कक्षा 6 हिंदी व्याकरण – संपूर्ण नोट्स
CBSE Class 6 Hindi Grammar
सरल भाषा में परिभाषाएँ, उदाहरण और लेखन कौशल
भाग 1: अपठित बोध
1. अपठित गद्यांश
गद्यांश हल करने की विधि
- गद्यांश को ध्यान से दो बार पढ़ें।
- समझें कि गद्यांश किस विषय पर है।
- प्रश्नों में पूछे गए मुख्य शब्दों को पहचानें।
- उत्तर गद्यांश के आधार पर दें।
- उत्तर छोटे, स्पष्ट और पूरे वाक्यों में लिखें।
- यदि शीर्षक पूछा जाए, तो गद्यांश के मुख्य विचार के अनुसार शीर्षक दें।
उदाहरण
प्रश्न और उत्तर
1. पेड़ हमें क्या-क्या देते हैं?
उत्तर: पेड़ हमें फल, फूल, लकड़ी और छाया देते हैं।
2. पेड़ किसे शुद्ध करते हैं?
उत्तर: पेड़ वायु को शुद्ध करते हैं।
3. हमें पेड़ों के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर: हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए।
4. इस गद्यांश का उचित शीर्षक क्या होगा?
उत्तर: पेड़ों का महत्त्व।
2. अपठित पद्यांश
पद्यांश हल करने की विधि
- कविता को ध्यान से पढ़ें।
- कठिन शब्दों का अर्थ संदर्भ से समझने का प्रयास करें।
- कविता का मुख्य भाव पहचानें।
- उत्तर कविता की पंक्तियों के आधार पर लिखें।
- यदि भावार्थ पूछा जाए, तो कविता का अर्थ सरल भाषा में लिखें।
उदाहरण
प्रश्न और उत्तर
1. कविता में किन लोगों की बात की गई है?
उत्तर: कविता में मेहनत करने वाले लोगों की बात की गई है।
2. मंजिल पाने के लिए किन गुणों की आवश्यकता है?
उत्तर: मंजिल पाने के लिए मेहनत, लगन और विश्वास की आवश्यकता है।
3. कविता से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कविता से शिक्षा मिलती है कि हमें कठिनाइयों से घबराए बिना मेहनत करते रहना चाहिए।
भाग 2: हिंदी व्याकरण
3. भाषा, लिपि और व्याकरण
भाषा
उदाहरण: हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, पंजाबी।
भाषा के मुख्य रूप
1. मौखिक भाषा: जब हम बोलकर अपने विचार प्रकट करते हैं।
उदाहरण: दो मित्रों का आपस में बातचीत करना।
2. लिखित भाषा: जब हम लिखकर अपने विचार प्रकट करते हैं।
उदाहरण: पत्र, पुस्तक या संदेश लिखना।
3. सांकेतिक भाषा: जब हम संकेतों या हाव-भाव से अपनी बात समझाते हैं।
उदाहरण: यातायात पुलिस का हाथ से संकेत देना।
लिपि
- हिंदी की लिपि — देवनागरी
- अंग्रेज़ी की लिपि — रोमन
- पंजाबी की लिपि — गुरुमुखी
व्याकरण
अशुद्ध: राम स्कूल जाती है।
शुद्ध: राम स्कूल जाता है।
व्याकरण से भाषा में शुद्धता और स्पष्टता आती है।
4. वर्ण-विचार
उदाहरण: अ, आ, क, ख, ग।
वर्णमाला: वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं।
वर्ण के मुख्य भेद
1. स्वर
जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के किया जाता है, उन्हें स्वर कहते हैं।
उदाहरण: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
अं और अः को क्रमशः अनुस्वार और विसर्ग कहा जाता है। विद्यालय की पुस्तकों में इन्हें स्वर-वर्णों के साथ भी पढ़ाया जा सकता है।
2. व्यंजन
जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं।
उदाहरण: क, ख, ग, घ, च, छ, ज, ट, त, प, म, य, र, ल, व, श, स, ह।
मात्राएँ
स्वरों के लिखित चिह्नों को मात्राएँ कहते हैं।
| स्वर | मात्रा | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | कोई मात्रा नहीं | कमल |
| आ | ा | राम |
| इ | ि | दिन |
| ई | ी | दीप |
| उ | ु | पुल |
| ऊ | ू | फूल |
| ए | े | खेल |
| ऐ | ै | बैल |
| ओ | ो | मोर |
| औ | ौ | कौआ |
5. शब्द-विचार
उदाहरण: घर, जल, पुस्तक, विद्यालय।
अर्थ के आधार पर शब्द
1. सार्थक शब्द: जिनका कोई अर्थ हो।
उदाहरण: नदी, बच्चा, सुंदर।
2. निरर्थक शब्द: जिनका स्वतंत्र रूप से कोई निश्चित अर्थ न हो।
उदाहरण: चाय-वाय में “वाय”।
उत्पत्ति के आधार पर शब्द
1. तत्सम: संस्कृत से बिना विशेष परिवर्तन के आए शब्द।
उदाहरण: अग्नि, सूर्य, रात्रि।
2. तद्भव: संस्कृत से बदलकर हिंदी में आए शब्द।
उदाहरण: आग, सूरज, रात।
3. देशज: स्थानीय बोलियों या देश में प्रचलित स्रोतों से बने शब्द।
उदाहरण: खटिया, झोपड़ी।
4. विदेशज: दूसरी भाषाओं से हिंदी में आए शब्द।
उदाहरण: स्कूल, किताब, साबुन।
रचना के आधार पर शब्द
1. रूढ़ शब्द: जिनके खंड करने से उनके प्रचलित अर्थ का स्पष्ट ज्ञान नहीं होता।
उदाहरण: घर, नाक।
2. यौगिक शब्द: दो या अधिक सार्थक शब्दों से मिलकर बने शब्द।
उदाहरण: विद्यालय (विद्या + आलय), राजपुत्र (राजा + पुत्र)।
3. योगरूढ़ शब्द: जो कई शब्दों से मिलकर बने हों, लेकिन किसी विशेष अर्थ में प्रसिद्ध हों।
उदाहरण: दशानन — दस मुखों वाला; सामान्यतः रावण के लिए प्रयुक्त।
6. संज्ञा
उदाहरण: मोहन, दिल्ली, पुस्तक, गाय, मिठास।
संज्ञा के भेद
1. व्यक्तिवाचक संज्ञा
किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम।
उदाहरण: सीता, भारत, गंगा, हिमालय।
2. जातिवाचक संज्ञा
किसी पूरी जाति या वर्ग का बोध कराने वाला शब्द।
उदाहरण: लड़का, नदी, शहर, पक्षी।
3. भाववाचक संज्ञा
किसी भाव, गुण, अवस्था या दशा का बोध कराने वाला शब्द।
उदाहरण: ईमानदारी, सुंदरता, बचपन, मिठास।
4. समूहवाचक संज्ञा
किसी समूह का बोध कराने वाला शब्द।
उदाहरण: सेना, झुंड, भीड़, कक्षा।
5. द्रव्यवाचक संज्ञा
किसी पदार्थ या द्रव्य का बोध कराने वाला शब्द।
उदाहरण: पानी, सोना, चाँदी, दूध।
7. संज्ञा के विकार
संज्ञा के रूप में लिंग, वचन और कारक के कारण परिवर्तन हो सकता है। इन्हें संज्ञा के विकार कहा जाता है।
लड़का — लड़की (लिंग के कारण)
राम ने — राम को (कारक-चिह्न के कारण)
मुख्य विकार
- लिंग: संज्ञा के जिस रूप से पुरुष या स्त्री जाति का बोध होता है।
- वचन: संज्ञा के जिस रूप से एक या अनेक का बोध होता है।
- कारक: संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के दूसरे शब्दों से संबंध बताने वाला रूप।
8. वचन
वचन के दो भेद हैं।
1. एकवचन: जिससे एक व्यक्ति या वस्तु का बोध हो।
उदाहरण: बच्चा, पुस्तक, लड़की, नदी।
2. बहुवचन: जिससे एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं का बोध हो।
उदाहरण: बच्चे, पुस्तकें, लड़कियाँ, नदियाँ।
एकवचन से बहुवचन
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| लड़का | लड़के |
| बच्चा | बच्चे |
| लड़की | लड़कियाँ |
| नदी | नदियाँ |
| पुस्तक | पुस्तकें |
| वस्तु | वस्तुएँ |
| माता | माताएँ |
| बहू | बहुएँ |
9. कारक
कारक के आठ भेद पढ़ाए जाते हैं।
| कारक | चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता | ने | राम ने खाना खाया। |
| कर्म | को | सीता ने मोहन को बुलाया। |
| करण | से, के द्वारा | उसने कलम से लिखा। |
| संप्रदान | के लिए, को | माँ ने बच्चे के लिए खाना बनाया। |
| अपादान | से | पेड़ से पत्ता गिरा। |
| संबंध | का, की, के | यह मोहन की पुस्तक है। |
| अधिकरण | में, पर | पुस्तक मेज पर है। |
| संबोधन | हे!, अरे!, ओ! | हे मित्र! इधर आओ। |
आसान पहचान
- काम कौन कर रहा है? — कर्ता
- काम किस पर हो रहा है? — कर्म
- किस साधन से काम हुआ? — करण
- किसके लिए काम हुआ? — संप्रदान
- अलग होने या स्रोत का भाव? — अपादान
- किसका, किसकी, किसके? — संबंध
- कहाँ या किस स्थान पर? — अधिकरण
- किसे पुकारा जा रहा है? — संबोधन
10. सर्वनाम
उदाहरण: मैं, हम, तुम, आप, वह, यह, कौन, कोई।
सर्वनाम के प्रमुख भेद
1. पुरुषवाचक सर्वनाम: बोलने वाले, सुनने वाले या जिसके बारे में बात हो, उसका बोध कराते हैं।
- उत्तम पुरुष: मैं, हम
- मध्यम पुरुष: तुम, आप
- अन्य पुरुष: वह, वे, यह, ये
2. निश्चयवाचक सर्वनाम: किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करते हैं।
उदाहरण: यह मेरी पुस्तक है। वह मेरा घर है।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम: किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराते हैं।
उदाहरण: कोई दरवाजे पर है। कुछ गिर गया है।
4. प्रश्नवाचक सर्वनाम: प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होते हैं।
उदाहरण: कौन आया? तुमने क्या खरीदा?
5. संबंधवाचक सर्वनाम: दो वाक्यांशों या कथनों के बीच संबंध बताते हैं।
उदाहरण: जो मेहनत करता है, वह सफल होता है।
6. निजवाचक सर्वनाम: अपनेपन या स्वयं का बोध कराते हैं।
उदाहरण: मैं अपना काम स्वयं करता हूँ।
11. विशेषण
उदाहरण: सुंदर फूल, मीठा आम, पाँच बच्चे।
यहाँ सुंदर, मीठा और पाँच विशेषण हैं।
विशेषण के प्रमुख भेद
1. गुणवाचक विशेषण: गुण या दोष बताए।
उदाहरण: अच्छा लड़का, मीठा फल, लंबा पेड़।
2. संख्यावाचक विशेषण: संख्या या क्रम बताए।
उदाहरण: चार किताबें, पहला स्थान, कई विद्यार्थी।
3. परिमाणवाचक विशेषण: मात्रा बताए।
उदाहरण: थोड़ा पानी, अधिक दूध, पर्याप्त भोजन।
4. सार्वनामिक विशेषण: सर्वनाम जैसे शब्द जब संज्ञा के साथ आकर उसकी ओर संकेत करें।
उदाहरण: यह पुस्तक मेरी है। वह लड़का खेल रहा है।
12. क्रिया
उदाहरण: खाना, पढ़ना, सोना, दौड़ना, हँसना।
वाक्य: रीना पुस्तक पढ़ती है। यहाँ “पढ़ती है” क्रिया है।
क्रिया के भेद
1. सकर्मक क्रिया: जिस क्रिया का प्रभाव किसी कर्म पर पड़ता है।
उदाहरण: मोहन आम खाता है।
प्रश्न: मोहन क्या खाता है? — आम।
2. अकर्मक क्रिया: जिस क्रिया को पूरा अर्थ देने के लिए कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण: बच्चा सोता है। पक्षी उड़ता है।
धातु
क्रिया के मूल रूप को धातु कहते हैं।
- लिखना — लिख
- पढ़ना — पढ़
- चलना — चल
- खाना — खा
13. काल
काल के तीन मुख्य भेद हैं।
1. वर्तमान काल: काम अभी हो रहा है या वर्तमान से संबंधित है।
- मैं पढ़ता हूँ।
- रीना खाना खा रही है।
- बच्चे खेलते हैं।
2. भूतकाल: काम पहले हो चुका है या पहले हुआ था।
- मैं कल बाजार गया।
- रीना ने खाना खाया।
- बच्चे खेल रहे थे।
3. भविष्यत् काल: काम आगे होने वाला है।
- मैं कल बाजार जाऊँगा।
- रीना खाना खाएगी।
- बच्चे खेलेंगे।
14. वाच्य
वाच्य के तीन भेद हैं।
1. कर्तृवाच्य: जिसमें कर्ता की प्रधानता होती है।
उदाहरण: राम पत्र लिखता है।
2. कर्मवाच्य: जिसमें कर्म की प्रधानता होती है।
उदाहरण: राम द्वारा पत्र लिखा जाता है।
3. भाववाच्य: जिसमें काम या भाव की प्रधानता होती है, और कर्ता की क्षमता या असमर्थता का भाव भी हो सकता है।
उदाहरण: मुझसे अब चला नहीं जाता।
कक्षा 6 में वाच्य की प्रारंभिक पहचान और सरल उदाहरणों पर विशेष ध्यान दें।
15. अव्यय या अविकारी शब्द
उदाहरण: आज, यहाँ, वहाँ, धीरे, लेकिन, और, अरे।
अव्यय के प्रमुख भेद
1. क्रियाविशेषण: क्रिया की विशेषता बताए।
उदाहरण: वह धीरे चलता है। रीना आज आएगी।
2. संबंधबोधक: शब्दों के बीच संबंध बताए।
उदाहरण: मेज के ऊपर पुस्तक है। घर के पास मंदिर है।
3. समुच्चयबोधक: शब्दों या वाक्यों को जोड़ें।
उदाहरण: राम और श्याम आए। मैं गया, लेकिन वह नहीं मिला।
4. विस्मयादिबोधक: अचानक उत्पन्न भाव प्रकट करें।
उदाहरण: वाह! कितना सुंदर दृश्य है। अरे! तुम यहाँ कैसे?
16. संधि
उदाहरण: विद्या + आलय = विद्यालय।
संधि के मुख्य भेद
1. स्वर संधि: दो स्वरों के मिलने से परिवर्तन होता है।
- विद्या + आलय = विद्यालय
- महा + ईश = महेश
2. व्यंजन संधि: व्यंजनों के मिलने से परिवर्तन होता है।
- सत् + जन = सज्जन
- जगत् + नाथ = जगन्नाथ
3. विसर्ग संधि: विसर्ग (ः) के बाद आने वाले वर्ण के कारण परिवर्तन होता है।
- मनः + हर = मनोहर
- निः + आशा = निराशा
संधि-विच्छेद में संधि से बने शब्द को उसके मूल भागों में अलग किया जाता है।
उदाहरण: विद्यालय = विद्या + आलय।
17. समास
उदाहरण: राजा का पुत्र = राजपुत्र।
समास में बने शब्द को समस्त पद तथा उसका विस्तार समास-विग्रह कहलाता है।
समास के प्रमुख भेद
1. अव्ययीभाव समास: जिसमें पहला पद प्रधान होता है और पूरा शब्द प्रायः अव्यय की तरह प्रयोग होता है।
उदाहरण: प्रतिदिन = प्रत्येक दिन।
2. तत्पुरुष समास: जिसमें दूसरा पद प्रधान होता है और बीच के कारक-चिह्न का लोप हो जाता है।
उदाहरण: राजपुत्र = राजा का पुत्र।
3. कर्मधारय समास: जिसमें एक पद दूसरे की विशेषता बताता है।
उदाहरण: नीलकमल = नीला कमल।
4. द्विगु समास: जिसमें पहला पद संख्यावाचक होता है और समूह का बोध कराता है।
उदाहरण: नवरत्न = नौ रत्नों का समूह।
5. द्वंद्व समास: जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं।
उदाहरण: माता-पिता = माता और पिता।
6. बहुव्रीहि समास: जिसमें समस्त पद किसी अन्य व्यक्ति या वस्तु का बोध कराता है।
उदाहरण: दशानन = दस मुखों वाला, अर्थात् रावण।
18. उपसर्ग
सु + गंध = सुगंध
प्र + हार = प्रहार
अप + मान = अपमान
नि + डर = निडर
कुछ सामान्य उपसर्ग
| उपसर्ग | उदाहरण |
|---|---|
| अ | अयोग्य |
| अन् | अनजान |
| सु | सुगंध |
| दु | दुर्गुण |
| प्र | प्रगति |
| उप | उपवन |
| प्रति | प्रतिदिन |
| निर् | निर्भय |
| अप | अपमान |
| परा | पराजय |
19. प्रत्यय
अपना + पन = अपनापन
पढ़ + आई = पढ़ाई
दूध + वाला = दूधवाला
प्रत्यय के सामान्य उदाहरण
| मूल शब्द | प्रत्यय | नया शब्द |
|---|---|---|
| सुंदर | ता | सुंदरता |
| मित्र | ता | मित्रता |
| अपना | पन | अपनापन |
| पढ़ | आई | पढ़ाई |
| लिख | आवट | लिखावट |
| दूध | वाला | दूधवाला |
20. वाक्य-विचार
उदाहरण: बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
शब्दों का ऐसा समूह जो पूरा अर्थ न दे, उसे अधूरा वाक्यांश कहा जा सकता है।
उदाहरण: मैदान में बच्चे।
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
1. विधानवाचक वाक्य: किसी बात का सामान्य कथन करे।
उदाहरण: सूर्य पूर्व से निकलता है।
2. निषेधवाचक वाक्य: किसी काम के न होने का बोध कराए।
उदाहरण: मैं आज स्कूल नहीं जाऊँगा।
3. प्रश्नवाचक वाक्य: प्रश्न पूछे।
उदाहरण: तुम कहाँ जा रहे हो?
4. आज्ञावाचक वाक्य: आदेश, अनुरोध या सलाह दे।
उदाहरण: कृपया बैठ जाइए।
5. इच्छावाचक वाक्य: इच्छा, आशीर्वाद या कामना प्रकट करे।
उदाहरण: तुम्हारी यात्रा मंगलमय हो!
6. विस्मयादिबोधक वाक्य: आश्चर्य, खुशी, दुख या अन्य तीव्र भाव प्रकट करे।
उदाहरण: वाह! कितना सुंदर फूल है!
7. संदेहवाचक वाक्य: संदेह या संभावना प्रकट करे।
उदाहरण: शायद आज वर्षा हो।
21. विराम-चिह्न
| विराम-चिह्न | नाम | प्रयोग |
|---|---|---|
| । | पूर्ण विराम | वाक्य समाप्त होने पर |
| , | अल्प विराम | थोड़ी देर रुकने पर |
| ; | अर्ध विराम | अपेक्षाकृत अधिक ठहराव के लिए |
| ? | प्रश्नवाचक चिह्न | प्रश्न के अंत में |
| ! | विस्मयादिबोधक चिह्न | आश्चर्य, खुशी आदि के लिए |
| : | विवरण चिह्न | आगे सूची या विवरण देने के लिए |
| “ ” | उद्धरण चिह्न | किसी के कथन को ज्यों का त्यों लिखने में |
| ( ) | कोष्ठक | अतिरिक्त जानकारी देने में |
| – | योजक चिह्न | जुड़े हुए शब्दों या पदों में, जहाँ आवश्यक हो |
उदाहरण
- राम स्कूल जाता है।
- तुम कहाँ रहते हो?
- वाह! कितना सुंदर चित्र है!
- माँ ने कहा, “समय पर पढ़ाई करो।”
22. अशुद्ध वाक्यों का संशोधन
वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष, काल, कारक या शब्द-प्रयोग की गलती हो सकती है।
सामान्य अशुद्धियाँ
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य |
|---|---|
| सीता बाजार गया। | सीता बाजार गई। |
| बच्चे खेल रहा है। | बच्चे खेल रहे हैं। |
| मैं स्कूल जाता हैं। | मैं स्कूल जाता हूँ। |
| वह मेरे को बुलाया। | उसने मुझे बुलाया। |
| राम और श्याम आया। | राम और श्याम आए। |
| मेरे को पानी चाहिए। | मुझे पानी चाहिए। |
| वह पुस्तक पढ़ती था। | वह पुस्तक पढ़ती थी। |
| हम कल बाजार जाएगा। | हम कल बाजार जाएँगे। |
वाक्य शुद्ध करने के नियम
- कर्ता के अनुसार क्रिया का सही रूप रखें।
- लिंग और वचन का ध्यान रखें।
- सर्वनाम का सही प्रयोग करें।
- कारक-चिह्न सही लगाएँ।
- वाक्य का अर्थ स्पष्ट रखें।
23. मुहावरे और लोकोक्तियाँ
मुहावरा
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| आँखों का तारा | बहुत प्यारा | मोहन अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
| दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | हमारी टीम ने विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए। |
| नाक कटना | अपमान होना | गलत काम से परिवार की नाक कट गई। |
| हाथ बँटाना | सहायता करना | मैंने माँ के काम में हाथ बँटाया। |
| नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | चोर पुलिस को देखकर नौ दो ग्यारह हो गया। |
| कमर कसना | तैयार होना | विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए कमर कस ली। |
| सिर पर चढ़ाना | बहुत अधिक छूट देना | बच्चे को इतना सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। |
| पानी-पानी होना | लज्जित होना | गलती पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
लोकोक्ति
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| जैसी करनी वैसी भरनी | कर्मों के अनुसार फल मिलता है। |
| एकता में बल है | मिल-जुलकर रहने से शक्ति बढ़ती है। |
| जहाँ चाह वहाँ राह | दृढ़ इच्छा से रास्ता मिल जाता है। |
| अधजल गगरी छलकत जाए | कम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है। |
| नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी कमी का दोष दूसरों पर डालना। |
| बूंद-बूंद से घड़ा भरता है | थोड़े-थोड़े प्रयास से बड़ी उपलब्धि मिलती है। |
| दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीजें अधिक अच्छी लगती हैं। |
| अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत | अवसर निकल जाने के बाद पछताने से लाभ नहीं होता। |
24. शब्द-भंडार
शब्द-भंडार का अर्थ है भाषा में प्रयुक्त होने वाले शब्दों का ज्ञान। इसमें पर्यायवाची, विलोम, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, अनेकार्थी शब्द और श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द शामिल हो सकते हैं।
पर्यायवाची शब्द
एक जैसे या मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द पर्यायवाची कहलाते हैं।
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| सूर्य | रवि, सूरज, भानु |
| चंद्रमा | चाँद, शशि, इंदु |
| पृथ्वी | धरती, भूमि, धरा |
| जल | पानी, नीर, वारि |
| वायु | हवा, पवन, समीर |
| वन | जंगल, अरण्य |
| मित्र | सखा, दोस्त, सुहृद |
| राजा | नरेश, भूप, नृप |
| कमल | पंकज, सरोज, नीरज |
| घर | गृह, भवन, निवास |
विलोम शब्द
विपरीत अर्थ वाले शब्द विलोम कहलाते हैं।
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| दिन | रात |
| सुख | दुख |
| अच्छा | बुरा |
| नया | पुराना |
| सत्य | असत्य |
| लाभ | हानि |
| आशा | निराशा |
| आरंभ | अंत |
| उजाला | अँधेरा |
| स्वतंत्र | परतंत्र |
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो पढ़ना-लिखना जानता हो | साक्षर |
| जो पढ़ना-लिखना न जानता हो | निरक्षर |
| जो दूसरों की सहायता करे | सहायक |
| जो देश से प्रेम करता हो | देशभक्त |
| जो कभी न मरे | अमर |
| जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ |
| जो ईश्वर में विश्वास रखता हो | आस्तिक |
| जो ईश्वर में विश्वास न रखता हो | नास्तिक |
| जो उपकार मानता हो | कृतज्ञ |
| जो उपकार न माने | कृतघ्न |
अनेकार्थी शब्द
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कल | बीता हुआ दिन, आने वाला दिन, मशीन |
| फल | खाने का फल, परिणाम |
| हार | गले का आभूषण, पराजय |
| पत्र | चिट्ठी, पत्ता |
| अंक | संख्या, गोद, परीक्षा के अंक |
| कर | हाथ, टैक्स |
| आम | एक फल, सामान्य |
श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द
जिन शब्दों का उच्चारण मिलता-जुलता हो, लेकिन अर्थ अलग-अलग हों, उन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहा जाता है।
| शब्द | अर्थ | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| दिन | दिवस | दीन | गरीब |
| ओर | दिशा | और | तथा |
| कुल | वंश | कूल | किनारा |
| सुत | पुत्र | सूत | धागा |
| मेल | मिलाप | मैल | गंदगी |
भाग 3: हिंदी लेखन कौशल
25. अनुच्छेद-लेखन
अनुच्छेद लिखने के नियम
- विषय को अच्छी तरह समझें।
- शुरुआत में विषय का परिचय दें।
- बीच में मुख्य बातें और उदाहरण लिखें।
- अंत में निष्कर्ष या सीख लिखें।
- छोटे और स्पष्ट वाक्यों का प्रयोग करें।
- एक ही अनुच्छेद में विषय से जुड़ी बातें रखें।
- अनावश्यक बातें न लिखें।
उदाहरण: पेड़ों का महत्त्व
अभ्यास के विषय
- मेरा विद्यालय
- मेरा प्रिय मित्र
- स्वच्छता का महत्त्व
- समय का सदुपयोग
- पर्यावरण संरक्षण
- खेलों का महत्त्व
26. पत्र-लेखन
पत्र अपने विचार, समाचार या संदेश किसी व्यक्ति तक पहुँचाने का लिखित माध्यम है।
पत्र के दो मुख्य प्रकार हैं।
1. अनौपचारिक पत्र: परिवार के सदस्यों, मित्रों या परिचितों को लिखा जाता है।
2. औपचारिक पत्र: प्रधानाचार्य, अधिकारी या किसी संस्था को लिखा जाता है।
अनौपचारिक पत्र का प्रारूप
प्रेषक का पता
दिनांक
प्रिय मित्र / पूजनीय माता-पिता,
सप्रेम नमस्कार।
पत्र लिखने का कारण और मुख्य बात।
अंत में शुभकामनाएँ या स्नेह।
तुम्हारा मित्र / तुम्हारी पुत्री
नाम
उदाहरण: मित्र को जन्मदिन पर आमंत्रित करने के लिए पत्र
24, शांति नगर
देहरादून
10 अक्टूबर 2026
प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्कार!
मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरा जन्मदिन 15 अक्टूबर को है। इस अवसर पर शाम 5 बजे मेरे घर पर एक छोटी-सी पार्टी रखी गई है। मैं चाहता हूँ कि तुम इस कार्यक्रम में अवश्य आओ। हम सब मिलकर खेलेंगे और खूब आनंद करेंगे।
अपने माता-पिता से अनुमति लेकर समय पर आ जाना। तुम्हारे आने से मेरी खुशी और बढ़ जाएगी।
तुम्हारा मित्र,
अमन
औपचारिक पत्र का प्रारूप
प्रेषक का पता
दिनांक
सेवा में,
पदनाम / अधिकारी का नाम
संस्था का नाम और पता
विषय: पत्र लिखने का कारण।
महोदय / महोदया,
सविनय निवेदन है कि मुख्य बात स्पष्ट और विनम्र भाषा में लिखें।
धन्यवाद।
भवदीय / सधन्यवाद
नाम
कक्षा (यदि आवश्यक हो)
उदाहरण: बीमारी के कारण अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को पत्र
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
आदर्श विद्यालय, देहरादून।
दिनांक: 10 अक्टूबर 2026
विषय: बीमारी के कारण अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मुझे बुखार होने के कारण मैं विद्यालय आने में असमर्थ हूँ। डॉक्टर ने मुझे दो दिन आराम करने की सलाह दी है। अतः आपसे अनुरोध है कि मुझे 10 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक दो दिन का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
आपका आज्ञाकारी विद्यार्थी,
अमन
कक्षा 6
27. निबंध-लेखन
निबंध सामान्यतः तीन भागों में लिखा जाता है।
- भूमिका: विषय का परिचय।
- विषय-विस्तार: विषय से संबंधित मुख्य बातें, उदाहरण और महत्त्व।
- उपसंहार: निष्कर्ष, संदेश या सुझाव।
उदाहरण: मेरा विद्यालय
भूमिका
मेरे विद्यालय का नाम आदर्श विद्यालय है। यह मेरे घर के पास स्थित है। मुझे अपने विद्यालय से बहुत प्यार है।
विषय-विस्तार
मेरे विद्यालय की इमारत सुंदर और साफ-सुथरी है। यहाँ पढ़ाई के लिए बड़े कमरे, पुस्तकालय और खेल का मैदान है। हमारे शिक्षक बहुत मेहनती और सहयोगी हैं। वे हमें पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार की शिक्षा भी देते हैं। विद्यालय में समय-समय पर खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। मुझे अपने मित्रों के साथ विद्यालय में पढ़ना और खेलना अच्छा लगता है।
उपसंहार
मेरा विद्यालय मुझे ज्ञान और अच्छे संस्कार देता है। मैं अपने विद्यालय का नाम रोशन करना चाहता हूँ। मुझे अपने विद्यालय पर गर्व है।
कक्षा 6 के लिए निबंध के अभ्यास-विषय
- मेरा प्रिय त्योहार
- स्वतंत्रता दिवस
- गणतंत्र दिवस
- मेरा प्रिय शिक्षक
- मेरा प्रिय खेल
- जल संरक्षण
- स्वच्छ भारत
- समय का महत्त्व
- मेरा प्रिय पशु
- पुस्तकें हमारी मित्र
नोट: यह कक्षा 6 के लिए एक व्यापक आधारभूत अध्ययन-सामग्री है। विद्यालय और निर्धारित NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार कुछ व्याकरण-विषय अलग कक्षाओं में पढ़ाए जा सकते हैं।
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