Class 7 Hindi Malhar Chapter 7 Notes | वर्षा-बहार

Class 7 Hindi Malhar Chapter 7 “वर्षा-बहार” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.

कक्षा 7 हिंदी मल्हार

अध्याय 7 – वर्षा-बहार

आसान नोट्स एवं पुस्तक समाधान

वर्षा-बहार

वर्षा-बहार सब के मन को लुभा रही है
नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है।

बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं
पानी बरस रहा है, झरने भी ये बहे हैं।

चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब
बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब।

तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते
फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते।

करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे
मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर गीत प्यारे।

खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है
बागों में खूब सुख से, आमोद छा रहा है।

चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर
गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहर।

इस भाँति है अनोखी, वर्षा बहार भी पर
सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर।

— मुकुटधर पाण्डेय

कवि से परिचय

‘वर्षा-बहार’ का मनोरम दृश्य रचने वाले मुकुटधर पाण्डेय का जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुआ था। प्रकृति-सौंदर्य की विभिन्न छवियाँ उनकी रचनाओं में देखने को मिलती हैं। किशोरावस्था में ही उन्होंने कविता और लेख आदि लिखना शुरू कर दिया था। उस समय की पत्रिकाओं—सरस्वती और माधुरी में उनकी रचनाएँ प्रमुखता से प्रकाशित होती थीं। हिंदी साहित्य में मुकुटधर पाण्डेय के योगदान को देखते हुए भारत सरकार द्वारा उन्हें ‘पद्मश्री’ सम्मान दिया गया था।

अध्याय का आसान सार

इस कविता में कवि ने वर्षा ऋतु की सुंदरता और आनंद का वर्णन किया है। वर्षा आने पर आकाश में घने बादल छा जाते हैं, बिजली चमकती है और बादल गरजते हैं। ठंडी हवा चलती है और पेड़ों की डालियाँ हिलने लगती हैं।

तालाबों में रहने वाले जीव प्रसन्न होते हैं। मोर नृत्य करते हैं और मेंढक गीत गाते हुए दिखाई देते हैं। फूल खिलते हैं और उनकी सुगंध चारों ओर फैलती है। हंस कतार में चलते हैं और किसान प्रसन्न होकर खेतों में गीत गाते हैं।

कवि के अनुसार वर्षा केवल सुंदर दृश्य ही नहीं लाती, बल्कि धरती पर जीवन, हरियाली और आनंद का आधार भी है।

याद रखने योग्य बातें

  • कविता के कवि – मुकुटधर पाण्डेय
  • कविता का मुख्य विषय – वर्षा ऋतु की सुंदरता और आनंद
  • मोर वर्षा में नृत्य करते हैं।
  • मेंढक गीत गाते हैं।
  • पपीहे गर्मी से राहत पाते हैं।
  • तालाबों के जलचर प्रसन्न होते हैं।
  • गुलाब की सुगंध वातावरण को सुंदर बनाती है।
  • किसान वर्षा से प्रसन्न होते हैं क्योंकि खेती के लिए पानी आवश्यक है।
  • वर्षा धरती पर हरियाली और जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) इस कविता में वर्षा ऋतु का कौन-सा भाव मुख्य रूप से उभर कर आता है?

  • दुःख और निराशा
  • ★ आनंद और प्रसन्नता
  • भय और चिंता
  • क्रोध और विरोध
उत्तर: आनंद और प्रसन्नता।

(2) “नभ में छटा अनूठी” और “घनघोर छा रही है” पंक्तियों का उपयोग वर्षा ऋतु के किस दृश्य को व्यक्त करने के लिए किया गया है?

  • ★ बादलों के घिरने का दृश्य
  • बिजली के गिरने का दृश्य
  • ठंडी हवा के बहने का दृश्य
  • आमोद छा जाने का दृश्य
उत्तर: बादलों के घिरने का दृश्य।

(3) कविता में वर्षा को ‘अनोखी बहार’ कहा गया है क्योंकि—

  • कवि वर्षा को विशेष ऋतु मानता है।
  • वर्षा में सभी जीव-जंतु सक्रिय हो जाते हैं।
  • ★ वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है।
  • ★ वर्षा एक अद्भुत अनोखी प्राकृतिक घटना है।
उत्तर: वर्षा सबके लिए सुख और संतोष लाती है तथा यह एक अद्भुत प्राकृतिक घटना है।

(4) “सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर” इस पंक्ति का क्या अर्थ है?

  • प्रकृति में सभी जीव-जंतु एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
  • ★ वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत है।
  • बादलों की सुंदरता से ही पृथ्वी की शोभा बढ़ती है।
  • हमें वर्षा ऋतु से जगत की भलाई की प्रेरणा लेनी चाहिए।
उत्तर: वर्षा पृथ्वी पर हरियाली और जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर: मैंने ये उत्तर इसलिए चुने क्योंकि कविता में वर्षा के कारण प्रकृति, पशु-पक्षियों, किसानों और मनुष्यों में खुशी दिखाई गई है।

पंक्तियों पर चर्चा

(क) “फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते / करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे।”

उत्तर: वर्षा आने से गर्मी कम हो जाती है। पपीहे गर्मी से राहत पाते हैं और मोर वर्षा की खुशी में नृत्य करते हैं। इससे प्रकृति के आनंद का पता चलता है।

(ख) “चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर / गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहर।”

उत्तर: हंस सुंदर कतार में चलते हैं। किसान वर्षा और खेती के आनंद में मनमोहक गीत गाते हैं। इससे वर्षा ऋतु का सुंदर और आनंदपूर्ण वातावरण दिखाई देता है।

मिलकर करें मिलान

स्तंभ 1सही मिलानस्तंभ 2
1. पानी बरस रहा है, झरने भी ये बहे हैं1 → 2वर्षा हो रही है और झरने बह रहे हैं।
2. चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब2 → 6ठंडी हवाओं के कारण पेड़ों की सभी शाखाएँ हिल रही हैं।
3. तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते3 → 1वर्षा ऋतु में तालाबों के जीव-जंतु अति प्रसन्न हैं।
4. फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते4 → 3वर्षा आने पर लाखों पपीहे गर्मी से राहत पाते हैं।
5. खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है5 → 5वर्षा में खिले हुए गुलाब प्रकृति में सुगंध और ताजगी फैला रहे हैं।
6. चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर6 → 4हंसों की कतारें प्रकृति की सुंदरता और अनुशासन को दर्शाती हैं।

सोच-विचार के लिए

(क) कविता में कौन-कौन गीत गा रहे हैं और क्यों?

उत्तर: कविता में मालिनें, मेंढक और किसान गीत गा रहे हैं। वे वर्षा ऋतु की खुशी और सुंदर वातावरण के कारण प्रसन्न हैं।

(ख) “बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं” “तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते”

उत्तर: पहली पंक्ति में वर्षा के समय आकाश में होने वाली प्राकृतिक घटनाओं का वर्णन है। दूसरी पंक्ति में वर्षा के कारण जलचरों की खुशी दिखाई गई है। दोनों का संबंध वर्षा ऋतु से है।

दी गई दोनों पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए। इनमें वर्षा के दो अलग-अलग दृश्य दर्शाए गए हैं। इन दोनों में क्या कोई अंतर है? क्या कोई संबंध है? अपने विचार लिखिए।

उत्तर: हाँ, दोनों दृश्यों में अंतर है। पहली पंक्ति में बिजली और बादलों की प्राकृतिक घटनाएँ दिखाई गई हैं, जबकि दूसरी में जलचरों की प्रसन्नता दिखाई गई है। दोनों का संबंध वर्षा से है।

(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: कविता में वर्षा ऋतु की सुंदरता, आनंद और जीवन में उसके महत्व को बताया गया है। वर्षा से प्रकृति हरी-भरी होती है और जीव-जंतु तथा मनुष्य प्रसन्न होते हैं।

(घ) “खिलता गुलाब कैसा, सौरभ उड़ा रहा है” इस पंक्ति को पढ़कर एक खिलते हुए गुलाब का सुंदर चित्र मस्तिष्क में बन जाता है। इस पंक्ति का उद्देश्य केवल गुलाब की सुंदरता को बताना है या इसका कोई अन्य अर्थ भी हो सकता है?

उत्तर: इसका उद्देश्य केवल गुलाब की सुंदरता बताना नहीं है। गुलाब की सुगंध के माध्यम से कवि वर्षा के बाद प्रकृति में फैली ताजगी, सुंदरता और प्रसन्नता को भी दिखाता है।

(ङ) कविता में से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए जिनमें सकारात्मक गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जैसे— ‘गीत गाना’, ‘नृत्य करना’ और ‘सुगंध फैलाना’। इन गतिविधियों के आधार पर बताइए कि इस कविता का शीर्षक ‘वर्षा-बहार’ क्यों रखा गया है?

उत्तर: कविता में मालिनों के गीत गाने, मोरों के नृत्य करने, मेंढकों के गीत गाने, गुलाब की सुगंध फैलने और किसानों के गीत गाने का वर्णन है। इन सभी गतिविधियों से खुशी और सुंदरता दिखाई देती है। इसलिए कविता का शीर्षक ‘वर्षा-बहार’ उचित है।

अनुमान और कल्पना से

(क) “सारे जगत की शोभा, निर्भर है इसके ऊपर” कविता में कहा गया है कि वर्षा पर सारे संसार की शोभा निर्भर है। वर्षा के अभाव में मानव जीवन और पशु-पक्षियों पर क्या-क्या प्रभाव पड़ सकता है?

उत्तर: वर्षा के अभाव में पानी की कमी हो सकती है। पेड़-पौधे सूख सकते हैं, फसलें खराब हो सकती हैं और पशु-पक्षियों को पानी तथा भोजन की कमी हो सकती है। मनुष्यों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

(ख) “बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं” – बिजली चमकना और बादल का गरजना प्राकृतिक घटनाएँ हैं। इन घटनाओं का लोगों के जीवन पर क्या-क्या प्रभाव हो सकता है?

उत्तर: बिजली और बादलों की गरज वर्षा आने का संकेत देती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। लेकिन तेज बिजली और गरज से डर भी लग सकता है तथा खुले स्थानों में सावधानी रखना आवश्यक होता है।

(ग) “करते हैं नृत्य वन में, देखो ये मोर सारे”– इस पंक्ति को ध्यान में रखते हुए वर्षा आने पर पक्षियों और जीवों की खुशी का वर्णन कीजिए। वे अपनी प्रसन्नता कैसे व्यक्त करते होंगे?

उत्तर: वर्षा आने पर मोर नृत्य करते हैं। पक्षी चहचहाते हैं और कई जीव बाहर निकलकर सक्रिय हो जाते हैं। मेंढक टर्र-टर्र करते हैं। इस तरह वे अपनी खुशी व्यक्त करते हैं।

आपकी रचनाएँ

(क) कविता में वर्णन है कि मोर नृत्य कर रहे हैं और मेंढक गीत गा रहे हैं। इस दृश्य को अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।

उत्तर: आसमान में काले बादल छाए हैं और हल्की-हल्की बारिश हो रही है। मोर अपने पंख फैलाकर नृत्य कर रहे हैं। पास के तालाब में मेंढक टर्र-टर्र कर रहे हैं। चारों ओर हरियाली और ठंडी हवा है। पूरा वातावरण खुशी से भर गया है।

(ख) वर्षा से जुड़ी किसी प्राचीन कथा या लोककथा को इस कविता से जोड़कर एक कहानी तैयार कीजिए।

उत्तर: एक गाँव में बहुत दिनों से वर्षा नहीं हुई थी। खेत सूखने लगे और लोग परेशान थे। एक दिन आकाश में घने बादल आए और वर्षा शुरू हो गई। मोर नाचने लगे, मेंढक टर्र-टर्र करने लगे और किसान खुशी से अपने खेतों की ओर चले गए। कुछ ही दिनों में खेत हरे-भरे हो गए। गाँव के लोगों ने वर्षा के लिए प्रकृति का धन्यवाद किया।

(ग) इस कविता से प्रेरणा लेकर एक चित्र बनाइए। उसमें आपने क्या-क्या बनाया है और क्यों?

उत्तर: मैंने चित्र में घने बादल, वर्षा की बूँदें, नाचता हुआ मोर, हरे पेड़, खिलते फूल, तालाब और खेत बनाए हैं। मैंने ये चित्र इसलिए बनाए हैं क्योंकि कविता में वर्षा के समय इन सुंदर दृश्यों का वर्णन किया गया है।

शब्द से जुड़े शब्द

अपने समूह में चर्चा करके ‘वर्षा’ से जुड़े शब्द लिखिए।

उत्तर: बारिश, बादल, पानी, बूंदें, बिजली, गरज, झरना, नदी, तालाब, हरियाली, मोर, मेंढक, इंद्रधनुष, सावन, रिमझिम, ठंडी हवा।

कविता की रचना

“वर्षा-बहार सब के मन को लुभा रही है”

इस पंक्ति में ‘वर्षा’ एक ऋतु का नाम है। ‘बहार’ ‘वसंत’ का दूसरा नाम है। यहाँ ‘वर्षा’ और ‘बहार’ को एक साथ दिया गया है जिससे वर्षा ऋतु की सुंदरता को स्पष्ट किया जा सके।

आसान समझ: कवि ने ‘वर्षा’ को ‘बहार’ के साथ जोड़कर यह बताया है कि वर्षा ऋतु भी प्रकृति में सुंदरता, खुशी और नई ऊर्जा लेकर आती है।

कविता का सौंदर्य

(क) नीचे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए। जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं उन पर घेरा बनाइए।

_________ बहार सब के मन को लुभा रही है (बारिश, बरसात, बरखा, वृष्टि)

उत्तर: वर्षा-बहार सब के मन को लुभा रही है।

_________ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है (आकाश, गगन, अंबर, व्योम)

उत्तर: नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही है।

बिजली चमक रही है, _________ गरज रहे हैं (मेघ, जलधर, घन, जलद)

उत्तर: बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं।

_________ बरस रहा है, झरने भी ये बहे हैं (जल, नीर, सलिल, तोय)

उत्तर: पानी बरस रहा है, झरने भी ये बहे हैं।

(ख) अपने समूह में विमर्श करके पता लगाइए कि कौन-से शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहे हैं और क्यों?

उत्तर: कविता में वही शब्द अधिक अच्छे लगते हैं जो उसके भाव और लय के साथ आसानी से मेल खाते हैं। कवि ने सरल और सुंदर शब्दों का प्रयोग करके वर्षा का मनमोहक दृश्य बनाया है।

विशेषण

“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब”

इस पंक्ति में ‘सुंदर’ शब्द ‘गीत’ की विशेषता बता रहा है अर्थात यह ‘विशेषण’ है। ‘गीत’ एक संज्ञा शब्द है जिसकी विशेषता बताई जा रही है, अर्थात यह ‘विशेष्य’ शब्द है।

(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए।

पंक्तिविशेषणविशेष्य
1. नभ में छटा अनूठी, घनघोर छा रही हैअनूठीछटा
2. चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदरसुंदरकतार
3. मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर गीत प्यारेप्यारेगीत
4. चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सबठंडीहवा

वर्षा और ऋतु से जुड़े शब्द

नीचे दिए गए शब्दों में से कई शब्द ऋतुओं और मौसम से जुड़े हैं।

धूप, बयार, हिमपात, वृष्टि, पाला, ताप, जाड़ा, झड़ी, ठिठुरन, धुंध, कोहरा, आँधी, उमस, हरियाली, बहार, तपन, जेठ, सावन, रिमझिम, शीतलता, ओस, ठंडक, बादल फटना, कड़ाके की ठंड

(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए—

विशेष्यविशेषणविशेषण
1. वर्षातेजरिमझिम
2. पानीठंडास्वच्छ
3. बादलघनेकाले
4. डालियाँहरीलंबी
5. गुलाबसुंदरखिला हुआ

ऋतु और शब्द

“फिरते लखो पपीहे, हैं ग्रीष्म ताप खोते”

‘ताप’ शब्द ग्रीष्म ऋतु से जुड़ा शब्द है। भारत में मुख्य रूप से छह ऋतुएँ क्रम से आती-जाती हैं।

ऋतुसामान्य समयजुड़े हुए शब्द
वसंत ऋतुमार्च–अप्रैलबहार, फूल, हरियाली
ग्रीष्म ऋतुमई–जूनगर्मी, ताप, धूप, तपन
वर्षा ऋतुजुलाई–अगस्तबारिश, बादल, रिमझिम, हरियाली
शरद ऋतुसितंबर–अक्टूबरस्वच्छ आकाश, शीतलता
हेमंत ऋतुनवंबर–दिसंबरठंड, ओस, सर्दी
शिशिर ऋतुजनवरी–फरवरीकड़ाके की ठंड, ठिठुरन

आपकी बात

(क) वर्षा के समय आपके क्षेत्र में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?

उत्तर: वर्षा के समय मौसम ठंडा हो जाता है। पेड़-पौधे हरे हो जाते हैं, सड़कों और मैदानों में पानी दिखाई देता है तथा वातावरण में ठंडक और ताजगी आ जाती है।

(ख) बारिश के चलते स्कूल आने-जाने के समय के अनुभव बताइए। किसी रोचक घटना को भी साझा कीजिए।

उत्तर: बारिश में स्कूल जाते समय रास्ते में पानी भर जाता है। छाता और रेनकोट लेकर जाना पड़ता है। कभी-कभी तेज बारिश के कारण देर भी हो जाती है।

(ग) वर्षा ऋतु में आपको क्या-क्या करना अच्छा लगता है और क्या-क्या नहीं कर पाते हैं?

उत्तर: मुझे वर्षा में ठंडी हवा और बारिश देखना अच्छा लगता है। कभी-कभी बारिश में बाहर खेलना अच्छा लगता है, लेकिन तेज बारिश के कारण बाहर जाना और खेलना मुश्किल हो जाता है।

(घ) बारिश के मौसम में आपके आस-पड़ोस के पशु-पक्षी अपनी सुरक्षा कैसे करते हैं? उन्हें कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?

उत्तर: पशु-पक्षी पेड़ों, छतों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते हैं। तेज बारिश, बिजली, पानी भरने और भोजन की कमी से उन्हें परेशानी हो सकती है।

(ङ) अपने समूह के साथ मिलकर वर्षा ऋतु पर आधारित एक कविता की रचना कीजिए। उसमें अपने घर और आस-पड़ोस से जुड़ी हुई बातें सम्मिलित कीजिए।

उत्तर:
बादल आए घिर-घिर कर,
बारिश आई झिर-झिर कर।
पेड़ हुए हैं हरे-भरे,
बच्चे खुश हैं घर के द्वारे।
मोर नाचे पंख पसार,
आई वर्षा लेकर बहार।

पाठ से आगे

(ख) बारिश के चलते स्कूल आने-जाने के समय के अनुभव बताइए। किसी रोचक घटना को भी साझा कीजिए।

उत्तर: बारिश के समय स्कूल जाते हुए छाता और रेनकोट का उपयोग करना पड़ता है। कभी रास्ते में पानी भर जाता है और जूते गीले हो जाते हैं। फिर भी दोस्तों के साथ बारिश में स्कूल जाने का अनुभव यादगार हो सकता है।

साक्षात्कार

“गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहर।”

मान लीजिए कि आप अपने विद्यालय की पत्रिका के पत्रकार हैं। आप एक किसान का साक्षात्कार कर रहे हैं जो वर्षा के आने पर अपने खेतों में गीत गा रहा है।

(क) अपने समूह के साथ मिलकर उस किसान के साक्षात्कार के लिए कुछ प्रश्न लिखिए।

उत्तर:
  1. आपका क्या नाम है?
  2. आप क्या काम करते हैं?
  3. आपको वर्षा ऋतु कैसी लगती है?
  4. वर्षा खेती के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
  5. आप काम करते समय गीत क्यों गाते हैं?
  6. वर्षा आने पर आपको कैसा लगता है?
  7. आप वर्षा का पानी खेती में किस प्रकार उपयोग करते हैं?

(ख) अपने समूह के साथ मिलकर इस साक्षात्कार को अभिनय द्वारा प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर: एक विद्यार्थी पत्रकार और दूसरा विद्यार्थी किसान की भूमिका निभा सकता है। पत्रकार किसान से वर्षा, खेती और गीतों से जुड़े प्रश्न पूछ सकता है और किसान अपने अनुभव बता सकता है।

वर्षा के दृश्य

(क) वर्षा के उन दृश्यों की सूची बनाइए जिनका उल्लेख इस कविता में नहीं किया गया है। जैसे आकाश में इंद्रधनुष।

उत्तर: इंद्रधनुष, बारिश की बूँदों पर चमकती रोशनी, पानी से भरे छोटे गड्ढे, कागज की नाव चलाते बच्चे, वर्षा के बाद साफ आकाश और पेड़ों से टपकती बूँदें।

(ख) वर्षा के समय आकाश में बिजली पहले दिखाई देती है या बिजली कड़कने की ध्वनि पहले सुनाई देती है या दोनों साथ-साथ दिखाई-सुनाई देती है? क्यों? पता कीजिए।

उत्तर: बिजली पहले दिखाई देती है और उसके बाद गरजने की आवाज सुनाई देती है क्योंकि प्रकाश की गति ध्वनि की गति से बहुत अधिक होती है।

(ग) आपने वर्षा से पहले और वर्षा के बाद किसी पेड़ या पौधे को ध्यान से अवश्य देखा होगा। आपको कौन-कौन से अंतर दिखाई दिए?

उत्तर: वर्षा से पहले पेड़-पौधे कुछ सूखे और मुरझाए दिखाई दे सकते हैं। वर्षा के बाद उनकी पत्तियाँ अधिक हरी और ताजी दिखाई देती हैं। वातावरण भी साफ और ठंडा लगता है।

(घ) “चलते हैं हंस कहीं पर, बाँधे कतार सुंदर” कविता में हंसों के कतार में अर्थात पंक्तिबद्ध रूप से चलने का वर्णन किया गया है। आपने किन-किन को और कब-कब पंक्तिबद्ध चलते हुए देखा है? (संकेत — चींटी, गाड़ियाँ, बच्चे आदि)

उत्तर: मैंने चींटियों को भोजन ले जाते समय, बच्चों को प्रार्थना सभा के समय, गाड़ियों को सड़क पर और सैनिकों को परेड के समय पंक्तिबद्ध चलते हुए देखा है।

वर्षा में ध्वनियाँ

(क) कविता में वर्षा के अनेक दृश्य दिए गए हैं। इन दृश्यों में कौन-कौन सी ध्वनियाँ सुनाई दे रही होंगी? अपनी कल्पना से उन ध्वनियों को कक्षा में सुनाइए।

उत्तर: बारिश की रिमझिम आवाज, बादलों की गरज, बिजली की कड़क, झरनों की आवाज, मेंढकों की टर्र-टर्र, पक्षियों की चहचहाहट और हवा की आवाज सुनाई दे सकती है।

(ख) “मेंढक लुभा रहे हैं, गाकर गीत प्यारे” कविता में मेंढकों की टर्र-टर्र को भी प्यारा गीत कहा गया है। आपके विचार से बेसुरी ध्वनियाँ भी कब-कब अच्छी लगने लगती हैं?

उत्तर: जब कोई ध्वनि किसी खुशी, उत्सव या सुंदर प्राकृतिक वातावरण से जुड़ जाती है, तो वह अच्छी लग सकती है। जैसे बारिश में मेंढकों की टर्र-टर्र अच्छी लगती है।

वर्षा से जुड़े गीत

“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब”

“गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहर।”

उत्तर: हमारे देश में वर्षा के आने पर अनेक लोकगीत और वर्षा-गीत गाए जाते हैं। ऐसे गीत वर्षा के प्रति खुशी और उत्साह को व्यक्त करते हैं।

सृजन

“बागों में खूब सुख से, आमोद छा रहा है”

‘आमोद’ या ‘मोद’ दोनों शब्दों का अर्थ होता है— आनंद, हर्ष, खुशी, प्रसन्नता।

मित्रों संग खेलना

उत्तर: मित्रों के साथ खेलना बहुत आनंददायक होता है। खेलते समय सभी मित्र हँसते, बातें करते और मिलकर खुशी मनाते हैं।

किसी प्रिय पुस्तक को पढ़ना

उत्तर: प्रिय पुस्तक पढ़ने से हमें ज्ञान और आनंद मिलता है। कहानी पढ़ते समय हम उसकी दुनिया में खो जाते हैं।

किसी कार्य को पूरा करना या सफल प्रदर्शन करना

उत्तर: किसी काम को पूरा करने पर हमें संतोष और खुशी मिलती है। सफल प्रदर्शन से हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

समुद्र के किनारे शांत सवेरा या शाम

उत्तर: समुद्र के किनारे शांत सवेरा या शाम बहुत सुंदर लगती है। लहरों की आवाज, ठंडी हवा और शांत वातावरण मन को आनंदित करते हैं।

सर्दियों का पहला हिमपात

उत्तर: पहली बार बर्फ गिरते देखना बहुत सुंदर अनुभव हो सकता है। सफेद बर्फ से चारों ओर का दृश्य मनमोहक हो जाता है।

झरोखे से

आपने जो कविता इस पाठ में पढ़ी है, उसे लिखा है मुकुटधर पाण्डेय ने। आइए, अब पढ़ते हैं इन्हीं की लिखी एक अन्य कविता ‘ग्रीष्म’ का अंश—

बीते दिवस बसंत के, लगा ज्येष्ठ का मास
विश्व व्यथित करने लगा, रवि किरणों का त्रास
अवनी आतप से लगी, जलने सब ही हाल
जीव, जंतु चर-अचर सब, हुए अमिल बेहाल
रवि मयूख के ताप से, झुलस गए बन बाग
सूखे सरित सर तथा नाले, कूप तड़ाग
लगी आग पर ग्राम में, चिंता बढ़ी अपार
नर-नारी व्याकुल बसे, भय सदैव उर धार

ऋतुओं की पहेली

आम पकें तो रस ढलके,
समय कौन-सा ये झलके?

उत्तर: ग्रीष्म ऋतु

हवा में ठंडक बढ़ती जाए,
धूप सुहानी सबको भाए।

उत्तर: शरद/हेमंत ऋतु का संकेत

नई फसल खेतों में लाए,
बूझो कौन-सा मौसम आए?

उत्तर: शरद/हेमंत ऋतु का संकेत

बर्फ गिरे, सर्दी बढ़ जाए,
ऊनी कपड़े सबको भाए।

उत्तर: शिशिर ऋतु

पानी बरसे, बादल गरजे,
धरती का हर कोना हरसे।
नदियाँ नाले भरे हर ओर,
बूझो किसका है ये जोर?

उत्तर: वर्षा ऋतु

फूल खिले, हर पक्षी गाए,
चारों ओर हरियाली छाए।
बागों में खुशबू छा जाए,
बूझो ऋतु ये क्या कहलाए?

उत्तर: वसंत ऋतु

पत्ता-पत्ता गिरता जाए,
सूनी डाली बहुत सताए।
पेड़ करें खुद को तैयार,
कौन-सी ऋतु का है ये सार?

उत्तर: शरद ऋतु

आज की पहेली

आपने वर्षा से जुड़ी एक कविता पढ़ी है। अब भारत की विभिन्न ऋतुओं से जुड़ी कुछ पहेलियाँ पढ़िए और इन्हें बूझिए।

मुख्य उत्तर: पहेलियों में दिए गए संकेतों के आधार पर ऋतुओं की पहचान की जाती है।

साझी समझ

अब इस कविता पर अपने साथियों के साथ विचार-विमर्श कीजिए।

आसान समझ: कविता में वर्षा ऋतु के अनेक प्राकृतिक दृश्य और उनसे जुड़ी खुशियों का वर्णन किया गया है। समूह में चर्चा करके विद्यार्थी वर्षा के महत्व और प्रकृति पर उसके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

खोजबीन के लिए

  • वर्षा ऋतु
  • आँधी पानी
  • वसंत
  • ऋतुएँ

इन विषयों पर विद्यार्थी अपने शिक्षक, परिवार, पुस्तकालय और विश्वसनीय शैक्षिक स्रोतों की सहायता से अतिरिक्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति

प्रश्नउत्तर
कविता का नाम क्या है?वर्षा-बहार
कवि कौन हैं?मुकुटधर पाण्डेय
कविता में किस ऋतु का वर्णन है?वर्षा ऋतु
वर्षा में कौन नृत्य करते हैं?मोर
कौन गीत गाते हैं?मालिनें, मेंढक और किसान
वर्षा से किसे गर्मी से राहत मिलती है?पपीहों को
कविता में गुलाब किसका प्रतीक है?प्रकृति की सुंदरता और सुगंध का
वर्षा को ‘बहार’ क्यों कहा गया है?क्योंकि वर्षा प्रकृति में सुंदरता, हरियाली और आनंद लाती है।
वर्षा क्यों महत्वपूर्ण है?यह पानी, हरियाली, खेती और जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।

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CLASS 7 • HINDI • MALHAR

Class 7 Hindi Chapter 7 Worksheet

Practice worksheet for Class 7 Hindi Malhar Chapter 7 with important questions, extra practice and answer key.

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Class 7 Hindi Malhar Chapter 7 “वर्षा-बहार” notes with easy explanation, summary, word meanings, important points and NCERT question answers for quick revision and exam preparation.