Class 8 Hindi Malhar Chapter 8 नए मेहमान Notes and Book Solutions | NCERT CBSE

Class 8 Hindi Malhar Chapter 8 नए मेहमान notes and book solutions with easy explanations, question answers, important meanings and NCERT-based study material for CBSE students.

कक्षा 6 हिंदी मल्हार

अध्याय 8 — नए मेहमान

लेखक — उदयशंकर भट्ट

एकांकी

अध्याय का सारांश

‘नए मेहमान’ उदयशंकर भट्ट द्वारा लिखी गई एक हास्यप्रधान एकांकी है। इसमें विश्‍वनाथ और उनकी पत्नी रेवती एक छोटे से किराए के मकान में रहते हैं। गर्मी बहुत अधिक है और घर में पर्याप्त जगह तथा सुविधाएँ नहीं हैं। इसी समय नन्हेमल और बाबूलाल नाम के दो अपरिचित व्यक्ति अचानक उनके घर पहुँच जाते हैं।

विश्‍वनाथ उन्हें पहचानते नहीं हैं, फिर भी अतिथि समझकर घर में बैठा लेते हैं। दोनों अतिथि बार-बार पानी, भोजन और नहाने की व्यवस्था माँगते हैं। इससे विश्‍वनाथ और रेवती को परेशानी होती है। पड़ोसी भी छत पर पानी फैलने के कारण शिकायत करता है।

बातचीत से धीरे-धीरे पता चलता है कि नन्हेमल और बाबूलाल वास्तव में विश्‍वनाथ के परिचित नहीं हैं। वे गलत पते पर आ गए हैं। वे किसी कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना चाहते थे। अंत में प्रमोद उन्हें सही घर तक पहुँचाने जाता है।

उनके जाने के तुरंत बाद रेवती का भाई, जो वास्तव में आने वाला अतिथि था, वहाँ पहुँचता है। उसने तार भेजकर आने की सूचना दी थी, लेकिन वह समय पर नहीं पहुँची। इस प्रकार एकांकी में हास्य के साथ अतिथि-सत्कार, शहरी जीवन की परेशानियाँ, गर्मी, सीमित साधन और सावधानी का संदेश दिया गया है।

भारतीय परिवार द्वारा अतिथि का स्वागत

अतिथि-सत्कार की भावना

पात्र परिचय

पात्रपरिचय
विश्‍वनाथघर के मुखिया। वे सरल, विनम्र और अतिथि-सत्कार करने वाले व्यक्ति हैं।
रेवतीविश्‍वनाथ की पत्नी। वह घर और बच्चों की जिम्मेदारी सँभालती हैं और अस्वस्थ होने पर भी अतिथि के लिए भोजन बनाने को तैयार हो जाती हैं।
प्रमोदविश्‍वनाथ का बेटा। वह अतिथियों के लिए पानी लाता है और अपनी छोटी बहन का ध्यान रखता है।
किरणविश्‍वनाथ की बेटी।
नन्हेमलगलत पते पर पहुँचने वाला अतिथि। वह बहुत बातें करता है और गर्मी तथा भूख-प्यास की शिकायत करता रहता है।
बाबूलालनन्हेमल का साथी। वह भी गलत पते पर आ जाता है और अतिथि की तरह सुविधाएँ माँगता है।
आगंतुकरेवती का भाई। वही वास्तविक अतिथि है, जिसके आने की सूचना तार से भेजी गई थी।
पड़ोसीविश्‍वनाथ का पड़ोसी, जो उनकी छत पर पानी फैलने और बार-बार होने वाली असुविधा से परेशान है।

स्थान और समय

स्थान: भारत का कोई बड़ा नगर।

समय: गर्मी की ऋतु, रात के लगभग आठ बजे।

मुख्य स्थान: विश्‍वनाथ का छोटा किराए का मकान।

लेखक परिचय

उदयशंकर भट्ट

उदयशंकर भट्ट

उदयशंकर भट्ट का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ था। उनके परिवार में साहित्यिक वातावरण था। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे और नाटकों तथा फिल्मों में अभिनय भी किया। उन्होंने कविता और उपन्यास भी लिखे, लेकिन नाटक और एकांकी के क्षेत्र में उन्हें विशेष प्रसिद्धि मिली।

उनकी चर्चित रचनाओं में लोक-परलोक और पर्दे के पीछे शामिल हैं।

पाठ के मुख्य बिंदु

  • यह एक हास्यप्रधान एकांकी है।
  • एकांकी में केवल एक अंक या भाग होता है।
  • कहानी मुख्य रूप से संवादों के माध्यम से आगे बढ़ती है।
  • नन्हेमल और बाबूलाल गलत पते पर पहुँच जाते हैं।
  • विश्‍वनाथ उन्हें पहचानते नहीं हैं, फिर भी अतिथि समझकर घर में रखते हैं।
  • घर छोटा है और गर्मी बहुत अधिक है।
  • रेवती अस्वस्थ होने के बावजूद अतिथि-सत्कार करना चाहती है।
  • प्रमोद जिम्मेदारी से अतिथियों की सहायता करता है।
  • पड़ोसी अतिथियों के कारण हुई असुविधा से परेशान है।
  • अंत में पता चलता है कि नन्हेमल और बाबूलाल गलत घर में आ गए थे।
  • वास्तविक अतिथि रेवती का भाई था।

मेरी समझ से

1. आगंतुकों ने विश्‍वनाथ के बच्चों को ‘सीधे लड़के’ किस संदर्भ में कहा?
अतिथियों की सेवा करने के कारण
किसी तरह का प्रश्न न करने के कारण
आज्ञाकारिता के भाव के कारण
गर्मी को चुपचाप सहने के कारण
उत्तर: अतिथियों की सेवा करने के कारण, आज्ञाकारिता के भाव के कारण और गर्मी को चुपचाप सहने के कारण।
2. “एक ये पड़ोसी हैं, निर्दयी…” विश्‍वनाथ ने अपने पड़ोसी को निर्दयी क्यों कहा?
उन्हें कष्ट में देखकर प्रसन्न होते हैं
पड़ोसी किसी प्रकार का सहयोग नहीं करते हैं
लड़ने-झगड़ने के अवसर ढूँढ़ते हैं
अतिथियों का अपमान करते हैं
उत्तर: क्योंकि विश्‍वनाथ को लगता है कि पड़ोसी उनके परिवार की कठिनाइयों में सहयोग नहीं करते और उनकी परेशानी देखकर भी सहानुभूति नहीं रखते।
3. “ईश्वर करें इन दिनों कोई मेहमान न आए।” रेवती इस तरह की कामना क्यों कर रही है?
मेहमान के ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के कारण
रेवती का स्वास्थ्य कुछ समय से ठीक न होने के कारण
अतिथियों के आने से घर का कार्य बढ़ जाने के कारण
उसे अतिथियों का आना-जाना पसंद न होने के कारण
उत्तर: मेहमान के ठहरने की उचित व्यवस्था न होने, रेवती के खराब स्वास्थ्य और घर का काम बढ़ जाने के कारण।
4. “हे भगवान! कोई मुसीबत न आ जाए।” रेवती कौन-सी मुसीबत नहीं आने के लिए कहती है?
पानी की कमी होने की
पड़ोसियों के चिल्लाने की
मेहमानों के आने की
गर्मी के कारण बीमारी की
उत्तर: मेहमानों के आने की मुसीबत से। रेवती पहले से ही गर्मी, बीमारी और घर की कम जगह के कारण परेशान है।
5. इस एकांकी के आधार पर बताएँ कि मुख्य रूप से कौन-सी बात किसी रचना को नाटक का रूप देती है?
संवाद
कथा
वर्णन
मंचन
उत्तर: संवाद।
(ख) हो सकता है कि आप सभी ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अब अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर: अलग-अलग उत्तरों के पीछे अलग-अलग तर्क हो सकते हैं। हमें अपने उत्तर का कारण बताकर दूसरों के विचार भी ध्यान से सुनने चाहिए। नाटक में संवाद, अभिनय और मंचन सभी महत्वपूर्ण होते हैं।

पंक्तियों पर चर्चा

“पानी पीते-पीते पेट फूला जा रहा है, और प्यास है कि बुझने का नाम नहीं लेती।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि बहुत अधिक गर्मी के कारण व्यक्ति बार-बार पानी पी रहा है, फिर भी उसकी प्यास नहीं बुझ रही है।
“सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि पूरे शहर में बहुत तेज और असहनीय गर्मी पड़ रही है।
“यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं।”
उत्तर: इसका अर्थ है कि घर के लोग अत्यधिक गर्मी और कठिन परिस्थितियों को मजबूरी में सह रहे हैं।
“आह, अब जान में जान आई। सचमुच गर्मी में पानी ही तो जान है।”
उत्तर: ठंडा पानी पीने के बाद नन्हेमल को बहुत राहत मिली। इसलिए वह कहता है कि गर्मी में पानी बहुत जरूरी है।

मिलकर करें मिलान

स्तंभ 1सही भाव
1. लाखों के आदमी खाक में मिल गए।बहुत ही समृद्ध व्यक्ति थे पर अब उनके पास कुछ भी नहीं है।
2. धोती ऐसी चर्ररा रही है, जैसे पुरानी हो।कपड़ा पसीने से भीगकर पुराने जैसा हो गया है।
3. माल-मसाला तो अंटी में है न?धनराशि सुरक्षित तो है न?
4. खाने में क्या देर-दार है।भोजन की व्यवस्था कब तक हो जाएगी?
5. पहले आत्मा फिर परमात्मा।पहले अपना ध्यान फिर दूसरा काम।

सोच-विचार के लिए

(क) “शहर में तो ऐसे ही मकान होते हैं।” नन्हेमल का ‘ऐसे ही मकान’ से क्या आशय है?
उत्तर: उसका आशय छोटे, तंग और कम सुविधाओं वाले शहर के मकानों से है, जहाँ जगह कम होती है और कई लोगों को सीमित स्थान में रहना पड़ता है।
(ख) पड़ोसी को विश्‍वनाथ से किस तरह की शिकायत है? आपके विचार से पड़ोसी का व्यवहार उचित है या अनुचित? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर: पड़ोसी की शिकायत है कि विश्‍वनाथ के मेहमान उसकी छत पर पानी फैला देते हैं और कभी-कभी उसकी खाट भी इस्तेमाल कर लेते हैं। उसकी असुविधा की शिकायत करना उचित है, लेकिन बात करते समय विनम्रता रखना भी जरूरी है।
(ग) एकांकी में विश्‍वनाथ नन्हेमल और बाबूलाल को नहीं जानता है, फिर भी उन्हें अपने घर में आने देता है। क्यों?
उत्तर: विश्‍वनाथ उन्हें अतिथि समझता है। भारतीय परंपरा में अतिथि का सम्मान करने की भावना है। इसलिए वह बिना पूरी जानकारी के भी उनकी सहायता करता है।
(घ) एकांकी के उन संवादों को ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि बाबूलाल और नन्हेमल विश्‍वनाथ के परिचित नहीं हैं?
उत्तर:
  • “क्षमा कीजिएगा आप कहाँ से पधारे हैं?”
  • “मैं संतराम को नहीं जानता।”
  • “आप कहाँ से आए हैं?”
  • “आप कोई चिट्ठी-विट्ठी लाए हैं?”
  • “लेकिन मैं कविराज तो नहीं हूँ?”
(ङ) एकांकी के उन वाक्यों को ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि शहर में भीषण गर्मी पड़ रही है।
उत्तर:
  • “उफ्फ, बड़ी गर्मी है!”
  • “इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!”
  • “पत्ता तक नहीं हिल रहा है।”
  • “सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।”
  • “तमाम शरीर मारे गर्मी के उबल उठा है।”
  • “चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।”
  • “फिर भी पसीने से नहा गया हूँ।”

अनुमान और कल्पना से

(क) एकांकी में विश्‍वनाथ अपनी पत्नी को अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहता है। साथ ही रेवती की अस्वस्थता का विचार करके भोजन बाजार से मँगवाने का सुझाव भी देता है। लेकिन उसने स्वयं अतिथियों के लिए भोजन बनाने के विषय में क्यों नहीं सोचा?
उत्तर: उस समय घर में अतिथि-सत्कार का काम मुख्य रूप से रेवती सँभालती थी। विश्‍वनाथ स्वयं भी गर्मी और काम के कारण परेशान था। इसलिए उसने भोजन बनाने की जिम्मेदारी रेवती को देने की बात कही।
(ख) एकांकी में विश्‍वनाथ का बेटा प्रमोद अतिथियों के पेयजल की व्यवस्था करता है और छोटी बहन का भी ध्यान रखता है। प्रमोद को इस तरह के उत्तरदायित्व क्यों दिए गए होंगे?
उत्तर: प्रमोद समझदार और जिम्मेदार बच्चा है। परिवार में काम अधिक होने के कारण वह छोटे-छोटे कामों में माता-पिता की सहायता करता है।
(ग) “कैसी बातें करते हो, भैया! मैं अभी खाना बनाती हूँ” भीषण गर्मी और सिर में दर्द के बावजूद भी रेवती भोजन की व्यवस्था करने के लिए क्यों तैयार हो गई होगी?
उत्तर: रेवती अपने भाई को भूखा नहीं सुलाना चाहती थी। अतिथि-सत्कार और परिवार के प्रति प्रेम के कारण वह अपनी परेशानी भूलकर भोजन बनाने के लिए तैयार हो गई।
(घ) एकांकी से गर्मी की भीषणता दर्शाने वाली कुछ पंक्तियाँ दी जा रही हैं। अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि सर्दी और वर्षा की भीषणता के लिए आप इनके स्थान पर क्या-क्या वाक्य प्रयोग करते हैं? अपने वाक्यों को दिए गए उचित स्थान पर लिखिए।
गर्मी की भीषणता दर्शाने वाली पंक्तियाँसर्दी की भीषणतावर्षा की भीषणता
1. यह गर्मी में भुन रहा है।यह सर्दी में जम गया।यह वर्षा में भीग रहा है।
2. पर बरफ भी कोई कहाँ तक पिए।इतनी ठंड है कि हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं।इतनी बारिश है कि रास्ते पानी से भर गए हैं।
3. सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।सारे शहर में जैसे बर्फ बरस रही हो।सारे शहर में जैसे पानी ही पानी हो गया हो।
4. प्यास है कि बुझने का नाम नहीं लेती।ठंड है कि कम होने का नाम नहीं लेती।बारिश है कि रुकने का नाम नहीं लेती।
5. चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।चारों तरफ दीवारें बर्फ जैसी ठंडी हैं।चारों तरफ दीवारें पानी से भीग रही हैं।

एकांकी की रचना

एकांकी एक प्रकार का नाटक है जिसमें केवल एक अंक या भाग होता है। इसमें किसी घटना या कहानी को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है।

‘नए मेहमान’ में पात्र-परिचय, स्थान, समय, वेशभूषा, अभिनय-संकेत और रंगमंच-निर्देश दिए गए हैं। कहानी मुख्य रूप से संवादों के माध्यम से आगे बढ़ती है।

(क) अपने समूह में मिलकर इस एकांकी की विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
  • एक ही अंक है।
  • मुख्य रूप से संवादों द्वारा कहानी आगे बढ़ती है।
  • पात्रों का परिचय दिया गया है।
  • स्थान और समय बताया गया है।
  • रंगमंच-निर्देश दिए गए हैं।
  • पात्रों की वेशभूषा बताई गई है।
  • अभिनय से जुड़े संकेत दिए गए हैं।
  • घटना कम समय में पूरी होती है।
  • एकांकी में हास्य और सामाजिक जीवन का चित्रण है।
(ख) आगे कुछ वाक्य दिए गए हैं। एकांकी के बारे में जो वाक्य आपको सही लग रहे हैं, उनके सामने ‘हाँ’ लिखिए। जो वाक्य सही नहीं लग रहे हैं, उनके सामने ‘नहीं’ लिखिए।
वाक्यउत्तर
1. ‘नए मेहमान’ एकांकी में पूरी कहानी एक ही स्थान, घर में घटित होती दिखाई गई है।हाँ
2. एकांकी में पात्रों की संख्या बहुत अधिक है।नहीं
3. एकांकी में एक कहानी छिपी है।हाँ
4. एकांकी और कहानी में कोई अंतर नहीं है।नहीं
5. एकांकी में कहानी की घटनाएँ अलग-अलग दिनों या महीनों में हो रही हैं।नहीं
6. एकांकी में कहानी मुख्य रूप से संवादों से आगे बढ़ती है।हाँ
7. एकांकी में पात्रों को अभिनय के लिए निर्देश दिए गए हैं।हाँ

अभिनय की बारी

(क) क्या आपने कभी मंच पर कोई एकांकी या नाटक देखा है? टीवी पर फिल्में और धारावाहिक तो अवश्य देखे होंगे! अपने अनुभवों से बताइए कि यदि आपको अपने विद्यालय में ‘नए मेहमान’ एकांकी का मंचन करना हो तो आप क्या-क्या तैयारियाँ करेंगे। (उदाहरण के लिए— इस एकांकी में आप क्या-क्या जोड़ेंगे जिससे यह और अधिक रोचक बने, कौन-से पात्र जोड़ेंगे या पात्रों की वेशभूषा क्या रखेंगें?)
उत्तर: हम सबसे पहले पात्रों का चयन करेंगे। घर के कमरे का छोटा-सा मंच तैयार करेंगे। कुर्सी, मेज, खाट और पानी के गिलास जैसी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। पात्रों के लिए सरल और उपयुक्त वेशभूषा रखेंगे। संवादों का अभ्यास करेंगे और गर्मी का प्रभाव दिखाने के लिए पंखे तथा पानी से जुड़े दृश्य प्रस्तुत करेंगे।
(ख) अब आपको अपने-अपने समूह में इस एकांकी को प्रस्तुत करने की तैयारी करनी है। इसके लिए आपको यह सोचना है कि कौन किस पात्र का अभिनय करेगा। आपके शिक्षक आपको तैयारी के बाद अभिनय के लिए निर्धारित समय देंगे (जैसे 10 मिनट या 15 मिनट)। आपको इतने ही समय में एकांकी प्रस्तुत करनी है। बारी-बारी से प्रत्येक समूह एकांकी प्रस्तुत करेगा।
उत्तर: समूह में सभी विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार पात्र चुनेंगे। सभी संवाद याद करेंगे, मंच की व्यवस्था करेंगे और निर्धारित समय के अनुसार एकांकी का संक्षिप्त मंचन करेंगे।

भाषा की बात

“सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।”
“चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।”
“यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं।”
उत्तर: इन वाक्यों में “आग बरस रही”, “दीवारें तप रही” और “भाड़ में भुनते” जैसे प्रयोग बहुत अधिक गर्मी का प्रभाव पैदा करते हैं।

मुहावरे

मुहावराअर्थवाक्य
रात-दिन एक करनाबहुत मेहनत करनासीमा ने परीक्षा की तैयारी में रात-दिन एक कर दिया।
खाक में मिल जानापूरी तरह नष्ट हो जानाबाढ़ में कई कच्चे मकान खाक में मिल गए।
जान में जान आनाराहत मिलनापानी मिलने पर मेरी जान में जान आई।
पेट भरनाभरपूर भोजन करनामजदूर ने मेहनत के बाद पेट भरकर खाना खाया।
सिर फटनाबहुत तेज सिरदर्द होनाशोर के कारण मेरा सिर फटने लगा।
हाथ-पैर सुन्न होनाशरीर के अंगों में संवेदना कम होनाबहुत ठंड में उसके हाथ-पैर सुन्न हो गए।

बात पर बल देना

(क) दो-दो के जोड़े में चर्चा कीजिए कि वाक्य में ‘ही’ के प्रयोग से किस बात को बल मिल रहा था और ‘ही’ हटा देने से क्या कमी आई?
उत्तर: ‘ही’ किसी बात पर विशेष जोर देता है। ‘ही’ हटाने पर वाक्य का विशेष बल कम हो जाता है।
(ख) नीचे लिखे वाक्यों में ऐसे स्थान पर ‘ही’ का प्रयोग कीजिए कि वे सामने लिखा अर्थ देने लगे—

1. विश्‍वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे और किसी के अतिथि नहीं।
2. विश्‍वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं।
3. विश्‍वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे यहाँ रुकना निश्चित है।
उत्तर:
  1. विश्‍वनाथ के अतिथि ही यहाँ रुकेंगे और किसी के अतिथि नहीं।
  2. विश्‍वनाथ के अतिथि यहाँ ही रुकेंगे, यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं।
  3. विश्‍वनाथ के अतिथि यहाँ रुकेंगे ही।
“तुम नहाने तो जाओ।”
उपर्युक्त वाक्य में ‘तो’ का स्थान बदलकर अर्थ में आए परिवर्तन पर ध्यान दें—
“तुम तो नहाने जाओ।”
“तुम नहाने जाओ तो।”
‘ही’ और ‘तो’ के ऐसे और प्रयोग करके वाक्य बनाइए।
उत्तर:

ही: मुझे आज ही यह काम पूरा करना है।

ही: राहुल ही इस प्रश्न का उत्तर देगा।

तो: तुम तो बहुत जल्दी आ गए।

तो: अगर समय मिले तो मेरे घर आना।

आपकी बात

(क) “रेवती— ये लोग कौन हैं? जान-पहचान के तो मालूम नहीं पड़ते। विश्‍वनाथ— क्या पूछ लूँ? दो-तीन बार पूछा, ठीक-ठीक उत्तर ही नहीं देते।” उपर्युक्त संवाद से पता चलता है कि विश्‍वनाथ दुविधा की स्थिति में है। क्या आपके सामने कभी कोई ऐसी दुविधापूर्ण स्थिति आई है जब आपको यह समझने में समय लगा हो कि क्या सही है और क्या गलत? अपने अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ। कभी-कभी ऐसी स्थिति आती है जब दो बातें सही लगती हैं और निर्णय लेना कठिन होता है। ऐसी स्थिति में हमें शांत होकर सोचने और किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सलाह लेने की कोशिश करनी चाहिए।
(ख) एकांकी से ऐसा लगता है कि नन्हेमल और बाबूलाल सगे संबंधी ही नहीं, अच्छे मित्र भी हैं। आपके अच्छे मित्र कौन-कौन हैं? वे आपको क्यों प्रिय हैं?
उत्तर: मेरे अच्छे मित्र वे हैं जो मेरी सहायता करते हैं, मेरी बात सुनते हैं और कठिन समय में मेरा साथ देते हैं। इसलिए वे मुझे प्रिय हैं।
(ग) आप अपने किसी संबंधी या मित्र के घर जाने से पहले क्या-क्या तैयारी करते हैं?
उत्तर: मैं पहले उनसे आने की सूचना देता हूँ, यात्रा का समय तय करता हूँ, आवश्यक सामान रखता हूँ और उनके घर का सही पता तथा रास्ता पता कर लेता हूँ।
(घ) विश्‍वनाथ के पड़ोसी उनका किसी प्रकार से भी सहयोग नहीं करते हैं। आप अपने पड़ोसियों का किस प्रकार से सहयोग करते हैं?
उत्तर: हम आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसियों की सहायता कर सकते हैं, जैसे किसी बीमार व्यक्ति के लिए दवा लाना, जरूरत का सामान देना और आपात स्थिति में सहायता करना।
(ङ) नन्हेमल और बाबूलाल का व्यवहार सामान्य अतिथियों जैसा नहीं है। आपके अनुसार सामान्य अतिथियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए?
उत्तर: अतिथियों को विनम्र रहना चाहिए, घर की परिस्थितियों का ध्यान रखना चाहिए, अनावश्यक माँग नहीं करनी चाहिए, स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और मेजबान को असुविधा नहीं देनी चाहिए।

सावधानी और सुरक्षा

(क) विश्‍वनाथ ने नन्हेमल और बाबूलाल से उनका परिचय नहीं पूछा और उन्हें घर के भीतर ले आए। यदि आप उनके स्थान पर होते तो क्या करते?
उत्तर: मैं पहले उनका नाम, पता और आने का कारण पूछता। यदि संभव होता तो उनके बताए व्यक्ति से फोन या किसी अन्य माध्यम से संपर्क करके जानकारी की पुष्टि करता। उसके बाद ही उन्हें घर के अंदर आने देता।
(ख) आपके माता-पिता या अभिभावक की अनुपस्थिति में यदि कोई अपरिचित व्यक्ति आए तो आप क्या-क्या सावधानियाँ बरतेंगे?
उत्तर:
  • दरवाजा पूरी तरह नहीं खोलूँगा।
  • पहले व्यक्ति का नाम और आने का कारण पूछूँगा।
  • माता-पिता या अभिभावक को फोन करूँगा।
  • अपरिचित व्यक्ति को घर में अकेले प्रवेश नहीं करने दूँगा।
  • संदेह होने पर पड़ोसी या किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति से सहायता लूँगा।

सृजन

(क) आपने यह एकांकी पढ़ी। इस एकांकी में एक कहानी कही गई है। उस कहानी को अपने शब्दों में लिखिए। (जैसे— एक दिन मेरे घर में मेहमान आ गए…)
उत्तर:

एक गर्म रात विश्‍वनाथ और उनका परिवार अपने छोटे घर में परेशान था। तभी दो अपरिचित व्यक्ति नन्हेमल और बाबूलाल उनके घर आ गए। उन्होंने स्वयं को अतिथि बताया। विश्‍वनाथ ने उनकी सेवा की और उन्हें पानी तथा भोजन देने की व्यवस्था की।

दोनों अतिथियों ने बहुत सारी सुविधाएँ माँगीं। उनके कारण पड़ोसी भी परेशान हो गया। बाद में विश्‍वनाथ को पता चला कि वे दोनों वास्तव में गलत घर में आ गए हैं। वे कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना चाहते थे। प्रमोद उन्हें सही घर दिखाने चला गया।

उनके जाने के तुरंत बाद रेवती का भाई वहाँ पहुँच गया। उसने बताया कि उसने तार द्वारा आने की सूचना दी थी। इस प्रकार असली अतिथि बाद में आया और परिवार को राहत मिली।

गर्मी का प्रकोप

“तमाम शरीर मारे गर्मी के उबल उठा है।” एकांकी में भीषण गर्मी का वर्णन किया गया है। आप गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए क्या-क्या सावधानी बरतेंगे? पाँच-पाँच के समूह में चर्चा करें। मुख्य बिंदुओं को चार्ट पेपर पर लिखकर बुलेटिन बोर्ड पर लगाएँ और इन्हें व्यवहार में लाएँ।
उत्तर:
  • पर्याप्त पानी पीना चाहिए।
  • धूप में निकलते समय सिर ढकना चाहिए।
  • दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए।
  • हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए।
  • घर को हवादार रखना चाहिए।
  • बहुत अधिक शारीरिक मेहनत गर्म समय में नहीं करनी चाहिए।
  • ताजे और हल्के भोजन का सेवन करना चाहिए।

तार से संदेश

“क्या मेरा तार नहीं मिला?”

तार पहले संदेश भेजने का एक तेज माध्यम था। अब इसका प्रयोग सामान्य रूप से नहीं होता। आज संदेश भेजने के लिए मोबाइल फोन, फोन कॉल, ई-मेल और इंटरनेट आधारित संदेश सेवाओं का प्रयोग किया जाता है।

(क) तार भेजने के आधार पर अनुमान लगाएँ कि यह एकांकी लगभग कितने वर्ष पहले लिखी गई होगी?
उत्तर: यह एकांकी उस समय की पृष्ठभूमि दिखाती है जब तार संदेश भेजने का प्रचलित माध्यम था। इसलिए यह आधुनिक मोबाइल और इंटरनेट के व्यापक उपयोग से पहले के समय की रचना है। लेखक उदयशंकर भट्ट का जीवनकाल 1898–1966 था।
(ख) आजकल संदेश भेजने के कौन-कौन से साधन सुलभ हैं?
उत्तर: मोबाइल फोन, फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल, व्हाट्सऐप और अन्य इंटरनेट आधारित संदेश सेवाएँ।
(ग) आप किसी को संदेश भेजने के लिए किस माध्यम का सर्वाधिक उपयोग करते हैं?
उत्तर: मैं मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित संदेश सेवा का सर्वाधिक उपयोग करता/करती हूँ।
(घ) अपने किसी प्रिय व्यक्ति को एक पत्र लिखकर भारतीय डाक द्वारा भेजिए।
उत्तर:

प्रिय दादी जी,
सादर प्रणाम।
मैं यहाँ कुशल हूँ। आशा है कि आप भी स्वस्थ और प्रसन्न होंगी। मेरी पढ़ाई अच्छी चल रही है। मुझे आपकी बहुत याद आती है। जल्दी ही आपसे मिलने आऊँगा/आऊँगी।

आपका/आपकी प्रिय
__________

नाप, तौल और मुद्राएँ

(क) पता लगाइए कि एक रुपये में कितने आने होते हैं?
उत्तर: पुराने भारतीय मुद्रा-प्रणाली में एक रुपये में 16 आने होते थे।
(ख) चार आने में कितने पैसे होते हैं?
उत्तर: पुराने मुद्रा-मान के अनुसार एक आना 4 पैसे के बराबर था। इसलिए चार आने में 16 पैसे होते थे।
(ग) आपके आस-पास गज शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया जाता है? पता लगाइए और लिखिए।
उत्तर: गज का प्रयोग कपड़े या किसी लंबाई को नापने के संदर्भ में किया जाता है।
(घ) बताइए कि एक गज में कितनी फीट होती हैं?
उत्तर: एक गज में 3 फीट होती हैं।

झरोखे से

कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के जीवन में अतिथि-सत्कार की भावना का विशेष महत्त्व था। वे अतिथि के स्वागत और भोजन की व्यवस्था के लिए स्वयं भी मेहनत करते थे। इससे भारतीय परंपरा में अतिथि-सत्कार की भावना दिखाई देती है।

अतिथि सत्कार

अतिथि का सम्मान और स्वागत

साझी समझ

भारत में ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा रही है। आपके घर जब अतिथि आते हैं तो आप उनका अभिवादन कैसे करते हैं, अपनी भाषा में बताइए और अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए कि अतिथियों को आप अपने राज्य, क्षेत्र का कौन-सा पारंपरिक व्यंजन खिलाना चाहते हैं।
उत्तर: हमारे घर अतिथि आने पर हम उनका नमस्कार या अपनी स्थानीय भाषा में अभिवादन करके स्वागत करते हैं। हम उन्हें पानी देते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार भोजन या पारंपरिक व्यंजन खिलाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में स्वागत और भोजन की परंपराएँ अलग हो सकती हैं।

खोजबीन के लिए

इस एकांकी में ‘आने’, ‘गज’ और ‘तार’ शब्द आए हैं। इनके विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर:
शब्दजानकारी
आनाआना पुराने भारतीय मुद्रा-मान की एक इकाई थी। एक रुपये में 16 आने होते थे।
गजगज लंबाई मापने की एक पारंपरिक इकाई है। एक गज 3 फीट के बराबर होता है।
तारतार पुराने समय में संदेश भेजने का तेज माध्यम था। संदेश तार-यंत्र की सहायता से भेजे जाते थे।

अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

1. ‘नए मेहमान’ एकांकी का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य विषय अतिथि-सत्कार, शहरी जीवन की कठिनाइयाँ, सीमित साधन और अपरिचित लोगों से सावधानी है।
2. नन्हेमल और बाबूलाल विश्‍वनाथ के घर क्यों आए थे?
उत्तर: वे गलत पते के कारण विश्‍वनाथ के घर आ गए थे। उन्हें कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना था।
3. रेवती मेहमानों के आने से परेशान क्यों थी?
उत्तर: वह पहले से सिरदर्द और गर्मी से परेशान थी। घर छोटा था और मेहमानों के लिए भोजन तथा सोने की व्यवस्था करना कठिन था।
4. प्रमोद का व्यवहार कैसा था?
उत्तर: प्रमोद समझदार, सहयोगी और जिम्मेदार था। वह अतिथियों के लिए पानी लाता और अपनी छोटी बहन का भी ध्यान रखता था।
5. नन्हेमल और बाबूलाल को कब पता चला कि वे गलत घर में आ गए हैं?
उत्तर: जब विश्‍वनाथ ने उनके दिए पते और परिचय के बारे में प्रश्न किए और बातों से स्पष्ट हुआ कि वे कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना चाहते थे।
6. वास्तविक अतिथि कौन था?
उत्तर: रेवती का भाई वास्तविक अतिथि था।
7. रेवती के भाई ने अपने आने की सूचना कैसे भेजी थी?
उत्तर: उसने तार द्वारा अपने आने की सूचना भेजी थी।
8. एकांकी में हास्य कैसे उत्पन्न होता है?
उत्तर: दो अनजान व्यक्ति गलत घर में पहुँच जाते हैं और स्वयं को अतिथि समझकर पानी, भोजन और नहाने की व्यवस्था माँगते हैं। उनकी बातें और स्थिति हास्य उत्पन्न करती है।
9. एकांकी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: हमें अतिथि का सम्मान करना चाहिए, लेकिन अपरिचित व्यक्ति के मामले में आवश्यक सावधानी भी रखनी चाहिए। साथ ही हमें दूसरों की परिस्थितियों और सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।
10. ‘नए मेहमान’ शीर्षक क्यों उपयुक्त है?
उत्तर: पूरी एकांकी में अचानक आए मेहमानों के कारण उत्पन्न घटनाओं को दिखाया गया है। इसलिए ‘नए मेहमान’ शीर्षक उपयुक्त है।

शब्दार्थ

शब्दसरल अर्थ
गृहपतिघर का मुखिया
आगंतुकआने वाला व्यक्ति
अतिथिमेहमान
भट्टीबहुत गर्म स्थान या आग जलाने की जगह
दुविधादो बातों में निर्णय न कर पाना
क्षमामाफ करना
अपरिचितजिसे हम नहीं जानते
सत्कारसम्मानपूर्वक स्वागत और सेवा
प्रबंधव्यवस्था
संदूकसामान रखने का बड़ा डिब्बा
माल-मसालासामान या धन-संपत्ति
धर्मशालायात्रियों के ठहरने का स्थान
नेपथ्यमंच के पीछे का स्थान
मंचननाटक को मंच पर प्रस्तुत करना

परीक्षा के लिए याद रखने योग्य बातें

  • लेखक — उदयशंकर भट्ट
  • रचना — नए मेहमान
  • विधा — एकांकी
  • मुख्य पात्र — विश्‍वनाथ, रेवती, नन्हेमल, बाबूलाल, प्रमोद, किरण और आगंतुक
  • नन्हेमल और बाबूलाल गलत पते पर आए थे।
  • उन्हें कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना था।
  • वास्तविक अतिथि रेवती का भाई था।
  • वह तार द्वारा आने की सूचना भेज चुका था।
  • एकांकी में भीषण गर्मी और छोटे मकान की समस्या दिखाई गई है।
  • एकांकी में संवाद, रंगमंच-निर्देश, पात्र-परिचय और अभिनय-संकेत महत्वपूर्ण हैं।
  • एक रुपये में 16 आने होते थे।
  • एक आना 4 पैसे के बराबर था।
  • एक गज में 3 फीट होते हैं।

CLASS 8 • HINDI

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