class 7 hindi chapter 8 worksheet

कक्षा 6 हिन्दी मल्हार पाठ 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार Worksheet

कक्षा 6 हिन्दी मल्हार

पाठ 8 — बिरजू महाराज से साक्षात्कार

अभ्यास कार्यपत्रिका | Student Worksheet

विद्यार्थी का नाम
कक्षा / अनुभाग
दिनांक

भाग 1 : पाठ की समझ

1. बिरजू महाराज के जीवन में किस प्रकार के उतार-चढ़ाव आए?
2. संघर्ष के समय बिरजू महाराज की सबसे बड़ी सहयोगी कौन थीं?
3. बिरजू महाराज की माँ उन्हें क्या सीख देती थीं?
4. बिरजू महाराज ने कथक किससे सीखा?
5. बिरजू महाराज ने औपचारिक प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही कथक कैसे सीख लिया था?
6. ‘गंडा’ क्या होता है?
7. बिरजू महाराज ने गंडा बाँधने की परंपरा में क्या परिवर्तन किया?
8. क्या पढ़ाई या दूसरे कामों के साथ संगीत और नृत्य जारी रखना संभव है?
9. कथक की शुरुआत कब हुई?
10. संगीत में लय का क्या महत्व है?
11. बिरजू महाराज ने कथक में क्या नई चीजें जोड़ीं?
12. बिरजू महाराज अलग-अलग भाषाओं के बारे में क्या कहते हैं?
13. पहले कथक की प्रस्तुति किस प्रकार होती थी?
14. बिरजू महाराज ने गाना, बजाना और नाचना कब शुरू किया?
15. लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य में क्या अंतर है?
16. वर्तमान समय में शास्त्रीय नृत्य की स्थिति कैसी है?
17. कथक और भरतनाट्यम की भाव-भंगिमाओं में क्या अंतर है?
18. बिरजू महाराज को खाली समय में क्या करना पसंद था?
19. बच्चों को संगीत और नृत्य सीखने के बारे में बिरजू महाराज ने क्या कहा?
20. बिरजू महाराज लड़कियों के लिए किस बात को जरूरी मानते थे?

भाग 2 : मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा ( ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(1) बिरजू महाराज ने गंडा बाँधने की परंपरा में परिवर्तन क्यों किया होगा?
1. वे गुरु के प्रति शिष्य के निष्ठा भाव को परखना चाहते थे।
2. वे नृत्य शिक्षण के लिए इस परंपरा को महत्वपूर्ण नहीं मानते थे।
3. वे नृत्य के प्रति शिष्य की लगन व समर्पण भाव को जाँचना चाहते थे।
4. वे शिष्य की भेंट देने की सामर्थ्य को परखना चाहते थे।
(2) “जीवन में उतार चढ़ाव तो होता ही है।” बिरजू महाराज के जीवन में किस तरह के उतार-चढ़ाव आए?
1. पिता के देहांत के बाद आर्थिक अभावों का सामना करना पड़ा।
2. कोई भी संस्था नृत्य प्रस्तुतियों के लिए आमंत्रित नहीं करती थी।
3. किसी समय विशेष में घर में सुख-समृद्धि थी।
4. नृत्य के औपचारिक प्रशिक्षण के अवसर बहुत ही सीमित हो गए थे।
(3) बिरजू महाराज के अनुसार बच्चों को लय के साथ खेलने की अनुशंसा क्यों की जानी चाहिए?
1. संगीत, नृत्य, नाटक और सभी कलाएँ बच्चों में मानवीय मूल्यों का विकास नहीं करती हैं।
2. कला संबंधी विषयों से जुड़ा होना बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
3. कला भी एक खेल है, जिसमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
4. वर्तमान समय में कला भी एक सफल माध्यम नहीं है।

(ख)

अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?

भाग 3 : मिलकर करें मिलान

सही जोड़ी बनाइए।

क्रमशब्दसही संदर्भ का क्रम लिखिए
1कर्नाटक संगीत शैली
2घराना
3शास्त्रीय संगीत
4हिन्दुस्तानी संगीत शैली
5कर्णछेदन
6लोक नृत्य

संदर्भ

क्रमविवरण
1भारत की प्राचीन गायन-वादन, गीत-नृत्य-अभिनय परंपरा का अभिन्न अंग है। इसमें शब्दों की अपेक्षा सुरों का महत्त्व होता है। इसमें नियमों की प्रधानता होती है।
2भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक शैली, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में प्रचलित है।
3हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में एक है। यह कान में सोने या चाँदी का तार पहनाने से संबंधित है।
4हिन्दुस्तानी संगीत में कलाकारों का एक समुदाय या कुटुंब, जो संगीत या नृत्य की विशिष्ट शैली साझा करते हैं।
5किसी क्षेत्र विशेष में लोक द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य।
6भारतीय शास्त्रीय संगीत की शैली, मुख्यतः उत्तर भारत में प्रचलित।

भाग 4 : शीर्षक

इस पाठ का शीर्षक ‘बिरजू महाराज से साक्षात्कार’ है। यदि आप इस साक्षात्कार को कोई अन्य नाम देना चाहते हैं तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? लिखिए।

भाग 5 : पंक्तियों पर चर्चा

“तुम नौकरी में बँट जाओगे। तुम्हारे अंदर का नर्तक पूरी तरह पनप नहीं पाएगा।”
“नृत्य में शरीर, ध्यान और तपस्या का साधन होता है।”
“कथक में गर्दन को हल्के से हिलाया जाता है, चिराग की लौ के समान।”
साक्षात्कार में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार लिखिए।

भाग 6 : सोच-विचार के लिए

1. साक्षात्कार को एक बार पुन: पढ़िए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

(क) बिरजू महाराज नृत्य का औपचारिक प्रशिक्षण आरंभ होने से पहले ही कथक कैसे सीख गए थे?

(ख) नृत्य सीखने के लिए संगीत की समझ होना क्यों अनिवार्य है?

(ग) नृत्य के अतिरिक्त बिरजू महाराज को और किन-किन कार्यों में रुचि थी?

(घ) बिरजू महाराज ने बच्चों की शिक्षा और रुचियों के बारे में अभिभावकों से क्या कहा है?

2. पाठ में से उन प्रसंगों की पहचानकर उन पर चर्चा कीजिए, जिनसे पता चलता है कि—

(क) बिरजू महाराज बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

(ख) बिरजू महाराज को नृत्य की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी माँ का बहुत योगदान रहा।

(ग) बिरजू महाराज महिलाओं के लिए समानता के पक्षधर थे।

भाग 7 : शब्दों की बात

(क) पाठ में आए हुए कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। आपने इन शब्दों पर ध्यान दिया होगा कि मूल शब्द के आगे या पीछे कोई शब्दांश जोड़कर नया शब्द बना है।
शब्दशब्द निर्माण
आजीविका
सीमित
प्रशिक्षण
सुंदरता
आधुनिक
पारंपरिक
भारतीय
सामूहिक
शास्त्रीय
(ख) नीचे दो तबले हैं, एक में कुछ शब्दांश (उपसर्ग व प्रत्यय) हैं, दूसरे तबले में मूल शब्द हैं। इनकी सहायता से नए शब्द बनाइए।
शब्दांशमूल शब्दनया शब्द
आनाम
सुमर्म
अगमन
ईयराष्ट्र
इकसंस्कृति
इकश्रम
इतखंड
तासाधारण
(ग) इस पाठ में से उपसर्ग व प्रत्यय की सहायता से बने कुछ और शब्द छाँटकर उनसे वाक्य बनाइए।

भाग 8 : शब्दों का प्रभाव

“कुछ कथिक डर गए किंतु उन कथिकों की कला में इतना दम था कि डाकू सब कुछ भूलकर उन कथिकों के कथक में मग्न हो गए।”

इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘इतना’ हटाकर वाक्य पढ़िए और पहचानिए कि क्या परिवर्तन आया है?

पाठ में आए हुए वाक्यों में से ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर उन्हें रेखांकित कीजिए जिनके प्रयोग से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है।

भाग 9 : पाठ से आगे — कला का संसार

(क) “कथक की पुरानी परंपरा को तो कायम रखा है। हाँ, उसके प्रस्तुतीकरण में बदलाव किए हैं।” इस कथन को ध्यान में रखते हुए लिखिए कि कथक की प्रस्तुतियों में किस प्रकार के परिवर्तन आए हैं?
(ख) लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य में क्या अंतर है? लिखिए।
(ग) “बैरगिया नाला जुलुम जोर,
नौ कथिक नचावें तीन चोर।
जब तबला बोले धीन-धीन,
तब एक-एक पर तीन-तीन।”

आप अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले किसी लोकगीत को कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

भाग 10 : साक्षात्कार की रचना

(क) साक्षात्कार से पहले क्या-क्या तैयारियाँ की गई होंगी?
(ख) आप इस साक्षात्कार में और क्या-क्या प्रश्न जोड़ना चाहेंगे?
(ग) यह साक्षात्कार एक सुप्रसिद्ध कलाकार का है। यदि आपको किसी सब्जी विक्रेता, रिक्शा चालक, घरेलू सहायक या सहायिका का साक्षात्कार लेना हो तो आपके प्रश्न किस प्रकार के होंगे?

भाग 11 : सृजन

(क) आपके विद्यालय में कथक नृत्य का आयोजन होने जा रहा है। आप दर्शकों को कथक नृत्यकला के बारे में क्या-क्या बताएँगे? लिखिए।
(ख) इस कार्यक्रम की सूचना देने के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
यहाँ अपना विज्ञापन तैयार कीजिए।
(ग) यदि इस नृत्य कार्यक्रम में कोई दृष्टिबाधित दर्शक है और वह नृत्य का आनंद लेना चाहे तो इसके लिए विद्यालय की ओर से क्या व्यवस्था की जानी चाहिए?

भाग 12 : आज की पहेली

कल हमारे विद्यालय में संगीत और नृत्य सभा का आयोजन हुआ था। उसमें एक-दो नहीं बल्कि चार कलाकार आए थे। उन कलाकारों में एक का नाम रूपक और दूसरे का नाम लक्ष्मी था। शेष दो कलाकारों के नाम पता नहीं चल पाए। वे दोनों जब अपनी प्रस्तुति के लिए मंच पर आए तो दर्शकों से पूछने लगे—

“तिलवाड़ा, दादरा या झूमरा?”

दर्शक बोले—

“तीनों में से कोई नहीं। हमें दीपचंदी और कहरवा पसंद है।”

प्रश्न: ऊपर दिए गए प्रसंग में संगीत की किन-किन तालों के नाम छिपे हैं?

भाग 13 : नृत्य की छटाएँ

नीचे दिए गए शास्त्रीय नृत्यों की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
नृत्यमुख्य विशेषता
भरतनाट्यम
कथकली
कथक
कुचिपुड़ी
मणिपुरी
ओडिसी
मोहिनीअट्टम
अब नीचे दी गई शब्द पहेली में से संगीत की उन तालों के नाम ढूँढ़कर लिखिए।
झरोखे से
ती झ रू ल भ ित
न च प ़मी क ल
म ल क ह र वा
ल इ झू म रा ड़ा
दी प चं
दी दा त
ड़ च क र द ढ़
ए म ल घ रा क

भाग 14 : साझी समझ

अभी आपने शास्त्रीय नृत्यों को निकटता से जाना समझा। पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह में भारत के लोक नृत्यों की सूची बनाइए और उनकी विशिष्टताओं का पता लगाइए।
क्रमलोक नृत्यराज्यविशिष्टता
1
2
3
4
5

भाग 15 : शब्दार्थ

शब्दअर्थ लिखिए
विरासत
साधना
गंडा
लगन
समर्पण
परंपरा
भाव-भंगिमा
सामूहिक
शास्त्रीय
आत्मनिर्भर

भाग 16 : रिक्त स्थान भरिए

1. बिरजू महाराज भारत के प्रसिद्ध कलाकार थे।
2. बिरजू महाराज की सबसे बड़ी सहयोगी उनकी थीं।
3. बिरजू महाराज ने अपने पिता और से कथक सीखा।
4. संगीत और नृत्य में का बहुत महत्व है।
5. लड़कियों को शिक्षा या कोई सीखना चाहिए।

भाग 17 : सही या गलत

1. बिरजू महाराज को कथक की कला विरासत में मिली थी।
सही    गलत
2. बिरजू महाराज ने बचपन में कभी आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं किया।
सही    गलत
3. बिरजू महाराज मशीनों में रुचि रखते थे।
सही    गलत
4. वे बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार कला सीखने के लिए प्रोत्साहित करते थे।
सही    गलत
5. वे लड़कियों को हुनर सीखने के पक्ष में थे।
सही    गलत

भाग 18 : बहुविकल्पीय प्रश्न

1. बिरजू महाराज किस नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार थे?
भरतनाट्यम
कथक
ओडिसी
मणिपुरी
2. संघर्ष के समय बिरजू महाराज की सहयोगी कौन थीं?
उनकी माँ
उनके मित्र
उनके पड़ोसी
उनके विद्यार्थी
3. बिरजू महाराज को चित्र बनाने का शौक कब होता था?
सुबह
दोपहर
रात में
विद्यालय में
4. कथक में किसका विशेष महत्व है?
लय और ताल
केवल वेशभूषा
केवल मंच
केवल संगीत
5. बिरजू महाराज बच्चों को क्या सीखने के लिए प्रोत्साहित करते थे?
केवल खेल
संगीत और कला
केवल पढ़ाई
केवल चित्रकला

भाग 19 : अपने शब्दों में लिखिए

1. आपको बिरजू महाराज के जीवन की कौन-सी बात सबसे अच्छी लगी और क्यों?
2. यदि आपको कोई कला सीखने का अवसर मिले तो आप कौन-सी कला सीखना चाहेंगे?
3. कला सीखने में अभ्यास का क्या महत्व है?
4. आपके विचार से माता-पिता को बच्चों की रुचियों का सम्मान क्यों करना चाहिए?

भाग 20 : शिक्षक की टिप्पणी