Class 6 Hindi – एक दौड़ ऐसी भी | Notes, Summary, Questions & Worksheet

Class 6 Hindi मल्हार में पढ़ने के लिए एक दौड़ ऐसी भी – आसान सारांश, शब्दार्थ, प्रश्न-उत्तर और worksheet। पाठ को सरल भाषा में समझें और अभ्यास तथा परीक्षा की तैयारी करें।

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एक दौड़ ऐसी भी

सरल एवं संपूर्ण हिंदी नोट्स

विषय: सहयोग • मानवता • समानता • खेल भावना

पढ़ने के लिए — एक दौड़ ऐसी भी

कई साल पहले ओलंपिक खेलों के दौरान एक विशेष दौड़ होने जा रही थी। सौ मीटर की इस दौड़ में एक आश्चर्यजनक घटना हुई। नौ प्रतिभागी आरंभिक रेखा पर तैयार खड़े थे। उन सभी को कोई-न-कोई शारीरिक विकलांगता थी।

सीटी बजी, सभी दौड़ पड़े। बहुत तीव्र तो नहीं, पर उनमें जीतने की होड़ अवश्य तेज़ थी। सभी जीतने की उत्सुकता के साथ आगे बढ़े। सभी, बस एक छोटे से लड़के को छोड़कर।

तभी छोटा लड़का ठोकर खाकर लड़खड़ाया, गिरा और रो पड़ा। उसकी पुकार सुनकर बाकी प्रतिभागी दौड़ना छोड़ देखने लगे कि क्या हुआ? फिर, एक-एक करके वे सब उस बच्चे की सहायता के लिए उसके पास आने लगे। सब के सब लौट आए।

उसे दोबारा खड़ा किया। उसके आँसू पोंछे, धूल साफ की। वह छोटा लड़का एक ऐसी बीमारी से ग्रस्त था, जिसमें शरीर के अंगों की बढ़त धीमी होती है और उनमें तालमेल की कमी भी रहती है।

फिर तो सारे बच्चों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और साथ मिलकर दौड़ लगाई और सब के सब अंतिम रेखा तक एक साथ पहुँच गए।

दर्शक मंत्रमुग्ध होकर देखते रहे, इस प्रश्न के साथ कि सब के सब एक साथ यह दौड़ जीते हैं, इनमें से किसी एक को स्वर्ण पदक कैसे दिया जा सकता है?

निर्णायकों ने सबको स्वर्ण पदक देकर समस्या का बढ़िया हल ढूँढ़ निकाला।

नोट: आपके द्वारा भेजा गया मूल पाठ यहाँ “उस दिन म…” के बाद अधूरा है। इसलिए उसके आगे का पाठ अनुमान से नहीं जोड़ा गया है।

पाठ का परिचय

‘एक दौड़ ऐसी भी’ एक प्रेरणादायक घटना है। इसमें कुछ शारीरिक रूप से दिव्यांग प्रतिभागी दौड़ में भाग लेते हैं।

दौड़ के दौरान एक छोटा लड़का गिर जाता है। बाकी सभी प्रतिभागी अपनी दौड़ रोककर उसकी सहायता करने के लिए वापस आते हैं।

इसके बाद सभी प्रतिभागी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर साथ-साथ अंतिम रेखा तक पहुँचते हैं।

पाठ का सरल सार

ओलंपिक खेलों के दौरान शारीरिक विकलांगता वाले नौ प्रतिभागी सौ मीटर की दौड़ में भाग लेते हैं।

दौड़ शुरू होने के बाद एक छोटा लड़का ठोकर खाकर गिर जाता है और रोने लगता है।

बाकी प्रतिभागी जीतने की अपनी कोशिश छोड़कर उसके पास लौट आते हैं। वे उसे उठाते हैं, उसके आँसू पोंछते हैं और उसकी धूल साफ करते हैं।

इसके बाद सभी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर साथ दौड़ते हैं और अंतिम रेखा पर एक साथ पहुँचते हैं।

निर्णायक सभी को स्वर्ण पदक देकर उनके सहयोग, मानवता और सच्ची खेल भावना का सम्मान करते हैं।

महत्वपूर्ण शब्दार्थ

विशेष
खास
प्रतिभागी
प्रतियोगिता में भाग लेने वाला
आरंभिक रेखा
जहाँ से दौड़ शुरू होती है
शारीरिक विकलांगता
शरीर की किसी क्षमता में कमी
उत्सुकता
बहुत अधिक इच्छा
ठोकर
पैर का किसी चीज़ से टकराना
पुकार
सहायता के लिए आवाज़
तालमेल
अंगों का ठीक प्रकार से मिलकर काम करना
अंतिम रेखा
जहाँ दौड़ समाप्त होती है
मंत्रमुग्ध
बहुत प्रभावित
निर्णायक
प्रतियोगिता का निर्णय करने वाला
स्वर्ण पदक
प्रथम स्थान का पदक

घटना क्रम

  1. नौ प्रतिभागी सौ मीटर की दौड़ के लिए तैयार हुए।
  2. दौड़ शुरू हुई।
  3. एक छोटा लड़का ठोकर खाकर गिर गया।
  4. वह रोने लगा और मदद के लिए पुकारा।
  5. बाकी प्रतिभागी दौड़ छोड़कर उसके पास लौट आए।
  6. उन्होंने बच्चे को उठाया और उसकी सहायता की।
  7. सभी ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा।
  8. सभी साथ-साथ अंतिम रेखा तक पहुँचे।
  9. निर्णायकों ने सभी को स्वर्ण पदक दिया।

सरल प्रश्न-उत्तर

1. दौड़ में कितने प्रतिभागी थे?
उत्तर: दौड़ में नौ प्रतिभागी थे।
2. सभी प्रतिभागियों को क्या था?
उत्तर: सभी प्रतिभागियों को कोई-न-कोई शारीरिक विकलांगता थी।
3. छोटा लड़का क्यों गिर गया?
उत्तर: वह ठोकर खाकर लड़खड़ाया और गिर गया।
4. दूसरे प्रतिभागियों ने लड़के को अकेला क्यों नहीं छोड़ा?
उत्तर: उन्होंने मानवता और सहयोग की भावना से उसकी सहायता की।
5. सभी प्रतिभागी अंतिम रेखा तक कैसे पहुँचे?
उत्तर: उन्होंने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और साथ-साथ अंतिम रेखा तक पहुँचे।
6. निर्णायकों ने क्या निर्णय लिया?
उत्तर: निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक दिया।

पाठ से मिलने वाली सीख

  • सहयोग: हमें कठिन समय में दूसरों की सहायता करनी चाहिए।
  • मानवता: किसी की मदद करना जीत से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
  • समानता: सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए।
  • खेल भावना: केवल जीतना ही खेल का उद्देश्य नहीं है।
  • संवेदनशीलता: हमें दूसरों के दुख और परेशानी को समझना चाहिए।

प्रतिभागियों की विशेषताएँ

  • वे एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
  • वे अपने साथी की परेशानी को समझते हैं।
  • वे जीत से अधिक सहयोग को महत्व देते हैं।
  • उनमें सच्ची खेल भावना दिखाई देती है।
  • वे मिलकर आगे बढ़ते हैं।

महत्वपूर्ण बातों का सरल अर्थ

“सब के सब लौट आए।”

इसका अर्थ है कि बाकी प्रतिभागियों ने अपनी दौड़ जारी रखने के बजाय गिर चुके बच्चे की सहायता करना अधिक महत्वपूर्ण समझा।

“एक-दूसरे का हाथ पकड़ा”

इसका अर्थ है कि सभी प्रतिभागियों ने मिलकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। यह एकता और सहयोग का प्रतीक है।

“सबको स्वर्ण पदक”

इसका अर्थ है कि निर्णायकों ने केवल तेज दौड़ने को जीत नहीं माना। उन्होंने मानवता और खेल भावना का भी सम्मान किया।

Quick Revision

पाठ: एक दौड़ ऐसी भी

मुख्य विषय: मानवता और सहयोग

प्रतिभागी: नौ

दौड़: सौ मीटर

मुख्य घटना: एक प्रतिभागी गिर गया और बाकी प्रतिभागी उसकी सहायता के लिए लौट आए।

अंत: सभी प्रतिभागी हाथ पकड़कर एक साथ अंतिम रेखा तक पहुँचे।

निर्णय: सभी को स्वर्ण पदक दिया गया।

मुख्य सीख: मानवता और सहयोग केवल जीत से अधिक महत्वपूर्ण हैं।

एक वाक्य में पाठ की सीख

सच्ची जीत वही है जिसमें हम स्वयं आगे बढ़ने के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करें।

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