Class 7 Hindi Malhar Chapter 10 Notes | मीरा के पद

Class 7 Hindi Malhar Chapter 10 “मीरा के पद” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

कक्षा 7 हिन्दी मल्हार पाठ 10 मीरा के पद | Notes and Solutions

कक्षा 7 हिन्दी मल्हार

पाठ 10 — मीरा के पद

सरल नोट्स, पूरी कविता, प्रश्न-उत्तर और गतिविधियाँ

पाठ का सरल सारांश

इस पाठ में भक्त कवयित्री मीरा के दो पद दिए गए हैं। मीरा श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वे श्रीकृष्ण को अपना प्रभु और प्रिय मानती थीं। पहले पद में मीरा श्रीकृष्ण की सुंदरता का वर्णन करती हैं और उनसे अपने नेत्रों में बसने की प्रार्थना करती हैं।

दूसरे पद में सावन ऋतु का सुंदर वर्णन है। आकाश में बादल उमड़-घुमड़कर आते हैं, बिजली चमकती है, वर्षा होती है और ठंडी हवा चलती है। श्रीकृष्ण के आने की खबर सुनकर मीरा का मन आनंद से भर जाता है।

दोनों पदों में भक्ति, प्रेम, प्रकृति की सुंदरता और आनंद की भावना दिखाई देती है।

पूरे पद

पद 1
बसो मेरे नैनन में नंदलाल।
मोहिन मूरत साँवरी सूरत, नैना बने विशाल।।

अधर सुधा रस मुरली राजित, उर वैजयंती माल।
क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल।।

मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वत्सल गोपाल।

— मीरा

पद 2
बरसे बदरिया सावन की, सावन की मनभावन की।
सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की।।

उमड़ घुमड़ चहुँ दिस से आया, दामिन दमकै झर लावन की।
नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सोहावन की।।

मीरा के प्रभु गिरधरनागर, आनंद मंगल गावन की।।

— मीरा

कवयित्री से परिचय

मीरा हिन्दी की महान कवयित्री, कृष्ण भक्त और संत थीं। माना जाता है कि मीरा बचपन से ही श्रीकृष्ण की भक्ति में मग्न रहती थीं। वे राजकुमारी होते हुए भी संतों का जीवन जीने लगीं और महलों का त्याग कर तीर्थ यात्राएँ करने लगीं।

उन्होंने मंदिरों में भजन गाना और सत्संग करना शुरू किया। उनके भजन आज भी लोग श्रद्धा और प्रेम से गाते और सुनते हैं। मीरा की रचनाओं में श्रीकृष्ण के प्रति गहरा प्रेम और भक्ति दिखाई देती है।

महत्वपूर्ण शब्द और भाव

नंदलाल

श्रीकृष्ण का नाम।

साँवरी सूरत

श्याम रंग की सुंदर आकृति।

वैजयंती माल

वैजयंती के बीजों से बनी माला।

सावन

वर्षा ऋतु से जुड़ा महीना।

गिरधर

पर्वत धारण करने वाले श्रीकृष्ण।

भक्त वत्सल

अपने भक्तों से प्रेम करने वाला।

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) “बसो मेरे नैनन में नंदलाल” पद में मीरा किनसे विनती कर रही हैं?
संतों से
भक्तों से
वैजयंती से
श्रीकृष्ण से
उत्तर: श्रीकृष्ण से
(2) “बसो मेरे नैनन में नंदलाल” पद का मुख्य विषय क्या है?
प्रेम और भक्ति
प्रकृति की सुंदरता
युद्ध और शांति
ज्ञान और शिक्षा
उत्तर: प्रेम और भक्ति
(3) “बरसे बदरिया सावन की” पद में कौन-सी ऋतु का वर्णन किया गया है?
सर्दी
गरमी
वर्षा
वसंत
उत्तर: वर्षा
(4) “बरसे बदरिया सावन की” पद को पढ़कर ऐसा लगता है, जैसे मीरा—
प्रसन्न हैं।
दुखी हैं।
उदास हैं।
चिंतित हैं।
उत्तर: प्रसन्न हैं।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर: पहले पद में मीरा श्रीकृष्ण से अपने नेत्रों में बसने की प्रार्थना करती हैं, इसलिए श्रीकृष्ण सही उत्तर है। दूसरे पद में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति है। दूसरे पद में सावन, बादल, वर्षा और ठंडी हवा का वर्णन है तथा मीरा आनंदित हैं।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से चुने गए शब्दों को उनके सही अर्थ या संदर्भ से मिलाइए।

शब्दअर्थ / संदर्भ
1. नंदलालपर्वत को धारण करने वाले, श्रीकृष्ण
2. वैजयंती मालश्रावण का महीना
3. सावनवैजयंती पौधे के बीजों से बनने वाली माला
4. गिरधरनंद के पुत्र, श्रीकृष्ण
उत्तर:
1. नंदलाल — नंद के पुत्र, श्रीकृष्ण
2. वैजयंती माल — वैजयंती पौधे के बीजों से बनने वाली माला
3. सावन — श्रावण का महीना
4. गिरधर — पर्वत को धारण करने वाले, श्रीकृष्ण

पंक्तियों पर चर्चा

(क) “नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सोहावन की।”
उत्तर: सावन में छोटी-छोटी वर्षा की बूँदें गिर रही हैं और ठंडी हवा बहुत सुंदर लग रही है।
(ख) “मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वत्सल गोपाल।”
उत्तर: मीरा कहती हैं कि श्रीकृष्ण संतों को सुख देने वाले और अपने भक्तों से प्रेम करने वाले हैं।

सोच-विचार के लिए

(क) पहले पद में श्रीकृष्ण के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
उत्तर: श्रीकृष्ण की साँवली सुंदर सूरत, बड़े नेत्र, होंठों पर मधुर मुरली, सीने पर वैजयंती माला, कमर पर घंटियाँ और पैरों में नूपुर बताए गए हैं।
(ख) दूसरे पद में सावन के बारे में क्या-क्या बताया गया है?
उत्तर: सावन में बादल उमड़ते-घुमड़ते हैं, बिजली चमकती है, वर्षा होती है और ठंडी सुहावनी हवा चलती है। सावन मीरा के मन में आनंद भर देता है।

कविता की रचना

(क) इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने-अपने समूह में मिलकर इस पाठ की विशेषताओं की सूची बनाइए।
उत्तर:
  • कविता में छोटी-छोटी पंक्तियाँ हैं।
  • श्रीकृष्ण के अलग-अलग नामों का प्रयोग किया गया है।
  • कविता में भक्ति और प्रेम की भावना है।
  • श्रीकृष्ण की सुंदरता का वर्णन है।
  • सावन और वर्षा का सुंदर वर्णन है।
  • कवयित्री ने अपने नाम मीरा का प्रयोग किया है।
  • कविता में मधुर ध्वनियों और सुंदर शब्दों का प्रयोग है।
(ख) अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
उत्तर: समूह के सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी विशेषताएँ कक्षा में साझा कर सकते हैं।

अनुमान और कल्पना से

(क) मान लीजिए कि बादलों ने मीरा को श्रीकृष्ण के आने का संदेश सुनाया है। आपको क्या लगता है कि उन्होंने क्या कहा होगा? कैसे कहा होगा?
उत्तर: बादलों ने शायद कहा होगा कि श्रीकृष्ण शीघ्र आने वाले हैं। बादलों की गरज और वर्षा की बूँदों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया होगा।
(ख) यदि आपको मीरा से बातचीत करने का अवसर मिल जाए तो आप उनसे क्या-क्या कहेंगे और क्या-क्या पूछेंगे?
उत्तर: मैं मीरा से श्रीकृष्ण के प्रति उनकी भक्ति, उनके जीवन और उनके भजनों के बारे में पूछूँगा। मैं उनसे यह भी पूछूँगा कि उन्हें श्रीकृष्ण से इतना प्रेम क्यों है।

शब्दों के रूप

(क) “मोहिन मूरत साँवरी सूरत, नैना बने विशाल।” इस पंक्ति में ‘साँवर’ शब्द आया है। इसके स्थान पर अधिकतर ‘साँवली’ शब्द का प्रयोग किया जाता है। इस पद में ऐसे कुछ और शब्द हैं, जिन्हें आप कुछ अलग रूप में लिखते और बोलते होंगे। नीचे ऐसे ही कुछ अन्य शब्द दिए गए हैं। इन्हें आप जिस रूप में बोलते-लिखते हैं, उस तरह से लिखिए।
पाठ का शब्दआप जिस रूप में बोलते/लिखते हैं
नैनन
सोिभत
भक्त वछल
बदरिया
मेरो मनवा
आवन
दिस
मेहा
उदाहरण:
नैनन — नयनों / आँखों
सोिभत — शोभित
भक्त वछल — भक्तवत्सल
बदरिया — बदरिया / बादल
मेरो मनवा — मेरा मन
आवन — आना
दिस — दिशा
मेहा — मेघ / वर्षा

शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए स्थानों में श्रीकृष्ण से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए।

शब्दश्रीकृष्ण से जुड़ा शब्द
नंदलाल
गिरधर
गोपाल
हरि
गिरधरनागर
उत्तर: नंदलाल, गिरधर, गोपाल, हरि, गिरधरनागर — सभी श्रीकृष्ण के नाम हैं।

पंक्ति से पंक्ति

स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलती-जुलती पंक्तियों को मिलाइए।

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. अधर सुधा रस मुरली राजित, उर वैजयंती माल A. चारों दिशाओं से बादल उमड़-घुमड़ कर बरस रहे हैं, बिजली चमक रही है, वर्षा की झड़ी लग गई है।
2. क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल B. होंठों पर सुरीली धुनों से भरी हुई बाँसरी और सीने पर वैजयंती माला सजी हुई है।
3. मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वत्सल गोपाल C. सावन के महीने में मेरे मन में बहुत-सी उमंगें उठ रही हैं, क्योंकि मैंने श्रीकृष्ण के आने की चर्चा सुनी है।
4. सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की D. हे मीरा के प्रभु! तुम संतों को सुख देने वाले हो और अपने भक्तों से स्नेह करने वाले हो।
5. उमड़ घुमड़ चहुँ दिस से आया, दामिन दमकै झर लावन की E. कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं और पैरों में बँधे नूपुर मीठी आवाज में बोल रहे हैं।
उत्तर:
1 – B
2 – E
3 – D
4 – C
5 – A

कविता का सौंदर्य

“बरसे बदरिया सावन की।” इस पंक्ति में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए। क्या आपको कोई विशेष बात दिखाई दी?
उत्तर: ‘बरसे’ और ‘बदरिया’ दोनों शब्द ‘ब’ ध्वनि से शुरू होते हैं। एक ही ध्वनि की पुनरावृत्ति से पंक्ति अधिक सुंदर और मधुर लगती है।
पाठ में से इस प्रकार के अन्य उदाहरण ढूँढ़कर लिखिए।
उदाहरण:
“नन्हीं नन्हीं बूँदन” में ‘न’ ध्वनि की पुनरावृत्ति है।
“उमड़ घुमड़” में समान ध्वनि का सुंदर प्रयोग है।

रूप बदलकर

पाठ के किसी एक पद को एक अनुच्छेद के रूप में लिखिए। उदाहरण के लिए — ‘सावन के बादल बरस रहे हैं…’ या ‘सावन की बदरिया बरसती है…’ आदि।
उदाहरण: सावन का महीना आया है। आकाश में बादल उमड़-घुमड़कर छा गए हैं। बिजली चमक रही है और वर्षा हो रही है। छोटी-छोटी बूँदें गिर रही हैं। ठंडी हवा चल रही है। सावन का सुंदर मौसम देखकर मीरा का मन आनंद से भर गया है।

मुहावरे

“बसो मेरे नैनन में नंदलाल।”

‘नैनों या आँखों में बस जाना’ एक मुहावरा है। जब कोई व्यक्ति या वस्तु हमें बहुत अधिक प्रिय लगने लगे और उसका ध्यान हर समय मन में बना रहे, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

आँखों से जुड़े मुहावरे

मुहावराअर्थवाक्य
1. आँखों का ताराबहुत प्यारा व्यक्तिवह अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
2. आँखों पर पर्दा पड़नासच्चाई दिखाई न देनालालच के कारण उसकी आँखों पर पर्दा पड़ गया।
3. आँखों के आगे अँधेरा छानाबहुत घबरा जानाअचानक दुर्घटना देखकर मेरी आँखों के आगे अँधेरा छा गया।
4. आँख दिखानाधमकानाबच्चे को आँख दिखाना अच्छी बात नहीं है।
5. आँख का काँटाअप्रिय व्यक्तिवह अपने पड़ोसी की आँख का काँटा बन गया।
6. आँखें फेरनासाथ छोड़ देनामुसीबत में मित्र से आँखें नहीं फेरनी चाहिए।
7. आँख भर आनाभावुक होकर आँसू आनापुरानी याद सुनकर उसकी आँख भर आई।
8. आँखें चार करनाएक-दूसरे को देखनादोनों मित्रों ने आँखें चार कीं और मुस्कुराए।
9. आँखों से उतारनासम्मान कम हो जानागलत व्यवहार से उसने सबकी आँखों से खुद को उतार लिया।
10. आँखों में खटकनाअप्रिय लगनाउसका बुरा व्यवहार सबकी आँखों में खटकता है।

सबकी प्रस्तुति

पाठ के किसी एक पद को चुनकर अपने समूह के साथ मिलकर अलग-अलग तरीके से कक्षा के सामने प्रस्तुत कीजिए।

उदाहरण:

  • गायन करना।
  • भाव-नृत्य प्रस्तुति करना।
  • कविता पाठ करना।
उत्तर: विद्यार्थी समूह बनाकर किसी एक पद का गायन, कविता पाठ या भाव-नृत्य प्रस्तुत कर सकते हैं।

आपकी बात

(क) “बरसे बदरिया सावन की”

1. इस पद में सावन का सुंदर चित्रण किया गया है। जब आपके गाँव या नगर में सावन आता है तो मौसम में क्या परिवर्तन आते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर: सावन में आकाश में बादल छा जाते हैं। वर्षा होती है और मौसम ठंडा हो जाता है। पेड़-पौधे हरे-भरे हो जाते हैं और वातावरण सुंदर लगता है।
2. सावन की ऋतु में किस-किस प्रकार की ध्वनियाँ सुनाई देती हैं? इन ध्वनियों को सुनकर आपके मन में कौन-कौन सी भावनाएँ उठती हैं? आप कैसा अनुभव करते हैं?
उत्तर: सावन में बादलों की गरज, बिजली की आवाज और वर्षा की बूँदों की टप-टप सुनाई देती है। इनसे मुझे आनंद और शांति का अनुभव होता है।
3. वर्षा ऋतु में आपको कौन-कौन सी गतिविधियाँ करने या खेल खेलने में आनंद आता है?
उत्तर: मुझे वर्षा में कागज की नाव चलाना, बारिश देखना और घर में खेल खेलना अच्छा लगता है।
4. सावन के महीने में हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। आपके घर, परिसर या गाँव में सावन में कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं? किसी एक के विषय में अपने अनुभव बताइए।
उत्तर: हमारे यहाँ सावन में रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और परिवार में खुशी का वातावरण रहता है।

(ख) “बसो मेरे नैनन में नंदलाल”

1. इस पद में मीरा श्रीकृष्ण को ‘संतों को सुख देने वाला’ और ‘भक्तों का पालन करने वाला’ कहती हैं। क्या आपके जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति है जो सदैव आपकी सहायता करता है और आपको आनंदित करता है? विस्तार से बताइए।
उत्तर: हाँ, मेरे माता-पिता हमेशा मेरी सहायता करते हैं। वे मेरी पढ़ाई में मदद करते हैं, मेरी गलतियाँ समझाते हैं और मुझे खुश रखते हैं।
2. कवयित्री ने पाठ में ‘नूपुर’ और ‘क्षुद्र घंटिका’ जैसे उदाहरणों का प्रयोग किया है। किसी का वर्णन करने के लिए हम केवल बड़ी-बड़ी ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी बता सकते हैं। आप भी अपने आस-पास के किसी व्यक्ति या वस्तु का वर्णन करते हुए उससे जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दीजिए और उन्हें लिखिए।
उत्तर: मेरी माँ बहुत प्यारी हैं। वे हमेशा मुस्कुराती हैं। वे मेरे लिए स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं और मेरी पढ़ाई में सहायता करती हैं। उनकी मीठी आवाज और प्रेम भरी बातें मुझे बहुत अच्छी लगती हैं।

विशेषताएँ

(क) इस पंक्ति में कवयित्री ने श्रीकृष्ण की मोहनी मूरत, साँवरी सूरत और विशाल नैनों की बात की है। आपको श्रीकृष्ण की कौन-कौन सी बातों ने सबसे अधिक आकर्षित किया?
उत्तर: मुझे श्रीकृष्ण की साँवली सुंदर सूरत, मधुर मुस्कान, मुरली और प्रेमपूर्ण स्वभाव सबसे अधिक आकर्षित करते हैं।
(ख) किसी व्यक्ति या वस्तु का कौन-सा गुण आपको सबसे अधिक आकर्षित करता है? क्यों? अपने जीवन से जुड़े किसी व्यक्ति या वस्तु के उदाहरण से बताइए।
उत्तर: मुझे किसी व्यक्ति की दयालुता सबसे अधिक आकर्षित करती है क्योंकि दयालु व्यक्ति दूसरों की सहायता करता है।
(ग) हम सबकी कुछ विशेषताएँ बाहरी तो कुछ आंतरिक होती हैं। बाहरी विशेषताएँ तो हमें दिखाई दे जाती हैं, लेकिन आंतरिक विशेषताएँ व्यक्ति के व्यवहार से पता चलती हैं। आप अपनी दोनों प्रकार की विशेषताओं के दो-दो उदाहरण दीजिए।
बाहरी विशेषताएँआंतरिक विशेषताएँ
मुस्कुराता चेहरादयालु स्वभाव
काले बालसहयोग करने की आदत

मधुर ध्वनियाँ

“अधर सुधा रस मुरली राजित, उर वैजयंती माल।
क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल।”

इन पंक्तियों में तीन ऐसी वस्तुओं के नाम आए हैं, जिनसे मधुर ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं। उन वस्तुओं के नाम पहचानकर लिखिए।

उत्तर: मुरली, घंटिका और नूपुर।

वाद्ययंत्र पहेलियाँ

पहेली 1

हवा से बोलती है, सर में गीत सुनाती है,
होठों से छू जाए, तो मन को लुभाती है।

उत्तर: ____________________

पहेली 2

दो साथियों का जोड़ा, हाथों से है बजता,
ताल मिलाए ताल से, हर संगत में सजता।

उत्तर: ____________________

पहेली 3

शाहों में शामिल होती, फूँकों से गीत सुनाती,
सुख के सारे काम सजाती, दुख में भी ये साथ निभाती।

उत्तर: ____________________

पहेली 4

तारों में छिपा संगीत, माँ सरस्वती का गहना,
छेड़े जब उँगलियाँ, बहे रागों का झरना।

उत्तर: ____________________

पहेली 5

दो हाथों से बजती है ये, ताल से थिरकें पैर,
हर उत्सव की है ये साथी, लटक गले ये करती सैर।

उत्तर: ____________________

पहेली 6

नागिन-सी लहराती है जो, बड़ी खास आवाज है जिसकी,
तीन, चीन, रंगीन, हीन से मिली-जुली पहचान है इसकी।

उत्तर: ____________________

पहेली 7

सौ तारों का जादू, डूंडियों से जो गाए,
कश्मीर की वादियों जैसा मधुर संगीत लाए।

उत्तर: ____________________

पहेली 8

छोटा-सा यंत्र है, हाथों से बजता जाए,
घर-मंदिर का साथी, झंकार से मन बहलाए।

उत्तर: ____________________

संभावित उत्तर: बाँसुरी, ढोलक, शहनाई, वीणा, मंजीरा, नागफनी/संबंधित वाद्य, संतूर, घंटी।

चित्र करते हैं बातें

नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए— यह मीरा का काँगड़ा शैली में बना चित्र है। इस चित्र के आधार पर मीरा के संबंध में एक अनुच्छेद लिखिए।

यहाँ मीरा का चित्र लगाया जा सकता है।

उदाहरण: मीरा श्रीकृष्ण की महान भक्त और कवयित्री थीं। वे कृष्ण की भक्ति में लीन रहती थीं। उन्होंने अनेक सुंदर भजन और पद लिखे। उनकी रचनाओं में प्रेम और भक्ति की भावना दिखाई देती है।

सावन से जुड़े गीत

अपने परिजनों, मित्रों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता से सावन में गाए जाने वाले गीतों को ढूँढ़िए और किसी एक गीत को अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए। आप सावन से जुड़ा कोई भी लोकगीत, खेलगीत, कविता आदि लिख सकते हैं। कक्षा के सभी समूहों द्वारा एकत्रित गीतों को जोड़कर एक पुस्तिका बनाइए और कक्षा के पुस्तकालय में उसे सम्मिलित कीजिए।
उत्तर: यह एक परियोजना कार्य है। विद्यार्थी सावन से जुड़ा कोई लोकगीत या कविता खोजकर अपनी पुस्तिका में लिखें।

खोजबीन

आपने पढ़ा कि मीरा श्रीकृष्ण की आराधना करती थीं। आपने कक्षा 6 की पुस्तक मल्हार में पढ़ा था कि सूरदास भी श्रीकृष्ण के भक्त थे। अपने समूह के साथ मिलकर सूरदास की कुछ रचनाएँ ढूँढ़कर कक्षा में सुनाइए। इसके लिए आप पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।
उत्तर: विद्यार्थी समूह बनाकर सूरदास की किसी रचना को खोजें और कक्षा में प्रस्तुत करें।

आज की पहेली

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनकी अंतिम ध्वनि से मिलती-जुलती ध्वनि वाले शब्द वर्ग में से खोजिए और लिखिए।

शब्दसमान ध्वनि वाला शब्द
1. मूरत / सूरत
2. सावन
3. उमड़
4. नागर
5. नंदलाल
उदाहरण:
सावन — आवन
उमड़ — घुमड़
नागर — सागर
नंदलाल — विशाल

पाठ से मिलने वाली सीख

भक्ति

मीरा की भक्ति हमें सच्चे प्रेम और श्रद्धा की सीख देती है।

प्रेम

श्रीकृष्ण के प्रति मीरा का प्रेम बहुत गहरा था।

प्रकृति

सावन के बादल, वर्षा और ठंडी हवा प्रकृति की सुंदरता दिखाते हैं।

आनंद

श्रीकृष्ण के आने की खबर से मीरा का मन आनंदित हो जाता है।

संगीत

मुरली, नूपुर और घंटिकाएँ मधुर ध्वनि उत्पन्न करती हैं।

सुंदर वर्णन

मीरा ने श्रीकृष्ण के रूप और सावन के मौसम का सुंदर वर्णन किया है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

1. मीरा किसकी भक्त थीं?
श्रीकृष्ण की।
2. मीरा श्रीकृष्ण को अपने नयनों में क्यों बसाना चाहती हैं?
क्योंकि वे श्रीकृष्ण से बहुत प्रेम करती थीं और उनकी सुंदर छवि को हमेशा देखना चाहती थीं।
3. सावन में प्रकृति में क्या परिवर्तन होता है?
बादल आते हैं, वर्षा होती है, बिजली चमकती है और ठंडी हवा चलती है।
4. मीरा के अनुसार श्रीकृष्ण कैसे हैं?
वे संतों को सुख देने वाले और भक्तों से प्रेम करने वाले हैं।
5. कविता में श्रीकृष्ण के किन नामों का प्रयोग हुआ है?
नंदलाल, गोपाल, हरि, गिरधर और गिरधरनागर।

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