Class 6 Hindi – आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की | Notes, Summary & Worksheet

Class 6 Hindi मल्हार में पढ़ने के लिए आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की – आसान सारांश, शब्दार्थ, भावार्थ, प्रश्न-उत्तर और worksheet। भारत की विविधता और सुंदरता को सरल भाषा में समझें।

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आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की

कवि — प्रदीप

सरल एवं संपूर्ण हिंदी नोट्स

पढ़ने के लिए — पूरी कविता
आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की
आओ बच्चो, तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।

उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है
दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है
जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है
बाट-बाट में हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है
देखो, ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।

ये है अपना राजपूताना नाज इसे तलवारों पे
इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे
ये प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे
कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्मिनियाँ अंगारों पे
बोल रही है कण-कण से कुर्बानी राजस्थान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।

देखो, मुल्क मराठों का ये यहाँ शिवाजी डोला था
मुगलों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था
हर पर्वत पे आग जली थी हर पत्थर एक शोला था
बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था
शेर शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।

जलियाँवाला बाग ये देखो, यहीं चली थी गोलियाँ
ये मत पूछो किसने खेली यहाँ खून की होलियाँ
एक तरफ़ बंदूकें दन-दन एक तरफ़ थी टोलियाँ
मरनेवाले बोल रहे थे इंकलाब की बोलियाँ
यहाँ लगा दी बहनों ने भी बाज़ी अपनी जान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।

ये देखो बंगाल यहाँ का हर चप्पा हरियाला है
यहाँ का बच्चा-बच्चा अपने देश पे मरनेवाला है
ढाला है इसको बिजली ने भूचालों ने पाला है
मुट्ठी में तूफ़ान बँधा है और प्राण में ज्वाला है
जन्मभूमि है यही हमारे वीर सुभाष महान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।
— कवि प्रदीप
भारत के हिमालय का वास्तविक दृश्य
भारत के उत्तर में हिमालय — कविता में पर्वतराज की झाँकी।

कविता का परिचय

‘आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की’ कवि प्रदीप की देशभक्ति से भरपूर रचना है।

कविता में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों, प्राकृतिक सुंदरता, वीरता और स्वतंत्रता-संग्राम की घटनाओं की झाँकी प्रस्तुत की गई है।

कविता का मुख्य भाव देशप्रेम, गौरव, बलिदान और वीरता है।

सरल भावार्थ

कवि बच्चों को भारत की सुंदर और गौरवपूर्ण झाँकी दिखाना चाहते हैं। वे भारत की मिट्टी को बलिदान की पवित्र मिट्टी बताते हैं।

कविता में उत्तर में हिमालय और दक्षिण में समुद्र का वर्णन किया गया है। गंगा और यमुना जैसे पवित्र स्थानों तथा भारत की अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषताओं को भी बताया गया है।

राजस्थान के वीर महाराणा प्रताप और राजपूतों की वीरता, मराठों के वीर शिवाजी का साहस और जलियाँवाला बाग के बलिदानों को कविता में सम्मान दिया गया है।

अंत में बंगाल और महान देशभक्त सुभाष चंद्र बोस का उल्लेख किया गया है।

महत्वपूर्ण शब्दार्थ

झाँकी
किसी स्थान या विषय का संक्षिप्त दृश्य
बलिदान
देश या किसी महान उद्देश्य के लिए अपना जीवन अर्पित करना
पर्वतराज
पर्वतों का राजा
विराट
बहुत विशाल
ठाठ
शान और वैभव
राजपूताना
राजस्थान का ऐतिहासिक क्षेत्र
बरछी
एक प्रकार का भाला
कटार
छोटी धारदार तलवार
कुर्बानी
बलिदान
शोला
आग की तेज लौ
इंकलाब
क्रांति
जन्मभूमि
जन्म लेने की भूमि या देश
राजस्थान का वास्तविक किला
राजस्थान की ऐतिहासिक वीरता और गौरव से संबंधित वास्तविक चित्र।

पद्यानुसार सरल अर्थ

1. भारत की प्राकृतिक झाँकी

कवि बच्चों को भारत की सुंदरता दिखाते हैं। उत्तर में हिमालय भारत की रक्षा करता है और दक्षिण में समुद्र भारत के चरण धोता हुआ प्रतीत होता है।

गंगा और यमुना जैसे पवित्र स्थान भारत के गौरव को बढ़ाते हैं।

2. राजस्थान की वीरता

राजस्थान को वीरों की भूमि बताया गया है। यहाँ महाराणा प्रताप जैसे वीर हुए। राजपूतों ने तलवार, बरछी और तीर-कटार के साथ अपने देश और सम्मान की रक्षा की।

3. शिवाजी की वीरता

कविता में छत्रपति शिवाजी की वीरता और साहस का वर्णन है। उन्होंने शक्तिशाली शत्रुओं का सामना किया और अपनी भूमि तथा सम्मान की रक्षा की।

4. जलियाँवाला बाग

कविता जलियाँवाला बाग की दुखद घटना को याद करती है। वहाँ अनेक लोगों ने अपने प्राण गँवाए। यह स्थान भारत के स्वतंत्रता-संग्राम के बलिदान का प्रतीक है।

5. बंगाल और सुभाष चंद्र बोस

कवि बंगाल को हरा-भरा और देशभक्ति से भरा प्रदेश बताते हैं। कविता में महान देशभक्त सुभाष चंद्र बोस का भी सम्मानपूर्वक उल्लेख है।

जलियाँवाला बाग स्मारक
जलियाँवाला बाग का वास्तविक स्मारक।

NCERT — कविता से प्रश्न-उत्तर

(क) बच्चो को हिंदुस्तान की मिट्टी से तिलक करने को क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि भारत की मिट्टी वीरों के बलिदान से पवित्र हुई है।
(ख) भारत के उत्तर में कौन-सा पर्वत रखवाली करता है?
उत्तर: भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत रखवाली करता है।
(ग) भारत के दक्षिण में कौन-सा सागर भारत के चरण धोता है?
उत्तर: भारत के दक्षिण में समुद्र भारत के चरण धोता हुआ बताया गया है।
(घ) कवि प्रदीप ने राजपूताने के बारे में क्या-क्या कहा है?
उत्तर: कवि ने राजपूताने की वीरता, तलवारों और बलिदान की भावना का वर्णन किया है। उन्होंने महाराणा प्रताप की वीरभूमि का भी उल्लेख किया है।
(ङ) ‘देखो, मुल्क मराठों का ये यहाँ शिवाजी डोला था’ – शिवाजी के संबंध में कविता में क्या-क्या कहा गया है?
उत्तर: शिवाजी को महान वीर बताया गया है। उन्होंने शत्रुओं का साहस से सामना किया और अपनी शान की रक्षा की।
(च) कविता के आधार पर जलियाँवाला बाग की घटना का वर्णन कीजिए।
उत्तर: जलियाँवाला बाग में गोलियाँ चलीं और अनेक लोगों ने अपने प्राण गँवाए। यह घटना देश के बलिदान और स्वतंत्रता-संग्राम की याद दिलाती है।
(छ) कवि प्रदीप ने बंगाल के बारे में किस-किस बात का उल्लेख किया है?
उत्तर: कवि ने बंगाल की हरियाली, देशभक्ति और वीरता का उल्लेख किया है। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को भी बंगाल की महान पहचान के रूप में याद किया है।
(ज) प्रस्तुत कविता द्वारा आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: कविता हमें देश से प्रेम करने, वीरों के बलिदान का सम्मान करने और अपने देश के लिए अच्छे कार्य करने की प्रेरणा देती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा
छत्रपति शिवाजी से संबंधित ऐतिहासिक दृश्य।
सुभाष चंद्र बोस का ऐतिहासिक चित्र
सुभाष चंद्र बोस — कविता में बंगाल की वीरता के संदर्भ में उल्लेखित महान देशभक्त।

कविता का मुख्य संदेश

कविता हमें अपने देश की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक गौरव और वीरों के बलिदान पर गर्व करना सिखाती है।

कवि का संदेश है कि हमें अपनी मातृभूमि से प्रेम करना चाहिए और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों का सम्मान करना चाहिए।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • कविता का नाम: आओ बच्चो तुम्हें दिखाएँ झाँकी हिंदुस्तान की
  • कवि: प्रदीप
  • मुख्य भाव: देशभक्ति
  • उत्तर में: हिमालय
  • दक्षिण में: समुद्र
  • राजस्थान: वीरता और बलिदान
  • मराठा भूमि: शिवाजी की वीरता
  • जलियाँवाला बाग: बलिदान और स्वतंत्रता-संग्राम की स्मृति
  • बंगाल: हरियाली और देशभक्ति
  • सुभाष: महान देशभक्त सुभाष चंद्र बोस

बहुत छोटे उत्तर — Quick Revision

कविता के कवि कौन हैं?
कवि प्रदीप।

भारत के उत्तर में कौन है?
हिमालय।

राजस्थान किसके लिए प्रसिद्ध बताया गया है?
वीरता और बलिदान के लिए।

मराठों के वीर कौन थे?
शिवाजी।

जलियाँवाला बाग किसका प्रतीक है?
बलिदान और स्वतंत्रता-संग्राम का।

बंगाल से किस महान वीर का उल्लेख है?
सुभाष चंद्र बोस।

एक वाक्य में पूरी कविता

यह कविता भारत की प्राकृतिक सुंदरता, वीरता, ऐतिहासिक गौरव और देश के लिए किए गए बलिदानों का गर्वपूर्ण वर्णन करती है।

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