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कदम मिलाकर चलना होगा

कक्षा 8 हिंदी — मल्हार

कदम मिलाकर चलना होगा — पूरी कविता

बाधाएँ आती हैं आएँ,
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पाँवों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों से हँसते-हँसते,
आग लगाकर जलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

हास्य-रुदन में, तूफानों में,
अमर असंख्य बलिदानों में,
उद्यानों में, वीरानों में,
अपमानों में, सम्मानों में,
उन्नत मस्तक, उभरा सीना,
पीड़ाओं में पलना होगा!
कदम मिलाकर चलना होगा।

उजियारे में, अंधकारों में,
कल कछार में, बीच धार में,
घोर घृणा में, पूत प्यार में,
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,
जीवन के शत-शत आकर्षक,
अरमानों को दलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

सम्मुख फैला अमर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इत अथ,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न माँगते,
पावस बनकर ढलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

कुश-काँटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुवन,
पर-हित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,
जलना होगा, गलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

— अटल बिहारी वाजपेयी
(भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रसिद्ध कवि और लेखक)

कविता का संक्षिप्त सारांश

इस कविता में कवि जीवन के संघर्षों का सामना साहस, धैर्य और एकता के साथ करने का संदेश देते हैं। जीवन में बाधाएँ, कठिनाइयाँ, दुख, अपमान और असफलताएँ आएँ, फिर भी हमें अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।

कवि कहते हैं कि हमें सुख-दुख, जीत-हार, सम्मान-अपमान और उजाले-अँधेरे सभी परिस्थितियों में समान भाव से आगे बढ़ते रहना चाहिए। अपने स्वार्थ को छोड़कर दूसरों के हित में भी काम करना चाहिए।

मुख्य संदेश: जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी साहस और एकता के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

कविता की मुख्य बातें

  • कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए।
  • सुख और दुख दोनों में समान भाव रखना चाहिए।
  • जीवन के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
  • असफलता को देखकर प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए।
  • एकता और सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
  • दूसरों के हित के लिए कार्य करना चाहिए।
  • अपने स्वार्थ का त्याग करके समाज के लिए योगदान देना चाहिए।

संबंधित प्रश्न-उत्तर

1. कविता में कवि ने किन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने की बात कही है?
उत्तर: कवि ने बाधाओं, तूफानों, दुख, अपमान, असफलता और कठिनाइयों में भी आगे बढ़ने की बात कही है।
2. “कदम मिलाकर चलना होगा” का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि हमें एकता और सहयोग के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
3. “पाँवों के नीचे अंगारे” से क्या भाव प्रकट होता है?
उत्तर: इससे जीवन की अत्यंत कठिन परिस्थितियों का भाव प्रकट होता है।
4. कवि सुख-दुख के प्रति किस प्रकार का भाव रखने को कहते हैं?
उत्तर: कवि सुख-दुख दोनों में समान और संतुलित भाव रखने को कहते हैं।
5. कवि असफलता के बारे में क्या संदेश देते हैं?
उत्तर: कवि कहते हैं कि असफलता से निराश होकर प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए।
6. “उन्नत मस्तक, उभरा सीना” से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: इसका तात्पर्य साहस, आत्मविश्वास और स्वाभिमान से है।
7. “सब कुछ देकर कुछ न माँगते” में कवि क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर: कवि निस्वार्थ भाव से अपना योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।
8. कविता में “अमर ध्येय पथ” किसका प्रतीक है?
उत्तर: यह जीवन के महान और निरंतर लक्ष्य की ओर बढ़ने का प्रतीक है।
9. “पर-हित अर्पित अपना तन-मन” का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है दूसरों के कल्याण के लिए अपना तन-मन समर्पित करना।
10. कविता का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: कविता का मुख्य संदेश है कि कठिनाइयों में भी एकता, साहस, धैर्य और निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ते रहना चाहिए।
11. कविता में किन विपरीत परिस्थितियों का उल्लेख हुआ है?
उत्तर: उजियारा-अंधकार, जीत-हार, अपमान-सम्मान और सुख-दुख जैसी विपरीत परिस्थितियों का उल्लेख हुआ है।
12. कविता हमें जीवन में किस प्रकार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है?
उत्तर: यह कविता हमें कठिनाइयों का सामना करते हुए एकजुट होकर निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।

कविता की सीख

“कठिनाइयों से घबराए बिना, एकता और साहस के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम मिलाकर आगे बढ़ते रहना चाहिए।”