Class 8 Hindi Malhar Chapter 3 एक आशीर्वाद notes with easy explanations, NCERT book solutions, important questions and revision material for CBSE students.
एक आशीर्वाद
कक्षा 6 हिन्दी मल्हार — नोट्स एवं पुस्तक समाधान
पूरी कविता — एक आशीर्वाद
जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों
भावना की गोद से उतरकर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
हँसें
मुसकराएँ
गाएँ
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
उँगली जलाएँ
अपने पाँवों पर खड़े हों।
जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों।
— दुष्यंत कुमार
कविता का सरल भावार्थ
कवि बच्चे को आशीर्वाद देते हुए कहता है कि उसके सपने बड़े और ऊँचे हों। वह केवल कल्पना में न रहे, बल्कि वास्तविक जीवन की कठिनाइयों को समझे। वह बड़े लक्ष्यों को पाने का प्रयास करे, चुनौतियों का सामना करे और असफलताओं से न घबराए।
कवि चाहता है कि बच्चा हमेशा खुश रहे, मुसकराए और जीवन में आगे बढ़ता रहे। वह ज्ञान और नई चीजों को पाने के लिए उत्सुक रहे तथा अपने पैरों पर खड़ा होकर आत्मनिर्भर बने।
पाठ के मुख्य बिंदु
- कविता में बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी गई है।
- सपनों को पूरा करने के लिए वास्तविकता को समझना आवश्यक है।
- कठिनाइयों और चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए।
- बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए।
- ज्ञान और नई चीजों को सीखने की इच्छा रखनी चाहिए।
- जीवन में प्रसन्नता और उत्साह बनाए रखना चाहिए।
- अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
लेखक से परिचय
मेरी समझ से
मिलकर करें मिलान
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।
| क्रम | स्तंभ 1 — पंक्तियाँ | स्तंभ 2 — भाव या संदर्भ |
|---|---|---|
| 1 | भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें | भावना में न बहकर वास्तविकता का सामना करना |
| 2 | हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ | विविध ज्ञान के प्रति आकर्षित होना और उसे पाने की ललक होना |
| 3 | चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें | असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास करना |
| 4 | …हँसें / मुसकराएँ / गाएँ | सपनों को आनंद और मुसकराहटों में बदलें। कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखें। |
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—
अनुमान और कल्पना से
कविता की रचना
इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।
सृजन
इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे— चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है।
आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।
बादल को घिरते देखा है,
गरजते देखा है,
बरसते देखा है,
धरती को भिगोते देखा है।
कविता का शीर्षक
इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?
भाषा की बात
(क) ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए—
(ख) समान अर्थ वाले शब्द
कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ देते हों—
| शब्द | अन्य शब्द |
|---|---|
| स्वप्न | सपना, इच्छा, कल्पना |
| पृथ्वी | धरा, वसुधा, अवनि |
| चाँद | शशि, सोम, निशाकर |
| तारे | नक्षत्र, तारक, उडुगण |
| रोशनी | प्रकाश, ज्योति, उजाला, आलोक |
| दीया | दीपक, प्रदीप |
आना- जाना
‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
पाठ से आगे
डायरी
हँसें-मुसकराएँ-गाएँ
अपने किसी एक दिन की समस्त गतिविधियों पर ध्यान दीजिए और अपनी डायरी में लिखिए कि आप दिनभर में कब-कब हँसे, कब-कब मुसकराए, कब-कब गाए, कब-कब रूठे, कब-कब मचले?
आपकी बात
सपनों की बातें
- किस तरह के प्रयत्न करने होंगे?
- किस तरह से योजना बनानी होगी?
- किससे और किस प्रकार का सहयोग लिया जा सकता है?
- लक्ष्य-प्राप्ति में संभावित चुनौतियाँ कौन-कौन सी हो सकती हैं?
- नियमित मेहनत और अभ्यास करना होगा।
- समय का सही उपयोग करने की योजना बनानी होगी।
- माता-पिता और अध्यापकों से मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
- समय की कमी, असफलता और कठिन परिस्थितियाँ चुनौतियाँ हो सकती हैं।
हमारे सपने
आपके माता-पिता या अभिभावक आपकी आवश्यकताओं और इच्छाओं को जानते-समझते हैं। वे उन्हें पूरा करने के लिए यथासंभव प्रयत्न करते हैं। अपने माता-पिता या अभिभावक से उनके द्वारा देखे गए सपने और इच्छाओं के बारे में पूछिए कि वे क्या-क्या करना चाहते थे या चाहते हैं।
| घर के सदस्य | उनके सपने |
|---|---|
| माता | परिवार को खुश और स्वस्थ देखना। |
| पिता | परिवार की आवश्यकताएँ पूरी करना और बच्चों को सफल देखना। |
| दादा | बच्चों को आगे बढ़ते और अच्छा जीवन जीते देखना। |
| दादी | परिवार में प्रेम और खुशियाँ बनी रहें। |
| नाना | परिवार के बच्चों को अच्छी शिक्षा और सफलता मिले। |
| नानी | सभी बच्चे स्वस्थ और खुश रहें। |
| बहन | अपनी पसंद के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना। |
| भाई | अपना लक्ष्य प्राप्त करना और सफल होना। |
सबके सपने
प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत-से लोग सहयोग देते हैं, जैसे—शाक विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, रिक्शाचालक, सुरक्षाकर्मी आदि। इनमें से किसी एक से साक्षात्कार कीजिए और उनके सपनों के विषय में जानिए। साक्षात्कार के समय कौन-कौन से प्रश्न हो सकते हैं? उनकी एक सूची भी बनाइए।
- आपका सबसे बड़ा सपना क्या है?
- आप अपने बच्चों के लिए क्या चाहते हैं?
- आप अपने काम को कितना पसंद करते हैं?
- आप अपने भविष्य में क्या बदलाव चाहते हैं?
- अपने सपने को पूरा करने के लिए आप क्या प्रयास कर रहे हैं?
झरोखे से
आपने पढ़ा कि ‘एक आशीर्वाद’ कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। अब आप प्रसिद्ध वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का एक प्रेरक उद्बोधन पढ़ते हैं।
हमारे सपने — सपनों की उड़ान
सपने वह नहीं होते जो आप नींद में देखते हैं, सपने वह होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। अपने सपने पूरे करने के लिए आपको जागते रहना होता है, पूरी तरह आँखें खोलकर जागते रहना होता है।
आज जितनी संभावनाएँ हैं, उतनी अब तक के समूचे इतिहास में पहले कभी नहीं थीं। इक्कीसवीं सदी ऐसे अनुभव पैदा कर रही है जिन्हें मानव के विकास की पिछली बीस शताब्दियों में असंभव समझा जाता था।
प्रौद्योगिकी और नई खोजों के कारण मानव सभ्यता तेजी से आगे बढ़ रही है। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए हमारे पास समय सीमित है।
आज के युवा चाहते हैं कि उन्हें दुनिया के अधिक से अधिक अनुभव मिलें। लेकिन जैसे-जैसे दुनिया का दायरा बढ़ता है, वैसे-वैसे हमें कुछ खास विषयों पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है।
इसे संभव बनाने के दो तरीके हैं। पहला, उपलब्ध समय को बढ़ाने का प्रयास करना। दूसरा, उसी समय में अधिक काम और अधिक उपलब्धियाँ प्राप्त करना।
इन दोनों जीवन-लक्ष्यों को समझ लेने से अन्य चीजों तक पहुँचने के रास्ते खुल सकते हैं। यही मानवता को विकास के अगले चरण तक पहुँचा सकता है।
— डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
साझी समझ
आपने ‘एक आशीर्वाद’ कविता पढ़ी और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उपर्युक्त उद्बोधन भी पढ़ा। अब आप इन दोनों पर कक्षा में अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए।
खोजबीन के लिए
कला, विज्ञान, राजनीति, खेलकूद, मनोरंजन आदि क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त करने वाले व्यक्तियों ने अपने-अपने सपनों को पूरा करने की संघर्षयात्रा के बारे में लिखा है। उन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए किस तरह से योजना बनाई और क्या-क्या संघर्ष किए? पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से ऐसे व्यक्तियों के बारे में पढ़िए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- पाठ का नाम: एक आशीर्वाद
- कवि: दुष्यंत कुमार
- मुख्य विषय: बड़े सपने और लक्ष्य
- मुख्य संदेश: सपने बड़े रखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें।
- महत्वपूर्ण गुण: साहस, मेहनत, धैर्य, आत्मनिर्भरता और उत्साह
- मुख्य विचार: कल्पना के साथ वास्तविकता को समझना और लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ना।
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