Class 6 Hindi Chapter 1 – मातृभूमि | Notes, Solutions & Worksheet0

Class 6 Hindi मल्हार Chapter 1 मातृभूमि – आसान नोट्स, सारांश, शब्दार्थ, NCERT पुस्तक के प्रश्न-उत्तर, अतिरिक्त प्रश्न और worksheet। पाठ को सरल भाषा में समझें और परीक्षा की तैयारी करें।

Class 6 Hindi Malhar Chapter 1 मातृभूमि Notes

कक्षा 6 हिन्दी मल्हार

अध्याय 1 – मातृभूमि

कविता – सोहनलाल द्विवेदी

पूरी कविता – मातृभूमि

हिमालय
मातृभूमि
ऊँचा खड़ा हिमालय
आकाश चूमता है,
नीचे चरण तले झुक,
नित सिंधु झूमता है।

गंगा यमुना त्रिवेणी
नदियाँ लहर रही हैं,
जगमग छटा निराली,
पग पग छहर रही हैं।

वह पुण्य-भूमि मेरी,
वह स्वर्ण-भूमि मेरी।
वह जन्मभूमि मेरी,
वह मातृभूमि मेरी।

झरने अनेक झरते
जिसकी पहाड़ियों में,
चिड़ियाँ चहक रही हैं,
हो मस्त झाड़ियों में।

अमराइयाँ घनी हैं
कोयल पुकारती है,
बहती मलय पवन है,
तन-मन सँवारती है।

वह धर्मभूमि मेरी,
वह कर्मभूमि मेरी।
वह जन्मभूमि मेरी,
वह मातृभूमि मेरी।

जन्मे जहाँ थे रघुपति,
जन्मी जहाँ थी सीता,
श्रीकृष्ण ने सुनाई,
वंशी पुनीत गीता।

गौतम ने जन्म लेकर,
जिसका सुयश बढ़ाया,
जग को दया सिखाई,
जग को दिया दिखाया।

वह युद्ध-भूमि मेरी,
वह बुद्ध-भूमि मेरी।
वह मातृभूमि मेरी,
वह जन्मभूमि मेरी।
— सोहनलाल द्विवेदी
कविता का सरल भाव: कवि भारत को अपनी मातृभूमि मानते हैं। वे भारत के हिमालय, नदियों, झरनों, पेड़-पौधों, सुंदर प्रकृति और महान व्यक्तियों के कारण इसकी प्रशंसा करते हैं।

अध्याय का सरल परिचय

मुख्य विषय

भारत की प्राकृतिक सुंदरता और महान सांस्कृतिक विरासत।

कवि

सोहनलाल द्विवेदी

मुख्य भावना

देश-प्रेम और मातृभूमि के प्रति गर्व।

भारत और हिमालय

कवि से परिचय

इस कविता को हिंदी के प्रसिद्ध कवियों में से एक सोहनलाल द्विवेदी जी ने लिखा है। उनका जन्म आज से लगभग सवा सौ साल पहले हुआ था। उस समय अंग्रेजों का भारत पर आधिपत्य था। उन्होंने अपनी लेखनी से अंग्रेज़ों का विरोध किया। उनकी लेखनी का सबसे प्रिय विषय था ‘देशभक्ति’। भारत के गौरव का गान करना उन्हें बहुत प्रिय था।

उनकी कुछ और चर्चित रचनाएँ हैं— ‘बढ़े चलो, बढ़े चलो’, ‘कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’ आदि।

याद रखें: सोहनलाल द्विवेदी देशभक्ति की कविताओं के लिए प्रसिद्ध हैं।

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा () बनाइए—

(1) हिंद महासागर के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है?
  • चरण
  • हिमालय
  • वंशी
  • सिंधु
उत्तर:  सिंधु
(2) मातृभूमि कविता में मुख्य रूप से—
  • भारत की प्रशंसा की गई है।
  • भारत के महापुरुषों की जय की गई है।
  • भारत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की गई है।
  • भारतवासियों की वीरता का बखान किया गया है।
उत्तर:  भारत की प्रशंसा की गई है।
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
संभावित उत्तर: क्योंकि कविता में भारत की प्रकृति, नदियों, पर्वतों और महान व्यक्तियों का सुंदर वर्णन करके भारत की प्रशंसा की गई है।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

शब्दसही अर्थ या संदर्भ
1. हिमालय10. भारत की उत्तरी सीमा पर फैली पर्वत-माला।
2. त्रिवेणी4. तीन नदियों की मिली हुई धारा, संगम।
3. मलय पवन6. दक्षिणी भारत के मलय पर्वत से चलने वाली सुगंधित वायु।
4. सिंधु8. समुद्र, एक नदी का नाम।
5. गंगा-यमुना3. भारत की प्रसिद्ध नदियाँ।
6. रघुपति5. श्री रामचंद्र का एक नाम, दशरथ के पुत्र।
7. श्रीकृष्ण2. वसुदेव के पुत्र वासुदेव।
8. सीता9. जनक की पुत्री जानकी।
9. गीता 7. भारत का प्रसिद्ध और प्राचीन ग्रंथ ‘श्रीमद्भगवद्गीता’, जिसमें महाभारत में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए प्रश्न-उत्तर और संवाद हैं।
10. गौतम बुद्ध1. एक प्रसिद्ध महापुरुष, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक।
याद रखने की ट्रिक: हिमालय = पर्वत, त्रिवेणी = तीन नदियों का संगम, मलय पवन = सुगंधित हवा, सिंधु = समुद्र/नदी।

पंक्तियों पर चर्चा

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए—

“वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।
वह मातृभूमि मेरी, वह जन्मभूमि मेरी।”
सरल उत्तर: भारत ऐसी भूमि है जहाँ अनेक युद्ध हुए और जहाँ गौतम बुद्ध जैसे महान महापुरुष ने जन्म लिया। इसलिए कवि इसे युद्ध-भूमि और बुद्ध-भूमि दोनों कहते हैं।

सोच-विचार के लिए

(क) कविता को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।

1. कोयल कहाँ रहती है?
उत्तर: कोयल घनी अमराइयों में रहती है।
2. तन-मन कौन सँवारती है?
उत्तर: मलय पवन तन-मन सँवारती है।
3. झरने कहाँ से झरते हैं?
उत्तर: झरने पहाड़ियों से झरते हैं।
4. श्रीकृष्ण ने क्या सुनाया था?
उत्तर: श्रीकृष्ण ने पवित्र गीता सुनाई थी।
5. गौतम ने किसका यश बढ़ाया?
उत्तर: गौतम ने अपनी जन्मभूमि भारत का यश बढ़ाया।

(ख) ‘लहर’ और ‘छहर’

“नदियाँ लहर रही हैं
पग पग छहर रही हैं”

‘लहर’ का अर्थ होता है— पानी का हिलोरा, मौज, उमंग, वेग, जोश

‘छहर’ का अर्थ होता है— बिखरना, छितराना, छिटकना, फैलना

कविता पढ़कर पता लगाइए और लिखिए—

कहाँ-कहाँ छटा छहर रही हैं?
उत्तर: भारत की सुंदर प्राकृतिक जगहों पर छटा छहर रही है।
किसका पानी लहर रहा है?
उत्तर: नदियों का पानी लहर रहा है।

कविता की रचना

“गंगा यमुना त्रिवेणी
नदियाँ लहर रही हैं”

‘यमन’ शब्द यहाँ ‘यमुना’ नदी के लिए आया है। कभी-कभी कवि कविता की लय और सौंदर्य को बढ़ाने के लिए इस प्रकार से शब्दों को थोड़ा बदल देते हैं।

यदि आप कविता को थोड़ा और ध्यान से पढ़ेंगे तो आपको और भी बहुत-सी विशेषताएँ पता चलेंगी। आपको जो विशेष बातें दिखाई दें, उन्हें आपस में साझा कीजिए और लिखिए। जैसे सबसे ऊपर इस कविता का एक शीर्षक है।

संभावित उत्तर: कविता में तुक, लय, सुंदर शब्दों की पुनरावृत्ति और प्रकृति का चित्रण किया गया है।

मिलान

स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए—

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. वह जन्मभूमि मेरी
वह मातृभूमि मेरी।
2. मैंने उस भूमि पर जन्म लिया है। वह भूमि मेरी माँ समान है।
2. चिड़ियाँ चहक रही हैं,
हो मस्त झाड़ियों में।
3. वहाँ की जलवायु इतनी सुखदायी है कि पक्षी पेड़-पौधों के बीच प्रसन्नता से गीत गा रहे हैं।
3. अमराइयाँ घनी हैं
कोयल पुकारती है
1. यहाँ आम के घने उद्यान हैं जिनमें कोयल आदि पक्षी चहचहा रहे हैं।
सही मिलान:
1 → 2
2 → 3
3 → 1

अनुमान या कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—

(क) “अमराइयाँ घनी हैं
कोयल पुकारती है”

कोयल क्यों पुकार रही होगी? किसे पुकार रही होगी? कैसे पुकार रही होगी?

संभावित उत्तर: कोयल अपने साथी को पुकार रही होगी। वह मधुर आवाज में कुहू-कुहू करके पुकार रही होगी।
(ख) “बहती मलय पवन है,
तन मन सँवारती है”

पवन किसका तन-मन सँवारती है? वह यह कैसे करती है?

संभावित उत्तर: मलय पवन लोगों का तन-मन सँवारती है। ठंडी और सुगंधित हवा मन को प्रसन्न और शरीर को सुखद अनुभव कराती है।

शब्दों के रूप

(क) दोहराए गए शब्द

नीचे दी गई पंक्तियों को पढ़िए—

“जगमग छटा निराली,
पग पग छहर रही हैं”

इन पंक्तियों में ‘पग’ शब्द दो बार आया है। इसका अर्थ है ‘हर पग’ या ‘हर कदम’ पर।

शब्दों के ऐसे ही कुछ जोड़े नीचे दिए हैं। इनके अर्थ लिखिए—

शब्द-युग्मसरल अर्थ
घर-घरहर घर / प्रत्येक घर
बाल-बालबहुत मुश्किल से / थोड़े अंतर से
साँस-साँसहर साँस
देश-देशहर देश / अलग-अलग देश
पर्वत-पर्वतहर पर्वत / सभी पर्वत

(ख) ‘भूमि’ से नए शब्द

“वह युद्ध-भूमि मेरी
वह बुद्ध-भूमि मेरी”

कविता में ‘भूमि’ शब्द में अलग-अलग शब्द जोड़कर नए-नए शब्द बनाए गए हैं। आप भी कुछ नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ पता कीजिए—

संकेत— तप, देव, भारत, जन्म, कर्म, कर्तव्य, मरु, मलय, मल्ल, यज्ञ, रंग, रण, सिद्ध आदि

शब्दअर्थ
जन्मभूमिजहाँ जन्म हुआ हो
कर्मभूमिजहाँ व्यक्ति अपने कार्य करता है
पुण्यभूमिपवित्र भूमि
युद्धभूमियुद्ध होने का स्थान
बुद्धभूमिबुद्ध से जुड़ी पवित्र भूमि
कर्मभूमिकार्य करने की भूमि

थोड़ा भिन्न, थोड़ा समान

“जग को दया सिखाई,
जग को दिया दिखाया।”

‘दया’ और ‘दिया’ में केवल एक मात्रा का अंतर है, लेकिन इस एक मात्रा के कारण शब्द का अर्थ पूरी तरह बदल गया है।

आप भी अपने समूह में मिलकर ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जिनमें केवल एक मात्रा का अंतर हो, जैसे घड़ा-घड़ी।

शब्द 1शब्द 2
घड़ाघड़ी
दिनदीन
बिलबील
सुरसूर
कलकील
ध्यान दें: एक छोटी-सी मात्रा बदलने से शब्द का अर्थ बदल सकता है।

पाठ से आगे

आपकी बात

(क) इस कविता में भारत का सुंदर वर्णन किया गया है। आप भारत के किस स्थान पर रहते हैं? वह स्थान आपको कैसा लगता है? उस स्थान की विशेषताएँ बताइए।

संकेत— प्रकृति, खान-पान, जलवायु, प्रसिद्ध स्थान आदि

संभावित उत्तर: मैं भारत के एक सुंदर स्थान में रहता/रहती हूँ। यहाँ का वातावरण शांत और प्राकृतिक सुंदरता से भरा है। यहाँ का मौसम, स्थानीय भोजन और प्रसिद्ध स्थान मुझे बहुत अच्छे लगते हैं।
(ख) अपने परिवार के किसी सदस्य या मित्र के बारे में लिखिए। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको अच्छी लगती हैं?
संभावित उत्तर: मेरा मित्र बहुत दयालु और मददगार है। वह सभी से प्यार से बात करता है और जरूरत पड़ने पर मेरी सहायता करता है।

वंशी से परिचय

“श्रीकृष्ण ने सुनाई,
वंशी पुनीत गीता”

‘वंशी’ बाँसुरी को कहते हैं। यह मुँह से फूँककर बजाया जाने वाला एक ‘वाद्य’ यानी बाजा है।

याद रखें: वंशी = बाँसुरी
श्रीकृष्ण वंशी बजाते हुए

नीचे फूँककर बजाए जाने वाले कुछ वाद्यों के चित्र दिए गए हैं। इनके नाम शब्द-जाल से खोजिए और सही चित्र के नीचे लिखिए।

वाद्यों के नामों का शब्द-जाल

शहनाई, बाँसुरी, शंख, सींगी, अलगोजा

आज की पहेली

आज हम आपके लिए एक अनोखी पहेली लाए हैं। नीचे कुछ अक्षर दिए गए हैं। आप इन्हें मिलाकर कोई सार्थक शब्द बनाइए। अक्षरों को आगे-पीछे किया जा सकता है यानी उनका क्रम बदला जा सकता है। आप अपने मन से किसी भी अक्षर के साथ कोई मात्रा भी लगा सकते हैं। पहला शब्द हमने आपके लिए पहले ही बना दिया है।

क्रम संख्याअक्षरशब्द
1स म ह ग रमहासागर
2ह म य लहिमालय
3ग गगंगा
4भ त रभारत
5ल क यकल्य
6व न पपवन
याद रखें: इस गतिविधि में दिए गए अक्षरों को आगे-पीछे करके सार्थक शब्द बनाना है।

झरोखे से

सारनाथ में बुद्ध

आप अपने विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गाते होंगे। ‘वंदे मातरम्’ बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचा गया था। यह गीत स्वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत था। भारत में इसका स्थान ‘जन गण मन’ के समान है। क्या आप इसका अर्थ जानते-समझते हैं? आइए, आज हम पहले इसका अर्थ समझ लेते हैं, फिर समूह में चर्चा करेंगे—

वंदे मातरम् – भावार्थ

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!
सुजलाम्, सुफलाम्,
मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!

शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥

सरल भावार्थ

हे माता, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ!

तुम जल से भरी हुई हो, फलों से परिपूर्ण हो। तुम्हें मलय से आती हुई पवन शीतलता प्रदान करती है। तुम अन्न के खेतों से परिपूर्ण वंदनीय माता हो।

जिसकी रमणीय रात्रि को चंद्रमा का प्रकाश शोभायमान करता है, जो खिले हुए फूलों के पेड़ों से सज्जित है, सदैव हँसने वाली, मधुर भाषा बोलने वाली, सुख देने वाली, वरदान देने वाली माँ, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ!

साझी समझ

आपने ‘मातृभूमि’ कविता को भी पढ़ा और ‘वंदे मातरम्’ को भी। अब कक्षा में चर्चा कीजिए और पता लगाइए कि इन दोनों में कौन-कौन सी बातें एक जैसी हैं और कौन-कौन सी बातें कुछ अलग हैं।

समान बातेंअलग बातें
दोनों में भारत को माता के रूप में सम्मान दिया गया है। ‘मातृभूमि’ में भारत की प्राकृतिक सुंदरता और महान व्यक्तियों का वर्णन अधिक है।
दोनों में देश के प्रति प्रेम दिखाई देता है। ‘वंदे मातरम्’ में भारत की प्रकृति और मातृरूप का सुंदर वर्णन है।
दोनों रचनाओं में भारत के गौरव की भावना है। दोनों की भाषा और रचना-शैली अलग है।

खोजबीन के लिए

नीचे पाठ से संबंधित कुछ रचनाएँ दी गई हैं, इन्हें पुस्तक में दिए गए क्यू.आर.कोड की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें।

स्वाधीनता की सरगम— वंदना के इन स्वरों में
ना हाथ एक शस्त्र हो
पुष्प की अभिलाषा
यह महिमामय अपना भारत

महत्वपूर्ण शब्द और अर्थ

मातृभूमि
माँ के समान प्रिय जन्मभूमि
पुण्यभूमि
पवित्र भूमि
स्वर्णभूमि
बहुत समृद्ध और सुंदर भूमि
जन्मभूमि
जहाँ जन्म हुआ हो
धर्मभूमि
धर्म और अच्छे कार्यों से जुड़ी भूमि
कर्मभूमि
कार्य करने की भूमि
अमराइयाँ
आम के पेड़ों के बगीचे
मलय पवन
सुगंधित और सुखद हवा
रघुपति
श्रीराम का नाम
सुयश
अच्छी प्रसिद्धि
पुनीत
पवित्र
छटा
सुंदर दृश्य या शोभा

भाषा और कविता की विशेषताएँ

  • कविता में भारत की प्राकृतिक सुंदरता का चित्रण है।
  • हिमालय, नदियों, झरनों, अमराइयों और पवन का वर्णन किया गया है।
  • कई शब्दों की पुनरावृत्ति से कविता की सुंदरता बढ़ी है।
  • ‘भूमि’ शब्द से कई नए शब्द बनाए गए हैं।
  • कविता में देशभक्ति की भावना दिखाई देती है।
  • प्रकृति और भारत के महान व्यक्तियों को सम्मान दिया गया है।

त्वरित पुनरावृत्ति

कविता किसकी है?

सोहनलाल द्विवेदी

मुख्य भावना

देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति प्रेम

सिंधु

समुद्र/नदी के लिए प्रयुक्त शब्द

मलय पवन

सुगंधित और सुखद हवा

रघुपति

श्रीराम का नाम

वंशी

बाँसुरी

एक पंक्ति में अध्याय: कवि ने भारत की प्राकृतिक सुंदरता, महान परंपरा और गौरव का वर्णन करते हुए अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम व्यक्त किया है।

बहुत छोटे प्रश्न – अभ्यास

1. मातृभूमि कविता के कवि कौन हैं?
सोहनलाल द्विवेदी।
2. कविता में किस पर्वत का वर्णन है?
हिमालय।
3. कविता में किन नदियों का उल्लेख है?
गंगा और यमुना।
4. कोयल कहाँ पुकारती है?
घनी अमराइयों में।
5. मलय पवन क्या करती है?
तन-मन सँवारती है।
6. रघुपति किसका नाम है?
श्रीराम का।
7. वंशी किसे कहते हैं?
बाँसुरी को।
8. गौतम ने जग को क्या सिखाया?
दया करना सिखाया।

बच्चों के लिए याद रखने योग्य बातें

हिमालय → ऊँचा पर्वत
सिंधु → समुद्र / नदी
त्रिवेणी → तीन नदियों का संगम
मलय पवन → सुगंधित हवा
रघुपति → श्रीराम
वंशी → बाँसुरी
मातृभूमि → अपनी जन्मभूमि, माँ के समान प्रिय भूमि
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कक्षा 6 हिंदी मल्हार अध्याय 1 – मातृभूमि के लिए यह आसान और उपयोगी worksheet अभ्यास के लिए तैयार की गई है।इसमें पाठ से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न, शब्दार्थ और समझ पर आधारित प्रश्न शामिल हैं।

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