतु उनकी भिन्न विशेषताएँ एक-दूसरे को पूरा करती हैं। कैसे?
उत्तर: दोनों मेहनती, वफादार, मित्रवत और स्वतंत्रता-प्रेमी थे। हीरा शांत और सहनशील था, जबकि मोती साहसी और जल्दी क्रोधित होने वाला था। दोनों के गुण मिलकर उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनाते थे।
3. आपकी कक्षा में भी कुछ-कुछ समान और कुछ-कुछ भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी हैं। सबकी आवश्यकताएँ भी थोड़ी समान और थोड़ी भिन्न हैं। बताइए कि आप भिन्न विशेषताओं वाले सहपाठी से अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं? उनसे पता कीजिए कि वे आपसे अपने लिए कैसा व्यवहार चाहते हैं?
उत्तर: मैं चाहता हूँ कि मेरे सहपाठी मेरा सम्मान करें, मेरी बात सुनें और आवश्यकता पड़ने पर मेरी सहायता करें। बदले में मैं भी उनके विचारों और विशेषताओं का सम्मान करूँगा तथा पढ़ाई और खेल में सहयोग दूँगा।
4. “दोनों आमने-सामने या आस-पास बैठे हुए एक-दूसरे से मूक-भाषा में विचार-विनिमय करते थे।” कहानी में अनेक स्थानों पर ‘मूक-भाषा’ का उल्लेख किया गया है। आपके विचार से हीरा और मोती किस प्रकार आपस में बातें किया करते होंगे? अनुमान और कल्पना से बताइए।
उत्तर: वे आँखों, कानों, गर्दन, पूँछ और सींगों की हलचल से संकेत करते होंगे। एक-दूसरे को देखकर, सूँघकर और शरीर की गतिविधियों से अपनी भावनाएँ बताते होंगे।
5. आप भी अनेक अवसरों पर बिना शब्दों का उच्चारण किए संवाद करते हैं। कब-कब? कहाँ-कहाँ? कुछ उदाहरण लिखिए।
उत्तर: मुस्कान से खुशी, सिर हिलाकर सहमति, हाथ के इशारे से बुलाना, आँखों के संकेत से चेतावनी देना और चेहरे के भाव से दुख या खुशी व्यक्त करना मूक संवाद के उदाहरण हैं।
पृष्ठ 21–23

पृष्ठ 23 — मार्ग खोजेंगे कैसे?

1. हीरा-मोती अपने घर के मार्ग से भटक गए थे। क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप रास्ता भूल गए या भटक गए? तब आपने अपने मार्ग का पता कैसे लगाया था?
उत्तर: एक बार मैं रास्ता भूल गया/गई था/थी। मैंने आसपास के लोगों से पता पूछा और मोबाइल के मानचित्र की सहायता ली। इस प्रकार मुझे सही रास्ता मिल गया।
2. यदि कोई व्यक्ति भटक जाए तो उसे क्या करना चाहिए कि वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच जाए। कक्षा में चर्चा कीजिए और लिखिए।
उत्तर:
  • घबराना नहीं चाहिए।
  • विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता माँगनी चाहिए।
  • ऑनलाइन मानचित्र का उपयोग करना चाहिए।
  • पुलिस या किसी सरकारी भवन की सहायता लेनी चाहिए।
  • सड़क के सूचना-पट और दुकानों के पते ध्यान से देखने चाहिए।
  • अपना पता और फोन नंबर सुरक्षित रखना चाहिए।
3. आपके विद्यालय में आपदा की स्थिति में निकासी का मार्ग दर्शाने वाला मानचित्र अवश्य होगा। उसे ध्यानपूर्वक देखिए और पता लगाइए कि आपदा की स्थिति में आपकी कक्षा के सबसे निकट और सुरक्षित कौन-सा मार्ग है।
उत्तर: इसका उत्तर अपने विद्यालय के निकासी मानचित्र को देखकर लिखें। सबसे निकट वाले सुरक्षित निकास द्वार और खुले स्थान तक जाने वाले मार्ग को चुनें।

हीरा और मोती की दैनंदिनी

1. हीरा या मोती की नजर से उस दिन की डायरी लिखिए जब उन्हें काँजीहाउस ले जाया गया।
उत्तर:
आज का दिन…
आज हमें काँजीहाउस में बंद कर दिया गया। पूरे दिन खाने को कुछ नहीं मिला। पेट में बहुत भूख लगी और शरीर कमजोर हो गया। हमें समझ नहीं आया कि हमारे साथ ऐसा व्यवहार क्यों हो रहा है। फिर भी मैं अपने मित्र हीरा/मोती के साथ हूँ, इसलिए हिम्मत नहीं हारूँगा। हमें विश्वास है कि एक दिन हम फिर अपने घर पहुँचेंगे।

आज के समाचार

2. मान लीजिए आप एक स्थानीय समाचार पत्र के संवाददाता हैं। अपने समाचार पत्र के लिए बैलों के काँजीहाउस से भागने का समाचार लिखिए।
उत्तर:
दो बहादुर बैलों ने तोड़ी बेड़ियाँ
स्थानीय संवाददाता: कल रात काँजीहाउस में बंद हीरा और मोती नामक दो बैलों ने साहस दिखाते हुए दीवार तोड़ दी। दीवार टूटते ही कई पशु बाहर निकल गए। दोनों बैलों ने अपने मित्र पशुओं को भी मुक्त किया। इस घटना से आसपास के लोगों में चर्चा फैल गई। बाद में दोनों बैल अपने घर की ओर निकल गए।

कहानी का नया अंत

3. यदि बैल वापस न लौटते तो कहानी का अंत कैसे होता? कहानी का नया अंत लिखिए।
उत्तर: यदि हीरा और मोती वापस न लौटते, तो वे किसी दयालु किसान के घर पहुँच सकते थे। किसान उन्हें भोजन और प्रेम देता। झूरी उन्हें बहुत याद करता और उनके लौटने की प्रतीक्षा करता। दोनों बैल नई जगह सुरक्षित रहते, लेकिन अपने पुराने घर और झूरी को हमेशा याद करते।

चित्रकथा लेखन

4. नीचे ‘दो बैलों की कथा’ की एक घटना को चित्रकथा के रूप में दिया गया है। इन घटनाओं को पहचानिए। प्रत्येक घटना के लिए उपयुक्त संवाद और घटनाक्रम बताने वाले वाक्य लिखिए।
चित्र 1 — बंद करना: हीरा और मोती को काँजीहाउस में बंद कर दिया गया।
चित्र 2 — भागने की योजना: हीरा — “हमें यहाँ से निकलने का उपाय करना होगा।”
चित्र 3 — दीवार तोड़ना: दोनों बैल सींगों से दीवार पर जोर लगाते हैं।
चित्र 4 — आजादी: मोती — “अब हम आजाद हैं!”
घटनाक्रम: बंधन → योजना → दीवार तोड़ना → पशुओं की मुक्ति → आजादी।
पृष्ठ 23–24

पृष्ठ 25 — व्याकरण की बात

मेरे शब्द — कहानी में से पाँच ऐसे शब्द चुनकर लिखिए जो आपके लिए बिल्कुल नए हैं। अब उन शब्दों के अर्थ अपने अनुमान से लिखिए। इसके बाद उनके अर्थ शब्दकोश में से देखकर लिखिए।
शब्दसरल अर्थ
निरापदसुरक्षित, बिना खतरे का
विषादउदासी
आत्मीयताअपनापन
ताकीदबार-बार चेतावनी देना
बेतहाशाबहुत तेजी से

भाषा गढ़ते मुहावरे

नोट: नीचे दिए गए वाक्यों में मुहावरे पहचानकर उनके अर्थ और नए वाक्य लिखे गए हैं।
1. “झूरी के साले गया को घर तक गोई ले जाने में दाँतों पसीना आ गया।”
मुहावरा: दाँतों पसीना आना — बहुत कठिनाई होना।
नया वाक्य: कठिन प्रश्न हल करने में मेरे दाँतों पसीना आ गया।
2. “उसका चेहरा देखकर अंतर्ज्ञान से दोनों मित्रों के दिल काँप उठे।”
मुहावरा: दिल काँप उठना — बहुत डर जाना।
नया वाक्य: तेज आवाज सुनकर मेरा दिल काँप उठा।
3. “झूरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।”
मुहावरा: जल उठना — ईर्ष्या या क्रोध होना।
नया वाक्य: दूसरे को पुरस्कार मिला तो वह जल उठा।
4. “मोती दिल में ऐंठकर रह गया।”
मुहावरा: दिल में ऐंठकर रह जाना — मन में क्रोध या पीड़ा दबाकर रह जाना।
नया वाक्य: वह अपमान सहकर दिल में ऐंठकर रह गया।
5. “आएगा तो दूर ही से खबर लूँगा। देखूँ कैसे ले जाता है।”
मुहावरा: खबर लेना — सबक सिखाना या सामना करना।
नया वाक्य: गलत काम करने वाले की शिक्षक ने खबर ली।
6. “जी तोड़कर काम करते हैं, किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करते, चार बातें सुनकर गुम खा जाते हैं।”
मुहावरा: जी तोड़कर काम करना — बहुत मेहनत करना।
नया वाक्य: सफलता के लिए हमें जी तोड़कर मेहनत करनी चाहिए।
7. “अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो शायद सभ्य कहलाने लगते।”
मुहावरा: ईंट का जवाब पत्थर से देना — कठोरता का कठोरता से उत्तर देना।
नया वाक्य: अन्याय के विरुद्ध हमें उचित तरीके से ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए।
8. “तो फिर वहीं मरो। बंदा तो नौ-दो ग्यारह होता है।”
मुहावरा: नौ-दो ग्यारह होना — भाग जाना।
नया वाक्य: पुलिस को देखकर चोर नौ-दो ग्यारह हो गया।
पृष्ठ 25–26

पृष्ठ 26–27 — गतिविधियाँ

1. कविता (गीत) और अभिनंदन-पत्र

(क) मान लीजिए कि बाल-सभा ने हीरा और मोती की प्रशंसा में एक गीत लिखा और गाया। अपनी कल्पना से वह गीत लिखिए।

उत्तर:
हीरा-मोती वीर हमारे,
सच्चे साथी प्यारे-प्यारे।
संकट में न साथ छोड़ा,
बंधन का हर द्वार तोड़ा।
साहस से आगे बढ़ते,
मिलकर हर मुश्किल से लड़ते।
मित्रता का पाठ पढ़ाया,
सबको प्रेम का अर्थ बताया।

(ख) हीरा और मोती के लिए अभिनंदन-पत्र लिखिए।

अभिनंदन-पत्र

प्रिय हीरा और मोती,
तुम्हारे साहस, मित्रता, स्वाभिमान और एक-दूसरे के प्रति प्रेम के लिए बाल-सभा की ओर से तुम्हें हार्दिक अभिनंदन। तुमने कठिन परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा और अन्य पशुओं की भी सहायता की। तुम हम सभी के लिए प्रेरणा हो।

बाल-सभा
2. बाल सभा में भाषण

मान लीजिए कि आपको बाल-सभा ने हीरा-मोती के लौटने के बाद भाषण देने के लिए बुलाया है। भाषण का विषय है— ‘पशुओं के अधिकार’। अपना भाषण लिखिए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:
आदरणीय शिक्षकगण और मेरे प्रिय साथियों,

आज मैं ‘पशुओं के अधिकार’ विषय पर अपने विचार रखना चाहता/चाहती हूँ। पशु भी जीवित प्राणी हैं और उन्हें भोजन, पानी, आराम तथा सुरक्षित जीवन का अधिकार है। हमें उनके साथ मारपीट या क्रूरता नहीं करनी चाहिए। घायल पशुओं की सहायता करनी चाहिए और उन्हें प्रेम तथा दया से रखना चाहिए।

हीरा और मोती की कहानी हमें सिखाती है कि पशुओं में भी भावनाएँ, मित्रता और स्वाभिमान होता है। इसलिए हमें पशुओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

धन्यवाद।
3. शीर्षक — इस कहानी के पाँच भाग हैं। कहानी के प्रत्येक भाग को अपने मन से उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
भागउपयुक्त शीर्षक
भाग 1हीरा-मोती की मित्रता और घर से विदाई
भाग 2अन्याय के विरुद्ध विद्रोह
भाग 3साँड़ से मुकाबला
भाग 4काँजीहाउस की दीवार टूटी
भाग 5अपने घर की सुखद वापसी

मेरी पहेली

अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों— हीरा, झूरी, मोती, गया, बैल, मटर, रस्सी, रोटी
  1. हीरा: मैं कहानी का एक बैल हूँ, मोती मेरा मित्र है। मैं कौन हूँ? — हीरा
  2. झूरी: मैं दोनों बैलों का मालिक हूँ। मैं कौन हूँ? — झूरी
  3. मोती: मैं हीरा का सबसे अच्छा साथी हूँ। मैं कौन हूँ? — मोती
  4. गया: मैं बैलों को अपने घर ले गया था। मैं कौन हूँ? — गया
  5. बैल: मैं खेत जोतने में किसान की सहायता करता हूँ। मैं कौन हूँ? — बैल
  6. मटर: हीरा-मोती ने भागने के बाद मुझे खेत में खाया। मैं कौन हूँ? — मटर
  7. रस्सी: पशुओं को बाँधने के लिए मेरा प्रयोग होता है। मैं कौन हूँ? — रस्सी
  8. रोटी: छोटी लड़की ने बैलों को मुझे खिलाया। मैं कौन हूँ? — रोटी
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पृष्ठ 27 — भाषा संगम

“कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है।” नीचे ‘बैल’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
भाषाशब्द
हिंदीबैल
संस्कृतवृषभ
पंजाबीबओलद / बल्द
उर्दूबैल
कश्मीरीदोंद
सिंधीढ़गो
मराठीबैल
गुजरातीबळद
कोंकणीबैल
नेपालीगोरु
बांग्लाबलद
असमियाषाँड़ / बलध
मणिपुरीशन लाबा
ओड़िआबलद
तेलुगुएद्दं
तमिलएरुदु / काळै
मलयालमकाळ
कन्नड़एत्तु
इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बैल’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उत्तर: अंग्रेज़ी — Bullock / Ox
उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
उत्तर का उदाहरण: अपनी मातृभाषा में ‘कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आता है।’ लिखें।

शब्द-संपदा — आसान अर्थ

शब्दसरल अर्थ
निरापदसुरक्षित
सहिष्णुतासहनशीलता
विषादउदासी
पराकाष्ठासबसे ऊँची सीमा
कदाचित्शायद
चौकससावधान
आत्मीयताअपनापन
नाँदपशुओं को चारा देने का बड़ा पात्र
पगहापशु बाँधने की रस्सी
कनखीतिरछी निगाह
चरनीचारा-पानी देने की जगह
गराँवगले में डालने वाली रस्सी
प्रतिवादविरोध
ताकीदचेतावनी
टिटकारनापशु को चलाने के लिए आवाज करना
तेवरक्रोधपूर्ण भाव
थानपशुओं के बाँधने की जगह
बरकतवृद्धि / लाभ
बेतहाशाबहुत तेजी से
व्याकुलबहुत परेशान
रगेदनाभगाना / खदेड़ना
तजरबाअनुभव
मल्लयुद्धकुश्ती
ग्रासकौर / निवाला
मेड़खेत की सीमा
काँजीहाउसआवारा या पकड़े गए पशुओं को रखने का बाड़ा
तृप्तिसंतोष
दहकजलती हुई लपट
उजड्डपनअशिष्टता
बूतासामर्थ्य / शक्ति
आजमानापरीक्षा करना
चेतहोश / सावधानी
डुग्गीछोटा बाजा
उन्मत्तबहुत उत्तेजित / मतवाला
नीलामबोली लगाकर बेचना
अख्तियारअधिकार
परीक्षा के लिए याद रखें:
‘दो बैलों की कथा’ का मुख्य संदेश है कि सच्ची मित्रता कठिन समय में साथ देती है और स्वतंत्रता तथा स्वाभिमान के लिए अन्याय का विरोध करना आवश्यक है।
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अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्न — त्वरित पुनरावृत्ति

हीरा और मोती कौन थे?
वे झूरी के दो बैल थे और बहुत घनिष्ठ मित्र थे।

दोनों में कैसा संबंध था?
उनमें गहरा भाईचारा, प्रेम और सहयोग था।

वे गया के घर से क्यों भागे?
वहाँ उन्हें अत्याचार, मार और पर्याप्त भोजन का अभाव सहना पड़ता था।

छोटी लड़की ने क्या किया?
उसने उन्हें रोटियाँ खिलाईं और उनकी रस्सियाँ खोलकर भागने में सहायता की।

साँड़ से उन्होंने कैसे मुकाबला किया?
दोनों ने मिलकर अलग-अलग दिशाओं से उस पर हमला किया और उसे भगा दिया।

काँजीहाउस में क्या हुआ?
उन्होंने दीवार तोड़कर कई पशुओं को मुक्त किया।

मोती ने हीरा का साथ क्यों नहीं छोड़ा?
क्योंकि दोनों सच्चे मित्र थे और संकट में एक-दूसरे को छोड़ना नहीं चाहते थे।

कहानी का अंत कैसे हुआ?
दोनों बैल अपने पुराने मालिक झूरी के घर वापस पहुँच गए और उन्हें प्रेम तथा भरपूर भोजन मिला।

अध्याय की सीख

  • सच्ची मित्रता सुख-दुख में साथ देती है।
  • स्वतंत्रता हर जीव के लिए महत्त्वपूर्ण है।
  • अन्याय का विरोध करना चाहिए।
  • पशुओं में भी भावनाएँ होती हैं।
  • दया और करुणा मानवता की पहचान हैं।
  • एकता और सहयोग से कठिन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
अध्याय पुनरावृत्ति