Class 7 Hindi Malhar Chapter 2 – तीन बुद्धिमान Notes

Class 7 Hindi Malhar Chapter 2 “तीन बुद्धिमान” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

Class 7 Hindi Malhar Chapter 2 तीन बुद्धिमान Notes Solutions
कक्षा 7 • हिंदी • मल्हार

तीन बुद्धिमान

अध्याय 2 — लोककथा

सरल एवं आसान नोट्स • पाठ से प्रश्न-उत्तर • व्याकरण • गतिविधियाँ

📚 पाठ का सारांश

“तीन बुद्धिमान” एक रोचक लोककथा है। इसमें तीन भाइयों की पैनी दृष्टि, तीव्र बुद्धि, अवलोकन शक्ति और तर्क करने की क्षमता दिखाई गई है।

एक निर्धन पिता के तीन बेटे थे। पिता ने उन्हें धन-संपत्ति के बजाय ज्ञान, बुद्धि और सूक्ष्म निरीक्षण को अपना असली धन बनाने की सलाह दी। पिता की मृत्यु के बाद तीनों भाई यात्रा पर निकल पड़े।

रास्ते में उन्होंने केवल जमीन, घास और पैरों के निशानों को देखकर एक ऊँट के बारे में कई बातें बता दीं। ऊँट का मालिक उन्हें चोर समझकर राजा के पास ले गया। राजा ने भी पहले उन पर संदेह किया, लेकिन भाइयों ने अपनी बुद्धिमानी से स्वयं को निर्दोष सिद्ध कर दिया।

राजा ने उनकी बुद्धि की परीक्षा लेने के लिए एक बंद पेटी मँगवाई। तीनों भाइयों ने सिर्फ पेटी को लाने और रखने के ढंग को देखकर अनुमान लगाया कि उसमें एक छोटी गोल वस्तु, अनार और वह अनार कच्चा है। जब पेटी खोली गई तो उनका अनुमान बिल्कुल सही निकला।

राजा उनकी असाधारण बुद्धि और पैनी दृष्टि से बहुत प्रभावित हुआ और उन्हें अपने दरबार में रख लिया।

🌟 मुख्य सीख: धन केवल रुपये-पैसे का नाम नहीं है। ज्ञान, बुद्धि, ध्यान से देखना, तर्क करना और सही बात समझना भी बहुत बड़ा धन है।

🎯 मुख्य बातें

  • पिता ने बेटों को बुद्धि और ज्ञान को अपना धन बनाने की सलाह दी।
  • तीनों भाइयों की निरीक्षण शक्ति बहुत तेज थी।
  • उन्होंने ऊँट को देखे बिना उसके बारे में सही अनुमान लगाया।
  • उन्होंने धूल, पैरों के निशान, घास और अन्य संकेतों पर ध्यान दिया।
  • राजा ने पहले संदेह किया, फिर परीक्षा लेकर सत्य जान लिया।
  • भाइयों ने पेटी के बारे में भी सही अनुमान लगाया।
  • कहानी हमें ध्यान से देखने, सोचने और तर्क करने की सीख देती है।

👨‍👦 पिता की सीख

पिता ने अपने बेटों से कहा कि उनके पास रुपये-पैसे या सोना-चाँदी नहीं है, इसलिए उन्हें एक दूसरे प्रकार का धन जमा करना चाहिए।

यह धन था—

पैनी दृष्टि तीव्र बुद्धि ज्ञान अवलोकन तर्क

अर्थात् हर वस्तु और स्थिति को ध्यान से देखना और समझना चाहिए।

🔎 ऊँट के बारे में भाइयों ने कैसे जाना?

  • बड़े भाई ने धरती पर ऊँट के पैरों के निशान देखकर जाना कि बड़ा ऊँट वहाँ से गया था।
  • मझले भाई ने सड़क के दोनों ओर की घास देखकर अनुमान लगाया कि ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता था।
  • छोटे भाई ने ऊँट के बैठने के निशान, महिला के जूतों के निशान और बच्चे के पैरों के निशान देखकर जाना कि ऊँट पर महिला और बच्चा सवार थे।

📦 पेटी में अनार का अनुमान

  • पेटी भारी नहीं थी।
  • उसमें छोटी गोल वस्तु के लुढ़कने की आवाज आई।
  • पेटी उद्यान की ओर से लाई गई थी।
  • महल के आसपास अनार के पेड़ थे।
  • उद्यान में उस समय अनार कच्चे थे।

इसलिए तीनों भाइयों ने सही अनुमान लगाया कि पेटी में कच्चा अनार है।

📖 पाठ से — मेरी समझ से

(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है? उसके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?

• खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
★ पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
• ऊँट का व्यापार करना
• गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
उत्तर: पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना।

(2) तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत-कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

• बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
★ समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
• किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
• ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।
उत्तर: समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।

(3) राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?

★ भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
• राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
★ राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
• भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।
उत्तर: भाइयों ने तर्क के साथ अपनी बात समझाई और पेटी की परीक्षा में भी सही उत्तर दिया।

(4) लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?

• दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
★ अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
• राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
• ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
उत्तर: अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने।
उत्तर: हम अपने चुने हुए उत्तरों का कारण मित्रों को समझाएँगे और उनके विचार भी सुनेंगे।

💬 पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—

(क) “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।”

उत्तर: इसका अर्थ है कि ज्ञान और बुद्धि मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। इनके सहारे वह जीवन की कठिनाइयों का सामना कर सकता है।

(ख) “हर वस्तु और स्थिति को पूर्णत: समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”

उत्तर: हमें अपने आसपास की वस्तुओं और घटनाओं को ध्यान से देखना और समझना चाहिए।

(ग) “हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”

उत्तर: भाइयों ने बचपन से अपने आसपास की चीजों को ध्यान से देखना और उनके बारे में तर्क करना सीखा था।

🔗 मिलकर करें मिलान

इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। स्तंभ 1 के वाक्यों को स्तंभ 2 के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए—

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. कुछ समय पश्चात पिता चल बसे।2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया।
2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे।5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा।
3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा।1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा।
4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते।4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं।
5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था।3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था।

🧠 सोच-विचार के लिए

(क) तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?

उत्तर: उन्होंने पैरों के निशान, घास, बैठने के निशान और दूसरे संकेतों का ध्यान से निरीक्षण करके अनुमान लगाया था।

(ख) आपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है— तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए।

उत्तर: अवलोकन और तार्किक सोच को बहुत महत्व दिया गया है। भाइयों ने संकेतों को देखकर तर्क से सही निष्कर्ष निकाले।

(ग) लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?

उत्तर: भाइयों ने पेटी के बारे में सही अनुमान लगाकर अपनी बुद्धिमानी सिद्ध कर दी। इसलिए राजा को उनकी निर्दोषता पर विश्वास हो गया।

(घ) ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता?

उत्तर: उसे लगा कि भाइयों को ऊँट के बारे में बहुत जानकारी है, इसलिए उसने संदेह किया। उसे पहले उनकी बात शांतिपूर्वक सुननी और दूसरे प्रमाण देखने चाहिए थे।

(ङ) पिता ने बेटों को “दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?

उत्तर: पिता जानते थे कि ज्ञान और बुद्धि जीवन में बहुत उपयोगी हैं। इससे पता चलता है कि वे समझदार और दूरदर्शी थे।

(च) राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

उत्तर: राजा बुद्धिमान, सावधान और न्यायप्रिय था। वह केवल आरोप सुनकर निर्णय नहीं लेना चाहता था, बल्कि सत्य की जाँच करना चाहता था।

(छ) आप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?

उत्तर: मैं उनकी पैनी दृष्टि और ध्यान से सोचने की आदत अपनाना चाहूँगा, क्योंकि इससे समस्याओं को समझने और हल करने में सहायता मिलती है।

💭 अनुमान और कल्पना से

(क) यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?

उत्तर: निर्दोष भाइयों को दंड मिल जाता और उनकी बुद्धिमानी सामने नहीं आ पाती।

(ख) यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।

उत्तर: राजा को उनकी बुद्धिमानी पर विश्वास नहीं होता और उन्हें स्वयं को निर्दोष सिद्ध करने में अधिक कठिनाई होती।

(ग) लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?

उत्तर: उन्हें लंबी यात्रा, गर्मी, भूख, प्यास, कठिन रास्तों और ऊँट के सही स्थान का पता लगाने में कठिनाई हो सकती थी।

(घ) यदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।

उत्तर: मैं उन्हें किसी वस्तु को देखकर उसके बारे में अनुमान लगाने, संकेत पहचानने और तर्क से उत्तर देने की गतिविधि देता।

🧠 शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए—

उदाहरण: मस्तिष्क बुद्धि समझ ज्ञान विवेक तर्क सोच

📘 कारक

नीचे दिए गए वाक्य को ध्यान से पढ़िए—

“भाइयों जवाब दिया।”

सही वाक्य है—

“भाइयों ने जवाब दिया।”

यहाँ ‘ने’ शब्द ‘भाइयों’ और ‘जवाब दिया’ के बीच संबंध जोड़ता है। ऐसे शब्दों को कारक या परसर्ग कहा जाता है।

कारक के सामान्य शब्द

ने, को, पर, से, के द्वारा, का, में, के लिए, की, के, हे, हो, अरे

नीचे दिए गए वाक्यों में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए –

1. “हमने तो तुम्हारे ऊँट ____ देखा तक नहीं”, भाइयों ____ परेशान होते हुए कहा।
उत्तर: तुम्हारे ऊँट को देखा तक नहीं”, भाइयों ने परेशान होते हुए कहा।
2. “मैं अपने रेवड़ों ____ पहाड़ों ____ लिये जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे ____ साथ एक बड़े-से ऊँट ____ मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”
उत्तर: रेवड़ों को पहाड़ों के लिए ले जा रहा था; बेटे के साथ एक बड़े-से ऊँट पर।
3. राजा ____ उसी समय अपने मंत्री ____ बुलाया और उसके कान ____ कुछ फुसफुसाया।
उत्तर: राजा ने उसी समय अपने मंत्री को बुलाया और उसके कान में कुछ फुसफुसाया।
4. यह सुनकर राजा ____ पेटी ____ पास लाने ____ आदेश दिया। सेवकों ____ तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ____ सेवकों ____ पेटी खोलने ____ लिए कहा।
उत्तर: राजा ने पेटी को पास लाने का आदेश दिया। सेवकों ने तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा।

📢 सूचनापत्र

कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचनापत्र लिखिए।

📢 सूचना

खोया हुआ ऊँट

मेरा एक बड़ा ऊँट खो गया है। वह एक आँख से नहीं देख पाता है। उसके साथ मेरी पत्नी और छोटा बच्चा भी थे। यदि किसी को इस ऊँट के बारे में जानकारी मिले तो कृपया तुरंत मुझे सूचित करें।

ऊँट के मालिक

🗣️ आपकी बात

1. लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
उत्तर: हाँ। मैंने अपनी किताब ढूँढ़ते समय कमरे की चीजों को ध्यान से देखा और उसे सही जगह पर खोज लिया।
2. लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली।” यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
उत्तर: इससे मैं चीजों को जल्दी समझ पाता हूँ, गलतियाँ कम करता हूँ और समस्याओं का हल आसानी से खोज पाता हूँ।
3. लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं, जैसे— भूख, थकान और पैरों में छाले। आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
उत्तर: मुझे पढ़ाई, समय की कमी, कठिन गृहकार्य और कभी-कभी थकान जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
4. भाइयों ने बिना देखे ही ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
उत्तर: हाँ, अनुभव और समझ से अनुमान लगाया जा सकता है। लेकिन महत्वपूर्ण निर्णय में प्रमाण की जाँच भी करनी चाहिए।
5. जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शक किया तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया?
उत्तर: हाँ, हमें शांत रहना चाहिए। शांत रहकर अपनी बात समझाने से समस्या आसानी से हल हो सकती है।
6. राजा ने भाइयों की बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिल्कुल नया और चौंकाने वाला हो?
उत्तर: हाँ। मैंने कई बार लोगों को कठिन समस्याएँ आसानी से हल करते देखा है। उनसे मुझे नए तरीके सीखने को मिले हैं।
7. लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
उत्तर: हाँ। मुझे हमेशा ध्यान से पढ़ने और सोच-समझकर काम करने की सलाह मिली है। मैं भी दूसरों को मेहनत और सीखते रहने की सलाह दूँगा।
8. भाइयों ने अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
उत्तर: हाँ, सच बोलना महत्वपूर्ण है। सच बोलने से विश्वास बना रहता है और कठिन समस्या भी हल हो सकती है।

👁️ ज्ञान से देखना-सुनना-अनुभव करना

तीनों भाइयों ने अपने आसपास की प्रत्येक वस्तु और घटना को ध्यान से देखा, सुना और समझा। उन्होंने अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग किया।

पाँच ज्ञानेंद्रियाँ

ज्ञानेंद्रियहम किससे अनुभव करते हैं?
👁️ आँखदेखकर
👂 कानसुनकर
👃 नाकसूँघकर
👅 जीभचखकर
✋ त्वचास्पर्श करके

इन ज्ञानेंद्रियों के माध्यम से हम वस्तुओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

🎮 (क) ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न-उत्तर खेल

चरण—

  1. एक विद्यार्थी कक्षा से बाहर जाकर दिखाई देने वाली किसी एक वस्तु या स्थान का नाम चुनेगा।
  2. विद्यार्थी वापस कक्षा में आएगा और उस नाम को एक कागज पर लिख लेगा।
  3. अन्य विद्यार्थी बारी-बारी से उस वस्तु का नाम पता करने के लिए प्रश्न पूछेंगे।
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में दिया जाएगा।
  5. सभी विद्यार्थी अधिकतम 20 प्रश्न ही पूछ सकते हैं।
  6. यदि 20 प्रश्नों के अंदर विद्यार्थी वस्तु का सही अनुमान लगा लेते हैं तो वे जीत जाएँगे।
  7. अब दूसरे विद्यार्थी को बाहर भेजकर गतिविधि दोहराएँगे।
  8. गतिविधि के अंत में सभी मिलकर अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करेंगे।

उदाहरण

  • क्या इस वस्तु का उपयोग कक्षा में होता है?
  • क्या यह खाने-पीने की चीज है?
  • क्या यह लकड़ी से बनी है?
  • क्या यह बिजली से चलती है?

👃 (ख) गतिविधि— ‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’

  1. एक थैले या डिब्बे में सुरक्षित विभिन्न वस्तुएँ रखें।
  2. विद्यार्थियों को आँखों पर पट्टी बाँधकर केवल स्पर्श, गंध या स्वाद का उपयोग करके वस्तु पहचाननी होगी।
  3. बारी-बारी से प्रत्येक विद्यार्थी को बुलाएँ।
  4. उसे डिब्बे से एक वस्तु दी जाए।
  5. विद्यार्थी उसे छूकर, सूँघकर या सुरक्षित वस्तु होने पर चखकर पहचानने का प्रयास करे।
  6. सही पहचान करने के बाद बताए कि उसने वस्तु को कैसे पहचाना।
  7. सभी विद्यार्थियों को अवसर दें।
  8. अंत में वस्तुओं के बारे में चर्चा करें।
⚠️ सुरक्षा: स्वाद वाली गतिविधि में केवल सुरक्षित और शिक्षक द्वारा जाँची गई खाद्य वस्तुओं का प्रयोग करें।

🧩 आज की पहेली

1. कौन है यह प्राणी?

1. इसकी लंबी पूँछ होती है जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।

2. इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।

3. यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।

4. इसके पास तेज आँखें होती हैं जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं।

उत्तर: गिरगिट।

2. रंगीन डिब्बे

एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं— लाल, हरा, नीला और पीला। बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है? यदि—

  1. लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।
  2. हरा डिब्बा पीले डिब्बे के पास नहीं है।
  3. पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।
  4. हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।
उत्तर: पीले डिब्बे के बराबर में नीला डिब्बा होगा।

⭐ त्वरित पुनरावृत्ति

प्रश्नउत्तर
तीनों भाइयों के पास असली धन क्या था?ज्ञान और बुद्धि।
पिता ने किस धन को जमा करने को कहा?पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि।
भाइयों ने ऊँट को कैसे पहचाना?संकेतों और निशानों को देखकर।
बड़े भाई ने क्या पहचाना?ऊँट बड़ा था।
मझले भाई ने क्या अनुमान लगाया?ऊँट एक आँख से नहीं देखता था।
छोटे भाई ने क्या जाना?ऊँट पर महिला और बच्चा सवार थे।
पेटी में क्या था?कच्चा अनार।
राजा ने भाइयों को क्या माना?निर्दोष और बहुत बुद्धिमान।
कहानी की मुख्य सीख क्या है?ध्यान से देखो, सोचो और तर्क से निष्कर्ष निकालो।

🌟 याद रखने योग्य शब्द

निर्धन धन संचय पैनी दृष्टि तीव्र बुद्धि अवलोकन अनुमान तर्क घुड़सवार निर्दोष बुद्धिमान परिवेश सूचनापत्र

🏆 परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातें

  1. पिता के अनुसार ज्ञान और बुद्धि ही असली धन हैं।
  2. तीनों भाइयों ने संकेतों को ध्यान से देखकर ऊँट के बारे में अनुमान लगाया।
  3. बड़े भाई ने पैरों के निशानों से ऊँट के बड़ा होने का अनुमान लगाया।
  4. मझले भाई ने घास देखकर ऊँट के एक आँख से न देखने का अनुमान लगाया।
  5. छोटे भाई ने महिला और बच्चे के पैरों के निशान देखकर उनके साथ होने का अनुमान लगाया।
  6. राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी मँगवाई।
  7. पेटी में कच्चा अनार निकला।
  8. भाइयों की बुद्धिमानी देखकर राजा ने उन्हें अपने दरबार में रख लिया।
  9. कहानी हमें ध्यानपूर्वक देखने, सोचने और तर्क करने की सीख देती है।

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