Class 8 Hindi Malhar Chapter 7 मत बाँधो Notes and Book Solutions | NCERT CBSE

Class 8 Hindi Malhar Chapter 7 मत बाँधो notes and book solutions with easy explanations, question answers, important meanings and NCERT-based study material for CBSE students.

मत बाँधो

कक्षा 6 हिंदी मल्हार | कविता के नोट्स और पुस्तक समाधान

महादेवी वर्मा

कविता

इन सपनों के पंख न काटो
इन सपनों की गति मत बाँधो!

सौरभ उड़ जाता है नभ में
फिर वह लौट कहाँ आता है?
बीज धूलि में गिर जाता जो
वह नभ में कब उड़ पाता है?

अग्नि सदा धरती पर जलती
धूम गगन में मँडराता है!
सपनों में दोनों ही गति हैं
उड़ कर आँखों में आता है!

इसका आरोहण मत रोको
इसका अवरोहण मत बाँधो!

मुक्त गगन में विचरण कर यह
तारों में फिर मिल जायेगा,
मेघों से रंग औ’ किरणों से
दीप्ति लिए भू पर आएगा।
स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प
भूमि को सिखलायेगा!

नभ तक जाने से मत रोको
धरती से इसको मत बाँधो!

इन सपनों के पंख न काटो
इन सपनों की गति मत बाँधो!

— महादेवी वर्मा

कविता का सरल सार

कवयित्री कहती हैं कि सपनों को रोकना या उनकी गति बाँधना नहीं चाहिए। सपने मनुष्य को आगे बढ़ने, कुछ नया करने और जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हैं।

कवयित्री ने सपनों की तुलना पंखों वाले पक्षी से की है। जैसे पक्षी को उड़ने की स्वतंत्रता चाहिए, वैसे ही सपनों को भी आगे बढ़ने की स्वतंत्रता चाहिए।

अच्छे सपने केवल कल्पना नहीं होते। वे विचारों के रूप में जन्म लेते हैं और मेहनत तथा प्रयास से वास्तविकता बन सकते हैं। ऐसे सपने समाज और धरती को बेहतर बनाने में सहायता कर सकते हैं।

कविता का मुख्य संदेश

  • सपनों को स्वतंत्र रूप से देखने और पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।
  • सपने जीवन में नई दिशा और प्रेरणा देते हैं।
  • कल्पना और स्वतंत्र विचार प्रगति के लिए उपयोगी हैं।
  • अच्छे सपने मेहनत और लगन से वास्तविकता बन सकते हैं।
  • मनुष्य को अपने और दूसरों के सपनों का सम्मान करना चाहिए।

कवयित्री से परिचय

महादेवी वर्मा (1907–1987) हिंदी की प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका थीं। उनका जन्म फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र से ही कविता लिखना आरंभ कर दिया था।

बच्चों के लिए उन्होंने ‘बारहमासा’, ‘आज खरीदेंगे हम ज्वाला’, ‘अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी’ जैसी अनेक कविताएँ लिखीं। उनके प्रसिद्ध गद्य-साहित्य में मेरा परिवार, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ तथा पथ के साथी शामिल हैं।

नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्य गीत और दीपशिखा उनके चर्चित कविता-संग्रह हैं। उन्हें भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे चित्रकार भी थीं।

कठिन शब्दों के सरल अर्थ

शब्दसरल अर्थ
सौरभसुगंध
नभआकाश
धूलिधूल
गतिचलने या आगे बढ़ने की अवस्था
आरोहणऊपर की ओर जाना
अवरोहणऊपर से नीचे की ओर आना
विचरणघूमना
दीप्तिचमक या प्रकाश
भूधरती
शिल्पकला, कौशल या निर्माण की कला

मेरी समझ से

1. आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझते हैं?

  • सपने मात्र कल्पनाएँ हैं
  • सपनों को भूल जाना चाहिए
  • सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए
  • सपने देखना अच्छी बात है
उत्तर: सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए और सपने देखना अच्छी बात है।

2. ‘मत बाँधो’ कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है?

  • प्रेम की
  • शिक्षा की
  • सपनों की
  • अधिकारों की
उत्तर: सपनों की।

3. “इन सपनों के पंख न काटो” पंक्ति में सपनों के ‘पंख’ होने की कल्पना क्यों की गई है?

  • सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं
  • सपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं
  • सपने पंखों की तरह उड़ान भर भ्रमण करवाते हैं
  • सपने पंखों की तरह कोमल और अनेक प्रकार के होते हैं
उत्तर: सपने जीवन में कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं और सफलता की ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।

4. “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” पंक्ति में ‘स्वर्ग’ से आप क्या समझते हैं?

  • जहाँ किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट न हो
  • जहाँ अतुलनीय धन-संपत्ति हो
  • जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव हो
  • जहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों
उत्तर: ऐसा स्थान जहाँ सुख, शांति, सहयोग, सद्भाव और संवेदनशीलता हो।

5. यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है?

  • वह बहुत तेजी से उड़ सकता है
  • वह और गहरा हो सकता है
  • उसकी उड़ान रुक सकती है
  • वह बढ़कर पौधा बन सकता है
उत्तर: वह बढ़कर पौधा बन सकता है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर: मैंने वे उत्तर चुने क्योंकि कविता का मुख्य संदेश सपनों की स्वतंत्रता, कल्पना और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा है।

पंक्तियों पर चर्चा

(क) “सौरभ उड़ जाता है नभ में
फिर वह लौट कहाँ आता है?
बीज धूलि में गिर जाता जो
वह नभ में कब उड़ पाता है?”

उत्तर: इन पंक्तियों में कवयित्री बताती हैं कि हर चीज की अपनी प्रकृति और दिशा होती है। सपनों को भी अपनी दिशा में आगे बढ़ने देना चाहिए।

(ख) “मुक्त गगन में विचरण कर यह
तारों में फिर मिल जायेगा,
मेघों से रंग औ’ किरणों से
दीप्ति लिए भू पर आएगा।”

उत्तर: स्वतंत्र सपने नई कल्पनाएँ और विचार लेकर वापस आते हैं और जीवन तथा समाज को सुंदर बनाने में सहायता करते हैं।

मिलकर करें मिलान

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भ से मिलाइए।

क्रमकविता की पंक्तिसही भाव या संदर्भ
1इन सपनों के पंख न काटो
इन सपनों की गति मत बाँधो!
किसी पक्षी के पंख काट दिए जाएँ तो वह उड़ नहीं सकता। उसी प्रकार सपनों को रोकने से कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो सकती हैं।
2सपनों में दोनों ही गति हैं
उड़कर आँखों में आता है!
सपनों में ऊपर उठने और व्यवहार में वापस आने की विशेषता होती है।
3इसका आरोहण मत रोको
इसका अवरोहण मत बाँधो!
सपनों के उठने और व्यवहार में वापस आने में बाधा नहीं डालनी चाहिए।
4नभ तक जाने से मत रोको
धरती से इसको मत बाँधो!
सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से नहीं रोकना चाहिए।
5स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प
भूमि को सिखलायेगा!
रचनात्मक और स्वतंत्र विचार समाज को सुंदर, समृद्ध और शांतिपूर्ण बना सकते हैं।

सोच-विचार के लिए

(क) कविता में ‘मत बाँधो’, ‘पंख न काटो’ आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंगे?

उत्तर: ये संबोधन उन लोगों के लिए हैं जो दूसरों के सपनों, विचारों और कल्पनाओं को रोकते हैं।

(ख) कविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?

उत्तर: क्योंकि सपने मनुष्य को आगे बढ़ने, नई चीजें करने और सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा देते हैं।

(ग) कविता में सौरभ, बीज, धुआँ, अग्नि जैसे उदाहरणों के माध्यम से सपनों को इनसे भिन्न बताते हुए उसे विशेष बताया गया है। आपकी दृष्टि में इन सबसे अलग सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?

उत्तर: सपने मनुष्य को आशा, लक्ष्य, प्रेरणा, कल्पना और भविष्य की नई दिशा दे सकते हैं।

(घ) कविता में ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ दोनों के महत्व की बात की गई है। उदाहरण देकर बताइए कि आपने ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ को कब-कब सार्थक होते देखा?

उत्तर: किसी लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ना आरोहण जैसा है। सीखी हुई बात को व्यवहार में लाना अवरोहण जैसा है।

(ङ) “सपनों में दोनों ही गति है/उड़कर आँखों में आता है!” क्या आप सहमत हैं कि सपने ‘आँखों में लौटकर’ वास्तविकता बन जाते हैं? अपने अनुभव या आस-पास के अनुभवों से कोई उदाहरण दीजिए।

उत्तर: हाँ। जब कोई व्यक्ति सपना देखकर लगातार मेहनत करता है, तो उसका सपना धीरे-धीरे वास्तविकता बन सकता है। उदाहरण के लिए, किसी विद्यार्थी का डॉक्टर बनने का सपना मेहनत से पूरा हो सकता है।

शीर्षक

कविता का शीर्षक है ‘मत बाँधो’। यदि आपको इस कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? यह भी लिखिए।

उत्तर: मैं इसका नाम “सपनों को उड़ने दो” रखूँगा/रखूँगी। यह नाम कविता के मुख्य संदेश को स्पष्ट करता है।

अनुमान और कल्पना से

(क) मान लीजिए आप एक नया संसार बनाना चाहते हैं। उस संसार में आप क्या-क्या रखना चाहेंगे और क्या-क्या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।

उत्तर: मैं ऐसा संसार बनाना चाहूँगा/चाहूँगी जहाँ प्रेम, शांति, शिक्षा, समानता और सहयोग हो। वहाँ हिंसा, भेदभाव और अन्याय नहीं होना चाहिए।

(ख) कविता में शिल्प और कला के महत्व की बात की गई है। कलाएँ हमारे आस-पास की दुनिया को सुंदर बनाती हैं। आप अपने जीवन को सुंदर बनाने के लिए कौन-सी कला सीखना चाहेंगे? उससे आपका जीवन कैसे सुंदर बनेगा? अनुमान करके बताइए।

उत्तर: मैं चित्रकला सीखना चाहूँगा/चाहूँगी। इससे मेरी रचनात्मकता बढ़ेगी और मैं अपनी भावनाओं को सुंदर तरीके से व्यक्त कर सकूँगा/सकूँगी।

(ग) “सौरभ उड़ जाता है नभ में / फिर वह लौट कहाँ आता है?” यदि आपके पास अपने बीते हुए समय में लौटने का अवसर मिले तो आप बीते हुए समय में क्या-क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?

उत्तर: मैं अपने बीते समय की कुछ गलतियों को सुधारना और अपने समय का अधिक अच्छे से उपयोग करना चाहूँगा/चाहूँगी।

(घ) “बीज धूल में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?” यदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होगी? (संकेत— धूप अर्थात मेहनत, पानी अर्थात लगन आदि।)

उत्तर: सपनों को मेहनत, लगन, धैर्य, सही दिशा, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है।

(ङ) “स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!” यदि अच्छे सपनों या विचारों से स्वर्ग बनाया जा सकता है तो बुरे सपनों अथवा विचारों से क्या होता होगा? बुरे सपनों या विचारों से कैसे बचा जा सकता है?

उत्तर: बुरे विचार मन में डर, नकारात्मकता और परेशानी पैदा कर सकते हैं। अच्छे विचारों, सही संगति और सकारात्मक कार्यों से उनसे बचा जा सकता है।

(च) “इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!” कल्पना कीजिए कि हर किसी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाए, तब दुनिया कैसी होगी? आपके अनुसार उस दुनिया में कौन-सी बातें महत्वपूर्ण होंगी?

उत्तर: ऐसी दुनिया में लोग अधिक रचनात्मक और आत्मविश्वासी होंगे। शिक्षा, समान अवसर, स्वतंत्र विचार, सहयोग और सम्मान महत्वपूर्ण होंगे।

(छ) “इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!” आपके विचार से यह सुझाव है? आदेश है? प्रार्थना है? या कुछ और है? यह बात किससे कही जा रही है?

उत्तर: यह एक विनम्र आग्रह या संदेश है। यह उन लोगों से कहा गया है जो दूसरों के सपनों और विचारों को रोकते हैं।

कविता की रचना

(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

उत्तर: कविता में प्रश्नवाचक शैली, संबोधन, पुनरुक्ति, विपरीतार्थक शब्द, समानार्थी शब्द, मानवीकरण और उदाहरणों द्वारा चित्र प्रस्तुत करने जैसी विशेषताएँ हैं।

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ समाहित हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।

क्रमकविता की विशेषताएँसही पंक्ति
1एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है।2. इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो!
2एक ही शब्द का प्रयोग बार-बार किया गया है।4. इन सपनों के पंख न काटो
3समानार्थी शब्दों का प्रयोग किया गया है।6. दीप्ति लिए भू पर आएगा। / स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा!
4प्रश्न पूछा गया है।1. वह नभ में कब उड़ पाता है?
5संबोधन का प्रयोग किया गया है।5. नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो!
6सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया है।3. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!

शब्दों की बात

“इसका आरोहण मत रोको
इसका अवरोहण मत बाँधो!”

(क) नीचे दिए रिक्त स्थान में ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ का उपयुक्त प्रयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए।

  1. पर्वतारोहियों ने बीस दिन तक पर्वत पर _____________ कर विजय प्राप्त की।
  2. नदियाँ विशाल पर्वतों से _____________ करते हुए सागर में मिल जाती हैं।
  3. अंक गणित में बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर लिखने की प्रक्रिया _____________ क्रम कहलाती है।
उत्तर:
  1. आरोहण
  2. अवरोहण
  3. अवरोहण

इसी प्रकार से ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ शब्दों के प्रयोग को देखते हुए आप भी कुछ सार्थक वाक्य बनाइए।

उत्तर: पर्वत का आरोहण कठिन था। पर्वत से अवरोहण करते समय हमें सावधानी रखनी चाहिए।

(ख) नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए—

“वह नभ में कब उड़ पाता है?”
“धूम गगन में मँडराता है।”

‘नभ’ और ‘गगन’ समान अर्थ वाले शब्द हैं। रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए कुछ नई पंक्तियों की रचना कीजिए और देखिए कि पंक्तियों में लय बनाए रखने के लिए और किन परिवर्तनों की आवश्यकता पड़ती है?

उत्तर: नभ और गगन के समानार्थी शब्द आकाश और आसमान हैं। उदाहरण:

“आकाश में सपनों की उड़ान,
आसमान में नई पहचान।”

(ग) कविता में ‘मत’ शब्द के साथ ‘बाँधो’, ‘काटो’ क्रिया लगाई गई है। आप ‘मत’ के साथ कौन-कौन सी क्रियाएँ लगाना चाहेंगे? लिखिए। (संकेत— ‘मत डरो’)

उत्तर: मत डरो, मत रुको, मत घबराओ, मत हारो, मत भूलो, मत सोओ।

(घ) आपकी भाषा में ‘बाँधने’ के लिए और कौन-कौन सी क्रियाएँ हैं? अपने समूह में चर्चा करके लिखिए और उनसे वाक्य बनाइए। (संकेत— जोड़ना)

उत्तर: जोड़ना, मिलाना, कसना, लपेटना।
उदाहरण: माँ ने दोनों रस्सियों को जोड़ दिया।

(ङ) ‘मत’ शब्द को उलट कर लिखने से शब्द बनता है ‘तम’ जिसका अर्थ है ‘अँधेरा’। कविता में से कुछ ऐसे और शब्द छाँटिए जिन्हें उलट कर लिखने से अर्थ देने वाले शब्द बनते हैं।

उत्तर: कविता में ऐसे शब्द बहुत सीमित हैं। ‘मत’ और ‘तम’ इसका स्पष्ट उदाहरण है।

काल परिवर्तन

“सौरभ उड़ जाता है नभ में”

उपर्युक्त पंक्ति को ध्यान से देखिए। इस पंक्ति की क्रिया ‘जाता है’ से पता चलता है कि यह वर्तमान काल में लिखी गई है। यदि हम इसी पंक्ति को भूतकाल और भविष्य काल में लिखें तो यह निम्नलिखित प्रकार से लिखी जाएगी—

भूतकाल— सौरभ उड़ गया है नभ में
भविष्य काल— सौरभ उड़ जाएगा नभ में

कविता में वर्तमान काल में लिखी गई ऐसी अनेक पंक्तियाँ आई हैं। उन पंक्तियों को कविता में से ढूँढ़कर भूतकाल और भविष्य काल में लिखिए।

उत्तर:
वर्तमान कालभूतकालभविष्य काल
सौरभ उड़ जाता है नभ में।सौरभ उड़ गया नभ में।सौरभ उड़ जाएगा नभ में।
धूम गगन में मँडराता है।धूम गगन में मँडराया।धूम गगन में मँडराएगा।
आँखों में आता है।आँखों में आया।आँखों में आएगा।
दीप्ति लिए भू पर आएगा।दीप्ति लिए भू पर आया।दीप्ति लिए भू पर आएगा।

शब्दकोश से

“स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प”

शब्दकोश के अनुसार ‘शिल्प’ शब्द के निम्नलिखित अर्थ हैं— हाथ से कोई चीज बनाकर तैयार करने का काम, कला संबंधी व्यवसाय, दक्षता, कौशल, निर्माण, सर्जन, सृष्टि, रचना आदि।

अब शब्दकोश से ‘शिल्प’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित शब्दों के अर्थ खोजकर लिखिए—

  1. शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पिक या शिल्पकारी
  2. शिल्पकला
  3. शिल्पकौशल
  4. शिल्पगृह या शिल्पगेह
  5. शिल्पविद्या
  6. शिल्पशाला या शिल्पालय
उत्तर:
  1. शिल्पकार या शिल्पी: कला या वस्तु बनाने वाला व्यक्ति।
  2. शिल्पकला: वस्तुएँ बनाने की कला।
  3. शिल्पकौशल: शिल्प बनाने की दक्षता।
  4. शिल्पगृह या शिल्पगेह: शिल्प से जुड़ा स्थान।
  5. शिल्पविद्या: शिल्प बनाने का ज्ञान।
  6. शिल्पशाला या शिल्पालय: शिल्प बनाने या सीखने का स्थान।

आपकी बात

(क) कविता में गति को न बाँधने की बात कही गई है। आप ‘बाँधने’ का प्रयोग किन-किन स्थितियों या वस्तुओं के लिए करते हैं? बताइए। (संकेत— गाँठ बाँधना)

उत्तर: रस्सी, धागा, कपड़ा, गठरी और गाँठ बाँधने के लिए ‘बाँधना’ शब्द का प्रयोग करते हैं।

(ख) ‘स्वर्ग’ शब्द से आशय है ‘सुखद स्थान’। अर्थात वह स्थान जहाँ सुख, शांति, समृद्धि और आनंद की अनुभूति हो। अपने घर, आस-पड़ोस और विद्यालय को सुखद स्थान बनाने के लिए आप क्या-क्या प्रयास करेंगे? सूची बनाइए और घर के सदस्यों के साथ साझा कीजिए।

उत्तर:
  • सबसे प्रेम और सम्मान से बात करूँगा/करूँगी।
  • स्वच्छता रखूँगा/रखूँगी।
  • जरूरतमंदों की सहायता करूँगा/करूँगी।
  • पेड़-पौधों की देखभाल करूँगा/करूँगी।
  • विद्यालय की वस्तुओं की रक्षा करूँगा/करूँगी।

(ग) कविता में सपनों की बात की गई है। आपका कौन-सा सपना ऐसा है जो यदि सच हो जाए तो वह दूसरों की सहायता कर सकता है? उसके विषय में बताइए।

उत्तर: मेरा सपना है कि मैं ऐसा काम करूँ जिससे गरीब और जरूरतमंद बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

पाठ से आगे

चर्चा-परिचर्चा

“सपनों में दोनों ही गति है/उड़कर आँखों में आता है।”

किसी एक के द्वारा देखा गया सपना बहुत से लोगों का सपना भी बन जाता है, जैसे— हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा भारत को स्वतंत्र कराने का सपना सभी भारतीयों का सपना बन गया। साथियों से चर्चा कीजिए कि आपके कौन-से ऐसे सपने हैं जिन्हें पूरा करने के लिए आप अन्य लोगों को भी जोड़ना चाहेंगे।

उत्तर: मैं ऐसा समाज बनाने का सपना देखता/देखती हूँ जहाँ सभी बच्चों को समान अवसर और अच्छी शिक्षा मिले। इसे पूरा करने के लिए मैं अपने मित्रों और परिवार को जोड़ना चाहूँगा/चाहूँगी।

सृजन

(क) विराम चिह्न का फेरबदल—

रोको मत, जाने दो
रोको, मत जाने दो

उत्तर: “रोको मत, जाने दो” का अर्थ है किसी को जाने से न रोकना। “रोको, मत जाने दो” का अर्थ है किसी को जाने से रोकना।

नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। आप किन चित्रों के लिए ‘रोको मत, जाने दो’ या ‘रोको, मत जाने दो’ का प्रयोग करेंगे? दिए गए रिक्त स्थान में लिखिए और इन चित्रों को शीर्षक भी दीजिए।

स्थितिवाक्यशीर्षक
छुट्टियाँ समाप्तरोको मत, जाने दोविद्यालय जाने का समय
सैनिक जाने को तैयाररोको मत, जाने दोकर्तव्य की ओर प्रस्थान
तुम मत जाओरोको, मत जाने दोरुकने का आग्रह

(ख) कविता आगे बढ़ाएँ

नीचे दी गई पंक्तियों को आगे बढ़ाते हुए अपनी एक कविता तैयार कीजिए।

इन सपनों के पंख न काटो
इन सपनों की गति मत बाँधो।

उत्तर:

इन सपनों को आगे बढ़ने दो,
नई राहों पर चढ़ने दो।
मेहनत से इनको सजने दो,
जीवन को सुंदर बनने दो।

(ग) खोया-पाया

मान लीजिए आपका सपना कहीं खो गया है। उसके खो जाने की रिपोर्ट तैयार करें। आपको स्कूल प्रशासन को यह रिपोर्ट भेजनी है। इसके लिए स्कूल प्रशासन के नाम एक पत्र लिखिए।

उत्तर:

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
विषय: मेरे सपने के खो जाने के संबंध में।

महोदय/महोदया,
मेरा सपना मेहनत की कमी और निराशा के कारण मुझसे दूर हो गया है। मैं उसे फिर से पाने के लिए नियमित मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रयास करूँगा/करूँगी।

धन्यवाद।
भवदीय
एक विद्यार्थी

वाद-विवाद

(क) कक्षा में पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह बनाकर एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है— “व्यक्ति को बाँध सकते हैं उसके विचार और कल्पना को नहीं।”

एक समूह विषय के विपक्ष में और दूसरा समूह विषय के पक्ष में अपना तर्क देगा। जैसे—

समूह 1— व्यक्ति की कल्पना और विचारों पर नियंत्रण आवश्यक है।
समूह 2— स्वतंत्र विचार और कल्पना प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।

उत्तर: इस गतिविधि में विद्यार्थी दोनों पक्षों के तर्क तैयार करके कक्षा में प्रस्तुत करेंगे।

(ख) विद्यार्थी वाद-विवाद के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।

उत्तर: वाद-विवाद से मुझे अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करना सीखने का अवसर मिला। मैंने दूसरों के विचारों को सुनना और सम्मान करना भी सीखा।

देखना-सुनना-समझना

(क) “धूम गगन में मँडराता है।”

सुगंध का अनुभव सूँघकर किया जाता है। धुएँ को देखा जा सकता है। वायु का अनुभव स्पर्श द्वारा किया जा सकता है और अनुभवों को बोलकर भी कहा या बताया जा सकता है जैसे कि कोई कमेंट्री कर रहा हो।

जो व्यक्ति देख पाने में सक्षम नहीं है, आप उन्हें निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव कैसे करवा सकते हैं—

  • वर्षा की बूँदों का
  • धुएँ के उड़ने का
  • खेल के रोमांच का
उत्तर: वर्षा की बूँदों को स्पर्श करवाकर और उनकी आवाज सुनाकर अनुभव कराया जा सकता है। धुएँ के बारे में उसकी गंध और हवा की दिशा से बताया जा सकता है। खेल के रोमांच को आवाज, वर्णन और टिप्पणी के माध्यम से समझाया जा सकता है।

(ख) मूक अभिनय द्वारा कविता का भाव

विद्यार्थियों के बराबर-बराबर संख्या में दो दल बनाइए। दलों के नाम रखें— कल्पना और आकांक्षा। ‘कल्पना’ दल से एक प्रतिभागी आगे आए और मूक अभिनय के माध्यम से इस कविता की किसी भी पंक्ति का भाव प्रस्तुत करें। ‘आकांक्षा’ दल के प्रतिभागियों को पहचानकर बताना होगा कि अभिनय में किस पंक्ति की बात की जा रही है।

उत्तर: यह समूह गतिविधि है। विद्यार्थी बिना बोले अभिनय करके कविता की पंक्तियों का भाव पहचानेंगे।

आपदा प्रबंधन

(क) कक्षा में अपने शिक्षकों के साथ चर्चा कीजिए कि क्या-क्या करेंगे यदि—

  • कहीं अचानक आग लग जाए
  • आपके क्षेत्र में बाढ़ आ जाए
  • भूकंप आ जाए
उत्तर:
  • आग लगने पर घबराएँ नहीं, सुरक्षित स्थान पर जाएँ और अग्निशमन सेवा को सूचना दें।
  • बाढ़ आने पर ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर जाएँ तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
  • भूकंप के समय मजबूत मेज के नीचे बैठें और खिड़कियों तथा भारी वस्तुओं से दूर रहें।

(ख) “मैं आपदा के समय क्या करूँगा या करूँगी?” — एक सूची या चित्र आधारित योजना बनाइए।

उत्तर:
  1. मैं शांत रहूँगा/रहूँगी।
  2. बड़ों और शिक्षकों के निर्देश मानूँगा/मानूँगी।
  3. सुरक्षित स्थान पर जाऊँगा/जाऊँगी।
  4. जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सहायता माँगूँगा/माँगूँगी।
  5. दूसरों की सुरक्षित सहायता करूँगा/करूँगी।

शिल्प

राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय

“स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प
भूमि को सिखलायेगा!”

हमारे देश में हजारों वर्षों से अनगिनत शिल्प प्रचलित हैं। उनके बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए।

(क) अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए शिल्प-कार्यों को उनके सही अर्थों या व्याख्या से मिलाइए—

क्रमशिल्प-कार्यसही अर्थ या व्याख्या
1काष्ठ शिल्पलकड़ी से वस्तुएँ, खिलौने, मूर्तियाँ आदि बनाना
2मृत्तिका शिल्पमिट्टी से बर्तन, दीये, मूर्तियाँ और सजावटी चीजें बनाना
3धातुशिल्पताँबा, पीतल, लोहे जैसी धातुओं से दीपक, मूर्तियाँ, थालियाँ आदि बनाना
4काँच शिल्पकाँच से झूमर, सजावटी वस्तुएँ और रंगीन खिड़कियाँ आदि बनाना
5वस्त्र शिल्पकपड़ों पर कढ़ाई, बुनाई, छपाई, बंधेज आदि सजावटी कार्य
6कागज शिल्पकागज से खिलौने, सजावट, लिफाफे और पेपर मेशी बनाना
7पत्थर शिल्पसंगमरमर या अन्य पत्थरों से मूर्तियाँ बनाना और मंदिरों की सजावट करना
8चमड़ा शिल्पचमड़े से जूते, बेल्ट, बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाना
9बाँस और बेंत शिल्पबाँस और बेंत से टोकरियाँ, कुर्सियाँ, चटाई, पंखे आदि बनाना
10मोती एवं आभूषण शिल्परंग-बिरंगे मोतियों से हार, कंगन, झुमके आदि गहने बनाना
11लाख शिल्पलाख से चूड़ियाँ, खिलौने, डिब्बे और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाना
12शीशा शिल्पकपड़ों या सजावट की वस्तुओं में शीशे जोड़ना या जड़ाई करना
13चित्रकला शिल्पपारंपरिक चित्रकलाओं जैसे मधुबनी, गोंड, वरली आदि से कलाकृतियाँ बनाना
14नक्काशीलकड़ी, पत्थर या धातु पर बारीक खुदाई द्वारा डिजाइन बनाना

(ख) अपने विद्यालय या परिवार के साथ हस्तशिल्प से जुड़े किसी स्थान या कार्यशाला का भ्रमण कीजिए और उस हस्तशिल्प के बारे में एक रिपोर्ट बनाइए।

अथवा

राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय की नीचे दी गई वेबसाइट में आपको कौन-सा हस्तशिल्प या कलाकृति सबसे अच्छी लगी और क्यों, उसके विषय में लिखिए।

उत्तर: मुझे लकड़ी की नक्काशी सबसे अच्छी लगी। इसमें कलाकार लकड़ी पर बारीक डिजाइन बनाकर सुंदर वस्तुएँ तैयार करते हैं। इसमें धैर्य, कौशल और रचनात्मकता की आवश्यकता होती है।
राष्ट्रीय हस्तशिल्प संग्रहालय की पारंपरिक कला

झरोखे से

अभी आपने जो कविता पढ़ी उसे महादेवी वर्मा ने लिखा है। अब पढ़िए इन्हीं के द्वारा लिखी एक कहानी ‘गिल्लू’ का अंश।

मेरे पास बहुत से पशु-पक्षी हैं और उनका मुझसे लगाव भी कम नहीं है, परंतु उनमें से किसी को मेरे साथ मेरी थाली में खाने की हिम्मत हुई है, ऐसा मुझे स्मरण नहीं आता।

गिल्लू इनमें अपवाद था। मैं जैसे ही खाने के कमरे में पहुँचती, वह खिड़की से निकलकर आँगन की दीवार, बरामदा पार करके मेज पर पहुँच जाता और मेरी थाली में बैठ जाना चाहता। बड़ी कठिनाई से मैंने उसे थाली के पास बैठना सिखाया जहाँ बैठकर वह मेरी थाली में से एक-एक चावल उठाकर बड़ी सफाई से खाता रहता। काजू उसका प्रिय खाद्य था और कई दिन काजू न मिलने पर वह अन्य खाने की चीजें या तो लेना बंद कर देता या झूले से नीचे फेंक देता था।

साझी समझ

‘गिल्लू’ कहानी को पुस्तकालय से ढूँढ़कर पूरी पढ़िए और अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए।

उत्तर: यह पुस्तकालय गतिविधि है। विद्यार्थी ‘गिल्लू’ कहानी पूरी पढ़कर उसके मुख्य पात्र, घटनाओं और पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम पर चर्चा करेंगे।

पाठ का त्वरित पुनरावर्तन

कविता: मत बाँधो

कवयित्री: महादेवी वर्मा

मुख्य विषय: सपनों की स्वतंत्रता

मुख्य संदेश: अच्छे सपनों और स्वतंत्र विचारों को आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।

मुख्य प्रतीक: पंख सपनों की उड़ान और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं।

आरोहण: ऊपर की ओर जाना।

अवरोहण: ऊपर से नीचे की ओर आना।

शिल्प: कला, कौशल या निर्माण की कला।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

1. कविता का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: सपनों और विचारों को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने देना चाहिए।

2. कवयित्री ने सपनों के लिए ‘पंख’ शब्द का प्रयोग क्यों किया है?

उत्तर: क्योंकि सपने मनुष्य को ऊँचाइयों तक उड़ान भरने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

3. सपनों की गति क्यों नहीं बाँधनी चाहिए?

उत्तर: क्योंकि सपने नई कल्पनाओं, लक्ष्यों और उपलब्धियों की ओर ले जाते हैं।

4. आरोहण और अवरोहण का अर्थ क्या है?

उत्तर: आरोहण का अर्थ ऊपर की ओर जाना और अवरोहण का अर्थ ऊपर से नीचे की ओर आना है।

5. कविता में ‘स्वर्ग’ किसका प्रतीक है?

उत्तर: सुख, शांति, सहयोग, समृद्धि और सुंदर जीवन का।

6. अच्छे सपने समाज के लिए कैसे उपयोगी हो सकते हैं?

उत्तर: अच्छे सपने नए विचारों और रचनात्मक कार्यों को जन्म देकर समाज को बेहतर बना सकते हैं।
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Prepare for your Class 8 Hindi Malhar Chapter 7 with this practice worksheet. It includes questions and exercises based on the chapter to help you revise important concepts, improve understanding, and prepare for school examinations.

CLASS 8 • HINDI

Chapter 7 Worksheet

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