कक्षा 8 हिंदी — संवादहीन
शेखर जोशी
अध्याय-सार
‘संवादहीन’ शेखर जोशी की संवेदनशील कहानी है। इसमें ताई नाम की एक वृद्ध ग्रामीण महिला और उसके पालतू तोते मिट्ठू के बीच के गहरे स्नेह और संवाद को दिखाया गया है।
ताई कभी बड़े परिवार, खेती-बाड़ी, नौकर-चाकर और सम्पन्नता वाले घर में रहती थीं। समय के साथ उनके बेटे-बहू गाँव छोड़कर शहर चले गए और बेटियाँ अपने-अपने घर बस गईं। धीरे-धीरे ताई का बड़ा घर सुनसान हो गया और वे अकेली रह गईं।
गनपत एक पहाड़ी तोता लाकर ताई को देता है। मिट्ठू ताई के अकेलेपन को दूर कर देता है। ताई उसे बेटे की तरह प्यार करती हैं और मिट्ठू भी उनके शब्दों को दोहराकर उनसे बातचीत करता है।
कुंभ-स्नान के लिए ताई को कुछ दिनों के लिए प्रयागराज जाना पड़ता है। मिट्ठू को जगन मास्टर के घर छोड़ दिया जाता है। जगन मास्टर पक्षी को पिंजरे में बंद देखकर दुखी होते हैं और उसे स्वतंत्र करने का प्रयास करते हैं। अंततः मिट्ठू उड़कर चला जाता है।
ताई के लौटने से पहले गनपत उसी शक्ल का दूसरा तोता ले आता है। जगन मास्टर उसे मिट्ठू के सीखे हुए शब्द सिखाने का प्रयास करते हैं, लेकिन वह सफल नहीं होते।
ताई लौटकर जब नकली मिट्ठू को देखती हैं, तो वह चुप रहता है। ताई समझ जाती हैं कि उनका असली साथी वहाँ नहीं है। कहानी का अंत ताई के गहरे अकेलेपन और संवाद के टूट जाने का मार्मिक चित्र प्रस्तुत करता है।
शॉर्ट नोट्स
लेखक: शेखर जोशी
जन्म: 1932, अल्मोड़ा, उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश)
निधन: 2022
प्रमुख रचनाएँ: कोसी का घटवार, साथ के लोग, दाज्यू, हलवाहा, नौरंगी बीमार है, आदमी का डर, डाँगरी वाले, मेरा पहाड़, एक पेड़ की याद, स्मृति में रहें वे, न रोको उन्हें शुभ्रा, मेरा ओलिया गाँव।
कहानी का मुख्य विषय: वृद्धावस्था का अकेलापन, परिवार से दूरी, पलायन, मनुष्य और पशु-पक्षी का स्नेह तथा स्वतंत्रता की चाह।
मुख्य पात्र: ताई, मिट्ठू, जगन मास्टर, मास्टराइन, गनपत।
ताई और मिट्ठू: दोनों के बीच ममता, स्नेह और संवाद का संबंध है।
जगन मास्टर: स्वतंत्र विचारों वाले, संवेदनशील और नैतिक व्यक्ति।
मिट्ठू का उड़ना: स्वतंत्रता की इच्छा का प्रतीक।
शीर्षक ‘संवादहीन’: कहानी में ताई के जीवन में परिवार और अपनेपन के संवाद के समाप्त हो जाने की ओर संकेत करता है।
मेरे उत्तर — मेरे तर्क
1. कहानी में ताई और मिट्ठू का संबंध किस भाव को दर्शाता है?
(क) परोपकार और त्याग
(ख) ममता और स्नेह
(ग) करुणा और क्रोध
(घ) जिज्ञासा और सहायता
उत्तर: (ख) ममता और स्नेह
ताई मिट्ठू को बेटे की तरह प्यार करती थीं और मिट्ठू भी उनका अकेलापन दूर करता था।
2. जगन मास्टर द्वारा मिट्ठू को पिंजरे से बाहर निकालना किस भावना या मूल्य का संकेत देता है?
(क) अनुशासन और परंपरा
(ख) उदासीनता और असावधानी
(ग) आत्मगौरव और विद्रोह
(घ) करुणा और नैतिकता
उत्तर: (घ) करुणा और नैतिकता
जगन मास्टर पक्षी को कैद देखकर दुखी होते हैं और उसे कुछ समय के लिए स्वतंत्र करना चाहते हैं।
3. मिट्ठू का उड़ जाना किस विचार को प्रस्तुत करता है?
(क) भोजन की खोज
(ख) प्रेम की आकांक्षा
(ग) स्वतंत्रता की चाह
(घ) पक्षियों में सम्मान की प्रवृत्ति
उत्तर: (ग) स्वतंत्रता की चाह
मिट्ठू अवसर मिलते ही खुले रोशनदान से बाहर उड़ गया। इससे उसकी स्वतंत्रता की इच्छा प्रकट होती है।
4. ताई के जीवन के दुख का मुख्य कारण क्या था?
(क) सम्मान और प्रतिष्ठा में कमी आना
(ख) परिवार से दूरी और संवाद का अभाव
(ग) आर्थिक विपन्नता और निर्धनता
(घ) मिट्ठू के प्रति प्रेम और संवाद
उत्तर: (ख) परिवार से दूरी और संवाद का अभाव
परिवार के लोग गाँव छोड़कर चले गए थे। ताई अकेली रह गई थीं और उनका बड़ा घर सुनसान हो गया था।
5. कहानी में मानव-समाज में व्याप्त किस विसंगति को उजागर किया गया है?
(क) मजबूरी
(ख) कर्मपरायणता
(ग) अकेलापन
(घ) संवादधर्मता
उत्तर: (ग) अकेलापन
कहानी आधुनिक जीवन में परिवार से दूर होने और वृद्ध लोगों के अकेले पड़ जाने की समस्या को दिखाती है।
मेरी समझ — मेरे विचार
1. “भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?” ताई इस वाक्य में किस ‘नैया’ की बात कर रही हैं? वे यह बात क्यों कह रही हैं?
ताई अपने अकेले जीवन की कठिनाइयों की बात कर रही हैं। परिवार के दूर चले जाने के कारण उन्हें अपना जीवन कठिन और असुरक्षित लग रहा था।
2. “धीरे-धीरे सब पराए हाथ में चला गया।” इस वाक्य में किस घटना की ओर संकेत किया गया है?
इससे ताई के परिवार और संपत्ति के धीरे-धीरे उनसे दूर हो जाने का संकेत मिलता है। खेती-बाड़ी, कारोबार और घर की व्यवस्था दूसरों के हाथों में चली गई।
3. “ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी।” क्यों?
ताई अकेली थीं और उनके अपने लोग उनसे दूर हो चुके थे। इसलिए मिट्ठू उन्हें अपने बच्चे जैसा लगा और उनकी सारी ममता उस पर बरस पड़ी।
4. “अब ताई को इस बात की पूरी जानकारी रहने लगी थी कि किसके खेत में हरी मिर्चें तैयार हो गई हैं और किस पेड़ में फसल के आखिरी अमरूद बचे हैं।” इस वाक्य द्वारा ताई के व्यक्तित्व में आए परिवर्तनों के विषय में क्या-क्या पता चलता है?
पहले ताई अपनी आवश्यकताओं की भी अधिक चिंता नहीं करती थीं। मिट्ठू आने के बाद वे उसके लिए नियमित भोजन जुटाने लगीं। वे आसपास के खेतों और पेड़ों पर भी ध्यान देने लगीं। इससे उनका जीवन फिर सक्रिय और उत्साहपूर्ण हो गया।
5. “जगन मास्टर दूसरे मिजाज के आदमी थे।” जगन मास्टर का व्यक्तित्व कैसा था? कहानी में से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों वाले, संवेदनशील और नैतिक व्यक्ति थे। उन्हें पिंजरे में बंद मिट्ठू को देखकर बेचैनी होती थी। उन्होंने पिंजरे का दरवाजा खोलकर उसे स्वतंत्र होने का अवसर दिया।
6. कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ किसके लिए सबसे अधिक सार्थक प्रतीत होता है— ताई, जगन मास्टर, मिट्ठू या नया तोता? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
शीर्षक ‘संवादहीन’ ताई के लिए सबसे अधिक सार्थक है। परिवार के दूर चले जाने से ताई का जीवन संवादहीन हो गया था। मिट्ठू उनके जीवन में संवाद और अपनापन लेकर आया था। उसके चले जाने पर फिर वही अकेलापन लौट आया।
7. “अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे।” ताई के बड़े से घर को सूना खंडहर क्यों कहा गया होगा?
क्योंकि कभी वह घर परिवार, नौकर-चाकर और गतिविधियों से भरा रहता था। अब परिवार के सभी लोग चले गए थे और वहाँ केवल ताई और मिट्ठू रह गए थे। इसलिए वह घर खंडहर जैसा सूना लगता था।
मेरे प्रश्न
1. उत्तर : ताई के अकेलेपन को मिट्ठू ने सहारा दिया।
प्रश्न क : ताई के अकेलेपन को किसने सहारा दिया था?
प्रश्न ख : ताई को मिट्ठू किसने भेंट में दिया था?
उत्तर: प्रश्न क
क्योंकि दिए गए उत्तर में बताया गया है कि ताई के अकेलेपन को मिट्ठू ने सहारा दिया।
2. उत्तर : ताई के लौटने से पहले मिट्ठू उड़ गया था।
प्रश्न क : ताई के लौटने के बाद मिट्ठू कहाँ चला गया था?
प्रश्न ख : ताई के प्रयागराज से लौटने से पहले क्या अनहोनी हुई?
उत्तर: प्रश्न ख
कहानी में बताया गया है कि ताई के लौटने से पहले मिट्ठू उड़ गया था।
3. उत्तर : गाँववालों को डर था कि ताई को सच्चाई जानकर सदमा लगेगा।
प्रश्न क : गाँववाले ताई की वापसी से क्यों चिंतित थे?
प्रश्न ख : गाँववाले मिट्ठू के उड़ने से खुश क्यों थे?
उत्तर: प्रश्न क
गाँववाले जानते थे कि ताई मिट्ठू से बहुत प्यार करती हैं। इसलिए उन्हें उसकी सच्चाई बताने पर ताई को बहुत दुख होने की चिंता थी।
4. उत्तर : कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ जीवन के मौन का प्रतीक है।
प्रश्न क : कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ क्यों उपयुक्त नहीं है?
प्रश्न ख : शीर्षक ‘संवादहीन’ का क्या भावार्थ है?
उत्तर: प्रश्न ख
‘संवादहीन’ का भावार्थ है— जहाँ बातचीत, अपनापन और भावनात्मक संपर्क का अभाव हो।
मेरे अनुभव — मेरे विचार
1. “कभी-कभार गाँव में थोड़ी देर के लिए भी न्यौते-बुलावे में जातीं, तो दस बार खिड़की-दरवाजों की साँकलें टोहकर देखतीं…” ताई की तरह जब आप अपने घर या परिवार से दूर होते हैं, तो किसी वस्तु या व्यक्ति की चिंता आपको भीतर से कैसे परेशान करती है?
जब मैं घर से दूर होता/होती हूँ तो अपने परिवार के सदस्यों की चिंता होती है। बार-बार फोन करके उनका हाल पूछने का मन करता है। इससे पता चलता है कि अपने लोगों से हमारा गहरा भावनात्मक संबंध होता है।
2. “आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।” क्या आप मानते हैैं कि पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं? अपने किसी अनुभव का वर्णन करते हुए लिखिए।
हाँ, पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं। वे प्रेम, डर और अपनापन महसूस कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पालतू कुत्ता अपने मालिक के आने पर खुशी से पूँछ हिलाता है और उसके जाने पर उदास हो जाता है।
3. “गनपत ने ही एक सुझाव दिया कि मिट्ठू की ही सूरत-शक्ल का एक दूसरा तोता ले आया जाए ताकि ताई को भ्रम में रखा जा सके …” ताई को भ्रम में रखना उचित था या नहीं? तर्क सहित अपने विचार लिखिए।
मेरे विचार से ताई को भ्रम में रखना पूरी तरह उचित नहीं था। गाँववालों का उद्देश्य उन्हें अचानक दुख से बचाना था, लेकिन अंत में सच्चाई जानकर उन्हें और अधिक दुख हुआ। बेहतर होता कि उन्हें धीरे-धीरे सच्चाई बताई जाती।
4. “ताई सोच रही थीं कि उन्हें देखते ही मिट्ठू ‘राम राम सीताराम’ की रट लगाकर आसमान सिर पर उठा लेगा।” क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने सोचा कुछ और, हुआ कुछ और? उस अनुभव को लिखिए।
एक बार मैंने सोचा था कि परीक्षा बहुत कठिन होगी, इसलिए मैंने बहुत तैयारी की। लेकिन परीक्षा में अधिकतर प्रश्न आसान निकले। मुझे अपनी आशंका गलत लगने पर बहुत खुशी हुई।
5. “मिट्ठू अब पिंजरे में रहने के इतने आदी हो चुके थे कि उन्होंने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की।” क्या प्राणी सचमुच पिंजरे में रहने के आदी हो सकते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में अपने आस-पास से उदाहरण भी दीजिए।
हाँ, लंबे समय तक कैद में रहने वाला प्राणी उस वातावरण का अभ्यस्त हो सकता है। उसे बाहर की दुनिया का डर भी लग सकता है। फिर भी स्वतंत्र वातावरण किसी भी पक्षी या पशु के लिए अधिक प्राकृतिक और बेहतर है।
कहानी का सौंदर्य
| विशेष बिंदु | अर्थ | कहानी से उदाहरण |
|---|
| चित्रात्मकता | शब्दों द्वारा मन में स्पष्ट चित्र बनाना। | “मिट्ठू एक डाल से दूसरी डाल पर, एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अपने पंख तौलने में मशगूल रहे।” |
| संवादात्मकता | पात्रों की बातचीत द्वारा कथ्य को आगे बढ़ाना। | “राम-राम कहो, सीताराम कहो।” |
| पुनरुक्ति | शब्दों की पुनरावृत्ति द्वारा भाव की तीव्रता। | “कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!” |
| अतिशयोक्ति | किसी बात को बहुत बढ़ाकर कहना। | “रेलगाड़ी में उसका भी टिकट लगेगा, आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।” |
| लोकधर्मी भाषा | ग्रामीण और सहज बोलचाल की भाषा। | “भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?” |
| प्रश्नोत्तर शैली | प्रश्न पूछकर विचार या भाव व्यक्त करना। | “मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?” |
कहानी का अंत
आपके अनुसार ‘संवादहीन’ कहानी के अंत को किस श्रेणी में रखा जा सकता है? अपने उत्तर के कारण भी बताइए। आप इस कहानी का नया अंत किस प्रकार करना चाहेंगे?
उत्तर: कहानी का अंत मुख्यतः दुखांत और अप्रत्याशित अंत कहा जा सकता है। ताई को उम्मीद थी कि मिट्ठू उन्हें देखकर पहले की तरह बोलने लगेगा, लेकिन नया तोता चुप रहता है। इससे ताई का अकेलापन और अधिक स्पष्ट हो जाता है।
नया अंत: मैं कहानी का अंत इस प्रकार करना चाहूँगा/चाहूँगी कि असली मिट्ठू कुछ दिनों बाद वापस उड़कर ताई के घर आए। वह “राम-राम सीताराम” कहकर ताई को पुकारे और ताई के जीवन में फिर से खुशी लौट आए।
विचार और चर्चा
1. “अंत में जगन मास्टर की घरवाली ने उनकी चिंता दूर कर दी।” कहानी में रेखांकित पात्र का नाम नहीं दिया गया है। इसे कहीं ‘मास्टराइन’, तो कहीं ‘जगन मास्टर की घरवाली’ कहा गया है। आपके अनुसार कहानी में ऐसा क्यों किया गया होगा?
लेखक ने उसे अलग नाम देकर प्रमुख पात्र नहीं बनाया है। कहानी में उसका महत्व मुख्यतः जगन मास्टर की पत्नी के रूप में है। इसलिए उसे ‘मास्टराइन’ या ‘जगन मास्टर की घरवाली’ कहा गया है।
2. “गाँव के कई लोग कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे”
(क) ‘कुंभ-स्नान’ एक सुप्रसिद्ध आयोजन है जिसमें करोड़ों लोग भाग लेते हैं। पता लगाइए—
• इसका आयोजन क्यों किया जाता है?
• पिछली बार इसका आयोजन कब और कहाँ हुआ था?
• अगला आयोजन कब और कहाँ होगा?
उत्तर:
• कुंभ एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
• प्रयागराज में पिछला महाकुंभ 2025 में आयोजित हुआ था।
• अगला महाकुंभ प्रयागराज में 144 वर्ष के चक्र के अनुसार 2169 में होगा। हालांकि अन्य स्थानों पर कुंभ के अलग-अलग आयोजन होते हैं।
(ख) मान लीजिए कि ताई आपके मोहल्ले में रहती हैं। वे कुंभ-स्नान के लिए कैसे गई होंगी? उनकी यात्रा का वर्णन लिखिए।
ताई गाँव के लोगों के साथ पहले बस से निकली होंगी। फिर वे रेलवे स्टेशन पहुँची होंगी और ट्रेन से प्रयागराज गई होंगी। रास्ते में उन्होंने साथियों के साथ भोजन किया होगा और बातचीत की होगी। प्रयागराज पहुँचकर उन्होंने संगम में स्नान किया, पूजा की और किसी धर्मशाला या शिविर में ठहरी होंगी।
(ग) आपके गाँव या नगर में कौन-सा मेला, उत्सव या पर्व मनाया जाता है? वहाँ का दृश्य, भीड़, श्रद्धा और वातावरण का वर्णन कीजिए। मेले में कैसी आवाज़ें, रंग, गंध, खान-पान, दृश्य और भाव होंगे?
हमारे नगर में धार्मिक मेले का आयोजन होता है। वहाँ बहुत भीड़ रहती है। दुकानों पर रंग-बिरंगी वस्तुएँ दिखाई देती हैं। चारों ओर लोगों की बातचीत और दुकानदारों की आवाजें सुनाई देती हैं। पकौड़ी, जलेबी और चाट की खुशबू वातावरण में फैल जाती है। लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ मेले का आनंद लेते हैं।
रचनात्मक गतिविधियाँ
1. “बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों के होकर रह गए।” अपना घर छोड़कर नए स्थान पर बस जाना आसान नहीं होता। ताई के बहू-बेटों ने गाँव क्यों छोड़ा होगा? गाँव छोड़ते समय क्या-क्या सोचा होगा? अपना घर छोड़ने के लिए स्वयं को कैसे तैयार किया होगा?
उन्होंने रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए गाँव छोड़ा होगा। गाँव छोड़ते समय उन्हें घर और अपने लोगों की याद आई होगी। भविष्य में बेहतर जीवन की आशा ने उन्हें नया स्थान अपनाने के लिए तैयार किया होगा।
2. “वहाँ बैठे एवजी मिट्ठू ने उन्हें देखकर कोई हरकत नहीं की” ताई सोच रही थीं कि मिट्ठू ‘राम राम सीताराम’ कहेगा, लेकिन एवजी मिट्ठू चुप था। कल्पना कीजिए कि एक दिन असली मिट्ठू वापस आ गया। मिट्ठू ने नए तोते को देखकर क्या कहा होगा? आगे की कहानी लिखिए।
एक दिन आकाश में वही हरे पंख चमके। असली मिट्ठू उड़ता हुआ ताई के घर आ पहुँचा। उसने पिंजरे में बैठे नए तोते को देखा और बोला, “राम-राम! सीताराम!” ताई ने आवाज पहचान ली। उनकी आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उन्होंने मिट्ठू को प्यार से अपने पास बुलाया। नए तोते को भी उन्होंने अपना लिया। अब घर में फिर से चहचहाहट और संवाद लौट आया।
3. “अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे।” आज घर जाकर अपने किसी बड़े या बुजुर्ग से बात कीजिए। उनसे पूछिए— “आप जब मेरी आयु के थे, तब समय कैसे बिताया करते थे; क्या-क्या बातें या काम करते थे? आदि”। उनके कहे हुए अनुभव अपनी पुस्तिका में लिखिए।
नमूना उत्तर: मेरे दादा ने बताया कि उनके बचपन में मोबाइल और इंटरनेट नहीं थे। वे दोस्तों के साथ खेलते थे, खेतों में जाते थे और परिवार के कामों में हाथ बँटाते थे। शाम को सभी लोग साथ बैठकर बातें करते थे। उन्होंने बताया कि उस समय जीवन सरल था, लेकिन सुविधाएँ कम थीं।
4. “मिट्ठू ने फिर तिरछी आँख से रोशनदान के बाहर की दुनिया की ओर देखा और ये गए! वो गए!!” मान लीजिए कि जगन मास्टर ने मिट्ठू की खोज के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है। अपनी कल्पना से वह विज्ञापन बनाइए।
खोया-पाया
एक हरे रंग का पहाड़ी तोता खो गया है। वह “राम-राम”, “सीताराम” और “हर हर गंगे” बोलता है। उसे अंतिम बार जगन मास्टर के घर के पास देखा गया था। जो व्यक्ति उसे पाए, कृपया उसे सुरक्षित रखें और सूचना दें। उचित पुरस्कार दिया जाएगा।
व्याकरण की बात
‘मिट्ठू’ शब्द और मुहावरा
मिट्ठू: मधुरभाषी, मीठा बोलने वाला या तोता।
‘अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना’ — अपनी प्रशंसा आप करना।
जीव-जंतुओं से जुड़े मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ |
|---|
| आस्तीन का साँप | विश्वासघाती व्यक्ति |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना |
| गधे के सिर से सींग | अचानक गायब हो जाना |
| भैंस के आगे बीन बजाना | ऐसे व्यक्ति को समझाना जो बात न समझे |
| बिल्ली के गले में घंटी बाँधना | जोखिम भरा काम करने की पहल करना |
| साँप सूँघ जाना | अचानक चुप हो जाना |
| मुँह में राम, बगल में छुरी | बाहर से अच्छा, भीतर से बुरा |
ध्वन्यात्मकता
ध्वनियों का आभास कराने वाले कुछ और शब्द लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए।
| ध्वनि शब्द | वाक्य |
|---|
| खटखट | दरवाजे पर किसी ने खटखट की। |
| छनछन | चूड़ियों की छनछन सुनाई दी। |
| टप-टप | बारिश की बूँदें टप-टप गिर रही थीं। |
| झनझन | घंटी की झनझन सुनाई दी। |
| सरसर | हवा से पेड़ों के पत्ते सरसर करने लगे। |
शब्द-युग्म
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द-युग्म नीचे दिए गए हैं। उनका अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए—
वक्त-बेवक्त, नियम-सिद्धांत, शादी-ब्याह, तीज-त्योहार
| शब्द-युग्म | अर्थ | वाक्य |
|---|
| वक्त-बेवक्त | समय-असमय | वह वक्त-बेवक्त दूसरों को परेशान करता है। |
| नियम-सिद्धांत | नियम और आदर्श | हमें अपने नियम-सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। |
| शादी-ब्याह | विवाह संबंधी कार्य | गाँव में शादी-ब्याह के अवसर पर सभी लोग मिलते हैं। |
| तीज-त्योहार | पर्व और उत्सव | तीज-त्योहार परिवार को एक साथ लाते हैं। |
खोजबीन शब्दों की
उपर्युक्त अनुच्छेद में से खोजिए—
• ऐसा शब्द जो ‘तंग’ का विपरीतार्थक है।
• ऐसा वाक्यांश जो एक मुहावरा है।
• ऐसा शब्द जो एक क्रिया है।
• ऐसा शब्द जो एक संज्ञा है।
• ऐसा शब्द जो एक सर्वनाम है।
• ऐसा शब्द जो एक विशेषण है।
• ऐसा शब्द जो एक कारक है।
• ऐसा शब्द जो एक कर्ता है।
| माँगी गई चीज | उत्तर |
|---|
| ‘तंग’ का विपरीतार्थक शब्द | खुला |
| मुहावरा | पसीना-पसीना होना |
| क्रिया | पुकारते |
| संज्ञा | पेड़ |
| सर्वनाम | वह |
| विशेषण | ढीली |
| कारक | से |
| कर्ता | जगन मास्टर |
अर्थ के आधार पर वाक्य
| वाक्य का भेद | अर्थ / उपयोग | उदाहरण |
|---|
| विधानवाचक | घटना या स्थिति का कथन | जगन मास्टर ने पिंजरे का दरवाजा खोल दिया। |
| निषेधवाचक | कार्य के न होने का भाव | मिट्ठू ने कोई हरकत नहीं की। |
| प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछने का भाव | मिट्ठू! अब कैसे कटेगी? |
| विस्मयादिबोधक | आश्चर्य, खुशी या दुख का भाव | मिट्ठू ने फिर तिरछी आँख से रोशनदान के बाहर की दुनिया की ओर देखा और ये गए! वो गए!! |
| आज्ञावाचक | आदेश या आग्रह | राम-राम कहो, सीताराम कहो। |
| इच्छावाचक | इच्छा, आशा या आशीर्वाद | जीते रहो बेटा, जग-जुग जिओ! |
| संदेहवाचक | शंका या अनिश्चितता | ताई के सूनेपन का साथी न जाने किन अमराइयों में घूम रहा होगा। |
| संकेतवाचक | एक कार्य का दूसरे कार्य पर निर्भर होना | जब खेती-बाड़ी नहीं, कारबार नहीं, तो नौकर-चाकर किस दम पर टिकते! |
अब आप भी अपनी पुस्तक में से प्रत्येक प्रकार का एक-एक वाक्य चुनकर लिखिए।
नमूना उत्तर:
1. विधानवाचक — ताई मिट्ठू के लिए दाल-भात बनाती थीं।
2. निषेधवाचक — मिट्ठू ने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की।
3. प्रश्नवाचक — मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?
4. विस्मयादिबोधक — ये गए! वो गए!!
5. आज्ञावाचक — राम-राम कहो, सीताराम कहो।
6. इच्छावाचक — जीते रहो बेटा, जग-जुग जिओ।
7. संदेहवाचक — न जाने किन अमराइयों में घूम रहा होगा।
8. संकेतवाचक — जब खेती-बाड़ी नहीं, कारबार नहीं, तो नौकर-चाकर किस दम पर टिकते!
समूह गतिविधियाँ
1. कहानी के रंग
समूहों को अलग-अलग भावनाएँ जैसे दुख, स्नेह और आजादी देकर मूक अभिनय किया जा सकता है। ताई के अकेलेपन, मिट्ठू के प्रति प्रेम और उसके उड़ने के दृश्य को अभिनय द्वारा दिखाया जा सकता है।
2. पंखों की योजना
यदि मुझे मिट्ठू की तरह उड़ने का मौका मिले तो मैं पहाड़ों और सुंदर प्राकृतिक स्थानों की यात्रा करना चाहूँगा/चाहूँगी। मैं प्रकृति को ऊपर से देखना और स्वतंत्रता का अनुभव करना चाहूँगा/चाहूँगी।
3. “पेट की समस्या उनके लिए कभी समस्या नहीं रही”
परिवार की महिलाएँ अक्सर दूसरों की जरूरतों को पहले रखती हैं। हमें उनके भोजन और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। घर की महिलाओं से उनकी पसंद पूछकर महीने में उनकी पसंद का भोजन अवश्य बनाया जाना चाहिए।
मेरी पहेली
अपने समूह के साथ मिलकर ऐसी पहेलियाँ या प्रश्न बनाइए जिनके उत्तर निम्नलिखित हों— तोता, ताई, कुंभ, पिंजरा, कमरा, गंगा
| उत्तर | पहेली / प्रश्न |
|---|
| तोता | मैं हरे रंग का पक्षी हूँ और मनुष्य की बोली की नकल कर सकता हूँ। मैं कौन हूँ? |
| ताई | कहानी में वृद्ध महिला का नाम क्या है जो मिट्ठू से बहुत प्यार करती थी? |
| कुंभ | वह प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन कौन-सा है जिसमें श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान करते हैं? |
| पिंजरा | वह वस्तु क्या है जिसमें मिट्ठू को बंद करके रखा गया था? |
| कमरा | जगन मास्टर ने मिट्ठू को स्वतंत्र करने के लिए किस स्थान को बंद किया था? |
| गंगा | मिट्ठू के पाठ में किस पवित्र नदी का नाम बार-बार आता था? |
भाषा संगम
“वह न जाने कहाँ से एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता ले आया था।”
तोता शब्द अलग-अलग भारतीय भाषाओं में अलग रूपों में बोला जाता है।
| भाषा | शब्द |
|---|
| हिंदी | तोता |
| संस्कृत | शुकः |
| पंजाबी | ਤੋਤਾ |
| उर्दू | طوطا |
| कश्मीरी | तूत |
| सिंधी | तोतो |
| मराठी | पोपट |
| गुजराती | પોપટ |
| कोंकणी | पोपट |
| नेपाली | सुगा |
| बंगला | তোতা |
| असमिया | ভাটৌ |
| मणिपुरी | तेनवा |
| मराठी | पोपट |
| ओड़िया | ଶୁଆ |
| तेलुगु | చిలక |
| तमिल | கிளி |
| मलयालम | ശുകം |
| कन्नड़ | ಗಿಳಿ |
• इनके अतिरिक्त यदि आप ‘तोता’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
उदाहरण: अंग्रेज़ी — Parrot
• उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
नमूना: इसे विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में लिखें। उदाहरण के लिए, यदि मातृभाषा गढ़वाली है तो वाक्य का स्थानीय गढ़वाली रूप लिखा जा सकता है।
त्वरित पुनरावृत्ति
1. ताई एक वृद्ध और अकेली महिला थीं।
2. मिट्ठू उनके अकेलेपन का साथी बना।
3. ताई और मिट्ठू के बीच प्रेमपूर्ण संवाद था।
4. परिवार के शहर चले जाने से ताई का घर सूना हो गया था।
5. जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों और संवेदनशीलता वाले व्यक्ति थे।
6. मिट्ठू का उड़ना स्वतंत्रता की चाह को दर्शाता है।
7. नकली तोता ताई के जीवन में असली संवाद वापस नहीं ला सका।
मुख्य संदेश: मनुष्य को केवल भौतिक सुविधाओं की नहीं, बल्कि प्रेम, अपनापन और संवाद की भी आवश्यकता होती है। वृद्ध लोगों के साथ समय बिताना और उनकी भावनाओं को समझना हमारा मानवीय दायित्व है। साथ ही पशु-पक्षियों की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।