Class 7 Hindi Malhar Chapter 3 Notes | फूल और काँटा

Class 7 Hindi Malhar Chapter 3 “फूल और काँटा” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

कक्षा 7 हिंदी मल्हार अध्याय 3 – फूल और काँटा

कक्षा 7 हिंदी मल्हार

अध्याय 3 — फूल और काँटा

कवि — अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

🌸 फूल और काँटा 🌵

हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी,
एक ही सी चाँदनी है डालता।
मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।

छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ,
फाड़ देता है किसी का वर बसन।
प्यार-डूबी तितलियों का पर कतर,
भौंर का है बेध देता श्याम तन।
फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधों औ निराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।

है खटकता एक सब की आँख में,
दूसरा है सोहता सूर शीश पर।
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।

— अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

📖 कवि से परिचय

‘उठो लाल, अब आँखें खोलो। पानी लाई हूँ, मुँह धो लो।’ बचपन में यह प्यारी कविता आपने भी पढ़ी होगी। इस कविता को रचने वाले अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ ही ‘फूल और काँटा’ के कवि हैं।

बच्चों के लिए उन्होंने अनेक रोचक कविताएँ लिखीं। उनका जन्म आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। हरिऔध जी की चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है।

बच्चों के लिए उनके अनेक कविता-संग्रह प्रकाशित हैं जिनमें चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा उल्लेखनीय हैं।

🌟 कविता का सरल सार

कवि बताते हैं कि फूल और काँटा एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और उन्हें एक जैसा पानी, हवा, चाँदनी और वर्षा मिलती है। फिर भी दोनों का स्वभाव अलग होता है।

काँटा चुभता है, कपड़े फाड़ सकता है और पीड़ा देता है। इसके विपरीत फूल अपनी सुंदरता, सुगंध और कोमलता से सबको प्रसन्न करता है।

कवि अंत में बताते हैं कि केवल अच्छे कुल में जन्म लेना ही पर्याप्त नहीं है। मनुष्य का असली बड़प्पन उसके गुण, स्वभाव और अच्छे कर्मों से दिखाई देता है।

📚 मेरी समझ से

(क) कविता के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?

○ काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
○ काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
★ काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
○ काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
उत्तर: काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।

(2) कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?

○ फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
○ फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
★ फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
○ फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
उत्तर: फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।

(3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?

○ व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
★ व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
○ कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
○ यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
उत्तर: व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।

(4) कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?

○ धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
○ कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
★ बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
○ कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
उत्तर: बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर: हमने वे उत्तर चुने जो कविता की मुख्य भावना और पंक्तियों से सही सिद्ध होते हैं।

💭 पंक्तियों पर चर्चा

(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।”

उत्तर: फूल और काँटे को समान वातावरण मिलता है, फिर भी उनके गुण और स्वभाव अलग होते हैं।

(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”

उत्तर: केवल ऊँचे कुल में जन्म लेना पर्याप्त नहीं है। अच्छे गुण और अच्छे कर्म ही सच्चा बड़प्पन देते हैं।

🔗 मिलकर करें मिलान

इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए—

फूलकाँटा
सौंदर्य
कोमलता
प्रेम
आनंद
परोपकार
अच्छाई
बुराई
दुख
कठोरता
पीड़ा
स्वार्थ
उत्तर: फूल अच्छाई, प्रेम, सुंदरता, कोमलता और परोपकार का प्रतीक है। काँटा बुराई, कठोरता, पीड़ा और स्वार्थ का प्रतीक है।

🤔 सोच-विचार के लिए

(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?

उत्तर: सभी पौधों को चाँदनी, वर्षा और हवा समान रूप से मिलती है और वे एक ही धरती पर उगते हैं।

(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?

उत्तर: फूल कोमल, सुंदर और सुखद है, जबकि काँटा कठोर और पीड़ा देने वाला है।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: मनुष्य की पहचान उसके कुल से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्मों से होती है।

(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर: यदि कोई ऊँचे कुल का होकर भी बुरे काम करता है, तो केवल उसका कुल उसे महान नहीं बना सकता।

(ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सूर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?

उत्तर: लोग अच्छे, विनम्र और सहायक व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं। वे बुरे, कठोर और स्वार्थी लोगों से दूर रहना पसंद करते हैं।

💡 अनुमान और कल्पना से

(क) कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?

उत्तर: बाकी पौधे कमजोर और सूखे दिखाई देंगे। उनके विकास पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

(ख) यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?

उत्तर: दुनिया एक जैसी और नीरस लगती। उसमें विविधता और सुंदरता कम हो जाती।

(ग) यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?

उत्तर: दुनिया बहुत सुंदर लगती, लेकिन प्रकृति में संतुलन और विविधता कम हो जाती।

(घ) कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?

उत्तर:
तितली — काँटे, तुम मुझे चुभते क्यों हो?
काँटा — मैं जान-बूझकर तुम्हें दुख नहीं देना चाहता। मेरा काम पौधे की रक्षा करना है।
तितली — तब हम दोनों सावधानी से मित्र बन सकते हैं।
काँटा — हाँ, मुझे भी यह अच्छा लगेगा।

(ङ) कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।

उत्तर: मैं फूल के गुण अपनाना चाहूँगा क्योंकि फूल की तरह प्रेम, सुंदरता, कोमलता और प्रसन्नता बाँटना अच्छा है।

🧠 शब्द से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए—

संकेत: दया, उदारता, विनम्रता, त्याग, सम्मान, परोपकार, सहनशीलता आदि।

बड़प्पन → __________________ → __________________ → __________________ → __________________

‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है। इसका अर्थ होता है — बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव, महत्व, गौरव।

नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।

संतोष   बड़प्पन   सहनशीलता   दया   अहंकार   विश्वास   घमंड   ईर्ष्या   द्वेष   प्रतिशोध   क्रूरता   उदारता   विनम्रता   त्याग   संतोष   समर्पण   आदर   सम्मान   निष्ठा   परोपकार   सद्भावना   स्वार्थ   अपमान   अविश्वास   झूठ   अधीरता   लालच   झगड़ालूपन
उत्तर: बड़प्पन, सहनशीलता, दया, विश्वास, उदारता, विनम्रता, त्याग, संतोष, समर्पण, आदर, सम्मान, निष्ठा, परोपकार और सद्भावना।

✍️ कविता की रचना

“फूल लेकर तितलियों को गोद में,
भौंर को अपना अनूठा रस पिला।
निज सुगंधों औ निराले रंग से,
है सदा देता कली का जी खिला।”

इस पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। क्या आपने इस शब्द को पहले कहीं पढ़ा है? यह शब्द है— ‘और’। कविता में ‘र’ वर्ण नहीं लिखा गया है। कई बार बोलते हुए हम शब्द की अंतिम ध्वनि उच्चरित नहीं करते हैं। कवि भी कविता की लय के अनुसार ऐसा प्रयोग करते हैं।

इस कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ छिपी हैं, जैसे— ‘प्यार में डूबी तितलियों’ के स्थान पर ‘प्यार-डूबी तितलियों’ का प्रयोग किया गया है। हर दूसरी पंक्ति का अंतिम शब्द मिलती-जुलती ध्वनि वाला यानी ‘तुकांत’ है आदि।

(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

उत्तर: तुकांत शब्द, लय, अनुप्रास, मानवीकरण, प्रश्नवाचक शैली और विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग।

(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।

कविता की विशेषताएँकविता की पंक्तियाँ
1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ आए हैं।____
2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है।____
3. प्रश्न पूछा गया है।____
4. प्राकृतिक वस्तुओं, जैसे— पेड़-पौधों में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन किया गया है।____
5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है।____

कविता की पंक्तियाँ

  1. किस तरह कुल की बड़ाई काम दे
  2. भौंर को अपना अनूठा रस पिला
  3. फाड़ देता है किसी का वर बसन
  4. है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सूर शीश पर
  5. है सदा देता कली का जी खिला
  6. फूल लेकर तितलियों को गोद में
उत्तर:
1 — 2
2 — 3
3 — 1
4 — 5
5 — 4

🎨 कविता का सौंदर्य

(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।

1.

हैं जनम लेते जगह में एक ही,
एक ही पौधा उन्हें है पालता।
________ में उन पर चमकता ________ भी,
एक ही सी चाँदनी है डालता।

(रात, रात्रि, रजनी, निशा)
(शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु)

उत्तर: रात — चाँद

2.

_______ उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर _______ हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।

(मेह, बादल, मेघ, जलद)
(वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें)

उत्तर: मेह — हवायें

(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?

उत्तर: हमें सबसे उपयुक्त शब्द वही लगा जो कविता की लय, अर्थ और भाव के साथ सबसे अच्छा बैठता है।

📝 विशेषण

“भौंर का है बेध देता श्याम तन।”

‘श्याम तन’ का अर्थ है— काला शरीर। यहाँ ‘श्याम’ शब्द भँवरे के ‘शरीर’ की विशेषता बता रहा है, अर्थात ‘श्याम’ ‘विशेषण’ है। ‘तन’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है अर्थात ‘तन’ ‘विशेष्य’ शब्द है।

(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए —

पंक्तिविशेषणविशेष्य
1. भौंर का है बेध देता श्याम तनश्यामतन
2. फाड़ देता है किसी का वर बसन____________________
3. भौंर को अपना अनूठा रस पिला____________________
4. निज सुगंधों औ निराले ढंग से____________________
उत्तर:
2. वर — बसन
3. अनूठा — रस
4. निराले — ढंग

(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए —

विशेष्यविशेषण
1. फूलसुंदर
2. काँटातीखा
3. मेहठंडी
4. चाँदचमकीला
5. रातशांत

🗣️ आपकी बात

(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?

उत्तर: मैं फूल को चुनूँगा क्योंकि वह सुंदरता, प्रेम और प्रसन्नता फैलाता है।

(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?

उत्तर: मैं सबके साथ प्रेम से बात करता हूँ, उनकी मदद करता हूँ और उन्हें खुश रखने का प्रयास करता हूँ।

(ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिल्कुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।

उत्तर: नमक और चीनी, काला और सफेद, सुख और दुख, शांत और क्रोधी स्वभाव इसके उदाहरण हैं।

(संकेत— वस्तुएँ, जैसे— नमक और चीनी; स्वभाव, जैसे— शांत और क्रोधी; स्वाद, जैसे— खट्टा-मीठा; रंग, जैसे— काला-सफेद; अनुभव, जैसे— सुख-दुख आदि)

📚 पाठ से आगे

(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।

उत्तर: मेरे आसपास गंदगी एक काँटे जैसी समस्या है। इसका समाधान नियमित सफाई और कूड़ेदान का उपयोग करना है।

🎨 सृजन

(क) इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं। आप बिना रंगों या केवल उपलब्ध रंगों की सहायता से भी चित्र बना सकते हैं। चित्र बिल्कुल मौलिक लगे इसकी चिंता करने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपनी कल्पना को जैसे मन करे, वैसे साकार कर सकते हैं।

उत्तर: विद्यार्थी अपनी कल्पना से फूल और काँटे का चित्र बनाएँ।

(ख) मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए। संवाद का विषय निम्नलिखित हो सकता है—

  • उनके गुणों और विशेषताओं पर चर्चा।
  • यह समझाना कि उनका जीवन में क्या योगदान है।
उत्तर:
फूल — मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाता हूँ।
काँटा — और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।
फूल — हम दोनों प्रकृति के लिए आवश्यक हैं।
काँटा — हाँ, हमारे अलग-अलग गुण प्रकृति को सुंदर बनाते हैं।

🎤 वाद-विवाद

विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है —

‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’।

कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं —

  1. आपकी कक्षा में पहले से सात-आठ समूह बने होंगे। आधे समूह ‘फूल’ के पक्ष में तर्क देंगे। आधे समूह ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।
  2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा। निर्णायक मंडल का काम होगा— तर्कों को ध्यान से सुनना तथा प्रस्तुति शैली और तर्कों की गहराई के आधार पर अंकों का निर्धारण करना।
  3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा ताकि वे अपने तर्क तैयार कर सकें। सभी समूह अपने-अपने तर्क मिलकर सोचेंगे और लिखेंगे।
  4. प्रत्येक समूह को अपने पक्ष में बोलने के लिए तीन-चार मिनट का समय मिलेगा। दूसरा समूह पहले समूह के तर्क पर एक-दो मिनट में उत्तर देगा या उनसे प्रश्न पूछेगा।
  5. सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। बीच में टोकने की अनुमति किसी को नहीं होगी।
  6. सभी समूहों का क्रम तय किया जाएगा। वाद-विवाद के लिए क्रम इस प्रकार हो सकता है— समूह 1 (फूल के पक्ष में), समूह 2 (काँटे के पक्ष में), समूह 3 (फूल के पक्ष में), समूह 4 (काँटे के पक्ष में) और इसी क्रम से आगे बढ़ें।
  7. जो समूह निर्णायक मंडल का कार्य कर रहा है, वह वाद-विवाद के अंतराल में तर्क, भाषा कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंकों का निर्धारण करेगा।
  8. निर्णायक मंडल अंकों के आधार पर विजेता समूह का निर्णय करेगा।
  9. समूहों के प्रयासों के लिए तालियाँ बजाएँ और उनकी प्रशंसा करें। संभव हो तो विजेता समूह को कोई पुरस्कार या प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
  10. विद्यार्थी वाद-विवाद गतिविधि के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।
तैयारी के लिए उत्तर: विद्यार्थी अपने समूह के पक्ष के अनुसार तर्क तैयार करें।

🧩 आज की पहेली

नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ रेखा खींचकर जोड़िए —

क्रमवर्णननाम
1 बबूल
फूल पीले या सफेद छोटे गुच्छेदार।
काँटे लंबे और नुकीले।
विशेषता — इसका उपयोग ईंधन, चारा और औषधियों में किया जाता है।
________________
2 गुलाब
फूल विभिन्न रंगों में, विशेष रूप से लाल, सफेद और गुलाबी।
काँटे तने पर छोटे और तीखे।
विशेषता — सजावटी पौधा और इत्र बनाने के लिए प्रसिद्ध।
________________
3 नागफनी
फूल रंग-बिरंगे, पीले, नारंगी या गुलाबी।
काँटे पूरी सतह पर छोटे या लंबे।
विशेषता — सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है और सजावटी पौधे के रूप में भी उगाया जाता है।
________________
4 बेर
फूल छोटे और हल्के पीले।
काँटे शाखाओं पर छोटे-छोटे।
विशेषता — इसके फल खाद्य और औषधीय होते हैं।
________________
5 करौंदा
फूल छोटे, सफेद और सुगंधित।
काँटे शाखाओं पर छोटे-छोटे और तीखे।
विशेषता — फूल सजावटी और मधुर सुगंध वाले होते हैं। इसके फल से अचार, जैम और जेली बनाई जाती हैं। यह शुष्क और पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है।
________________
6 नीबू
फूल छोटे, सफेद और हल्की गुलाबी छाया लिए हुए। सुगंधित और गुच्छेदार।
काँटे शाखाओं पर छोटे और तीखे काँटे।
विशेषता — फल खट्टे और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इनका उपयोग पेय पदार्थों में किया जाता है।
________________

⭐ अध्याय से मुख्य सीख

  • फूल और काँटा एक ही पौधे पर उग सकते हैं, लेकिन उनके गुण अलग होते हैं।
  • फूल सुंदरता, प्रेम, कोमलता और आनंद का प्रतीक है।
  • काँटा कठोरता और पीड़ा का प्रतीक हो सकता है।
  • मनुष्य का वास्तविक बड़प्पन उसके कुल से नहीं बल्कि उसके गुणों और कर्मों से होता है।
  • हमें अपने अच्छे गुणों से दूसरों के जीवन में खुशी और आनंद फैलाना चाहिए।

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